*डीएम के निर्देश पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय शेषपुर, समोधा में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन*
*शिक्षण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर*
*क्विज प्रतियोगिता में 65 छात्रों ने किया प्रतिभाग*
*रायबरेली-14 सितम्बर 2026,*
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देशानुसार आज जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, शेषपुर, समोधा में विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के कुल 65 छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी द्वारा दो दिन पूर्व जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, शेषपुर, समोधा का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर, शिक्षण कक्ष, प्रयोगशाला, किचन, डायनिंग हॉल एवं छात्रावास आदि का निरीक्षण करने के साथ ही विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, रुचियों एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की थी।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया था कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्विज, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रचनात्मक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का भी नियमित रूप से आयोजन कराया जाए, ताकि बच्चों को अपनी प्रतिभा एवं हुनर प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सके।
इसी क्रम में आज आयोजित क्विज प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए सीखने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर बनी। प्रतियोगिता में छात्रों ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ प्रतिभाग किया। इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रुचि एवं क्षमता को पहचानने तथा उनकी प्रतिभा को उचित दिशा देने में सहायता मिलेगी।
जिलाधिकारी ने अपने निर्देशों में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी रुचि, क्षमता एवं प्रतिभा के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए तथा जिस क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि एवं क्षमता हो, उसमें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाए।
जिलाधिकारी का उद्देश्य है कि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, विज्ञान, सामान्य ज्ञान, तकनीकी एवं अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के देश के कर्णधार हैं। यदि उन्हें प्रारंभ से ही अपनी प्रतिभा को पहचानने, उसे निखारने और आगे बढ़ाने के अवसर प्राप्त हों, तो वे भविष्य में अपने माता-पिता, शिक्षकों, जनपद, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर सकते हैं।