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Bhilwara Tarang News

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🥇 राज्य स्तरीय वूशु में हरि ओम माली ने जीता स्वर्ण, राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन, गांव में खुशी का माहौल

पुर/भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल                                   श्रीगंगानगर में आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय वूशु प्रतियोगिता में पांसल( भीलवाड़ा ) के होनहार खिलाड़ी हरि ओम माली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर परिवार, समाज, विद्यालय, एकेडमी एवं जिले का नाम रोशन किया।

हरि ओम माली ने प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनकी इस शानदार सफलता के साथ ही हरि ओम का चयन राष्ट्रीय स्तर की वूशु प्रतियोगिता के लिए भी हो गया है।

हरि ओम नेमीचंद माली के सुपुत्र एवं स्वर्गीय सोहन लाल माली तुन्दवाल के पौत्र हैं और पांसल परिवार, भीलवाड़ा में निवास करते हैं। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिजनों, समाजबंधुओं एवं खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

हरि ओम ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं परिवार के सहयोग, निरंतर मेहनत और अभ्यास को दिया। परिजनों ने कहा कि चौथ माता जी एवं गुरुदेव के आशीर्वाद से हरि ओम ने यह गौरव हासिल किया है।

स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुए हरि ओम माली की सफलता पर समाजबंधुओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं।

हरि ओम की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और अनुशासन से सफलता का मुकाम हासिल किया जा सकता है।फोटो कैप्शन: राज्य स्तरीय वूशु प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरि ओम माली।
दौलतपुरा स्कूल में गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता का संदेश

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दौलतपुरा में शुक्रवार को गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मोनिका शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान से हुई। सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने कक्षा-कक्षों सहित पूरे विद्यालय परिसर की साफ-सफाई की।
शारीरिक शिक्षक सत्यनारायण टेलर के निर्देशन में पानी की टंकियों की सफाई करवाई गई, जबकि वरिष्ठ व्याख्याता अनिल घूसर के नेतृत्व में पेड़-पौधों एवं गमलों की सफाई की गई। अभियान में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वच्छता अभियान में कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने टीम लीडर भगवती टेलर के नेतृत्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं साफ-सफाई एवं सजावट में कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने टीम लीडर इंदिरा धूपिया के नेतृत्व में द्वितीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर कक्षा 7 एवं 8 के विद्यार्थियों के लिए गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन पर चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 7 की निशा बैरवा एवं कृष्णा कुमावत ने टीम लीडर शिक्षिका चंद्रकला झाला के नेतृत्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 8 की आरुषि कुमावत ने द्वितीय स्थान हासिल किया। टीम लीडर चंद्रकांत शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टर तैयार किए।
कार्यक्रम में किरण, खुशी जाट, रानू जाट, प्रियंका रेगर, विष्णु गुर्जर, खुशी बैरवा, अंजलि, आरुषि एवं नेहा ने गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन पर भाषण एवं कविताओं के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। व्याख्याता दीपू सुथार ने दोनों महापुरुषों के जीवन एवं महानता पर प्रकाश डाला।
मनीषा कंवर, ज्योति जैन एवं अर्चना दाधीच ने ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए, पीर पराई जाणे रे’ प्रार्थना प्रस्तुत की। व्याख्याता भेरूलाल गाडरी ने कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन से हमें सबसे पहले अनुशासन की सीख लेनी चाहिए। वरिष्ठ अध्यापक विजय व्यास ने विद्यार्थियों को विमान दुर्घटना से 180 लोगों की जान बचाने वाली पायलट स्मिथ के साहस से भी अवगत कराया।
शिक्षिका सुनीता व्यास, रेखा सिंघवी एवं इंदु कुमावत ने ‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल’ गीत प्रस्तुत किया। वरिष्ठ अध्यापिका इंदिरा धूपिया ने गांधीजी पर अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत करते हुए कहा—
“ऐनक आंखों पर, हाथों में लाठी,
एक संभाली थी,
सारे जग में एक लंगोटी,
केवल खादी वाली थी।”
कार्यक्रम का सफल संचालन रितेश टेपन ने किया। अंत में प्रधानाचार्य मोनिका शर्मा ने प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
गांधी एवं शास्त्री जी की जयंती मनाई 

बीगोद : रमेश चंद्र डाड   --- स्थानीय नवजीवन पब्लिक स्कूल बीगोद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।उनके पद चिन्हों पर चलने की प्रेरणा दी गयी। बच्चों ने दोनों की जयंती पर वेषभूषा में गांधी जी एवं लालबहादुर शास्त्री बन कर बच्चों ने जीवनचरित्र एवं झांकी की प्रस्तुति दी।कविता पाठ, संस्मरण, नाटक प्रस्तुत किया। शिक्षक स्टाफ ने भी उनके बारे में संस्मरण सुनाए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका यास्मिन बानू ने किया। कार्यक्रम संस्थापक  महेंद्र जैन ललकार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। श्री महावीर जनकल्याण संस्थान के संस्थापक महेंद्र जैन  ललकार ने कहा कि  लाल बहादुर शास्त्री एवं महात्मा गांधी ने सरलता एवं  सादगी का पैगाम दिया।सरल,सहज, मिलनसार,निर अभिमानी प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री थे। वे प्रधानमंत्री पद पर 18 माह तक ही रहे। उनके कार्यकाल में अनाज संकट हुआ। उन्होंने हल चलाकर गेहूं बोया तथा अन्न बचाने की प्रेरणा दी थी।जय जवान जय किसान का नारा दिया था।प्रधानाध्यापक सुनील पहाड़ियां ने बच्चों एवं स्टाफ का कार्यक्रम की सफलता पर आभार व्यक्त किया । वरिष्ठ शिक्षिका निर्मला पाराशर,मुकेश जैन , तमन्ना खलीफा आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सभी स्टाफ की भी सहभागिता रही।
मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे केंद्र, 1500 आदिवासियों के बलिदान को मिले सम्मान

वनवासी कल्याण आश्रम के केंद्रीय कार्यकारी मंडल में प्रस्ताव पारित; पाठ्य-पुस्तकों में मानगढ़ के इतिहास को शामिल करने की मांग
भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी)जलियांवाला बाग से छह साल पहले मानगढ़ की पहाड़ियों पर हुए भीषण गोलीकांड में 1500 से अधिक जनजातीय महिला, पुरुष और बच्चों के बलिदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग उठी है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को अविलंब राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने और उसके ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप संरक्षण एवं विकास की मांग की है।
भीलवाड़ा के रामेश्वरम भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर 1913 को संत गोविंद गुरु के नेतृत्व वाले भगत आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजी शासन ने मानगढ़ में गोलीकांड किया था। यह जनजातीय समाज के अद्वितीय बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय है।
आश्रम ने राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश सरकारों से स्कूल-कॉलेजों की पाठ्य-पुस्तकों में मानगढ़ के इतिहास को उचित स्थान देने तथा सामाजिक-धार्मिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों से इस मांग के लिए एकजुट होने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तेची गुबिन, संयुक्त महामंत्री विष्णुकांत, राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर, प्रचार प्रमुख प्रमोद पेठकर और मीडिया संयोजक कैलाश सोनी उपस्थित रहे।
वनवासी कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन
इससे पहले रामेश्वरम भवन में अखिल भारतीय वनवासी कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्रीजी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने वनवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के आश्रम के प्रयासों को पुण्य कार्य बताया। राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने आश्रम की कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी। सम्मेलन में देशभर से 350 से अधिक पदाधिकारियों की सहभागिता प्रस्तावित है।
खुद में खोजी खुशी, बच्चों तक पहुंचाएंगे खुशहाली सीखने का संदेश

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय, रचनात्मक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डाइट शाहपुरा में आयोजित पाँच दिवसीय “खुशीशाला—खुशी, खुद की खोज” प्रशिक्षण का आज 2 अक्टूबर को समापन हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण प्रक्रियाओं से परिचित करवाना रहा, जिनके माध्यम से कक्षा-कक्ष में बच्चों के लिए सीखना बोझ न होकर खुशी, उत्साह और अनुभव का माध्यम बन सके।
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों, समूह कार्य, संवाद, रचनात्मक अभ्यास एवं अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से “खुशी, खुद की खोज” की अवधारणा को समझा और स्वयं अनुभव किया। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बच्चों के समग्र विकास के लिए विद्यालय में सुरक्षित, सकारात्मक और आनंदपूर्ण वातावरण का निर्माण आवश्यक है।
प्रशिक्षण में एसआरजी सीताराम चौधरी एवं शिवचरण शर्मा ने संदर्भ व्यक्तियों के रूप में विभिन्न सत्रों का संचालन किया। उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण, बाल-केंद्रित दृष्टिकोण तथा बच्चों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के लिए अनेक व्यावहारिक गतिविधियाँ करवाईं।
डीआरयू प्रभारी अमित सोनी के समन्वय में आयोजित प्रशिक्षण में क्षमतालय फाउंडेशन की प्रतिनिधि रेशमा कुमारी ने भी सहभागिता की। उन्होंने खुशीशाला की अवधारणा, बच्चों की भावनात्मक आवश्यकताओं तथा सीखने की प्रक्रिया में खुशी और सकारात्मकता की भूमिका पर प्रशिक्षणार्थियों के साथ संवाद किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने सभी गतिविधियों में सहभागी होकर संदेश दिया गया कि “खुशहाल शिक्षक, खुशहाल कक्षा और खुशहाल बच्चा”—आनंदमय एवं प्रभावी शिक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
शास्त्री नगर में छत पर एक साथ दिखे तीन बार्न आउल, परिवार में मचा हड़कंप

वन विभाग और वन्यजीव रक्षकों ने चलाया रेस्क्यू अभियान, तीनों उल्लुओं को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा
भीलवाड़ा( महेन्द्र नागौरी) शहर के शास्त्री नगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान की छत पर अचानक एक साथ तीन बार्न आउल (खलिहान उल्लू) दिखाई दिए। छत पर तीन उल्लुओं को एक साथ देखकर परिवार के सदस्य हैरान रह गए। अनहोनी की आशंका और पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवार ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और वन्यजीव रक्षक मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा ने बताया कि शास्त्री नगर में कोनार्क मंगनानी के मकान की छत पर तीन बार्न आउल दिखाई देने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सावधानीपूर्वक तीनों पक्षियों को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई शुरू की।
सावधानी से किया रेस्क्यू, नहीं आने दी कोई चोट
तीनों उल्लुओं को रेस्क्यू करना टीम के लिए सावधानी भरा काम था। वन विभाग और वन्यजीव रक्षकों ने विशेष सतर्कता बरतते हुए तीनों पक्षियों को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान पक्षियों को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद वन विभाग की मौजूदगी में तीनों बार्न आउल को उनके अनुकूल प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इससे पक्षियों को वापस प्राकृतिक वातावरण में पहुंचाया जा सका।
वन्यजीवों की मौजूदगी पर घबराएं नहीं
शहर के रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों या पक्षियों की मौजूदगी सामने आने पर घबराने के बजाय सतर्कता बरतना जरूरी है। ऐसे में पक्षियों को खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। शास्त्री नगर में समय पर मिली सूचना और वन विभाग की तत्परता से तीनों बार्न आउल का सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो सका।
*गांधी अध्ययन केंद्र में  गांधी, शास्त्री को दी श्रद्धाजलि* 

*जयपुर :कमलेश आमेटा,02 अक्टूबर।
राजस्थान विश्वविद्यालय के गांधी अध्ययन केंद्र में 2 अक्टूबर शुक्रवार को गांधीजी की 157वीं जयंती के अवसर पर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गांधी की प्रांसगिकता कार्यक्रम का आयोजन कर गांधीजी को श्रद्धाजलि दी गई। साथ ही लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मंजु शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर द्वारा की गई। प्रो. मंजु शर्मा द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वर्तमान समय की परिस्थितियों की समीक्षा कर गांधी के बताये सादगी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. गीता चतुर्वेदी ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गांधी की प्रासंगिकता विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्तमान में गांधी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की वर्तमान परिस्थितियों में सर्वाधिक प्रांसगिक है, जो सत्य एवं अहिंसा पर आधारित जीवन जीने पर बल देते थे।
गांधी अध्ययन केन्द्र की निदेशक डॉ. हंसा चौधरी ने गांधीजी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला एवं गांधी के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता को स्पष्ट किया। राजस्थान विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अंशु वर्मा के निर्देशन में विभाग के विद्यार्थियों ने गांधीजी के प्रिय भजनों की मनमोहक प्रस्तुती दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षकगण, अशैक्षणिक कर्मचारी, अन्य महाविद्यालयों के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। आज के कार्यक्रम में प्रोफेसर पी.सी. माली, प्रोफेसर मंजू शर्मा, प्रो. सुनीता शर्मा, प्रो. मधु मुकुल चतुर्वेदी, डॉ. इंद्रा चतुर्वेदी, डॉ दीपक यादव, डॉ. नेहा भारतीया, डॉ. नीलम पुनार, डॉ. पूनम, डॉ.  डॉ आशुराज आनंद   , डॉ. उम्मेद सिंह, डॉ. राजश्री स्वामी, डी. राम प्रकाश भारी, नमोनारायण मीणा, गौरव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के आये अनेक शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रवण कुमार एवं रिया जाखड़ ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल अनिकेत ने उपस्थित सभी आंगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
पालिका से लेकर गांवों तक ई-बसों की पहुंच, 27 बसों से बढ़ा परिवहन का दायरा

कारोई से गंगापुर, बड़ा महुआ से कोटड़ी तक रूट विस्तार; नवरात्र में सिंघोली से गोवटा माता तक भी बस सुविधा

भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी) गांवों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने और ग्रामीणों का शहर तक सफर आसान बनाने के लिए नगर निगम की पीएम ई-बस सेवा का दायरा बढ़ाया गया है। नगर निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिले के विभिन्न रूटों पर 27 बसें संचालित हो रही हैं। कई पुराने मार्गों का विस्तार करने के साथ दो नए रूट भी शुरू किए गए हैं। वहीं, नवरात्र को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंघोली से गोवटा माता तक भी बस का संचालन किया जा रहा है।
नवरात्र में गोवटा माता तक बस, श्रद्धालुओं को राहत
नवरात्र के दौरान गोवटा माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंगोली से गोवटा माता तक बस सेवा शुरू की गई है। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा और धार्मिक यात्रा सुगम हो सकेगी।
इन रूटों पर बढ़ाया बसों का दायरा:-
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, कारोई जाने वाली बस को गंगापुर तक बढ़ाया गया है। आमा रूट की बस अब सुठेपा तक जाएगी। रायला रूट पर बस सप्ताहांत और सोमवार को कवलिया महादेव तक संचालित होगी। कोचरिया रूट को बढ़ाकर टहूंका चौराहा तक किया गया है।
इसी तरह बागोर जाने वाली बस अब सुरास और ढेड़वास होते हुए बागोर तक पहुंचेगी। गाडरमाला रूट की बस कारोई तक और बड़ा महुआ रूट की बस कोटड़ी तक जाएगी।
भीलवाड़ा से दो नए रूट भी शुरू
ई-बस सेवा के विस्तार के तहत भीलवाड़ा से दो नए मार्ग बनाए गए हैं। पहला रूट भीलवाड़ा से अमरगढ़ और भीलड़ी होते हुए बागोर तक रहेगा। दूसरा रूट भीलवाड़ा से सवाईपुर और आकोला होते हुए सुठेपा तक बनाया गया है।
बाजार, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों तक पहुंच होगी आसान
जिले में 27 पीएम ई-बसों के संचालन और रूट विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और अन्य जरूरी कार्यों के लिए भीलवाड़ा आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। नए और विस्तारित मार्गों से गांवों की शहर से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीलों का झोपड़ा रहड़ में गांधी जयंती समारोह आयोजित

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीलों का झोपड़ा रहड़, शाहपुरा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा गांधीजी के प्रिय भजनों का गायन किया गया। प्रार्थना सभा के उपरांत प्रभात फेरी निकाली गई। विद्यालय के बालक-बालिकाओं ने विभिन्न प्रेरणादायी नारों के साथ “महात्मा गांधी जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए स्वच्छता एवं अहिंसा का संदेश दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी के जीवन एवं उनके सिद्धांतों पर निबंध, भाषण तथा अन्य प्रस्तुतियाँ दीं। संस्था प्रधान मोहम्मद सलीम ने विद्यार्थियों को गांधीजी के जीवन-दर्शन, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता एवं देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को गांधीजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान निबंध, पोस्टर एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बालक बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने गांधीजी के आदर्शों सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं सद्भाव को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
*सेमिनार के अंतिम दिन दो सत्रों में नार्थ ईस्ट की संस्कृति पर गहन चर्चा*

*जयपुर :कमलेश आमेटा 02 अक्टूबर।* पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से आरआईसी, जयपुर के सहयोग से आरआईसी में  आयोजित किए गए दो दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के डॉ. तारो सिंदिक ने ‘पूर्वाेत्तर भारत में प्रचलित लोक विश्वास- अरुणाचल प्रदेश के संदर्भ में’ विषय पर रोचक विवेचन में लोक विश्वास बनने के पीछे की कथाएं बताई। उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति और विकास के संबंध में अरुणाचल प्रदेश, खासकर वहां के तागिन समुदाय में प्रचलित कुरियुम-कुलू से रियुम्चिजेरिंग व रियुमसी, फिर पृथ्वी, आकाश आिद के बनने की लोक कथाएं रोचक ढंग से बताते हुए वहां की संस्कृति पर प्रकाश डाला।  
इसी सत्र में त्रिपुरा के डॉ. परमीत परना पॉल ने ‘त्रिपुरा की राजशाही चित्रकला और पूर्वाेत्तर की कलात्मक विरासत’ विषय पर विशद जानकारी देते हुए बताया कि त्रिपुरा में राजवाड़ा काल में कैसे चित्रकला को प्रोत्साहन िमला, फिर उसके बाद उसका चरणबद्ध विकास कैसे हुआ। इस सत्र का संचालन दिलीप कुमार कलिता ने किया। वहीं, दूसरे और अंतिम सत्र में असम के विशेषज्ञ दिलीप कुमार कलिता ने ‘व्यंजन और खान-पान रू पूर्वाेत्तर की विशिष्ट पहचान’ विषय पर बोलते हुए पूर्वाेत्तर के खान-पान पर विस्तार से चर्चा की।    
इसी सत्र में ‘पूर्वाेत्तर की गूंज मिजोरम में आस्था, लोककथाओं और सांस्कृतिक पहचान के डिजिटल भविष्य’ विषय पर मिजोरम के कला विज्ञ अलफ्रेड जोनाथन ने विभिन्न उद्धरणों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस सत्र का संचालन डॉ तारो सिंदिक ने किया।
सेमिनार के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेस्ट जोन कल्चरल सेंटर के पर निदेशक डॉ देवेन्द्र कुमार धोदावत ने कहा कि ऑक्टेव 2026 वाकई एक भारत श्रेष्ठ भारत का अनुपम उदाहरण है। ऐसे आयोजनों का भी प्रधानमंत्री मोदी के 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को पूर्ण करने में अहम योगदान रहेगा।
इससे पूर्व, सेमिनार के संयोजक डॉ संतोष कुमार (सिक्किम) ने दो दिन में हुए पांचों सत्रों का ब्योरा दिया। सेमिनार में श्रेष्ठ योगदान के लिए मंच संचालक प्रणय भारद्वाज और समन्वयक डॉ आकांक्षा जोशी को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ अश्विन दलवी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सेंटर के डिप्टी डायरेक्टर पवन अमरावत ने सबका धन्यवाद ज्ञापित किया।
बरुन्दनी में विकास कार्यों की सौगात, विधायक गोपाल खंडेलवाल ने किया लोकार्पण

आकोला(रमेशचंद्र डाड) मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने आज ग्राम पंचायत बरुन्दनी में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। विधायक ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में निर्मित उच्च गुणवत्ता वाले टीन शेड(डोम) तथा श्री शंकर सामुदायिक भवन का लोकार्पण कर इन्हें क्षेत्रवासियों को समर्पित किया।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक गोपाल खंडेलवाल ने कहा कि क्षेत्र के गांवों में शिक्षा, जनसुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार कर आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

विद्यालय में टीन शेड के निर्माण से विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी, वहीं सामुदायिक भवन के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए उपयोगी स्थान उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम में विधानसभा संयोजक अनिल पारीक, मंडल अध्यक्ष श्याम लाल अहीर, बीगोद नगरपालिका अध्यक्ष लोकेश नागौरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष नंदराय सुरेश पाराशर, प्रशासक गजेंद्र साहू, शैतान सिंह, बसंती लाल सोनी, श्याम लाल चौधरी, शिव दरक, कालू पालीवाल, शंकर खटीक, रामनारायण सोमानी, मोडू राम जाट, मुकेश बैरवा एवं परमेश्वर कंजर सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मांडलगढ़ विधानसभा में विकास का यह सिलसिला निरंतर जारी है और गांव-गांव तक जनसुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
*महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कांग्रेसजनों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन*

*उदयलाल आंजना की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ जयंती समारोह, गांधीजी के सत्य-अहिंसा और शास्त्रीजी के सादगीपूर्ण जीवन को किया याद*

*गांधी-शास्त्री के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी—आंजना*

*जयपुर/निंबाहेड़ा :कमलेश आमेटा , 02 अक्टूबर 
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय जिला चिकित्सालय परिसर में ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन एवं आमजन उपस्थित रहे और दोनों महान विभूतियों के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कांग्रेसजनों एवं आमजनों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, त्याग, सादगी और राष्ट्रसेवा को स्मरण करते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह स्थल पर “महात्मा गांधी अमर रहें” एवं “लाल बहादुर शास्त्री अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

*आंजना ने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेश को किया याद*
इस अवसर पर उदयलाल आंजना ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गांधीजी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी, सेवा और सामाजिक समरसता के मूल्यों का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा को केवल व्यक्तिगत जीवन का आदर्श नहीं माना, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनजीवन से जुड़े कार्यों का माध्यम बनाया। गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति भी गांधीजी के जीवन, विचार और अहिंसा के संदेश को समाज में प्रसारित करने को अपने प्रमुख उद्देश्यों में रखती है। 

आंजना ने कहा कि गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता इस बात में है कि समाज में मतभेदों के बावजूद संवाद, शांति, आपसी सम्मान और मानवता की भावना को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सेवा, पारदर्शिता, सादगी और आमजन के प्रति संवेदनशीलता लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिलाएं हैं।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि किसी भी सामाजिक परिवर्तन के लिए केवल विचार पर्याप्त नहीं होते, बल्कि उन विचारों को व्यवहार और जनसेवा के माध्यम से धरातल पर उतारना भी आवश्यक है।

*शास्त्रीजी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को किया नमन*
आंजना ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शास्त्रीजी का सार्वजनिक जीवन सादगी, विनम्रता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का आचरण और देश के प्रति उसकी जिम्मेदारी होती है।

आंजना ने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से मानवता को दिशा दी, वहीं शास्त्रीजी ने सादगीपूर्ण जीवन और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए। दोनों महापुरुषों के जीवन से हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने तथा जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा मिलती है।

*गांधी-शास्त्री के विचारों को जनजीवन में अपनाने का आह्वान*
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, ग्राम विकास और सामाजिक समरसता का विचार तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, अनुशासन, किसान एवं जवान के प्रति सम्मान की भावना आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रम में सामाजिक एकता, अस्पृश्यता उन्मूलन, ग्राम स्वच्छता, शिक्षा, आर्थिक समानता, किसान और श्रमिक कल्याण जैसे विषयों को महत्व दिया गया था। 

वक्ताओं ने कहा कि जयंती समारोह केवल महापुरुषों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने आचरण और सामाजिक व्यवहार में उतारने का अवसर भी है।

*बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं आमजन रहे मौजूद*
इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र शारदा, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बंशीलाल राइवाल, नगर कांग्रेस कमेटी संगठन महासचिव रविप्रकाश सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी महासचिव मनोज पारख, नुसरत खान, निंबाहेड़ा विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जसवंत सिंह आंजना, क्रेता व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल आंजना, अल्पसंख्यक कांग्रेस नगर अध्यक्ष मोहम्मद कुरैशी, पूर्व अल्पसंख्यक कांग्रेस नगर अध्यक्ष हाजी ज़ाहिद खान बैटरी वाले, सेवादल नगर मुख्य संगठक दिनेश गुप्ता, राजीव गांधी पंचायती राज विभाग नगर अध्यक्ष रोमी पोरवाल, एससी प्रकोष्ठ नगर अध्यक्ष ललित पहाड़िया, स्थानीय निकाय विभाग नगर अध्यक्ष राजेश सांड, एनएसयूआई नगर अध्यक्ष राहुल सेन, नगर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुकेश मेघवाल, शमशू क़मर मंसूरी, महासचिव मोती पुरुस्वानी, दिग्वेंद्र प्रताप सिंह जादौन, सचिव ब्रह्मलाल उपाध्याय, धीरज नगरिया, आशीष अग्रवाल, प्रवक्ता नितेश लोट सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके साथ ही नगर कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य जहांगीर हुसैन मंसूरी, आईटी सेल नगर संयोजक मोहम्मद अली मंसूरी, जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग उपाध्यक्ष मंसूर अली बोहरा, स्थानीय निकाय विभाग जिला सचिव शांतिलाल लाड़ना,पार्षद छगन रेगर, अहमदनूर उर्फ आजाद भाई, जकी अहमद खान, विपुल कुमावत, दिलीप भांम्भी, प्रतिनिधि रामगोपाल वैष्णव, कमल मीणा, दिनेश कुमार वाथरा, आदित्य पहाड़िया, पूर्व पार्षद उदयराम पहाड़िया, हेमंत मराठा, गौरव सोनी, फरीद खान,बाबू खान मेव, देवीलाल कुमावत,किशोर शर्मा, बसंतीलाल लोढ़ा, शंभुलाल बलाई, कैलाश रैगर, नाथूलाल जटिया, रामस्वरूप जाट, प्रकाश जाट, आशुतोष टांक, विशाल वर्मा, श्रवण आंजना, अनिल मीणा, छोगालाल तेली, हरिकिशन माली, विष्णु मीणा, शांतिलाल जाट, धर्मचंद राव, गोपाल मेघवाल, नारायणलाल डांगी, उप सरपंच शांतिलाल डांगी, हेमराज डांगी, नारायण भील, भगवानलाल डांगी, बाबूलाल गायरी, इदरीस गौरी, देवीलाल सोनावा,महावीर जैन, नितिन शर्मा , लच्छू गवारिया, राधेश्याम राव एवं कांग्रेस कार्यालय प्रभारी ज़ाकिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्यजन, आमजन, युवा एवं बालक-बालिकाएं तथा मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

*श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जयंती*
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों एवं आमजन ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को स्मरण किया। इस दौरान “महात्मा गांधी अमर रहें” और “लाल बहादुर शास्त्री अमर रहें” के नारों से समारोह स्थल गूंज उठा।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

आकोला( रमेश चंद्र डाड )                                                        राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, जिला अफीम अधिकारी कार्यालय, भीलवाड़ा द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सवाईपुर-बड़ला बाईपास राजमार्ग पर किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में जनसमुदाय एवं अफीम कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जन, विशेषकर अफीम कृषकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करना रहा।

इस अवसर पर जिला अफीम अधिकारी, भीलवाड़ा सुशील कुमार वर्मा द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, समाज एवं देश को नशामुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में जिला अफीम अधिकारी, भीलवाड़ा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, अफीम कृषकों एवं आम जन का कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा आम जन से अपील की गई कि वे नशे से स्वयं दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता फैलाएं और नशामुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनें। कार्यक्रम में जिला अफीम अधिकारी सुशील कुमार वर्मा, प्रांत का आयाम प्रमुख/अध्यक्ष बद्री लाल तेली चित्तौड़ प्रांत व प्रदेश अभिमयम प्रमुख बद्रीलाल जाट व भंवरलाल सुथार ,देवीलाल सुथार रामेश्वर लाल जाट ,गोपाल लाल जाट ,सरवन सिंह किसान व युवा नेता रामकुमार जाट शाहिद सैकड़ो किसान उपस्थित थे
गांधी-शास्त्री जयंती पर संतों के सान्निध्य और पूर्व मंत्री रामलाल जाट के नेतृत्व में भीलवाड़ा में रचा इतिहास: विशाल रक्तदान शिविर में रिकॉर्ड 1378 यूनिट रक्त संग्रहित
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल                                                           राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के पावन अवसर पर आज रामद्वारा रोड स्थित रामस्नेही वाटिका में विजय इंडिया वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित विशाल स्वेच्छिक रक्तदान शिविर ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। संतों के पावन आशीर्वाद और राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री श्री रामलाल जाट के नेतृत्व में आयोजित इस महाशिविर में युवाओं के अभूतपूर्व उत्साह के चलते कुल 1378 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ।
शिविर का शुभारंभ संतों के सानिध्य में बापू और शास्त्री जी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान हरि सेवा उदासीन आश्रम के संत मायाराम जी महाराज एवं संत बनवारी शरण जी (काटिया वाले बाबा) ने रक्तदाताओं को अपना पावन आशीर्वाद देते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई मानवीय और आध्यात्मिक धर्म नहीं है। नर सेवा ही सच्ची नारायण सेवा है।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री श्री रामलाल जाट ने कहा कि गांधी और शास्त्री जी के त्याग और सेवा के विचारों को साकार करने का सबसे सशक्त माध्यम पीड़ित मानवता की रक्षा करना है। भीलवाड़ा के युवाओं ने आज रिकॉर्ड 1378 यूनिट रक्तदान कर यह साबित कर दिया है कि सेवा और समर्पण के मामले में वस्त्रनगरी का युवा हमेशा अग्रणी रहता है। एक-एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद परिवार के लिए जीवन की नई किरण बनेगा।
सोसायटी के अध्यक्ष ओम नाराणीवाल ने अपने उद्बोधन में शिविर में पहुंचे सभी अतिथियों, रक्तदाताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए संस्था के सेवा संकल्पों पर प्रकाश डाला।
सोसायटी के सचिव शंकर लाल गाडरी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में रक्त संग्रहण हेतु प्रदेश भर के प्रमुख ब्लड सेंटरों की विशेषज्ञ टीमों ने अपनी सेवाएं दीं। इनमें एसएमएस ट्रॉमा ब्लड सेंटर जयपुर, महाराणा भूपाल ब्लड सेंटर उदयपुर, शेखावाटी ब्लड सेंटर जयपुर, राजधानी ब्लड सेंटर जयपुर, महात्मा गांधी अस्पताल ब्लड सेंटर भीलवाड़ा, रामस्नेही अस्पताल ब्लड सेंटर, अरिहंत अस्पताल ब्लड सेंटर, पोरवाल अस्पताल ब्लड सेंटर, केशव ब्लड सेंटर देवली, भीलवाड़ा ब्लड सेंटर एवं कोटड़ी श्याम ब्लड सेंटर की टीमों ने पूर्णतः सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में कुल 1378 यूनिट रक्त संग्रहित किया। सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया, साथ ही पौष्टिक अल्पाहार की समुचित व्यवस्था रही।
इस अवसर पर हगामी लाल मेवाड़ा, कैलाश व्यास, राजेंद्र त्रिवेदी, नरेन्द्र रेगर, वैद्य हंसराज जाट. चेतन पेशवानी, ईश्वर खोईवाल, महेश सोनी, गजमल जाट, चेतन डीडवानिया, प्रद्युम्न सिंह, गोविंद गुर्जर, रमेश सेन, लखन काकानी, प्रकाश जाट, प्रति काकानी, बाबू लाल माली,, ओम प्रकाश तेली, राजू डीडवानिया, इशाक मोहम्मद सहित जिले के अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।
अंत में संस्था की ओर से पधारी हुई सभी ब्लड बैंक टीमों, प्रशासनिक अमले, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोगियों और विशेष रूप से सभी रक्तदाताओं का आभार ज्ञापित किया गया।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

आकोला( रमेश चंद्र डाड )राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, जिला अफीम अधिकारी कार्यालय, भीलवाड़ा द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सवाईपुर-बड़ला बाईपास राजमार्ग पर किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में जनसमुदाय एवं अफीम कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जन, विशेषकर अफीम कृषकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करना रहा।

इस अवसर पर जिला अफीम अधिकारी, भीलवाड़ा सुशील कुमार वर्मा द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, समाज एवं देश को नशामुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में जिला अफीम अधिकारी, भीलवाड़ा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, अफीम कृषकों एवं आम जन का कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा आम जन से अपील की गई कि वे नशे से स्वयं दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता फैलाएं और नशामुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनें। कार्यक्रम में जिला अफीम अधिकारी सुशील कुमार वर्मा, प्रांत का आयाम प्रमुख/अध्यक्ष बद्री लाल तेली चित्तौड़ प्रांत व प्रदेश अभिमयम प्रमुख बद्रीलाल जाट व भंवरलाल सुथार ,देवीलाल सुथार रामेश्वर लाल जाट ,गोपाल लाल जाट ,सरवन सिंह किसान व युवा नेता रामकुमार जाट शाहिद सैकड़ो किसान उपस्थित थे
गांधी-शास्त्री जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
गंगापुर पत्रकार — शब्बीर खान
गंगापुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया। कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में नगर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज चंदेल, नगर कांग्रेस सचिव शब्बीर खान, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शंकर जाट, पूर्व ब्लॉक उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन दिनेश तेली, जिला उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक विभाग इसराइल अली, पार्षद गोपाल जीनगर, रामप्रसाद माली, पूर्व पार्षद गजेन्द्र गहलोत, विजय चौहान, नवरत्न गर्ग, प्रदीप शर्मा, दिनेश जाट सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गंगापुर पत्रकार — शब्बीर खान
*अवैध स्मैक बनाने व तस्करी का खेल खत्म: चित्तौड़गढ़ पुलिस ने दबोचा ₹60,000 का इनामी टॉप-10 वांछित अभियुक्त राहुल बंजारा* 
​°  60 हजार का इनामी लंबे समय से चल रहा था फरार
° ​जनवरी 2026 में आरोपी के मकान से जब्त हुआ था भारी मात्रा में स्मैक बनाने का रसायन, ₹15 लाख नकद, 34 मोबाइल और 04 लैपटॉप

चितौड़गढ़/जयपुर :कमलेश आमेटा, 2 अक्टूबर                                                      अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध स्मैक बनाने एवं खरीद-फरोख्त के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे टॉप-10 वांछित आरोपी राहुल दायमा उर्फ राहुल बंजारा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ राजस्थान की ओर से 60 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
   जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी गंगरार उदय सिंह चूंडावत के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई थी।
    टीम द्वारा आरोपी के निवास स्थान एवं संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश की गई। आरोपी शातिर प्रवृत्ति का था और पुलिस की दबिश की भनक लगते ही अपना ठिकाना बदल देता था। लगातार आसूचना संकलन एवं तलाश के बाद पुलिस टीम ने राहुल दायमा उर्फ राहुल बंजारा उम्र 31 वर्ष निवासी जीवा नायक का खेड़ा थाना गंगरार जिला चित्तौड़गढ़ को गिरफ्तार कर लिया।
 *मकान पर दबिश में खुला था स्मैक के नेटवर्क का राज* 
मामले की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई थी। उस समय गंगरार थाना पुलिस ने ग्राम जीवा नायक का खेड़ा स्थित आरोपी के रिहायशी मकान पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध स्मैक पाउडर, स्मैक बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन तथा हथकढ़ देशी शराब बरामद की थी।
    पुलिस कार्रवाई में करीब 15 लाख रुपये नकद, 13 एंड्रॉयड मोबाइल, 21 कीपैड मोबाइल, 4 लैपटॉप तथा इंजन नंबर और चेसिस नंबर अंकित करने वाली रॉड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए थे।
    इस कार्रवाई के संबंध में थाना गंगरार में एनडीपीएस एक्ट एवं आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। जिला पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है और प्रकरण में आगे का अनुसंधान जारी है। पुलिस आरोपी से अवैध स्मैक के निर्माण एवं खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य पहलुओं के संबंध में पूछताछ कर रही है।
 *विशेष टीम की लगातार निगरानी रंग लाई* 
कार्रवाई में थानाधिकारी गंगरार तुलसीराम प्रजापत, वृत्त कार्यालय गंगरार के एएसआई संजय शर्मा, कांस्टेबल रामसिंह, महेंद्र सिंह, विद्याधर ढाका, भागचंद तथा थाना गंगरार के हेड कांस्टेबल चालक देवकिशन की भूमिका रही। टीम ने लगातार आसूचना संकलन एवं संभावित ठिकानों पर निगरानी रखते हुए इनामी वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया।
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स्केटिंग ट्रैक किनारों पर सुरक्षा से समझौता, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उठे सवाल
भीलवाड़ा :रतन लाल आचार्य।                                                   70वीं राज्य स्तरीय स्केटिंग प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आयोजन स्थल पर स्केटिंग ट्रैक के दोनों किनारों पर आवश्यक सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है, जिसे विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों के लिए जोखिमपूर्ण बताया है।
जानकारों के अनुसार स्केटिंग जैसे तेज गति वाले खेल में ट्रैक के दोनों तरफ “सॉफ्ट ज़ोन” होना अनिवार्य होता है, ताकि गिरने की स्थिति में खिलाड़ियों को गंभीर चोट से बचाया जा सके। आमतौर पर इसके लिए ट्रैक के किनारों पर फोम या रबर पैडिंग, क्रैश बैरियर और उसके बाहर घास या नरम मिट्टी का क्षेत्र होना चाहिए। लेकिन प्रतियोगिता स्थल पर इस तरह की समुचित व्यवस्था का अभाव नजर आया।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि केवल घास होना भी पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ट्रैक के पास किसी भी प्रकार की कठोर सतह, दीवार, खंभे या लोहे की रेलिंग नहीं होनी चाहिए। ऐसे में यदि खिलाड़ी संतुलन खोता है तो सीधे सख्त सतह से टकराने का खतरा रहता है, जिससे गंभीर चोट लग सकती है।
प्रतियोगिता जैसे बड़े आयोजन में इस तरह की लापरवाही को लेकर अभिभावकों और खेल प्रेमियों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि राज्य स्तर के आयोजन में खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन यहां बुनियादी सुरक्षा मानकों तक का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
आयोजक ब्रिटी स्कूल की ओर से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उठते सवालों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है कि क्या खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ समझौता कर प्रतियोगिता कराना उचित है।
*डेनिम में साड़ी, भीलवाड़ा का नया प्रयोग दिल्ली तक पहुंचा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नवाचार को सराहा*

टेक्सटाइल विजन 2027 में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उद्योग का रोडमैप सुना, बोले, 2-3 माह में नई योजनाओं का लाभ मिलना शुरू, टेक्सटाइल एमएसएमई को 70 प्रतिशत मांगें पूरी होने की उम्मीद

*भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)।* वस्त्रनगरी भीलवाड़ा की डेनिम साड़ी ने दिल्ली के टेक्सटाइल मंच पर अपनी छाप छोड़ी। भीलवाड़ा की उद्यमी पल्लवी लढा द्वारा फाइन काउंट में तैयार इस अनूठी साड़ी के इनोवेशन की केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने सराहना की। मौका था इंडिया हैबिटेट सेंटर में लघु उद्योग भारती के टेक्सटाइल डिवीजन के टेक्सटाइल विजन 2027 कॉन्क्लेव का, जहां देशभर के टेक्सटाइल एमएसएमई उद्यमियों ने उद्योग की चुनौतियों और विकास का रोडमैप सरकार के सामने रखा। मंत्री ने डिवीजन की करीब 70 प्रतिशत मांगों को पूरा करने का प्रयास करने का भरोसा दिया और अगले 2-3 महीनों में नई योजनाओं का लाभ मिलने के संकेत दिए। कॉन्क्लेव में देशभर से पहुंचे टेक्सटाइल एमएसएमई उद्यमियों ने उद्योग की समस्याएं, नीतिगत जरूरतें और विकास का रोडमैप सरकार के सामने रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई, लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल डिवीजन के हेड महेश हुरकट सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल डिवीजन के हेड महेश हुरकट ने स्वागत उद्बोधन में देशभर से आए उद्यमियों और पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने टेक्सटाइल एमएसएमई के सामने मौजूद प्रमुख समस्याओं, नीतिगत सुधारों और उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जरूरी कदमों का रोडमैप केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूत करने, उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने तथा राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सरकारी सहयोग की जरूरत बताई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल डिवीजन की ओर से रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि सरकार उद्योग की समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल डिवीजन की करीब 70 प्रतिशत मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने टेक्सटाइल एमएसएमई को अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर के क्मअमसवचउमदज टपेपवद 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने उद्योग के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की है। योजना का दायरा बड़ा होने के कारण इसके क्रियान्वयन में समय लग रहा है, लेकिन इसके परिणाम आने वाले वर्षों में दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि विजन 2047 के प्रभाव 2030-31 तक दिखने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूती देने के लिए लगातार काम कर रही है। मंत्री ने टेक्सटाइल एमएसएमई के लिए आने वाली नई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सेक्टर को मजबूती देने के लिए कई योजनाएं लॉन्च की जाएंगी। इनका लाभ उद्यमियों को आगामी 2-3 महीनों में मिलना शुरू होने की संभावना है। उन्होंने उद्योग जगत से नई तकनीक, नवाचार और प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कॉन्क्लेव में टेक्सटाइल उद्योग की जमीनी समस्याओं से लेकर भविष्य की नीतियों, नवाचार, प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक बाजार में संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्यमियों ने उम्मीद जताई कि सरकार के नीतिगत सहयोग और नई योजनाओं से टेक्सटाइल एमएसएमई को नई गति मिलेगी।
*गांधी चौक में गंदे नाले के ओवरफ्लो से लोग परेशान, नगर परिषद नहीं ले रही सुध*

*जयपुर/जैसलमेर :कमलेश आमेटा                                         शहर के महत्वपूर्ण स्थल गांधी चौक में गंदे नाले के पानी के लगातार ओवरफ्लो होने से मोहल्लेवासियों और राहगीरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर परिषद जैसलमेर को कई बार लिखित में, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से अवगत करवाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। आज भी रात्रि साढ़े सात बजे से गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैल रहा है, जिससे गंदगी और बदबू से लोगों का जीना दूभर हो गया है।

स्थानीय निवासियों द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए सुझाव देने के बावजूद नगर परिषद द्वारा कोई कार्रवाई अमल में नहीं ली जा रही है, जिससे रहवासी लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा 
अतः नगर परिषद जैसलमेर के नवगठित बोर्ड से निवेदन है कि इस समस्या का शीघ्र निराकरण कर जनता को राहत दिलवाई जाए।
पीथास में 121 वर्षों से चली आ रही तेजाजी मेले की गौरवशाली परंपरा

बृजमोहन सुवालका पीथास

 ग्राम पीथास में वीर तेजाजी महाराज के प्रति आस्था और श्रद्धा से जुड़ा पारंपरिक मेला पिछले 121 वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता की पहचान भी बन चुका है।
हर वर्ष तेजाजी महाराज के मेले का ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार रहता है। मेले के अवसर पर तेजाजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर तेजाजी महाराज के दर्शन करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना करते हैं।
121 वर्षों की यह निरंतर परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी ग्रामीणों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। बुजुर्गों द्वारा संजोई गई इस परंपरा को वर्तमान पीढ़ी भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है। मेले के दौरान पूरा गांव धार्मिक एवं उत्सवी माहौल में रंग जाता है।
तेजाजी महाराज राजस्थान के लोकदेवता के रूप में विशेष श्रद्धा के पात्र हैं। उनके जीवन, त्याग, वचनबद्धता और लोककल्याण की भावना से जुड़ी मान्यताएं आज भी ग्रामीण समाज को प्रेरणा देती हैं। इसी आस्था के चलते पीथास का तेजाजी मेला क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है।
मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ ग्रामीणों की सहभागिता, मेल-मिलाप और सामाजिक सौहार्द का भी विशेष महत्व रहता है। वर्षों पुरानी इस परंपरा ने गांव की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीथास का तेजाजी मेला आज केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 121 वर्षों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जिसे ग्रामीण पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
वार्ड 35 की समस्याओं पर पार्षद माली का महापौर को  चार अलग-अलग ज्ञापन सौंपे
भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी) नगर निगम के वार्ड नंबर 35 में बदहाल सड़कों, नालियों, रोड लाइट और महिला स्नानघर की समस्या को लेकर पार्षद उदयलाल माली ने महापौर को चार अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
माली ने ज्ञापनों में बताया कि खराब सड़कों से आवागमन प्रभावित हो रहा है, क्षतिग्रस्त नालियों और रैम्प के अभाव में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, बंद रोड लाइटों के कारण रात में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है तथा महिला स्नानघर नहीं होने से महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने सड़क निर्माण व मरम्मत, नालियों के सुधार, आवश्यक स्थानों पर रैम्प निर्माण, खराब रोड लाइटों की मरम्मत और महिला स्नानघर बनवाने की मांग की। उन्होंने निगम प्रशासन से जनहित के इन कार्यों को प्राथमिकता देकर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया। अब वार्डवासियों की निगाहें निगम प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
*पीथास में तेजाजी का दो दिवसीय मेला 4 से शुरू*

*121 वर्षों से चली आ रही मेले की परंपरा*

पीथास :बृजमोहन सुवालका
पीथास मांडल तहसील के पीथास ग्राम में लोकदेवता वीर तेजाजी का दो दिवसीय पारंपरिक मेला 4 अक्टूबर रविवार से श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ शुरू होगा। मेले को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है तथा आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है l  4 अक्टूबर की रात्रि को गांव के प्रमुख मार्गों से तेजाजी महाराज के ध्वज की भव्य निशान यात्रा निकाली जाएगी। निशान यात्रा में अलगोजा एंड पार्टी द्वारा भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके बाद तेजाजी महाराज के थानक पर परंपरानुसार जमाने के संकेत दिए जाएंगे।
वहीं 5 अक्टूबर की रात्रि को ‘एक शाम तेजाजी के नाम’ विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें अंबालाल सालवी एंड पार्टी द्वारा बगड़ावत की शानदार प्रस्तुति दी जाएगी।
मेले के दौरान तेजाजी महाराज के स्थल को आकर्षक विद्युत सजावट एवं रंग-बिरंगी रोशनी से विशेष रूप से सजाया जाएगा। रात्रि के समय पूरा तेजाजी मेला चौक आकर्षक रोशनी और सजावट से जगमगाता नजर आएगा। तेजा दशमी के अवसर पर तेजाजी महाराज की विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेले के दौरान पेयजल एवं सफाई व्यवस्था ग्राम पंचायत की ओर से की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि पीथास में पिछले 121 वर्षों से लगातार तेजाजी के मेले की परंपरा चली आ रही है।
मेले के पुजारी जगदीश रावणा राजपूत ने बताया कि मेले में पीथास सहित आसपास के करीब दस गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। श्रद्धालु इस अवसर पर व्रत रखकर वीर तेजाजी महाराज से जहरीले जीव-जंतुओं से सुरक्षा तथा परिवार की सुख-समृद्धि की मनोकामना करते हैं।
पीथास में 121 वर्षों से चली आ रही तेजाजी मेले की गौरवशाली परंपरा

बृजमोहन सुवालका पीथास

 ग्राम पीथास में वीर तेजाजी महाराज के प्रति आस्था और श्रद्धा से जुड़ा पारंपरिक मेला पिछले 121 वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता की पहचान भी बन चुका है।
हर वर्ष तेजाजी महाराज के मेले का ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार रहता है। मेले के अवसर पर तेजाजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर तेजाजी महाराज के दर्शन करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना करते हैं।
121 वर्षों की यह निरंतर परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी ग्रामीणों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। बुजुर्गों द्वारा संजोई गई इस परंपरा को वर्तमान पीढ़ी भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है। मेले के दौरान पूरा गांव धार्मिक एवं उत्सवी माहौल में रंग जाता है।
तेजाजी महाराज राजस्थान के लोकदेवता के रूप में विशेष श्रद्धा के पात्र हैं। उनके जीवन, त्याग, वचनबद्धता और लोककल्याण की भावना से जुड़ी मान्यताएं आज भी ग्रामीण समाज को प्रेरणा देती हैं। इसी आस्था के चलते पीथास का तेजाजी मेला क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है।
मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ ग्रामीणों की सहभागिता, मेल-मिलाप और सामाजिक सौहार्द का भी विशेष महत्व रहता है। वर्षों पुरानी इस परंपरा ने गांव की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीथास का तेजाजी मेला आज केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 121 वर्षों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जिसे ग्रामीण पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
हिंदुस्तान जिंक की रामपुरा आगुचा में खदान सुरक्षा पर बड़ी पहल

माइन वाइंडर सिस्टम पर डीजीएमएस की कार्यशाला, एआई-आईओटी और डिजिटल मॉनिटरिंग पर किया मंथन

रामपुरा आगुचा में 100 से अधिक खनन विशेषज्ञ ने भूमिगत खदानों में सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और विश्वसनीय संचालन पर किया मंथन

भीलवाड़ा (रमेश चन्द्र डाढ)। भूमिगत खदानों में माइन शाफ्ट वाइंडर सिस्टम की सुरक्षा, विश्वसनीयता और तकनीकी उन्नयन पर मंथन के लिए हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की रामपुरा आगुचा खदान में विशेष कार्यशाला आयोजित हुई। महानिदेशालय खान सुरक्षा (डीजीएमएस) के तत्वावधान में हुई कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारी, खनन विशेषज्ञ, तकनीकी पेशेवर, उपकरण निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ शामिल रहे। कार्यशाला का केंद्र भूमिगत खदानों में उपयोग होने वाले वाइंडर सिस्टम को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के साथ डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल तथा नियामकीय मानकों के प्रभावी अनुपालन पर रहा। विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आधुनिक तकनीकों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि डीजीएमएस के उप महानिदेशक, नॉर्थ वेस्टर्न जोन मुरलीधर बिदारी ने कहा कि माइन वाइंडर की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन, मजबूत इंजीनियरिंग, आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां और निरंतर सीखने की संस्कृति जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं नियामकों, खदान संचालकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विशेषज्ञों ने आईओटी आधारित सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम, वाइंडर सिमुलेटर, डिजिटल मॉनिटरिंग, ब्रेक सिस्टम डिजाइन और इवेंट रिकॉर्डिंग सिस्टम सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर प्रस्तुतियां दीं। प्रिवेंटिव एवं प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स और रिमोट मॉनिटरिंग के जरिए संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान तथा अगली पीढ़ी के सुरक्षा समाधानों पर भी विचार-विमर्श हुआ। वैश्विक स्तर पर हुई माइन वाइंडर घटनाओं से मिले सबक और भविष्य में दुर्घटना जोखिम कम करने के उपायों पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारी टी. श्रीनिवास, प्रकाश कुमार, श्याम सुंदर सोनी, उमेश कुमार राव, विनोद राजक, के. रविंदर और रूपेश कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। हिंदुस्तान जिंक के सीओओ किशोर एस., रामपुरा आगुचा के आईबीयू सीईओ राम मुरारी सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञों ने भी सहभागिता की। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड, एबीबी, सिमेंस और सीआईटीआईसी के प्रतिनिधियों ने भी तकनीकी अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में रामपुरा आगुचा के यूनिट हेड वेकेश चित्तौड़ा ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के माध्यम से नियामक संस्थाओं, खनन कंपनियों और तकनीकी साझेदारों के बीच सुरक्षा, तकनीक और नवाचार से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान को मंच मिला।