सरकारी योजनाओं से बदली तकदीर, मत्स्य पालन से सालाना 10 से 15 लाख रुपये कमा रहे अंकित विशाल
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार की मत्स्य पालन योजनाओं और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ उठाकर संडीला तहसील के युवा मत्स्य पालक अंकित विशाल ने आधुनिक मत्स्य पालन के क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल कायम की है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. मुनीश कुमार ने बताया कि अंकित विशाल स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे थे, लेकिन लंबे समय तक सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। जानकारी के अभाव में उन्होंने जिला मत्स्य विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन मिला।
उन्होंने आईसीएआर-सीआईएफए, केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, सीआईएफआरआई सहित अन्य संस्थानों से आधुनिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्होंने री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) की स्थापना की, जिसके लिए मत्स्य विभाग द्वारा 30 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।
वर्तमान में उनकी इकाई में आठ टैंक संचालित हैं, जिनमें लगभग 60 हजार मछलियों का पालन किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज के उपयोग से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 40 से 45 टन मछली उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे सालाना 10 से 15 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हो रहा है। उनके इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
सहायक निदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालन को लाभकारी एवं वैज्ञानिक व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विभाग की योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वित्तीय सहायता युवाओं व किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकित विशाल की सफलता अन्य युवाओं और किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देगी।
Bilgram, Hardoi | Jul 25, 2026