बाबा फतेह सिंह जी राजकीय महाविद्यालय, असंध में नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट 2026 का आयोजन: योगेंद्र राणा, विधायक असंध
‘नशा मुक्त युवा’ के संकल्प के साथ 80 युवाओं ने नशे के विरुद्ध जागरूकता, चुनौतियों एवं समाधान पर की चर्चा
करनाल, 17 अक्टूबर। मेरा युवा भारत (MY Bharat), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीय क्षेत्र योजना राष्ट्रीय युवा नेता कार्यक्रम (National Young Leaders Programme) के अंतर्गत आज बाबा फतेह सिंह जी राजकीय महाविद्यालय, असंध में नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘नशा मुक्त युवा’ रहा। इसमें लगभग 80 युवाओं ने भाग लेकर नशे एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित चुनौतियों, उनके दुष्प्रभावों तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए आवश्यक नीतियों, उपायों और युवा-नेतृत्व वाली पहलों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना, उन्हें अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित करना तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही युवाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने और समाज एवं देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में असंध विधायक योगेंद्र राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संदेश में युवाओं से नशे एवं मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं और उनकी ऊर्जा, प्रतिभा तथा रचनात्मकता का उपयोग देश के विकास में होना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति स्वयं जागरूक रहने, अपने मित्रों एवं परिवार के सदस्यों को जागरूक करने तथा नशे से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि युवाओं, परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी से संभव है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीलम तुरान ने अपने उद्घाटन संबोधन में सभी अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच