द्वितीय अपील अंतर्गत 10 मामलों की जिलाधिकारी ने की सुनवाई
जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव के द्वारा आज अपने कार्यालय कक्ष में द्वितीय अपील अंतर्गत कुल 10 मामलों की सुनवाई की गई। परिवादी जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में उपस्थित थे जबकि मामलों से संबंधित लोक प्राधिकार ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे।
आदापुर अंचल के सहदेव ठाकुर का मामला बंदोबस्ती परवाना में पर्चा का खेसरा गलत दर्ज करने के संबंध में था। जिलाधिकारी के द्वारा अंचल अधिकारी आदापुर को 5 दिन का समय दिया गया और निर्देश दिया गया कि अपने खुद से अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय जाकर इनका खेसरा अभिलेख से संबंधित सुधार कराते हुए इनको पर्चा उपलब्ध कराया जाए एवं कृत कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन द्वितीय अपील कार्यालय को भेजा जाए।
रामगढ़वा आंचल से अखिलेश्वर प्रसाद यादव का मामला अतिक्रमण से संबंधित था। जिलाधिकारी द्वारा रामगढ़वा अंचल अधिकारी को मामले को गंभीरता से जांच करते हुए उनके द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में रास्ता को अतिक्रमण मुक्त करते हुए चलने लायक बनवा देने का निर्देश दिया गया।
साधारांचल मोतिहारी के सुनील कुमार कुशवाहा का मामला खटियाणी भूमि पर जोर जबरदस्ती कर सड़क बनाने से संबंधित था जिलाधिकारी के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता की गई प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत की योजना है जिसकी जांच कराई गई है। जिलाधिकारी के द्वारा पुनः नापी कराकर इसकी जांच करने का निर्देश सदर अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी को दिया गया।
सदर अंचल मोतिहारी के नरेश प्रसाद का मामला फर्जी दस्तावेज के आधार पर मौजा स्थानांतरण करने से संबंधित था। भूमि सुधार रूप समाहर्ता सदन मंडल मोतिहारी के द्वारा बताया गया कि यह परिमार्जन का मामला था जिसकी जांच पूर्व के डीसीएलआर द्वारा कराई गई थी। जिलाधिकारी के द्वारा अपर समाहर्ता पूर्वी चंपारण मोतिहारी को पुन जांच कर कर प्रतिवेदन देने के निर्देश के साथ भेजा गया और इसके लिए 10 दिन का समय निर्धारित किया गया।
घोड़ासहन अंचल के रामाधार राय का मामला प्रधानमंत्री आवास योजना नहीं मिलने के संबंध में था उनके द्वारा बताया गया कि उनके नाम पर दूसरे के घर का फोटो लगा दिया गया है जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिलाधिकारी के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी घोड़ासहन को खुद से स्थल पर जाकर जांच करने और इससे संबंधित प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया।
सुगौली प्रखंड के रामबाबू प्रसाद ने बताया कि पंचायत में किए गए कार्य में अनियमितता भारती गई है उनके द्वारा बताया गया कि श्रमदान से मिट्टी की भराई की गई थी जिसको मनरेगा अंतर्गत दिखाकर राशि की निकासी कर ली गई है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी सुगौली को अगले तीन दिन में इस आशय का प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया कि वास्तव में कार्य हुआ है अथवा नहीं और निकासी कितने राशि की की गई है। जिलाधिकारी के द्वारा उस पंचायत में नल जल योजना की जांच कर प्रतिवेदन देने का भी निर्देश दिया गया।
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