किंजर कुर्था मोड़ पर जलजमाव से राहत नहीं, खोदे गए गड्ढे बने नई मुसीबत
अरवल-जहानाबाद को जोड़ने वाले एनएच-33 पर किंजर-कुर्था मोड़ के समीप जलजमाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई दिनों से सड़क पर जमा बारिश का पानी अब बड़े जलाशय का रूप ले चुका है। मुख्य सड़क पर करीब दो फीट तक गंदा पानी जमा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।
जल निकासी के उद्देश्य से करीब 20 दिन पूर्व एनएच-33 के दक्षिणी किनारे जिला प्रशासन के निर्देश पर जेसीबी से गड्ढा खोदा गया था। हालांकि, इससे जलजमाव की समस्या दूर नहीं हुई। उल्टे खोदे गए गड्ढे में पानी भर जाने से यह राहगीरों और बाइक सवारों के लिए खतरा बन गया है। कई बाइक सवार इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
किंजर होकर अरवल, करपी और इमामगंज की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के बजाय एक स्थान पर गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
बताया जाता है कि करीब 8-10 दिन पूर्व अरवल जिला प्रशासन के निर्देश पर अरवल नगर परिषद की दो सेक्शन मशीनों से किंजर में जमा पानी को निकालकर समीप के पईन में डाला गया था। इससे कुछ समय के लिए सड़क से पानी हट गया था। लेकिन इसके बाद लगातार तीन दिनों से रात में हो रही बारिश के कारण फिर से जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार एनएच-33 के दोनों किनारों पर बने नालों में कचरा जमा है। नालों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी पईन तक नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों का कहना है कि पहले नालों के ऊपर लगे स्लैब को हटाकर उसकी पूरी तरह सफाई कराई जाए, तभी जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और एनएच-33 के अधिकारियों से सड़क किनारे खोदे गए गड्ढों को तत्काल भरने और नालों की सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जलजमाव के साथ-साथ गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।