सदर अस्पताल में जनरेटर खर्च पर उठे सवाल, जांच कमेटी गठित
जहानाबाद : सदर अस्पताल में जनरेटर संचालन और डीजल मद में हुए खर्च को लेकर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। बिजली की उपलब्धता के बावजूद जनरेटर संचालन दर्शाए जाने और उससे संबंधित भुगतान में अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के निर्देश पर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
जांच टीम को अगस्त 2025 से अगस्त 2026 तक की अवधि में जनरेटर संचालन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करने को कहा गया है। इसमें जनरेटर की लॉगबुक, डीजल की खपत, ईंधन खरीद के बिल, भुगतान से संबंधित अभिलेख और रखरखाव के दस्तावेज शामिल हैं।
प्रशासन यह भी देखेगा कि अस्पताल में बिजली आपूर्ति की स्थिति क्या थी और जिन दिनों जनरेटर चलाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया, उन दिनों वास्तव में उसका संचालन हुआ था या नहीं। डीजल की खपत और जनरेटर संचालन के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाएगा।
जांच के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट में यदि वित्तीय अनियमितता या अभिलेखों में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। जांच शुरू होने के बाद अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कर्मियों में भी हलचल बढ़ गई है।