
तिलस्वां महादेव की एक झलक को घंटों इंतजार, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)। भाद्रपद अमावस्या के पावन अवसर पर प्रसिद्ध तिलस्वां महादेव मंदिर आस्था और भक्ति का केंद्र बना रहा। अलसुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों और आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की भीड़ से भर गया। भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए भक्तों को कतारों में लगकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
मंदिर परिसर में दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। कतार में खड़े श्रद्धालु शिव नाम का स्मरण करते हुए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष अनुष्ठान
तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक कराया। इसके साथ ही हवन एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने ललाट पर केसर का तिलक धारण कर शिव नाम का स्मरण किया और भगवान महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
दर्शन व्यवस्था को लेकर ट्रस्ट ने संभाला मोर्चा
तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश चन्द अहीर एवं सचिव मांगीलाल धाकड़ ने बताया कि भाद्रपद अमावस्या का क्षेत्र में विशेष धार्मिक महत्व है। इसी आस्था के चलते आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुगम दर्शन, कतार प्रबंधन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को निर्धारित कतारों के माध्यम से मंदिर में प्रवेश कराया गया और दर्शन के बाद निकासी की व्यवस्था भी सुचारु रखी गई।
भाद्रपद अमावस्या पर दिनभर चले धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से तिलस्वां महादेव मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय नजर आया। आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि महादेव के दर्शन के लिए भक्तों में घंटों इंतजार करने के बावजूद उत्साह और श्रद्धा कम नहीं हुई।