भक्ति, आस्था और परंपरा का संगम : जाटु लोहारी के गोरखनाथ गोगामेडी धाम में धूमधाम से मनाया गोगामेडी पर्व
लोक-संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक हैं धार्मिक आयोजन : निर्मला परमार रिवाड़ीखेड़ा
भिवानी, 05 सितंबर : जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरति देखी तिन तैसी...की पावन भावना और लोक-आस्था के साथ गांव जाटु लोहारी स्थित गोरखनाथ गोगामेडी धाम में गोगामेडी के उपलक्ष्य में भक्तिमय धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भक्ति, श्रद्धा और सनातन परंपराओं से ओत-प्रोत इस मेले व धार्मिक आयोजन में केवल जाटु लोहारी ही नहीं, बल्कि आस-पास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गोगा जी महाराज और गुरु गोरखनाथ के समक्ष माथा टेका तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर समाजसेविका निर्मला परमार रिवाड़ीखेड़ा ने विशेष तौर पर शिरकत की। धाम में पहुंचने पर ग्रामवासियों एवं आयोजन समिति द्वारा उनका पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया गया। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए समाजसेविका निर्मला परमार रिवाड़ीखेड़ा ने कहा कि गोगामेडी और गुरु गोरखनाथ का यह पावन धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोक-संस्कृति, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की अटूट मिसाल है। लोक देवता जाहरवीर गोगा जी महाराज का जीवन हमें सर्वसमाज को साथ लेकर चलने, प्राणिमात्र पर दया करने और धर्म के पथ पर अडिग रहने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में हमारी युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और सनातन जीवन-मूल्यों से जोड़े रखना बेहद आवश्यक है। ऐसे धार्मिक मेले और आयोजन समाज में व्याप्त नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा और सद्भाव का संचार करते हैं। जब पूरा गांव और क्षेत्र एक साथ मिलकर प्रभु चरणों में नतमस्तक होता है, तो इससे आपसी प्रेम और समरसता की डोर और अधिक मजबूत होती है। कार्यक्रम के दौरान भजन गायकों द्वारा प्रस्तुत किए गए गोगा जी महाराज व गुरु गोरखनाथ की महिमा के भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। पूरा धाम परिसर जय गोगा जी महाराज, जय गुरु गोरखनाथ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया, जिसमें अनेक भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।