श्रीमती देवी बाई आश्रम में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी : बच्चों को दिया नशे से दूर रहने का संदेश
किसी न किसी हुनर को सीखने और अध्यात्म के मार्ग पर चलकर जीवन सार्थक बनाएं युवा : अधिवक्ता अविनाश सरदाना
भिवानी, 05 सितंबर : नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... के पावन जयकारों के साथ स्थानीय रामगंज महोल्ला स्थित श्रीमती देवी बाई आश्रम में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरी भव्यता, श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। चारों तरफ सजे फूलों और आकर्षक रोशनियों के बीच जब अतिथियों ने श्रद्धापूर्वक बाल-गोपाल को झूला झुलाया, तो पूरा आश्रम परिसर वृंदावन धाम जैसी अलौकिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की इस पावन बेला में उपस्थित हर श्रद्धालु के चेहरे पर कान्हा के प्रति अनन्य प्रेम और आनंद की चमक साफ दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश सरदाना व आश्रम के संयोजक आशु कामरा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में युवाओं और बच्चों को जीवन में उच्च नैतिक मूल्य अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वे बुरी आदतों और नशे जैसी कुरीतियों से हमेशा दूर रहें। उन्होंने युवाओं से किसी न किसी हुनर को सीखने और अध्यात्म के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद पार्षद विनोद बेड़वाल ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और बच्चों को दुलारते हुए उनके उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया। जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर मंच पर नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा दी गई मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कान्हा और राधा के रूप में सजे बच्चों की मासूमियत और सुंदर प्रदर्शन को देखकर पूरा पंडाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। इन प्रतिभाशाली बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए कुर्ताज वेडिंग प्लेनेट की ओर से विशेष उपहारों (गिफ्ट्स) की व्यवस्था की गई थी। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उनकी मुस्कान से पूरा वातावरण और अधिक आनंदमय हो गया। इस भव्य और सफल धार्मिक आयोजन को दिव्य रूप देने में ट्रस्ट के संयोजक आशु कामरा की सराहनीय मेहनत और कुशल प्रबंधन का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में कोच दर्शन कुमार मिड्ढा, विनोद गाबा, जगदीश मुखी, संजय नरुला और सरदार चद्दर वाले सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर समारोह की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया और भगवान श्रीकृष्ण से समाज की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।