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'विपक्ष नहीं आया तो मैं क्या कहूं…' गया में महागठबंधन के विधायकों प्रबोधन कार्यक्रम से रहे दूरी, सवाल पर टाल गए विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार गया: बिहार विधानसभा के दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के कई प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम के दौरान गया शहर के विपार्ट में जब मीडिया ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से विपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इस पर कोई सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हुए गोल-मटोल जवाब दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार से पूछा गया कि आखिर विपक्ष के बड़े नेताओं ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से दूरी क्यों बनाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा, "यह कोई विषय नहीं है। इस कार्यक्रम में सभी को आमंत्रित किया गया था। अब अगर कोई नहीं आया, तो इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता।" उन्होंने इस मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया। गया शहर के भी बिपार्ड में आयोजित यह दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को संसदीय परंपराओं, सदन की कार्यवाही, विधायी प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े विषयों की बेहतर समझ देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में सत्ता पक्ष के कई विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के कई विधायक और प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति साफ तौर पर नजर आई। विपक्ष के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या विपक्ष ने किसी रणनीति के तहत कार्यक्रम से दूरी बनाई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। दूसरी ओर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस पूरे मामले को तूल देने से बचते हुए साफ कहा कि सभी दलों और जनप्रतिनिधियों को समान रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में शामिल होना या नहीं होना संबंधित नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विधायकों का व्यक्तिगत और राजनीतिक निर्णय है। Samrat Choudhary Dr. Prem Kumar District Administration, GAYA R.J.D - राष्ट्रीय जनता दल Tejashwi Yadav #gayadastak #गयाजी #GayaNews #कांग्रेस #gayabipard #latestnewsgaya #gaya

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जमना सरस्वती' का सीन बिहार में हुआ सच! 
कंधे पर मगरमच्छ लादकर थाना पहुँच गया ये बंदा! #bdbiharjharkhand #virals 
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Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 2, 2026

शिक्षा, सेवा और संस्कार का प्रेरक संगम: डॉ. शिव कुमार शर्मा 'गांधीजी' की छठी पुण्यतिथि पर 700 छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण, 300 जरूरतमंदों को मिला सहारा

गया: महान शिक्षाविद्, समाज सुधारक एवं मगध हायर सेकेंडरी स्कूल, गांधीजी नगर, कुजापी के संस्थापक प्रधानाचार्य तथा काउंसिल ऑफ मगध वूमेन एम्पावरमेंट (COMWE) के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार शर्मा उर्फ गांधीजी की छठी पुण्यतिथि पर विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा के साथ सेवा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण रंजन गांधी सहित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों द्वारा डॉ. शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. शिव कुमार शर्मा का संपूर्ण जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक उत्थान और मानवीय मूल्यों को समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित निःशुल्क दंत स्वास्थ्य शिविर में लगभग 700 छात्र-छात्राओं का दंत परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को दांतों की देखभाल और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए विद्यालय परिसर एवं आसपास मेगा पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए।

सामाजिक सरोकार निभाते हुए करीब 300 जरूरतमंद लोगों के बीच वस्त्रों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. किसलय पराग, डॉ. मुज़्ज़फर, डॉ. कामिल अशरफ, नवीन रंजन, डॉ. कनक, सुधीर कुमार, संतोष देव और राकेश शर्मा सहित कई शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने डॉ. शिव कुमार शर्मा के शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
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शिक्षा, सेवा और संस्कार का प्रेरक संगम: डॉ. शिव कुमार शर्मा 'गांधीजी' की छठी पुण्यतिथि पर 700 छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण, 300 जरूरतमंदों को मिला सहारा गया: महान शिक्षाविद्, समाज सुधारक एवं मगध हायर सेकेंडरी स्कूल, गांधीजी नगर, कुजापी के संस्थापक प्रधानाचार्य तथा काउंसिल ऑफ मगध वूमेन एम्पावरमेंट (COMWE) के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार शर्मा उर्फ गांधीजी की छठी पुण्यतिथि पर विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा के साथ सेवा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण रंजन गांधी सहित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों द्वारा डॉ. शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. शिव कुमार शर्मा का संपूर्ण जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक उत्थान और मानवीय मूल्यों को समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित निःशुल्क दंत स्वास्थ्य शिविर में लगभग 700 छात्र-छात्राओं का दंत परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को दांतों की देखभाल और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए विद्यालय परिसर एवं आसपास मेगा पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए। सामाजिक सरोकार निभाते हुए करीब 300 जरूरतमंद लोगों के बीच वस्त्रों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. किसलय पराग, डॉ. मुज़्ज़फर, डॉ. कामिल अशरफ, नवीन रंजन, डॉ. कनक, सुधीर कुमार, संतोष देव और राकेश शर्मा सहित कई शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने डॉ. शिव कुमार शर्मा के शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। #गयाजी #GayaPolice #gaya #LatestNews #bihar #LatestUpdates #scholls #kujapigaya

Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 2, 2026

गया में ग्रामीण चिकित्सकों का महासम्मेलन: 38 जिलों से जुटे हजारों डॉक्टर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के सामने उठी कानूनी मान्यता की मांग

गया। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले ग्रामीण चिकित्सकों ने रविवार को गया में अपनी एकजुटता का बड़ा संदेश दिया। हरिदास सेमिनरी स्थित ऑडिटोरियम गैलरी में ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से 'विजय दिवस महासम्मेलन सह रजत जयंती समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में बिहार के सभी 38 जिलों से हजारों ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया और सरकार से वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की।

कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में हर सकारात्मक सुझाव पर विचार किया जाएगा।

इन नेताओं की रही मौजूदगी

महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एल.बी. सिंह, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, शेरघाटी विधायक उदय कुमार सिंह, जदयू प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह तथा जदयू गया जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने ग्रामीण चिकित्सकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में इनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
ग्रामीण चिकित्सकों ने सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें
महासम्मेलन के दौरान संगठन की ओर से सरकार को मांग-पत्र भी सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को कानूनी मान्यता देने, उनका पंजीकरण कराने, प्रत्येक वार्ड में प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों की नियुक्ति करने, नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा रोगी कल्याण समिति में उनकी भागीदारी तय करने की मांग उठाई गई।

इसके अलावा आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ग्रामीण चिकित्सकों को शामिल करने और स्वास्थ्य व्यवस्था में उन्हें अधिक जिम्मेदारी देने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि गांवों में सबसे पहले मरीजों तक पहुंचने वाले ग्रामीण चिकित्सक ही होते हैं, इसलिए उन्हें स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

रजत जयंती समारोह में संगठन की उपलब्धियों का हुआ उल्लेख
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति के प्रदेश सचिव सह जिला अध्यक्ष विनोद कुमार जया ने की। उन्होंने कहा कि संगठन पिछले 25 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी ग्रामीण चिकित्सकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की, लेकिन आज भी उन्हें अपेक्षित सम्मान और कानूनी पहचान नहीं मिल सकी है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ती है तो गांवों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। संगठन भविष्य में भी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा। बड़ी संख्या में पहुंचे संगठन के पदाधिकारी और चिकित्सक कार्यक्रम में संगठन के सचिव कृष्णनंदन कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीकांत प्रसाद, उपाध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव राजा राम बाबू, प्रधान संरक्षक अरविंद वर्मा, सहायक सचिव देवानंद कुमार, संरक्षक रामजन्म सिंह, संयोजक राजकुमार अकेला, प्रवक्ता चंद्रशेखर प्रसाद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बिहार के विभिन्न जिलों से आए हजारों ग्रामीण चिकित्सकों ने सम्मेलन में भाग लेकर संगठन की एकजुटता का परिचय दिया।

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का लिया संकल्प
समारोह के अंत में सभी ग्रामीण चिकित्सकों ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने तथा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक वर्षों से गांवों में निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे हैं और अब समय आ गया है कि सरकार उनके अनुभव, प्रशिक्षण और योगदान को देखते हुए उन्हें उचित पहचान और कानूनी दर्जा प्रदान करे। सम्मेलन में यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखेगा, ताकि ग्रामीण चिकित्सकों को उनका अधिकार और सम्मान मिल सके।
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गया में ग्रामीण चिकित्सकों का महासम्मेलन: 38 जिलों से जुटे हजारों डॉक्टर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के सामने उठी कानूनी मान्यता की मांग गया। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले ग्रामीण चिकित्सकों ने रविवार को गया में अपनी एकजुटता का बड़ा संदेश दिया। हरिदास सेमिनरी स्थित ऑडिटोरियम गैलरी में ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से 'विजय दिवस महासम्मेलन सह रजत जयंती समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में बिहार के सभी 38 जिलों से हजारों ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया और सरकार से वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में हर सकारात्मक सुझाव पर विचार किया जाएगा। इन नेताओं की रही मौजूदगी महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एल.बी. सिंह, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, शेरघाटी विधायक उदय कुमार सिंह, जदयू प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह तथा जदयू गया जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने ग्रामीण चिकित्सकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में इनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। ग्रामीण चिकित्सकों ने सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें महासम्मेलन के दौरान संगठन की ओर से सरकार को मांग-पत्र भी सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को कानूनी मान्यता देने, उनका पंजीकरण कराने, प्रत्येक वार्ड में प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों की नियुक्ति करने, नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा रोगी कल्याण समिति में उनकी भागीदारी तय करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ग्रामीण चिकित्सकों को शामिल करने और स्वास्थ्य व्यवस्था में उन्हें अधिक जिम्मेदारी देने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि गांवों में सबसे पहले मरीजों तक पहुंचने वाले ग्रामीण चिकित्सक ही होते हैं, इसलिए उन्हें स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। रजत जयंती समारोह में संगठन की उपलब्धियों का हुआ उल्लेख कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति के प्रदेश सचिव सह जिला अध्यक्ष विनोद कुमार जया ने की। उन्होंने कहा कि संगठन पिछले 25 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी ग्रामीण चिकित्सकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की, लेकिन आज भी उन्हें अपेक्षित सम्मान और कानूनी पहचान नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ती है तो गांवों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। संगठन भविष्य में भी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा। बड़ी संख्या में पहुंचे संगठन के पदाधिकारी और चिकित्सक कार्यक्रम में संगठन के सचिव कृष्णनंदन कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीकांत प्रसाद, उपाध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव राजा राम बाबू, प्रधान संरक्षक अरविंद वर्मा, सहायक सचिव देवानंद कुमार, संरक्षक रामजन्म सिंह, संयोजक राजकुमार अकेला, प्रवक्ता चंद्रशेखर प्रसाद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बिहार के विभिन्न जिलों से आए हजारों ग्रामीण चिकित्सकों ने सम्मेलन में भाग लेकर संगठन की एकजुटता का परिचय दिया। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का लिया संकल्प समारोह के अंत में सभी ग्रामीण चिकित्सकों ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने तथा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक वर्षों से गांवों में निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे हैं और अब समय आ गया है कि सरकार उनके अनुभव, प्रशिक्षण और योगदान को देखते हुए उन्हें उचित पहचान और कानूनी दर्जा प्रदान करे। सम्मेलन में यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखेगा, ताकि ग्रामीण चिकित्सकों को उनका अधिकार और सम्मान मिल सके। #गयाजी #GayaPolice #gaya #bihar #LatestNews

Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 2, 2026