नगर में करीब 24 करोड़ रुपए की मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना निर्धारित 48 माह में पूरी होना थी, लेकिन 9 वर्ष बाद भी योजना अधूरी पड़ी है। हालात यह हैं कि नगरवासियों को अब भी तीसरे दिन केवल 30 मिनट पानी मिल रहा है। कई वार्डों में पाइप लाइन व्यवस्थित नहीं बिछाई गई, तो कहीं लीकेज और अधूरे काम के कारण रहवासियों को सार्वजनिक नलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।