जमुई: अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य ठप कर अनिश्चितकलिन धरना किया शुरू
जमुई: छात्रा के साथ छेड़खानी मामले में पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए मुख्य अभियुक्त नंदन यादव से जुड़े आवश्यक कानूनी जानकारी के साथ फेसबुक पर पोस्ट करने के आरोप में बेवजह वरिष्ठ अधिवक्ता सह पत्रकार रूपेश सिंह को पकड़कर थाना लाने के विरोध में विधिज्ञ संघ का आक्रोश फुट पड़ा और न्यायिक कार्यों को ठप कर मंगलवार की शाम 4:00 बजे तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा। इस दौरान विधिज्ञ संघ के बैनर तले कोर्ट परिसर में धरना पर बैठकर अधिवक्ताओं ने पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया और नारेबाजी की। वहीं न्यायिक कार्य ठप रहने की वजह से न्यायालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। कोर्ट से संबंधित सभी कार्य ठप रहे। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिला विधिक संघ के अध्यक्ष सीताराम सिंह ने कहा कि अधिवक्ता को जिस तरीके से थाना ले जाया गया, वह अनुचित है। उन्होंने इसे अधिवक्ता के सम्मान और अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि जब तक मामले का सम्मानजनक समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संघ के सचिव अमित कुमार ने कहा कि अधिवक्ता समुदाय शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहा है, सोमवार को हमलोग गिरफ्तारी देने साइबर थाना पहुंचे थे, 6 घंटे तक साइबर थाना में बैठे रहे लेकिन एक भी जिम्मेदार जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी नहीं पहुंचे, जिससे हमलोग अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य हो गए हैं और अब शाम तक भी जिला प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित पदाधिकारियों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक न्यायिक कार्य से दूरी जारी रहेगी।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करें कि किसी भी कार्रवाई में मानवाधिकार और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न हो। संघ ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मामले में गिरफ्तार पत्रकार को कानूनी सहायता दी जाएगी और संघ उसके लिए नि:शुल्क मुकदमा लड़ेगा।
बताया गया कि रविवार की देर शाम अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह को साइबर थाना की पुलिस बिना कारण के अपने साथ ले गई थी। पुलिस का आरोप था कि उन्होंने मड़वा मामले से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। एक खबर में उन्होंने डीएम कहा है, जबकि वे डीएम नहीं डीएस डॉक्टर थानीष कुमार कहे थे। बाद में गलतफहमी में थाना लाने की बात कहकर उन्हें छोड़ दिया गया। इसके विरोध में सोमवार से अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार शुरू किया।
संघ की ओर से मामले का निंदा प्रस्ताव निरीक्षण न्यायाधीश, पटना हाईकोर्ट के संबंधित न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को भेजने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं ने संबंधित पुलिस पदाधिकारी के स्थानांतरण की मांग भी रखी है। #jamuibihar #jamui #jamuitopnews #advocate #protest #jamuiPolice #court
Jamui, Jamui | Sep 30, 2026