
हिण्डौन सिटी। सड़क पर गड्ढे बेहिसाब, हादसों का खतरा लगातार और टोल वसूली बदस्तूर जारी! स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ राजस्थान के अंतर्गत आने वाले टोल प्लाजा पर वसूली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। महुआ रोड स्थित गाजीपुर टोल प्लाजा से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां अधिकृत प्रेस कार्ड दिखाने के बावजूद एक पत्रकार से कथित तौर पर बदसलूकी करने और जबरन टोल वसूलने का आरोप है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क पर सफर करना ही जोखिम भरा हो, तो वाहन चालकों से टोल वसूली के बदले उन्हें सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा कब मिलेगी? मुख्य सड़क मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से सड़क की बदहाली बनी हुई है। इसके बावजूद मेंटेनेंस के नाम पर प्रभावी कार्य नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
टोल वसूली में तेजी, सड़क सुधार में देरी क्यों?
आमजन सड़क कर और टोल के रूप में भुगतान करता है, ताकि उसे सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। लेकिन यदि सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हों और वाहन चालकों को हर पल दुर्घटना का डर सताए, तो व्यवस्था की जवाबदेही तय होना जरूरी है। बदहाल सड़कें दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकती हैं। आए दिन चोटिल होने की आशंका के बीच लोगों को राहत का इंतजार है।
प्रेस कार्ड दिखाया, फिर भी टोल वसूली का आरोप
गाजीपुर टोल प्लाजा पर अधिकृत प्रेस कार्ड दिखाने के बावजूद पत्रकार से टोल वसूलने और बदसलूकी किए जाने का आरोप सामने आया है। इस घटनाक्रम ने टोल संचालन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रेस कार्ड के आधार पर टोल में छूट संबंधित नियमों और कार्ड की पात्रता पर निर्भर करती है। ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित कार्ड पर छूट का प्रावधान था या नहीं और टोलकर्मियों का व्यवहार नियमों के अनुरूप था या नहीं।
विधायक से शिकायत, फिर भी समाधान का इंतजार
स्थानीय विधायक राजेन्द्र मीणा को भी सड़क की बदहाली को लेकर शिकायत किए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप है। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेंगे? क्या सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तैयार होगी या फिर आमजन गड्ढों के बीच सफर करने को मजबूर रहेगा?