
राष्ट्रीय पोषण माह का 9 सितंबर से होगा शुभारंभ, हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ होगी मुख्य थीम
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भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार 9वें राष्ट्रीय पोषण माह- का आयोजन 9 सितंबर से किया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की मुख्य थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” निर्धारित की गई है। पोषण माह के दौरान बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं तथा उनके परिवारों में पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर 9 सितंबर को इंदौर संभाग में राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग की के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के समापन के उपरांत पूर्वाह्न 11 बजे के बाद राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पोषण माह की गतिविधियों की रूपरेखा इसकी मुख्य थीम तथा निर्धारित पांच प्रमुख विषयों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
पांच प्रमुख विषयों पर रहेगा विशेष फोकस -
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ताजा एवं विविधतापूर्ण गर्म पका भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक विकास गतिविधियां तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य के लिए सहायता जैसे विषयों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिला स्तर पर होंगी विशेष गतिविधियां -
जिला स्तर पर तैयार कार्ययोजना के तहत पोषण क्विज का आयोजन एक शासकीय महाविद्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम के रूप में किया जाएगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित कर न्यूट्रीशन लिटरेसी (Nutrition Literacy) पर विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच संवाद कराया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को पोषण संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना और दैनिक जीवन में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना है।
परियोजना स्तर पर स्कूलों और किशोरियों को जोड़ा जाएगा -
परियोजना स्तर पर भी विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों में पोषण क्विज आयोजित कर विद्यार्थियों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही “स्वस्थ किशोरी” एवं “मिस हिमोग्लोबिन” प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इन गतिविधियों के माध्यम से किशोरी बालिकाओं में पोषण, स्वास्थ्य एवं विशेष रूप से हिमोग्लोबिन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
आंगनवाड़ी स्तर पर जनभागीदारी के साथ होंगी व्यापक गतिविधियां -
राष्ट्रीय पोषण माह की सबसे व्यापक गतिविधियां आंगनवाड़ी स्तर पर आयोजित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों से पोषण जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए पोषण रैली निकाली जाएगी। वहीं किशोरी बालिकाओं एवं शौर्या दल के सदस्यों की सहभागिता से दीवार लेखन कराया जाएगा, जिसके माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को स्थानीय स्तर पर प्रचारित किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं, विशेषकर अंतिम त्रैमास की गर्भवती महिलाओं के घर-घर जाकर पोषण परामर्श दिया जाएगा। उन्हें प्रसव के बाद शिशु को जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान कराने की समझाइश दी जाएगी। परिवार के सदस्यों को भी स्तनपान एवं मातृ-शिशु पोषण के महत्व से अवगत कराते हुए शपथ दिलाई जाएगी तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। इसी प्रकार शिशुवती महिलाओं के घर-घर जाकर पोषण परामर्श दिया जाएगा। माताओं को बच्चे के जन्म के बाद छह माह तक केवल स्तनपान कराने, इसके बाद उचित पूरक आहार शुरू करने तथा स्तनपान निरंतर जारी रखने के संबंध में समझाइश दी जाएगी। परिवारजनों की शंकाओं का समाधान कर उन्हें भी सहयोग एवं जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मंगल दिवस एवं पोषण परामर्श सत्र होंगे आयोजित -
आंगनवाड़ी केन्द्रों पर मंगल दिवस का आयोजन कर पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही केन्द्रों पर नियमित पोषण परामर्श सत्र आयोजित कर महिलाओं एवं परिवारजनों को संतुलित आहार, पोषण विविधता, बच्चों के विकास एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी जाएगी। पोषण में पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से पुरुषों के लिए व्यंजन प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से पुरुषों को परिवार के पोषण एवं स्वस्थ खान-पान की जिम्मेदारी में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों के पोषण एवं समग्र विकास की स्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए “स्वस्थ बच्चा स्पर्धा” आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी स्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हुए अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।
समुदाय की भागीदारी से सशक्त होंगी आंगनवाड़ियां -
राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के दौरान आयोजित होने वाली इन गतिविधियों का उद्देश्य पोषण को केवल विभागीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए परिवार एवं समुदाय की जिम्मेदारी बनाना है। “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” की भावना के साथ आंगनवाड़ी केन्द्रों को पोषण, स्वास्थ्य, स्तनपान, मातृ-शिशु देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास के प्रभावी केन्द्र के रूप में सशक्त किया जाएगा। विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली गतिविधियों के माध्यम से पोषण साक्षरता बढ़ाने, स्वस्थ खान-पान की आदतों को प्रोत्साहित करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा। #vidisha