घर में माटी गणेश बैठाएंगे, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएंगे
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मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी माटी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत लोगों को मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इसी क्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद टीकमगढ़ द्वारा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ के सभा कक्ष में माटी गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती द्रोपती प्रजापति ने प्रोफेसर्स, छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित प्रतिभागियों को मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान प्रोफेसर सोमित बनर्जी, आस्था द्विवेदी, परामर्शदाता, नवांकुर संस्था प्रमुख एवं प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने भी मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की कला सीखी।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक डॉ. सुनील कटियार ने माटी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान के संबंध में छात्र-छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाजार से प्लास्टर ऑफ पेरिस की गणेश प्रतिमाएं खरीदने के बजाय अपने घर में स्वयं मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा बनाएं और प्राकृतिक रंगों से उसे सजाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रंगों एवं मिट्टी की प्रतिमा का उपयोग करने से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि घर में माटी गणेश बैठाएंगे, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएंगे।
अभियान का उद्देश्य केवल मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण करना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में ‘हर-घर गणेश, घर-घर गणेश’ की भावना को मजबूत करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना है। इस वर्ष अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक घरों में माटी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान में नवांकुर संस्थाएं, नवांकुर सखियां, प्रस्फुटन समितियां, स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, युवा, महिलाएं एवं जन अभियान परिषद से जुड़े कार्यकर्ता सक्रिय सहभागिता करेंगे।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार से माटी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने और प्रतिमा का विसर्जन घर पर ही करने का आग्रह किया गया है। प्रतिमा का विसर्जन घर में किसी पात्र, बाल्टी अथवा अन्य उपयुक्त स्थान पर किया जा सकता है। विसर्जन के बाद प्राप्त मिट्टी का उपयोग पौधरोपण अथवा अन्य उपयोगी कार्यों में किया जा सकता है। इससे धार्मिक आस्था एवं परंपरा के साथ-साथ नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में भी सहायता मिलेगी।
जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अभियान
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की ओर से प्रदेशवासियों से आह्वान किया गया है कि भगवान श्री गणेश प्रत्येक घर में विराजें और प्रत्येक परिवार माटी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान का सहभागी बने। यह किसी एक संस्था अथवा सरकार का अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अभियान है। युवा, मातृशक्ति, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं जन अभियान परिषद से जुड़े कार्यकर्ता अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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18 views | Tikamgarh, Madhya Pradesh | Sep 11, 2026