उज्जैन में कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत 'खड़े हनुमान' मंदिर को विस्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। मंदिर का बाहरी ढांचा और शिखर हटा दिया गया है, लेकिन जब 4 सितंबर को प्रशासन ने 8 फीट ऊंची प्रतिमा को हटाने की कोशिश की, तो चार बार के प्रयासों और हाइड्रोलिक क्रेन लगाने के बावजूद प्रतिमा टस से मस नहीं हुई। करीब 1.5 फीट की खुदाई के बाद भी प्रतिमा की नींव नहीं मिली है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिमा और इसके नीचे की चट्टान एक ही monolithic rock (एक ही पत्थर) से जुड़ी हो सकती हैं। प्रतिमा की उम्र को लेकर भी दो अलग-अलग दावे हैं—एक ओर पारंपरिक दावा इसे 150-170 साल पुराना (1857 के दौर का) बताता है, वहीं विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के अनुसार यह परमार वंश (करीब 1000 साल पुरानी) की मालवा बेसाल्ट चट्टान से निर्मित हो सकती है। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और IIT इंदौर की टीम ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) तकनी�
Korba, Korba | Sep 10, 2026