टूटा पुल बना मौत का जाल, नहर में समाया ई-रिक्शा
महीनों से बंद है पुल, मजबूरी में कच्ची पटरी से गुजर रहे राहगीर; चालक ने कूदकर बचाई जान, सवारियां होतीं तो हो सकता था बड़ा हादसा
यूनाइटेड भारत बारा
मनोज कुमार बिन्द
यमुनानगर/बारा, प्रयागराज। बारा तहसील क्षेत्र में लालापुर से मसूरियन मैया धाम जाने वाले मार्ग पर टूटा नहर पुल अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। महीनों से पुल क्षतिग्रस्त होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी व्यवस्था नहीं किए जाने का खामियाजा सोमवार को एक ई-रिक्शा चालक को भुगतना पड़ा। कच्ची और संकरी पटरी से निकलने के दौरान ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर गहरी नहर में जा गिरा। चालक ने समय रहते छलांग लगाकर जान बचाई। गनीमत रही कि हादसे के समय ई-रिक्शा में कोई सवारी नहीं थी, अन्यथा कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
बताया गया कि कौंधियारा निवासी कप्तान बिंद पुत्र जगदीश प्रसाद ई-रिक्शा संख्या UP70 NT 9250 से मसूरियन मैया धाम दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद लालापुर की ओर जाते समय उन्हें पुल के टूटे होने की जानकारी हुई। वैकल्पिक रास्ते की जानकारी नहीं होने के कारण उन्होंने नहर किनारे बनी कच्ची पटरी से आगे निकलने का प्रयास किया।
पुल से करीब 100 मीटर आगे पहुंचते ही संकरी, ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरी पटरी पर ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते ई-रिक्शा नहर में जा गिरा। चालक ने खतरा भांपते हुए तत्काल वाहन से छलांग लगा दी और अपनी जान बचाई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद ई-रिक्शा को नहर से बाहर निकाला।
सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की हालत लंबे समय से खराब है और इसकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की मांग कई बार की जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया। मार्ग से प्रतिदिन श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो अगली बार हादसा जानलेवा साबित हो सकता है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से तत्काल हस्तक्षेप कर टूटे पुल का निर्माण कराने और तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
Bara, Allahabad | Sep 15, 2026