दिव्य गीता सत्संग का समापन: स्वामी ज्ञानानंद जी ने दिए शांति और संतुलन के मूल मंत्र
श्रीमद्भगवद्गीता संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्गदर्शक शास्त्र: स्वामी ज्ञानानंद
फिरोजाबाद : श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 'दिव्य गीता सत्संग' का तीसरा व समापन दिवस अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्गदर्शक शास्त्र है, जो जीवन की जटिलताओं को सुलझाकर मोह और निराशा के अंधकार से बाहर निकालती है।
निष्काम भावना और समभाव का दिया संदेश
प्रवचन सत्र में स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि निष्काम भावना और ईश्वर पर अटूट विश्वास के बिना वास्तविक सुख-शांति संभव नहीं है। गीता मनुष्य को अपने कर्तव्यों से भागना नहीं, बल्कि समभाव के साथ धर्म का पालन करना सिखाती है। सत्संग के दौरान "हर सांस में हो सुमिरन तेरा, ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा" जैसे मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विह्वल कर दिया।
दीप प्रज्वलन व अतिथियों का अभिनंदन
कार्यक्रम की शुरुआत दैनिक यजमान अजय सिंघल एवं सुमिता सिंघल द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। स्वागताध्यक्ष प्रदीप गर्ग, ममता अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, शैल अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, शिवनारायन जैन एवं अमित जैन ने व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी जी का माल्यार्पण व पुष्प भेंटकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में महापौर कामिनी राठौर ने गीता पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विशेष रूप से उपस्थित अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं एसपी अनुज चौधरी ने पूज्य गुरुजी का माल्यार्पण व पटका पहनाकर अभिनंदन किया और कहा कि गीता का ज्ञान समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है। मंच का सफल संचालन जीओ गीता उत्तर प्रदेश युवा प्रभारी अभिषेक क्रांति ने किया।
महाआरती एवं भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
सत्संग के उपरांत आयोजित महाआरती में नितिन गर्ग, विभा, सचिन मित्तल, मोहन अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, सतीश जैन, निशांत बंसल 'नीशू', पुष्पेन्द्र गोयल, विकास मित्तल, संजीव जैन, अरुण जैन, उमेश शर्मा, मनोज शर्मा, राहुल शर्मा एवं अनिल पाठक सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
आरती के पश्चात राजकुमार जैन के नेतृत्व में 'कंठस्थ कला केंद्र, बिजनौर' की टीम द्वारा गुरु वंदना, कृष्ण जन्म, कंस वध एवं भक्त सूरदास के जीवन पर आधारित भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच पर कलाकारों का स्वागत शंकर गुप्ता, गोविंद मित्तल, अरुण जैन व सतीश जैन ने किया। अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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