अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर सवाल, सीजर डिलीवरी की सलाह को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
उरई/जालौन। जालौन में प्रसव से पहले कराई गई अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट को लेकर एक परिवार ने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम हरक्का निवासी गजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी के गर्भ में पल रहे शिशु का वजन अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में वास्तविक वजन से अधिक बताया गया, जिसके आधार पर सामान्य प्रसव के बजाय सीजर डिलीवरी की सलाह दी गई।
गजेंद्र सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनंदन को शिकायती पत्र देकर अवध अस्पताल और माधव अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच कराने की मांग की।
शिकायत के अनुसार, गजेंद्र सिंह की पत्नी कीर्ति परिहार का इलाज उरई स्थित अवध अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टर की सलाह पर 21 अगस्त को माधव अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच कराई गई थी। रिपोर्ट में भ्रूण का अनुमानित वजन 2.796 किलोग्राम बताया गया।
इसके बाद 12 सितंबर को कराई गई दूसरी जांच में अनुमानित वजन 3.728 किलोग्राम दर्ज किया गया। गजेंद्र सिंह का दावा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सामान्य प्रसव के बजाय सीजर डिलीवरी कराने की सलाह दी गई।
परिजन इसके बाद कीर्ति परिहार को ग्वालियर के गालब अस्पताल ले गए, जहां 14 सितंबर को प्रसव हुआ। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जन्म के बाद नवजात का वजन 2.700 किलोग्राम पाया गया।
परिजनों ने दोनों अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दर्ज अनुमानित वजन और जन्म के समय दर्ज वास्तविक वजन के अंतर पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिक वजन बताए जाने से सीजर डिलीवरी के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सीएमओ ने बनाई जांच कमेटी; शिकायत मिलने के बाद सीएमओ डॉ. हरिनंदन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। स्वास्थ्य विभाग अब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, उपचार से जुड़े दस्तावेजों और मामले से संबंधित अन्य रिकॉर्ड की जांच करेगा।
सीएमओ ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दर्ज वजन में अंतर किन परिस्थितियों में हुआ और लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।
Orai, Jalaun | Sep 23, 2026