जमुई: वीर अब्दुल हमीद की शहादत दिवस पर आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का हुआ आगाज
शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत दिवस के अवसर पर सैयद अलाउद्दीन फाउंडेशन की ओर से एक निजी विवाह भवन में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि 2:00 बजे तक भव्य ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्य, शायरी और कविता के इस शानदार संगम ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों के लिए रात को यादगार बना दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में देशभक्ति, प्रेम, इंसानियत, सामाजिक सरोकार और समसामयिक विषयों पर प्रस्तुत कविताओं और शायरी ने खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और बिहार समेत विभिन्न स्थानों से पहुंचे नामचीन कवि और शायरों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। चांदनी शबनम, अदनान प्रतापगढ़ी, हसन प्रतापगढ़ी, शगुफ्ता अंजुम, जीशान भागलपुर, शंकर कैमुरी, महबूब समस्तीपुर, महबूब समस्तीपुर, चांदनी शबनम, मोइन गिरिडीवी और निगार आरा सहित कई रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
किसी ने अपनी गजल से दिलों को छुआ तो किसी की नज्म और कविता ने सामाजिक सरोकारों को आवाज दी। हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों पर भी दर्शक खूब गुदगुदाए और तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में जमुई के स्थानीय रचनाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कवयित्री डा. रिंकी कुमारी, डा. नूतन कुमारी, वरिष्ठ कवि डा. एस.एन. झा और डा. मासूम रजा सहित अन्य स्थानीय कवियों एवं शायरों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय और बाहरी रचनाकारों की साझा प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में साहित्यिक रंग और भी गहरा कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे सैयद अलाउद्दीन बताया गया कि सैयद अलाउद्दीन ने शहीद वीर अब्दुल हमीद के साथ सेवा की थी। सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने आयोजन को भावनात्मक रूप से भी विशेष बना दिया। इस अवसर पर आयोजकों और उपस्थित लोगों ने उन्हें बुके और शॉल देकर सम्मानित किया। वीर अब्दुल हमीद के साथ बिताए सेवा काल को याद करते हुए उनका सम्मान कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। विशिष्ट अतिथि परवेज सेट सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी रही। सैयद अलाउद्दीन फाउंडेशन के अध्यक्ष जेड अली भुट्टो के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों का उत्साह देखते ही बना। कार्यक्रम का मंच संचालन महबूब अकरम काजमी ने बेहद प्रभावशाली और रोचक अंदाज में किया। उनके संचालन ने देर रात तक कार्यक्रम में ऊर्जा और आकर्षण बनाए रखा। इस अवसर पर सभी कवियों, शायरों, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को मेडल, मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में आयोजकों ने साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले रचनाकारों के प्रति आभार जताया। देर रात तक चले इस भव्य मुशायरे और कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने जहां शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत को याद करने का अवसर दिया, वहीं कविता और शायरी की समृद्ध परंपरा को भी नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम की सफलता पर उपस्थित लोगों ने आयोजकों की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को जारी रखने की उम्मीद जताई।
Jamui, Jamui | Sep 11, 2026