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Manoj kumar Bind prayagraj

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जारी बाजार में बंद स्ट्रीट लाइटें बनीं शोपीस, हादसे का खतरा

जारी बाजार, प्रयागराज। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद होने से रात में हाईवे अंधेरे में डूब जाता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क और डिवाइडर दिखाई न देने से हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं अंधेरे में हाईवे पर बेसहारा पशु भी बैठे रहते हैं, जिससे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराकर चालू कराने की मांग की है।
शंकरगढ़ सीएचसी में प्रसव के नाम पर कथित वसूली का वीडियो वायरल
यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 

शंकरगढ़, प्रयागराज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ में प्रसव के दौरान कथित रूप से रुपये लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्वास्थ्य अधीक्षक सुरेश यादव कथित तौर पर निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 25 हजार और सीएचसी में करीब 5 हजार रुपये में ऑपरेशन कराने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से वीडियो की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य अधीक्षक का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
चामू में महिला से मारपीट का वीडियो वायरल

प्रयागराज। बारा थाना क्षेत्र के चामू गांव में शराब के नशे में गाली-गलौज का विरोध करने पर महिला से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़िता नीलम पत्नी स्व. गुलाबचंद ने गांव के ही दो युवकों पर बाल पकड़कर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
बारा के नए एसडीएम अर्पित कुमार के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां

भू-विवाद, कथित अवैध कब्जे और लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण पर रहेंगी निगाहें

यूनाइटेड भारत बारा | मनोज कुमार बिन्द

बारा, प्रयागराज। बारा तहसील में नवागत एसडीएम अर्पित कुमार के सामने भूमि विवाद, अवैध कब्जे, लंबित राजस्व मामलों और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब उनकी कार्यशैली और फैसलों पर टिकी हैं।

तहसील क्षेत्र में जमीन से जुड़े विवाद और सरकारी भूमि पर कथित कब्जे की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच, राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और पात्र लोगों को समय से न्याय दिलाना नए एसडीएम के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।

इसके अलावा लंबित राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण और जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई से ही आम जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा। अब देखना होगा कि नवागत एसडीएम अर्पित कुमार इन चुनौतियों से किस रणनीति के साथ निपटते हैं और बारा तहसील की प्रशासनिक व्यवस्था में कितना बदलाव ला पाते हैं।
खपटिहा में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची राहत सामग्री, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 
प्रयागराज, बारा। बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे ग्राम पंचायत खपटिहा के प्रभावित परिवारों को सोमवार, 7 सितंबर 2026 को राहत सामग्री वितरित की गई। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित राहत वितरण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।

राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार बिंद, बारा विधायक डॉ. वाचस्पति, करछना उपजिलाधिकारी, लेखपाल, पंचायत सचिव सहित ग्राम पंचायत के संभ्रांत एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पात्र एवं प्रभावित ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई।

बाढ़ के कारण खपटिहा गांव के ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित परिवारों के सामने दैनिक जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री प्रभावित परिवारों के लिए काफी सहारा बनी।

इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और बाढ़ से हुए नुकसान से अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार बिंद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना प्राथमिकता है और जरूरतमंद लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पंचायत स्तर पर हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।

राहत सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा की इस घड़ी में राहत सामग्री मिलने से उन्हें काफी मदद मिली है।
पशु चिकित्सालयों की अव्यवस्थाओं पर भाकियू संगम मुखर
यूनाइटेड भारत बारा 
प्रयागराज। पशु चिकित्सालयों में अव्यवस्थाओं और पशुपालकों को बेहतर इलाज न मिलने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन संगम के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एसडीएम बारा को पत्र सौंपा। उन्होंने पशु चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं की जांच, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
पंवर में धूमधाम से मनाया गया विहिप स्थापना दिवस

यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 
प्रयागराज, कौंधियारा। पंवर ग्राम सभा में रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विहिप और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर चर्चा हुई।

मुख्य अतिथि काशी प्रांत के संगठन मंत्री राजेंद्र भाई जी ने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने और समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान विहिप के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
बारा में तालाब में मिला युवक का शव

प्रयागराज, बारा। छीढ़ी ग्राम सभा के परवेजाबाद गांव के पास सोमवार सुबह तालाब में 35 वर्षीय नन्हे हरिजन का शव उतराता मिला। बताया जा रहा है कि रविवार शाम पत्नी से विवाद के बाद वह घर से लापता था। सुबह ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
गौहनिया में गूंजा विकास और जनसेवा का संकल्प
यूपी हेड मनोज कुमार बिन्द 
बुलंद चिंगारी न्यूज़ प्रयागराज
प्रयागराज। गौहनिया स्थित जेपीएस कॉलेज में बारा विधानसभा क्षेत्र के सर्वसमाज के लोगों और युवाओं के बीच सक्षम करवरिया ने संवाद किया। इस दौरान क्षेत्र के विकास, युवाओं की भूमिका और जनसेवा को लेकर चर्चा हुई। सक्षम करवरिया ने कहा कि जनता के सुख-दुख में हर समय साथ खड़े रहेंगे। साथ ही 3 अक्टूबर को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कच्ची शराब के खिलाफ बड़ी मुहिम का असर, पंवर सुक्खू का पूरा में थमा अवैध कारोबार

पत्रकारों, पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त पहल से बदला गांव का माहौल, ग्रामीणों ने जताया आभार
यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 

करछना/प्रयागराज। ग्राम सभा पंवर के सुक्खू का पूरा में लंबे समय से चल रहे कच्ची शराब के कथित कारोबार के खिलाफ आखिरकार बड़ी मुहिम रंग लाई। गांव में कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर ग्रामीणों में बढ़ती नाराजगी के बीच पत्रकारों, पुलिस विभाग और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया तथा अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवाज बुलंद की।

अभियान के दौरान गांव के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया और ग्रामीणों को कच्ची शराब के सेवन एवं कारोबार से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के बाद ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कच्ची शराब बनाने और बेचने का कारोबार फिलहाल पूरी तरह बंद हो गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक कच्ची शराब के कारण लंबे समय से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा था। शराब के कारोबार का सबसे अधिक असर युवा पीढ़ी पर पड़ने की चिंता ग्रामीणों को सता रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार बंद होने से अब गांव में पहले की अपेक्षा शांति का माहौल है और लोगों ने राहत की सांस ली है।

ग्रामीणों ने जताया आभार

अभियान के सफल होने के बाद ग्रामीणों ने पत्रकारों और पुलिस विभाग की भूमिका की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलता रहा तो गांव में अवैध शराब का कारोबार दोबारा पनप नहीं सकेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कच्ची शराब के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखा जाए और यदि कहीं भी दोबारा अवैध शराब का निर्माण या बिक्री शुरू होती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों की एकजुटता और प्रशासनिक कार्रवाई से सुक्खू का पूरा अब अवैध शराब के खिलाफ संघर्ष की मिसाल बनता नजर आ रहा है।
आप सभी को श्री कृष्ण जन्मअष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं
🌊 टोंस नदी उफान पर, खपटिहा गांव में घुसा बाढ़ का पानी

दर्जनों परिवारों ने प्राथमिक विद्यालय में लिया शरण, एसडीएम करछना ने मौके पर पहुंचकर जाना हाल
यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 
कौंधियारा/प्रयागराज। टोंस नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कौंधियारा थाना क्षेत्र के खपटिहा गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। पानी घरों तक पहुंचने के बाद दर्जनों से अधिक परिवार अपने घरों से पलायन कर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में रैन बसेरा करने को मजबूर हैं।

बाढ़ की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद उप जिलाधिकारी करछना संदीप तिवारी, हल्का लेखपाल एवं स्थानीय समाजसेवी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि टोंस नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण गांव में लगातार जलभराव बढ़ रहा है। घरों में पानी घुसने से लोगों को अपने परिवार और सामान के साथ सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सामग्री, सुरक्षित आश्रय, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन की टीम द्वारा बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
शंकरगढ़ में पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप, कुल्हाड़ी से हत्या; दो सगे भाई गिरफ्तार

घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद, एक महिला आरोपी पहले ही जा चुकी है जेल

यूनाइटेड भारत बारा
मनोज कुमार बिन्द 

प्रयागराज/शंकरगढ़। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के गढ़वा किला गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुई हीरालाल (40) की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।

पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर शिवराजपुर पावर हाउस के पास से मनोज कुमार (30) पुत्र मुन्नीलाल और पप्पू (35) पुत्र मुन्नीलाल, निवासी गढ़वा किला, थाना शंकरगढ़ को गिरफ्तार किया गया।

28 अगस्त को हुई थी हत्या

बताया गया कि 28 अगस्त की शाम फूलकुमार पुत्र कल्लू निवासी गढ़वा किला ने शंकरगढ़ थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके भाई हीरालाल की विपक्षी पक्ष के लोगों ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। अधिक रक्तस्राव होने के कारण हीरालाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

इस मामले में पुलिस ने 1 सितंबर को रेखा पत्नी रामकेश (28), निवासी गढ़वा किला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि घटना के दिन पुरानी रंजिश को लेकर हीरालाल से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान हीरालाल द्वारा रेखा को गाली देने की बात पर दोनों भाई भी विवाद में शामिल हो गए।

पुलिस के अनुसार, हीरालाल के भागने के दौरान मनोज ने उस पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई और अत्यधिक रक्तस्राव होने के चलते उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष प्रीतम कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव, उपनिरीक्षक अनिल कुमार मिश्र, कांस्टेबल सतीश यादव, अभय राजभर, अमर पाल सिंह, गुरु प्रताप यादव, शनी कुमार और महिला कांस्टेबल नेहा शामिल रहीं।

थाना प्रभारी शंकरगढ़ प्रीतम कुमार ने बताया कि बरामद कुल्हाड़ी को साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया गया है। दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
सुक्खू का पूरा गांव में कच्ची शराब के कारोबार का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल, पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग

यूनाइटेड भारत बारा
मनोज कुमार बिन्द 

प्रयागराज/घूरपुर। करमा चौकी क्षेत्र के ग्राम सभा पंवर के मजरा सुक्खू का पूरा में कथित कच्ची शराब के कारोबार को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में कुछ लोगों द्वारा कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है, जिससे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही शराब का सेवन करने वाले लोगों का जमावड़ा लग जाता है। नशे की हालत में गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने से महिलाओं और युवतियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे कथित शराब कारोबारियों को शराब बनाने और बेचने से रोकते हैं तो कुछ लोगों द्वारा पुलिस से संबंध होने की बात कहकर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, यह ग्रामीणों के आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों की वास्तविकता पुलिस एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने करमा चौकी पुलिस, घूरपुर थाना पुलिस, आबकारी विभाग और पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा गांव में कथित अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने गांव में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

अब देखना यह है कि वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस व आबकारी विभाग कब तक जांच कर कार्रवाई करता है।
कांटी की अस्थाई गौशाला में मिली बड़ी अनियमितता, 280 गोवंश दूसरी गौशाला में शिफ्ट

कमिश्नर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, चारा-पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था पर उठे सवाल

यूनाइटेड भारत बारा
मनोज कुमार बिन्द 

प्रयागराज/जसरा। जसरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम सभा कांटी में संचालित अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल में निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर कई अनियमितताएं सामने आने का मामला सामने आया है। व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने के बाद प्रयागराज मंडल के कमिश्नर के निर्देश पर गौशाला में मौजूद 280 गोवंशों को तत्काल दूसरी गौशाला में शिफ्ट करा दिया गया।

बताया जा रहा है कि कांटी ग्राम सभा में ग्राम प्रधान लालचंद्र की देखरेख में संचालित अस्थाई गौशाला में पिछले कई दिनों से गोवंशों के रखरखाव को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया, जहां चारा-पानी, साफ-सफाई और पशुओं की देखभाल को लेकर कमियां मिलने की बात सामने आई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गौशाला में रखे सभी 280 गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।

वहीं, अस्थाई गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर ग्राम प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मामले में ग्राम प्रधान या संबंधित जिम्मेदार पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

अब सवाल यह है कि अस्थाई गौशाला में इतनी बड़ी संख्या में गोवंशों के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी क्यों नहीं की गई और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
Video 15
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टौंस नदी का जलस्तर बढ़ने से खपटिहा में बाढ़ का कहर, कई घर डूबे

ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य की लगाई गुहार

यूनाइटेड भारत बारा | प्रयागराज
मनोज कुमार बिन्द 
प्रयागराज। करछना तहसील क्षेत्र के थाना कौंधियारा अंतर्गत ग्राम पंचायत खपटिहा में टौंस नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का पानी गांव के कई घरों में घुस गया है, जिससे ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने के साथ-साथ खाने-पीने और घरेलू सामान बचाने की समस्या खड़ी हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार टौंस नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है और इसकी चपेट में कई परिवारों के घर आ गए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों में पुरुषोत्तम पुत्र शिवमोहन, संजय कुमार पुत्र बालगोविंद, दिलीप कुमार बिंद पुत्र बालगोविंद, पन्नालाल पुत्र राजबहादुर, सुरेश कुमार पुत्र पन्नालाल, दशरथ पुत्र प्रहलाद, शंकर लाल पुत्र शिवनाथ, विक्रम बिंद पुत्र शंकर लाल, बृजभान पुत्र शंकर लाल, राम नारायण यादव पुत्र जंगु, राजेंद्र कुमार पुत्र पुरुषोत्तम, बृजेश कुमार पुत्र पुरुषोत्तम और रासनेही पुत्र रामधारी सहित अन्य लोग शामिल हैं।

बाढ़ का पानी घरों में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर राहत एवं बचाव टीम भेजने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा भोजन, पीने का पानी और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बाढ़ पीड़ित राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की भी मांग की है, ताकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।अगर चाहें तो मैं इसे “ब्रेकिंग न्यूज” के लिए 5–6 लाइन की छोटी और दमदार खबर में भी बना सकता हूँ।
सड़क हादसे में घायल रवि बिंद की इलाज के दौरान मौत, परिवार में मचा कोहराम
यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 
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प्रयागराज/यमुनानगर। घूरपुर थाना क्षेत्र की करमा चौकी अंतर्गत ग्राम सभा पंवरी बकैहनिहा निवासी रवि बिंद सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद उनका इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

रवि की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से गांव में भी शोक की लहर है।
बारिश ने खोली सड़क की पोल, बैजल का पुरवा में कीचड़ से राह मुश्किल

स्कूली बच्चों से लेकर ग्रामीणों तक परेशान, स्कूल वाहन भी नहीं पहुंच पा रहे गांव

यूनाइटेड भारत बारा | मनोज कुमार बिन्द

बारा, प्रयागराज। बारा तहसील क्षेत्र के बैजल का पुरवा मझियारिया गांव में बारिश के बाद सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और जलभराव होने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो इसी रास्ते से होकर स्कूल जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिसके चलते कई बार उन्हें समय से स्कूल पहुंचने में भी परेशानी होती है।

वहीं सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूल वाहन भी गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है।

ग्रामीण रामगोपाल, सूर्यभान, समय लाल, सोनकरण, निरंजन, अनिल कुमार, राजेंद्र, परिषद वाल्मीकि, कन्हैया लाल और नीरज कुमार समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क को आवागमन योग्य कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की मरम्मत और जल निकासी की तत्काल व्यवस्था नहीं हुई तो बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी दोनों प्रभावित होती रहेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
बारा क्षेत्र की खबर
विमुक्ति दिवस पर बारा तहसील में गरजी निषाद समाज की आवाज, चार सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

निषाद वंश की पर्यायवाची जातियों को SC सूची में शामिल करने समेत जनगणना में अलग पहचान दर्ज कराने की उठी मांग

यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 

बारा। विमुक्ति दिवस के अवसर पर निषाद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बारा तहसील परिसर पहुंचकर निषाद समाज की विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम बारा को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर केंद्र और प्रदेश सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें पूरा करने की अपील की।

निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि निषाद वंश से जुड़ी विभिन्न पर्यायवाची जातियों की वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जनगणना में उनकी पहचान को सही तरीके से दर्ज किया जाना जरूरी है।

जनगणना में ‘मझवार’ और ‘तुरेहा’ के कॉलम में दर्ज हो नाम

ज्ञापन में प्रमुख मांग रखी गई कि निषाद समाज की सभी पर्यायवाची जातियों के नाम जनगणना में “मझवार” एवं “तुरेहा” के कॉलम में दर्ज किए जाएं तथा ब्रैकेट में (D.T.) विमुक्त जनजाति का उल्लेख किया जाए, ताकि समाज की वास्तविक संख्या का आंकड़ा सामने आ सके।

दूसरी मांग में उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल करने की मांग की गई।

शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण की मांग

ज्ञापन में संविधान समीक्षा आयोग (2000-02) के अध्यक्ष जस्टिस वेंकटचलैया की सिफारिशों का हवाला देते हुए विमुक्त जनजातियों को महाराष्ट्र और पंजाब की तर्ज पर शिक्षा, सरकारी नौकरी और राजनीति में आरक्षण के साथ पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

1857 के शहीदों के गांवों को मिले ‘आदर्श शहीद गांव’ का दर्जा

निषाद पार्टी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के लोगों को सम्मान देने की मांग करते हुए कहा कि शहीदों के गांवों को “आदर्श शहीद गांव” घोषित किया जाए और उनके परिवारों को स्वतंत्रता सेनानी परिवार का सम्मान दिया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान रामटहल निषाद, जिला अध्यक्ष महेंद्र केवट बिंद, राकेश निषाद, विकास निषाद, चंद्रेश, संजीत निषाद इलाहाबादी, मंजित, संतोष, विद्या देवी, कविता, समर्थक महेंद्र केवट इलाहाबादी समेत बड़ी संख्या में निषाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि निषाद समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार को इन मांगों पर ठोस पहल करनी चाहिए।इसे बड़ी, प्रभावशाली और अखबारी शैली की खबर के रूप में इस तरह तैयार किया जा सकता है:

विमुक्ति दिवस पर बारा तहसील में गरजी निषाद समाज की आवाज, चार सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

निषाद वंश की पर्यायवाची जातियों को SC सूची में शामिल करने समेत जनगणना में अलग पहचान दर्ज कराने की उठी मांग

वाइस ऑफ इलाहाबाद | बारा, प्रयागराज

बारा। विमुक्ति दिवस के अवसर पर निषाद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बारा तहसील परिसर पहुंचकर निषाद समाज की विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम बारा को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर केंद्र और प्रदेश सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें पूरा करने की अपील की।

निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि निषाद वंश से जुड़ी विभिन्न पर्यायवाची जातियों की वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जनगणना में उनकी पहचान को सही तरीके से दर्ज किया जाना जरूरी है।

जनगणना में ‘मझवार’ और ‘तुरेहा’ के कॉलम में दर्ज हो नाम

ज्ञापन में प्रमुख मांग रखी गई कि निषाद समाज की सभी पर्यायवाची जातियों के नाम जनगणना में “मझवार” एवं “तुरेहा” के कॉलम में दर्ज किए जाएं तथा ब्रैकेट में (D.T.) विमुक्त जनजाति का उल्लेख किया जाए, ताकि समाज की वास्तविक संख्या का आंकड़ा सामने आ सके।

दूसरी मांग में उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल करने की मांग की गई।

शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण की मांग

ज्ञापन में संविधान समीक्षा आयोग (2000-02) के अध्यक्ष जस्टिस वेंकटचलैया की सिफारिशों का हवाला देते हुए विमुक्त जनजातियों को महाराष्ट्र और पंजाब की तर्ज पर शिक्षा, सरकारी नौकरी और राजनीति में आरक्षण के साथ पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

1857 के शहीदों के गांवों को मिले ‘आदर्श शहीद गांव’ का दर्जा

निषाद पार्टी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के लोगों को सम्मान देने की मांग करते हुए कहा कि शहीदों के गांवों को “आदर्श शहीद गांव” घोषित किया जाए और उनके परिवारों को स्वतंत्रता सेनानी परिवार का सम्मान दिया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान रामटहल निषाद, जिला अध्यक्ष महेंद्र केवट बिंद, राकेश निषाद, विकास निषाद, चंद्रेश, संजीत निषाद इलाहाबादी, मंजित, संतोष, विद्या देवी, कविता, समर्थक महेंद्र केवट इलाहाबादी समेत बड़ी संख्या में निषाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि निषाद समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार को इन मांगों पर ठोस पहल करनी चाहिए।
करछना में ग्राम प्रधान के बेटे पर फरसे से हमला, प्रधान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
यूनाइटेड भारत बारा 
मनोज कुमार बिन्द 
प्रयागराज/करछना। कचरी गांव में ग्राम प्रधान के बेटे देवेंद्र पटेल पर फरसे से जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। पीड़ित ने करछना थाने में तहरीर देकर गांव के ही राम सूरत पटेल पर हमला और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक, पिता से गाली-गलौज का विरोध करने पर आरोपी ने फरसे से हमला किया, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। मामले को लेकर ग्राम प्रधान संघ ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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दबंगों के आगे बेबस सिस्टम! सरकारी सड़क पर ‘रोड़ा’, गांव का विकास ठप

असरवाई शुक्ल के डेरा में सड़क निर्माण को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने SDM से जिलाधिकारी तक लगाई गुहार

यूनाइटेड भारत बारा
प्रयागराज/बारा। बारा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा असरवाई शुक्ल के डेरा में प्रस्तावित सरकारी सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है, जिसके चलते वर्षों से इंतजार कर रहे ग्रामीणों को सड़क की सुविधा मिलने की उम्मीद पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक प्रस्तावित सड़क गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। सड़क बनने से सैकड़ों ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मांग की जा रही थी और जब सरकारी स्तर पर निर्माण की उम्मीद जगी तो कथित विरोध के चलते मामला विवाद में फंस गया।
‘दबंगई’ के आरोप, ग्रामीण बोले—विकास कार्य रोकना कहां का न्याय?
ग्रामीण सुशील शुक्ला, इंद्रजीत बिंद, द्वारिका प्रसाद, कुशल, मंगला, विजय समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं और निर्माण कार्य में लगे लोगों पर दबाव बना रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सड़क निर्माण को लेकर आपत्ति है तो वह सक्षम प्रशासनिक अधिकारी के सामने अपनी शिकायत रख सकता है, लेकिन कथित दबाव बनाकर सरकारी विकास कार्य को रोकना उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर जब सड़क निर्माण सरकारी स्तर पर प्रस्तावित है तो इसकी वास्तविक स्थिति की जांच कराकर काम क्यों नहीं शुरू कराया जा रहा है? क्या किसी व्यक्ति की आपत्ति के कारण पूरे गांव के सैकड़ों लोगों के हित से जुड़ा विकास कार्य रोक दिया जाएगा?
सड़क के अभाव में स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ती मुश्किलें

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की सुविधा नहीं होने से रोजाना आवागमन में भारी परेशानी होती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क बनने से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि गांव में विकास की अन्य गतिविधियों को भी गति मिलेगी। ऐसे में निर्माण कार्य का विवादों में फंसना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
SDM, थाना पुलिस और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने SDM बारा, थाना अध्यक्ष बारा और जिलाधिकारी प्रयागराज से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके पर राजस्व और पुलिस टीम भेजकर जमीन, रास्ते और प्रस्तावित सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में सड़क निर्माण वैध पाया जाता है और किसी व्यक्ति द्वारा अनावश्यक रूप से बाधा डाली जा रही है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने विवाद की स्थिति में सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक पहुंचा मामला
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों को बेहतर संपर्क मार्ग से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने की बात कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विवाद के कारण यदि सड़क निर्माण रुकता है तो यह पूरे गांव के विकास पर असर डालने वाला मामला है।
प्रशासनिक जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सड़क निर्माण किस कारण से रुका है और निर्माण स्थल को लेकर किसी पक्ष का कोई वैध अधिकार अथवा आपत्ति है या नहीं। इसकी वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों और मौके की प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर मामले का तत्काल समाधान कराने और यदि सड़क निर्माण नियमानुसार स्वीकृत है तो उसे बिना किसी दबाव के पूरा कराने की मांग की है।
सड़क निर्माण रोकने, दबाव बनाने अथवा धमकी देने संबंधी आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का बयान और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।