पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लेकर डीड राइटरों को मिलेगा प्रशिक्षण
जहानाबाद। पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के सुचारू क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में जिले के सभी डीड राइटरों के साथ बैठक हुई। बैठक में डीड राइटरों ने नई व्यवस्था को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। उन्होंने बताया कि आम लोगों में नई निबंधन प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी नहीं होने से कई बार निबंधन कार्य प्रभावित हो रहा है।
जिला पदाधिकारी ने डीड राइटरों को हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित कर आम लोगों को पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा।
OTP को लेकर दूर की भ्रांतियां
बैठक में जिला पदाधिकारी ने OTP को लेकर लोगों में बनी भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान संबंधित व्यक्ति के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर दस्तावेज और निबंधन से संबंधित विवरण के साथ OTP आएगा। OTP साझा करने से पहले मोबाइल पर प्राप्त विवरण को अच्छी तरह पढ़कर उसकी पुष्टि करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपरलेस का मतलब यह नहीं है कि निबंधन कराने वाले व्यक्ति को कागजी दस्तावेज नहीं मिलेगा। पेपरलेस व्यवस्था मुख्य रूप से सरकारी अभिलेख और विभागीय प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से संबंधित है। निबंधन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति को दस्तावेज की प्रति पूर्ववत मिलती रहेगी।
18 जुलाई से लागू हुई नई व्यवस्था
बताया गया कि बिहार सरकार की ओर से दस्तावेज निबंधन की नई डिजिटल व्यवस्था जिले में 18 जुलाई से लागू की गई है। इसके तहत निबंधन की प्रक्रिया को ऑनलाइन, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। निबंधन पूरा होने के बाद दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी भी संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाती है। इससे दस्तावेज के गुम होने, फटने या अन्य कारणों से खराब होने की समस्या से राहत मिलेगी और डिजिटल अभिलेख लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा।
जिला पदाधिकारी ने सभी डीड राइटरों से नई व्यवस्था का विधिवत प्रशिक्षण लेने और डिजिटल प्रक्रिया की पूरी जानकारी रखने की अपील की, ताकि निबंधन कराने आने वाले लोगों को सही मार्गदर्शन मिल सके। कंप्यूटर संचालन में कठिनाई महसूस करने वाले डीड राइटरों को जरूरत के अनुसार कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा लेने तथा ऑपरेटरों को भी आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने का सुझाव दिया गया। बैठक में जिला अवर निबंधक पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।