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PRO JS VIDISHA

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जनसुनवाई में 12वीं कक्षा की छात्रा रिया की आधार संबंधी समस्या का हुआ समाधान, परीक्षा में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त
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जुलाई से आधार कार्ड में सुधार के लिए परेशान थी छात्रा, जनसुनवाई में चंद दिनों में हुआ समाधान
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद छात्रा का आधार में हो पाया सुधार
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भोपाल तक प्रयास के बाद भी नहीं सुधरा आधार, विदिशा जिला मुख्यालय की जनसुनवाई में पहुंचते ही दूर हुई छात्रा की समस्या
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जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में एक छात्रा की महत्वपूर्ण समस्या का त्वरित निराकरण कर प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। लटेरी तहसील के ग्राम रुसल्ली साहू निवासी कक्षा 12वीं की छात्रा रिया बघेल के आधार कार्ड में त्रुटि होने के कारण उसे विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आधार कार्ड में सुधार नहीं होने से उसकी आगामी परीक्षाओं में शामिल होने पर भी संकट उत्पन्न हो गया था। छात्रा रिया बघेल जुलाई माह से आधार कार्ड में सुधार कराने के प्रयास कर रही थी। समस्या के समाधान के लिए वह भोपाल तक गई, लेकिन तकनीकी कारणों से उसका आधार कार्ड अपडेट नहीं हो सका। लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं होने से उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
      
जनसुनवाई के दौरान जब यह मामला कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर आधार संबंधी कार्यों का संचालन करने वाले अधिकारियों ने तकनीकी बाधाओं को दूर कर आवश्यक कार्यवाही पूरी की और छात्रा का आधार कार्ड सफलतापूर्वक अपडेट कराया। आधार कार्ड में सुधार होने के साथ ही छात्रा के परीक्षा में शामिल होने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। डिजिटल सेवाओं का लाभ समय पर मिलने से उसकी पढ़ाई में आ रही बाधा दूर हो गई। आधार कार्ड अपडेट होकर प्रिंट प्राप्त होने पर छात्रा रिया बघेल के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
     
समस्या का शीघ्र समाधान होने पर छात्रा ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से उसकी लंबे समय से लंबित समस्या का कुछ ही दिनों में समाधान हो गया। जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण का यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=education nis:value=education nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान: NSS इकाई ने राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर मनाया 'आंगन मिलन समारोह', खाद्य एवं पठन सामग्री का किया वितरण
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 राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में सेवा संकल्प अभियान के तहत ' आंगन मिलन समारोह' का आयोजन किया गया। इस क्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने 24 सितंबर को NSS दिवस के अवसर पर अपने गोद ग्राम रंगई में ' एक दिवसीय कैंप' लगाकर विभिन्न सेवा गतिविधियों का आयोजन किया। पूरा कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बी डी अहिरवार के मार्गदर्शन एवं विशेष सहयोग से संपन्न हुआ।
    
अभियान के तहत NSS स्वयंसेविकाओं ने रंगई स्थित आंगनबाड़ी में पहुंचकर बच्चों और महिलाओं को तथा शासकीय माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं को पौष्टिक खाद्य सामग्री जैसे फल, चना, बिस्किट आदि का वितरण किया। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए पठन सामग्री—पुस्तकें, कलर बुक, रंग, पेन और डायरी आदि भी बांटी गईं
     
कार्यक्रम के दौरान सेवा सदन नेत्र हॉस्पिटल से श्री रविन्द्र रघुवंशी द्वारा आंगनबाड़ी और स्कूल दोनों स्थलों पर निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 35 बच्चों और 11 स्कूल एवं आंगनवाड़ी स्टाफ की आंखों की जांच की गई। वहीं, प्रथम वर्ष की NSS स्वयंसेविकाओं ने स्कूल के बच्चों के समक्ष ‘नशामुक्त  भारत-विकसित भारत’ विषय पर एक विचारणीय और प्रेरक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
    
महाविद्यालय के प्राचार्य ने स्वयंसेविकाओं के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में समाज सेवा और मानवीय मूल्यों की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ शांता अहिरवार एवं श्रीमती नीतू दांगी साथ NSS स्वयंसेविकाएं, शाला व आंगनबाड़ी का स्टाफ और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
LIVE: बीएचईएल, दशहरा मैदान, भोपाल में आयोजित 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विदिशा जिले के ग्राम खामखेड़ा कस्बा के पीएम आवास योजना के हितग्राही श्री अमित सेन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना पक्का मकान बनने पर माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। यह योजना गरीब परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली ला रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pmay nis:value=PMAY nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=housingforall nis:value=HousingForAll nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viksitbharat nis:value=ViksitBharat nis:enabled=true nis:link/>
विदिशा जिले के ग्राम आमखेड़ा सूखा की श्रीमती सिया बाई के जीवन में <nis:link nis:type=tag nis:id=jaljeevanmission nis:value=JalJeevanMission nis:enabled=true nis:link/> ने बड़ा बदलाव लाया है। पहले पानी के लिए नदी, तालाब और हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था, अब घर में नल से शुद्ध जल उपलब्ध है। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद व्यक्त किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hargharjal nis:value=HarGharJal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viksitbharat nis:value=ViksitBharat nis:enabled=true nis:link/>
पोषणयुक्त भोजन से आंगनबाड़ी बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की पहल 
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सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि और कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने ग्यारसपुर में सामुदायिक रसोई का किया अवलोकन, पौष्टिक पोहा चखकर जानी गुणवत्ता 
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महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि तथा कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने संयुक्त रूप से आज ग्यारसपुर क्षेत्र के भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पोषणयुक्त भोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में लक्ष्मी स्व सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई का अवलोकन किया गया।

प्रमुख सचिव श्रीमती जी.व्ही. रश्मि एवं कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने सामुदायिक रसोई में तैयार किए जा रहे भोजन तथा उसे क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता तथा स्वच्छता के संबंध में समूह की महिलाओं से चर्चा की और बच्चों के लिए निर्धारित पोषण मापदंडों के अनुरूप भोजन तैयार किए जाने की प्रक्रिया को समझा।
   
इस अवसर पर सामुदायिक रसोई में तैयार किए जा रहे पौष्टिक पोहा की प्रक्रिया भी सचिव और कलेक्टर ने मौके पर देखी। उन्होंने जानकारी ली कि पोहा तैयार करते समय उसकी पौष्टिकता बढ़ाने के लिए किन-किन पोषक तत्वों एवं खाद्य सामग्री को शामिल किया जाता है तथा बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भोजन किस प्रकार तैयार किया जाता है।
    
सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि एवं कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने मौके पर तैयार पौष्टिक पोहा का स्वाद भी चखा तथा भोजन की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सामुदायिक रसोई में कार्यरत स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की सराहना की।
    
सामुदायिक रसोई के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्व सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस पहल से महिला सशक्तिकरण और बाल पोषण, दोनों उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ाने में सहयोग मिल रहा है।
    
भ्रमण के दौरान सचिव तथा कलेक्टर ने भोजन निर्माण एवं वितरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी लेते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ होना आवश्यक है। उन्होंने भोजन की तैयारी से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक उसके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
शिक्षा विभाग के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु रविवार को शिविर आयोजित 
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पेंशन, ग्रेच्युटी, क्रमोन्नति, समयमान, अवकाश नगदीकरण सहित विभागीय मामलों का होगा समाधान 
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जिला शिक्षा अधिकारी श्री एनके अहिरवार ने बताया है कि लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला स्तर पर लंबित प्रकरणों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए समस्या निदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के हॉल में रविवार 27 सितंबर  को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक समस्या निदान शिविर आयोजित होगा। शिविर में शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न लंबित प्रकरणों की सुनवाई कर उनके निराकरण की कार्यवाही की जाएगी।

शिविर में विशेष रूप से लंबित पेंशन एवं ग्रेच्युटी प्रकरण, क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान से संबंधित प्रकरण, अवकाश नगदीकरण, विभागीय जांच, निलंबन तथा अन्य विभागीय समस्याओं के निराकरण पर कार्यवाही की जाएगी। इसके माध्यम से संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को लंबित मामलों के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं निराकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

समस्या निदान शिविर का उद्देश्य शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से संबंधित लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है, ताकि सेवानिवृत्त एवं कार्यरत कर्मचारियों को अपने प्रकरणों के निराकरण के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अपने लंबित प्रकरणों से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित दिनांक एवं समय पर शिविर में उपस्थित होकर समस्या के निराकरण की कार्यवाही करा सकते हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान के तहत महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं लर्निंग लाइसेंस शिविरो का आयोजन 17 अक्टूबर तक जारी 
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विदिशा के जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम एवं लर्निंग लाइसेंस शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान 17 सितंबर से शुरू हुआ है जो 17 अक्टूबर जारी रहेगा। इन शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात एवं सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें वैध लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया से अवगत कराना और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरिजेश वर्मा ने जिले के महाविद्यालय प्रबंधन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें तथा शिविरों में सहभागिता के लिए प्रेरित करें। शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित वाहन संचालन, यातायात नियमों के पालन तथा वैध ड्राइविंग दस्तावेज रखने के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
 
ऑनलाइन बनेगा लर्निंग लाइसेंस -
     लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। मध्यप्रदेश के निवासी आवेदक परिवहन विभाग के ‘सारथी’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पुरुष आवेदकों के लिए दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन के लर्निंग लाइसेंस हेतु निर्धारित शुल्क 225 रुपये तथा दोनों श्रेणियों के लिए 425 रुपये निर्धारित है। महिला आवेदकों के लिए लर्निंग लाइसेंस हेतु कोई शुल्क नहीं है। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ऑनलाइन टेस्ट आयोजित किया जाता है। टेस्ट में कुल 20 प्रश्न होते हैं, जिनमें से कम से कम 12 प्रश्नों के सही उत्तर देने पर आवेदक उत्तीर्ण होता है। टेस्ट में सफल होने के बाद लर्निंग लाइसेंस ऑनलाइन जनरेट हो जाता है।

महाविद्यालय में ही मिलेगी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा
विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित महाविद्यालयों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में उपलब्ध कंप्यूटर सिस्टम अथवा विद्यार्थियों के स्मार्ट मोबाइल फोन के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन और टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कराने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने महाविद्यालय में ही लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी।

शिविरों की तिथियां व स्थल -
    जिला परिवहन कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न महाविद्यालयों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर को शासकीय आईटीआई महाविद्यालय, विदिशा, 3 अक्टूबर को शासकीय आदर्श महाविद्यालय, गंजबासौदा, 5 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय, नटेरन, 6 अक्टूबर को आर.वी.एस. शासकीय कन्या अग्रणी महाविद्यालय, विदिशा तथा 7 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय, सिरोंज में शिविर आयोजित होगा।

इसी क्रम में 8 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय, गुलाबगंज, 9 अक्टूबर को शासकीय एस.एन.एस. महाविद्यालय, गंजबासौदा, 10 अक्टूबर को सुषमा शासकीय महाविद्यालय, गंजबासौदा, 12 अक्टूबर को शासकीय एस.बी.एस. महाविद्यालय, 13 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय, कुरवाई, 14 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय, शमशाबाद, 15 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय, लटेरी, 16 अक्टूबर को एस.एस.एल. जैन महाविद्यालय, विदिशा तथा अभियान के अंतिम दिन 17 अक्टूबर को ए.पी.एस. महाविद्यालय, गंजबासौदा में शिविर आयोजित किया जाएगा।

विद्यार्थियों से आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील -
    जिला परिवहन अधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे शिविर में अपना आधार कार्ड, जिसमें मोबाइल नंबर अपडेट हो, अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएं। विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी प्राप्त करने के साथ वैध लर्निंग लाइसेंस बनवाने का भी आग्रह किया गया है।
परिवहन विभाग ने महाविद्यालय प्रबंधन से कहा है कि शिविरों की जानकारी अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाए और उन्हें इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को वैध लर्निंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध कराना है।
शिविरों में सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के साथ लर्निंग लाइसेंस के ऑनलाइन आवेदन, ऑनलाइन टेस्ट तथा लाइसेंस जनरेट होने की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
नरवाई प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम, विदिशा में स्थापित होंगे सीबीजी प्लांट 
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नटेरन, बासौदा और कुरवाई क्षेत्र में 15 से 20 एकड़ शासकीय भूमि का चिन्हांकन, किसान बनेंगे ऊर्जादाता 
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विदिशा जिले में फसल अवशेष यानी नरवाई प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी तथा मिट्टी के लाभदायक सूक्ष्म जीवों के नष्ट होने की समस्या के समाधान के लिए जिले में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की स्थापना की जाएगी। शासन की बायोफ्यूल परियोजना के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जिले में सीबीजी प्लांट स्थापित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले के नटेरन, बासौदा एवं कुरवाई विकासखंडों में सीबीजी प्लांट की स्थापना के लिए शासकीय भूमि का प्रारंभिक स्तर पर चिन्हांकन किया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड में लगभग 15 से 20 एकड़ भूमि उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया है। चिन्हांकित भूमि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दीर्घ अवधि के लिए लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी, जहां कंपनी द्वारा फसल अवशेषों के उपयोग से बायोगैस सहित अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
 
फसल अवशेषों का होगा उपयोग, नरवाई जलाने की समस्या में आएगी कमी -
     सीबीजी प्लांट की स्थापना से आसपास के क्षेत्रों में किसानों द्वारा उत्पादित मक्का, धान, गेहूं सहित अन्य फसलों के अवशेषों का व्यवस्थित तरीके से संग्रहण एवं उपयोग किया जा सकेगा। वर्तमान में फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने से वायु प्रदूषण के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
फसल अवशेषों को जलाने के स्थान पर उनका उपयोग सीबीजी प्लांट में किए जाने से किसानों को नरवाई के उचित प्रबंधन का एक व्यावहारिक विकल्प मिलेगा। इससे खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं में कमी लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि अवशेषों का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम -
     सीबीजी प्लांट की स्थापना केवल नरवाई प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे किसानों के लिए फसल अवशेषों के आर्थिक उपयोग का अवसर भी तैयार होगा। खेतों से कृषि अवशेषों के संग्रहण एवं प्लांट तक पहुंचने की प्रक्रिया विकसित होने से किसानों को अपने फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकेगा। इस पहल से कृषि अवशेषों को अपशिष्ट के रूप में देखने के बजाय ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोगी संसाधन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस प्रकार किसान अपनी फसल के साथ-साथ फसल अवशेषों के माध्यम से भी आर्थिक गतिविधि से जुड़ सकेंगे।
 
किसान बनेगा ऊर्जादाता -
     विदिशा जिले में नरवाई जलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सीबीजी प्लांट की स्थापना को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नरवाई जलाने से भूमि में मौजूद लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। साथ ही पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से 1 सितंबर 2026 को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव श्री निशांत वरवडे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने विदिशा जिले में सीबीजी प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सीबीजी प्लांट के संचालन के बाद किसानों के खेतों से निकलने वाले फसल अवशेष ऊर्जा उत्पादन में उपयोग किए जाएंगे। इस तरह नरवाई, जो वर्तमान में किसानों के लिए प्रबंधन की चुनौती बनती है, भविष्य में ऊर्जा उत्पादन और आय का माध्यम बन सकेगी। इसी अवधारणा के साथ ‘किसान बनेगा ऊर्जादाता’ की दिशा में विदिशा जिले में कदम बढ़ाया जा रहा है।
 
पर्यावरण संरक्षण और कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ -
    सीबीजी प्लांट की स्थापना से एक ओर जहां नरवाई जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फसल अवशेषों के वैज्ञानिक एवं उपयोगी प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। इससे मिट्टी की गुणवत्ता के संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। जिले में नटेरन, बासौदा एवं कुरवाई क्षेत्रों में प्रस्तावित सीबीजी प्लांट कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकते हैं। प्रशासन द्वारा भूमि चिन्हांकन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि शासन की इस पहल का लाभ किसानों और पर्यावरण दोनों को मिल सकेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने किया विदिशा जिले का भ्रमण 
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने साथ भ्रमण कर आंगनबाड़ी केन्द्रों, पोषण पुनर्वास केन्द्र एवं कम्युनिटी किचिन की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
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महिला एवं बाल विकास विभाग की  सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने आज विदिशा जिले का भ्रमण कर महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों का मैदानी स्तर पर जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने उनके साथ भ्रमण कर विभिन्न केन्द्रों का निरीक्षण किया तथा जिले में संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया।
    
भ्रमण कार्यक्रम के तहत सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने सर्वप्रथम ग्राम कुंआखेड़ी स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्र में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, पोषण आहार, शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। इसके पश्चात विदिशा ग्रामीण परियोजना के अंतर्गत खरी स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया गया।
   
इसके बाद ग्यारसपुर परियोजना अंतर्गत अटारीखेजड़ा  क्रमांक-2 एवं 3 तथा मानोरा क्रमांक-2 स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं, केन्द्र संचालन तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई। सचिव ने केन्द्रों की व्यवस्थाओं को मौके पर देखा तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कम्युनिटी किचिन और पोषण पुनर्वास केन्द्र का भी किया निरीक्षण -
   सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने ग्यारसपुर में कम्युनिटी किचिन का भ्रमण कर वहां भोजन तैयार करने एवं वितरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने हितग्राहियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात ग्यारसपुर स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) का भ्रमण किया गया। यहां उन्होंने कुपोषित बच्चों के उपचार, पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाओं तथा बच्चों के पुनर्वास के लिए की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान अतिगंभीर एवं कुपोषित बच्चों तथा उनके परिवारों से भी भेंट की गई। सचिव ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं उपचार की स्थिति के संबंध में जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने भ्रमण के दौरान जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पोषण पुनर्वास केन्द्रों एवं कम्युनिटी किचिन की व्यवस्थाओं की जानकारी सचिव को दी। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बच्चों के पोषण स्तर में सुधार तथा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया है।
भ्रमण के दौरान स्थानीय एसडीएम श्रीमती शशि मिश्रा,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामहित कुमार तथा एन जी ओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुरभि जैन निलंबित
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शासकीय कार्यों में लापरवाही एवं कदाचरण संबंधी शिकायतों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त सह संचालक ने कार्रवाई करते हुए बासौदा की कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी  सुश्री सुरभि जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौरतलब हो कि सुरभि जैन के विरुद्ध स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अन्य माध्यमों से शासकीय कार्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। 

प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही, कार्यालय में नियमित रूप से विलंब से उपस्थित होने, निर्धारित मुख्यालय पर निवास नहीं करने, उचित मूल्य दुकानों से संबंधित कार्यवाहियों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण नहीं करने तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयावधि में निराकरण नहीं करने संबंधी आरोप शामिल हैं। 

इसके साथ ही शासकीय कार्यों के निष्पादन में शासकीय सेवक से अपेक्षित आचरण के प्रतिकूल व्यवहार किए जाने संबंधी आरोप भी शिकायतों में शामिल हैं। प्राप्त शिकायतों की प्रकृति एवं उपलब्ध तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए उक्त कृत्य प्रथम दृष्टया मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम के नियम 3 के उपनियम (दो) के विपरीत पाया गया।

शिकायतों एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सुश्री सुरभि जैन के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना अपेक्षित पाए जाने पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण के आयुक्त सह संचालक द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में सुश्री सुरभि जैन का मुख्यालय कार्यालय खाद्य, संचालनालय भोपाल निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान में शासकीय आईटीआई विदिशा की अनुकरणीय सहभागिता, 34 यूनिट रक्तदान के साथ योग, ध्यान एवं महिला स्वास्थ्य पर विशेष जागरूकता सत्र
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नोडल शासकीय आईटीआई विदिशा द्वारा सेवा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में अनुकरणीय सहभागिता निभाई गई। अभियान के अंतर्गत संस्थान के समस्त स्टाफ एवं प्रशिक्षणार्थियों के सामूहिक प्रयास से कुल 34 यूनिट रक्तदान किया गया।रक्तदान के साथ-साथ प्रशिक्षणार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सामूहिक योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को नियमित योग, ध्यान, मानसिक एकाग्रता एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
    
अभियान के अंतर्गत महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। सत्र में बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों तथा समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
     
नोडल प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने कहा कि “सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से युवाओं को केवल सामाजिक सेवा से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को भी मजबूत करना हमारा उद्देश्य है। रक्तदान, योग-ध्यान एवं महिला स्वास्थ्य जागरूकता जैसे प्रयास प्रशिक्षणार्थियों में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।” उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता करने वाले समस्त स्टाफ एवं प्रशिक्षणार्थियों का आभार व्यक्त किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जिले के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की विशेष पहल 
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उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ एवं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से अधिकाधिक युवाओं को जोड़ने हेतु किया प्रेरित
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जिले के युवाओं को अधिकाधिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने की विशेष पहल के अंतर्गत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता जी के निर्देशन में जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग के समन्वय से नोडल शासकीय आईटीआई विदिशा द्वारा आज बेतवा सभागार में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती दीपाश्री गुप्ता जी की अध्यक्षता में उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विदिशा जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं उद्योगों के प्रतिनिधि, महाविद्यालयों के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट ऑफिसर (TPO) तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मध्य प्रदेश शासन की मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना सहित युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उद्योग प्रतिनिधियों को योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक वैकेंसी सृजित करने तथा जिले के युवाओं एवं विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने हेतु प्रेरित किया गया।
    
बैठक का प्रमुख उद्देश्य जिले में उपलब्ध औद्योगिक एवं व्यावसायिक अवसरों को युवाओं तक पहुंचाना तथा उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों एवं कौशल विकास संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर युवाओं के लिए रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित करना रहा। नोडल प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता का आग्रह करते हुए बताया कि योजना संबंधी तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक सहयोग के लिए अपने निकटतम शासकीय आईटीआई से संपर्क किया जा सकता है। साथ ही योजना संबंधी समन्वय एवं आवश्यक सहयोग के लिए नोडल योजना प्रभारी श्री राहुल जैन, मोबाइल नंबर 8103897280 से संपर्क किया जा सकता है। Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
श्याम डेयरी इंडस्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
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अमानक/मिलावट की आशंका पर करीब 750 किलोग्राम घी एवं वेजिटेबल फैट जब्त, खाद्य कारोबार अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित
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खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की संभागीय उड़नदस्ता टीम ने आयुक्त खाद्य सुरक्षा श्री मनोज पुष्प के आदेश तथा विदिशा कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के नेतृत्व में बुधवार 23 सितंबर को विदिशा स्थित श्याम डेयरी इंडस्ट्रीज, ईदगाह रोड, आर.ओ. ऑफिस के सामने, मुखर्जी नगर में आकस्मिक निरीक्षण कर खाद्य सामग्री की जांच की।
    
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में मानव उपयोग के लिए  'Multipurpose Veg. Fat' का उपयोग कर घी एवं घी सदृश खाद्य पदार्थों के निर्माण की स्थिति सामने आई। कार्रवाई के दौरान अमानक अथवा मिलावट की आशंका के आधार पर करीब 750 किलोग्राम घी एवं वेजिटेबल फैट, अनुमानित कीमत 4 लाख 50 हजार रुपये, नियमानुसार जब्त कर परिसर में सीलबंद किया गया।

अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए - 
     संभागीय उड़नदस्ता दल द्वारा शाम करीब 5:30 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर से विभिन्न खाद्य पदार्थों एवं निर्माण में प्रयुक्त सामग्री का निरीक्षण किया गया। मौके से बटर एवं सब-कढ़ाई लगभग 40 किलोग्राम, गाय घी (अरिहंत ब्रांड) के 15 किलोग्राम के 13 खुले पैक, अरिहंत घी के 15 किलोग्राम के 15 टिन सहित कामधेनु घी एवं देहाती घी विभिन्न पैकिंग में पाए गए। इसके साथ ही Multipurpose Veg. Fat (Kamdhenu Gold Desi Bhog) के 450 एमएल के 132 नग एवं 200 एमएल के 76 नग भी मौके पर पाए गए। फैक्ट्री में पैकिंग मशीन, करीब 900 किलोग्राम क्षमता का घी संग्रहण टैंक एवं अन्य प्रोसेसिंग उपकरण भी पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कुदसिया द्वारा गाय का मक्खन, गाय घी (अरिहंत) एवं कामधेनु घी तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना आरजिया द्वारा अरिहंत घी, Multipurpose Veg. Fat एवं लूज घी के रेगुलेटरी नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। नमूनों को नियमानुसार प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा।

FSSAI लाइसेंस में नहीं था Multipurpose Veg. Fat के निर्माण/उपयोग का उल्लेख -
     निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा फैक्ट्री के खाद्य कारोबार से संबंधित दस्तावेज एवं लाइसेंस का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार FSSAI लाइसेंस में Multipurpose Veg. Fat के निर्माण अथवा उपयोग का उल्लेख नहीं पाया गया। वहीं लाइसेंस में उल्लेखित टेक्निकल पर्सन इन-चार्ज श्री आनंद अग्रवाल भी निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित नहीं मिले।

निर्माण स्थल पर स्वच्छता संबंधी कमियां भी मिलीं -
      निरीक्षण के दौरान खाद्य निर्माण स्थल पर स्वच्छता एवं हाइजीन से संबंधित कमियां भी पाई गईं। निर्माण स्थल के समीप खाद्य रंग की बोतलें खुली अवस्था में मिलीं तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण की परिस्थितियों को लेकर भी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं की जांच की गई।

खाद्य सामग्री सीलबंद कर कारोबार पर लगाया प्रतिबंध -
      निरीक्षण एवं नमूना कार्रवाई पूर्ण होने के बाद मौके पर उपस्थित नायब तहसीलदार एवं संयुक्त दल के सदस्यों की मौजूदगी में संबंधित खाद्य सामग्री को परिसर के एक कक्ष में सुरक्षित रखवाकर सीलबंद किया गया। जनहित एवं अमानक/मिलावट की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए करीब 750 किलोग्राम घी एवं वेजिटेबल फैट, अनुमानित कीमत 4.50 लाख रुपये, नियमानुसार जब्त किया गया। साथ ही FSSAI लाइसेंस क्रमांक 11414090000162 के तहत संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता को अग्रिम आदेश तक खाद्य कारोबार संचालित करने से प्रतिबंधित किया गया है। खाद्य सामग्री के लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सतत निगरानी रखते हुए मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। विदिशा एसडीएम श्री मनीष जैन ने बताया कि मौके पर नाप तौल विभाग द्वारा दो नापतोल कांटा सही पाएं नहीं जाने व सत्यापन नहीं पाएं जाने पर संबंधित संस्थान पर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया
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राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी)स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में डॉ. मणिमोहन मेहता, डॉ. वनिता बाजपेयी, सुदिन श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, ब्रज श्रीवास्तव एवं उर्वशी सक्सेना ने अपनी कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम का आरंभ कु. सुनेहा द्वारा राष्ट्रकवि दिनकर की कविता के पाठ से हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ॰ बी.डी. अहिरवार ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर जनप्रतिबद्ध कवि रहे, उनकी कविता ने समाज और राजनीति को दिशा दिखाने का काम किया है।
     
कवियों ने अपनी कविताओं में जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, साथ ही अपनी कविताओं से श्रोताओं में उत्साह जगाने का काम किया। राजेंद्र श्रीवास्तव ने बाल कविता से छात्राओं का मनोरंजन किया, तो डाॅ. वनिता वाजपेयी एवं सुदिन श्रीवास्तव ने अपने गीत और गजलों से कार्यक्रम को समृद्ध किया। डाॅ. मणिमोहन मेहता एवं ब्रज श्रीवास्तव ने आधुनिक कविता से सभा को परिचित कराया। उर्वशी सक्सेना ने सामयिक विषयों पर आधारित कविताएँ सुनाईं। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन प्रो. अस्मुरारी नंदन मिश्र ने तथा धन्यवाद ज्ञापन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डाॅ. राजुला अल्बर्ट ने किया।

इसी दिन महाविद्यालय में हिंदी पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई ग‌ई। समस्त अतिथियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं हिंदी साहित्य से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी की सराहना की। कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। इसमें डाॅ. ज्योति जादौन, डाॅ. रामू विश्वकर्मा, डाॅ. विनिता प्रजापति, डाॅ. संध्या जैन, डाॅ. सीमा चक्रवर्ती, प्रो. सविता सोनी, डाॅ. साधना कुमारी झा, प्रो. नीतू दांगी, डाॅ. विनय कुमार पाठक, कु. कोमल कुशवाह के साथ महाविद्यालय के सभी स्टाफ़ का सक्रीय सहयोग रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज कराएं किसान 
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प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर बीमा कंपनी द्वारा मौके पर पहुंचकर किया जाएगा सर्वे 
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में जिन कृषकों का बैंक के माध्यम से फसल बीमा कराया गया है, उन्हें प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने की स्थिति में निर्धारित समय-सीमा में नुकसान की सूचना दर्ज कराने की अपील की गई है। कृषि विभाग द्वारा बताया गया है कि जलभराव, आंधी-तूफान, बाढ़, आकाशीय बिजली सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण बीमित फसल को नुकसान होने पर किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फसल नुकसान की सूचना नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि के बाद दी गई सूचना मान्य नहीं मानी जाएगी।

शिकायत दर्ज कराने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड नंबर बताना होगा। यदि आधार नंबर के माध्यम से बीमा संबंधी जानकारी दर्ज नहीं हो पाती है, तो किसान उस बैंक शाखा में संपर्क कर सकता है, जहां से उसकी फसल का बीमा कराया गया है। बैंक शाखा से फसल बीमा पॉलिसी नंबर प्राप्त कर उसके आधार पर फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराई जा सकती है।
 
10 दिन के भीतर मौके पर पहुंचेगा बीमा कंपनी का प्रतिनिधि -
     कृषक द्वारा फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराए जाने के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत 10 दिन के अंदर मौके पर पहुंचकर फसल क्षति का सर्वे किया जाएगा। सर्वेक्षण में फसल को हुआ नुकसान वास्तविक पाए जाने पर शासन की निर्धारित नीतियों एवं प्रावधानों के अनुसार संबंधित पात्र कृषक को फसल बीमा का लाभ प्रदान किया जाएगा।
 
ऑनलाइन माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं सूचना - 
    फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 के अलावा किसानों के लिए अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं। कृषक NCIP Portal, Krishi Rakshak Portal तथा WhatsApp Chatbot नंबर 7065514447 के माध्यम से भी अपनी फसल क्षति की सूचना दर्ज करा सकते हैं। कृषि विभाग ने जिले के सभी बीमित कृषकों से अपील की है कि प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर बिना विलंब किए निर्धारित 72 घंटे की समय-सीमा में सूचना दर्ज कराएं, ताकि नियमानुसार सर्वे की कार्यवाही एवं फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्रतानुसार लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। पोर्टल नामों को स्पष्ट रूप से लिखें किसान के लिए कार्रवाई क्रम दें अंतिम अपील को अधिक प्रभावी बनाएं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: गृहणी से बनीं आत्मनिर्भर महिला, आजीविका मिशन ने रिंकी लोधी को दी नई पहचान 
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स्व-सहायता समूह से जुड़कर बैंक बीसी, पोषण सखी और गणवेश सिलाई सहित विभिन्न गतिविधियों से प्रतिमाह 15 हजार रुपये की आय 
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कभी परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी पर निर्भर रहने वाले परिवार की मासिक आय महज 2 हजार रुपये थी। सामाजिक परिस्थितियों के कारण घर से बाहर निकलना और लोगों से संवाद करना भी आसान नहीं था। लेकिन मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद ग्राम हासुआ की श्रीमती रिंकी लोधी के जीवन में ऐसा बदलाव आया, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में एक नई पहचान भी दी। आज वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
 स्व-सहायता समूह से शुरू हुआ आत्मनिर्भरता का सफर 
श्रीमती रिंकी लोधी वर्ष 2016 में आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित ओम स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह में उनकी भूमिका अध्यक्ष के रूप में है। समूह से जुड़ने के बाद प्रशिक्षण और क्षमता विकास के माध्यम से उन्होंने रोजगार एवं स्वरोजगार की विभिन्न गतिविधियों को समझा और उन्हें अपनाया। वर्तमान में वे बैंक बीसी, गणवेश सिलाई, पोषण सखी तथा सीएससी आईडी जैसी गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। इन गतिविधियों से उन्हें लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह तथा 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है।

शुरुआत में तकनीकी जानकारी और आवश्यक कौशल का अभाव उनके सामने बड़ी चुनौती थी। विभिन्न प्रशिक्षणों एवं क्षमता वर्धन कार्यक्रमों में सहभागिता से उन्होंने इन कठिनाइयों को दूर किया और धीरे-धीरे अपने कार्यों में दक्षता हासिल की।
 
दो हजार रुपये की पारिवारिक आय से 15 हजार रुपये मासिक आजीविका तक -
    आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले श्रीमती रिंकी गृहणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां संभालती थीं। परिवार की आय का प्रमुख साधन मजदूरी था और कुल मासिक आय लगभग 2 हजार रुपये थी। सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार हुआ। समूह की गतिविधियों और बैंक लिंकेज के माध्यम से आर्थिक संसाधन उपलब्ध हुए। दस्तावेज के अनुसार ओम स्व-सहायता समूह को तृतीय बैंक लिंकेज के रूप में 6 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है, जिससे आय में और वृद्धि की संभावना बनी है।
 
कच्चे घर से पक्के मकान तक बदली जीवन की तस्वीर -
    आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रभाव उनके परिवार के रहन-सहन पर भी दिखाई देता है। पहले उनका घर कच्चा था और आवागमन के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं था। आजीविका गतिविधियों से प्राप्त आय के माध्यम से उन्होंने विदिशा में अपना पक्का मकान बनाया है। साथ ही, उनके पति के लिए दोपहिया वाहन भी लिया गया है, जिसका उपयोग रोजगार संबंधी क्षेत्र भ्रमण के लिए किया जाता है। बच्चों की शिक्षा को लेकर भी परिवार की सोच में बदलाव आया है। पहले बच्चे ग्राम के शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत थे। अब विदिशा में मकान बनने के बाद बच्चों को शहर के अच्छे विद्यालय में पढ़ाने की कार्ययोजना है, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।
 
घूंघट और सीमित दायरे से आत्मविश्वास और नेतृत्व तक -
    रिंकी लोधी के जीवन में आया परिवर्तन केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले उनका सामाजिक दायरा सीमित था। घूंघट की परंपरा के कारण घर से बाहर आना-जाना और लोगों से मिलना-जुलना सहज नहीं था तथा कई कार्यों के लिए परिवार के सदस्यों की अनुमति आवश्यक होती थी।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने 11 महिलाओं के साथ मिलकर संस्था के रूप में कार्य करना शुरू किया। धीरे-धीरे समूहों और परिवारों के साथ उनका संपर्क बढ़ता गया। समूह अध्यक्ष और ग्राम संगठन अध्यक्ष के रूप में उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां मिलीं। इसके बाद बैंक सखी, पोषण सखी, बैंक बीसी, गणवेश सिलाई सेंटर संचालक और मास्टर सीआरपी जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम करने का अवसर मिला। इन जिम्मेदारियों ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया। जहां पहले किसी से बात करने में झिझक महसूस होती थी, वहीं अब वे वरिष्ठ अधिकारियों से भी बिना संकोच चर्चा कर लेती हैं। उनके कार्यों में पति तथा सास-ससुर का सहयोग भी मिल रहा है।
 
नई पहचान और आत्मनिर्भरता की मिसाल -
    श्रीमती रिंकी लोधी की कहानी यह दर्शाती है कि स्व-सहायता समूह केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार, नेतृत्व और आत्मविश्वास के अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम भी बन सकते हैं। एक समय परिवार की सीमित आय और सामाजिक परिस्थितियों के बीच जीवन यापन करने वाली रिंकी आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। बैंक बीसी से लेकर पोषण सखी, गणवेश सिलाई और सीएससी जैसी गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें गांव की एक सामान्य गृहणी से आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर महिला और समूह नेतृत्वकर्ता के रूप में नई पहचान दी है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
श्याम डेयरी इंडस्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। 
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अमानक/मिलावट की आशंका पर करीब 750 किलोग्राम घी एवं वेजिटेबल फैट जब्त, खाद्य कारोबार अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस पर दिव्यांग विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा 
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सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस के अवसर पर 23 सितंबर को दीक्षा निकेतन विशेष स्कूल, पुराना जिला अस्पताल परिसर विदिशा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विशेष विद्यालयों एवं छात्रावासों के दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में दीक्षा निकेतन विशेष स्कूल एवं छात्रावास, उम्मीद शिक्षण समिति विशेष स्कूल, आकांक्षा स्पेशल स्कूल तथा सी.डब्ल्यू.एस.एन. छात्रावास के दिव्यांग छात्र-छात्राएं एवं विषय विशेषज्ञ स्टॉफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री आयुषि गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग विदिशा द्वारा सरस्वती पूजन कर किया गया।

इस अवसर पर डॉ. शोलू कांत, अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय विदिशा, एडवोकेट मनु श्रीवास्तव, श्रीमती मालती लोधी सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, श्रीमती नेहा सिंह सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, श्री महेश कुशवाह सामाजिक सुरक्षा अधिकारी सहित सामाजिक न्याय विभाग एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र विदिशा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दीक्षा निकेतन विशेष स्कूल के संस्था प्रमुख श्री संजीव कुमार जैन तथा उम्मीद शिक्षण समिति के श्री निरंजन लोधी सहित संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं स्टॉफ ने सहभागिता की।

रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता
अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस के अवसर पर दिव्यांग छात्र-छात्राओं की प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कला एवं कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोली एवं पेंटिंग तैयार कीं। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की गई तथा उन्हें प्रोत्साहित किया गया।

प्रतियोगिताओं में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को उपहार एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।
अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए संचार, शिक्षा, सहभागिता एवं समान अवसरों के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा देना रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विदिशा जिले के पीपलखेड़ा ग्राम की श्रीमती स्वाति बैरागी आजीविका मिशन से जुड़कर प्रतिमाह ₹10-12 हजार की आय अर्जित कर रही हैं। लक्ष्मीनारायण स्व-सहायता समूह के माध्यम से नाश्ते की दुकान, सिलाई कार्य के साथ वे कृषि सखी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=aajeevikamission nis:value=AajeevikaMission nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=swayamsahayatasamooh nis:value=SwayamSahayataSamooh nis:enabled=true nis:link/>
पक्के घर का सपना हुआ साकार: विदिशा जिले के ग्राम आमखेड़ा सूखा निवासी श्री अंकित मालवीय को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बन जाने से उनका पक्के घर का सपना पूरा हुआ। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
हर घर नल से जल, खुशहाल जीवन की ओर कदम: विदिशा जिले के आमखेड़ा सूखा ग्राम की सुश्री सोनिका साहू को जल जीवन मिशन के तहत घर पर ही नियमित शुद्ध पेयजल मिल रहा है। अब पानी लाने में समय नहीं जाता, जिससे वे अपना अधिक समय सिलाई सीखने और कौशल विकास में दे पा रही हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jaljeevanmission nis:value=JalJeevanMission nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hargharjal nis:value=HarGharJal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=waterforall nis:value=WaterForAll nis:enabled=true nis:link/> SkillDevelopment
Video 22
उमंग दिवस पर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति किया जागरूक 
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शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय विदिशा में मंगलवार को उमंग दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उमंग एंथम से हुआ। विद्यालय की प्राचार्य द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा प्राचार्य खजान सिंह ने विगत पांच वर्षों से संचालित उमंग कार्यक्रम की जानकारी दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक चौकसे एवं विशेष अतिथि इंडियन अमेरिकन फाउंडेशन की शोभा तिवारी उपस्थित रहीं। मुख्य वक्ता डॉ. प्राची कुशवाहा ने विद्यार्थियों को मासिक धर्म एवं व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी उपयोगी जानकारी देते हुए इसे प्राकृतिक प्रक्रिया बताया। डॉ. केशव बंसल ने हाथ धुलाई का डेमो प्रस्तुत कर स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा ‘मैं हूं राजा’ रोल प्ले प्रस्तुत किया गया। साथ ही उमंग कार्यक्रम पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रत्येक कक्षा से उमंग मैसेंजर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डॉ. हर्ष साहू, डॉ. कृषिका निमावत, डॉ. जगदीश, डॉ. संध्या तोमर, डॉ. प्रिया तोमर एवं डॉ. श्रुति तोमर सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अकादमिक प्रभारी एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित विजय श्रीवास्तव ने किया। आभार उमंग कार्यक्रम प्रभारी उमेश ताम्रकार ने व्यक्त किया। आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय सहयोग रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विदिशा की ई-विकास प्रणाली का छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने किया अध्ययन 
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पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था से किसानों को मिली सुविधा, लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं 
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जिले में किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन व्यवस्था) का छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों के दल ने अध्ययन किया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस व्यवस्था को अपनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के दल ने विदिशा जिले के विभिन्न उर्वरक वितरण केन्द्रों का भ्रमण कर ई-विकास प्रणाली की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
विदिशा जिले में शासन के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर 2025 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ई-विकास प्रणाली लागू की गई थी। जिले में इसके सफल संचालन के बाद 1 जनवरी 2026 से यह व्यवस्था पूरे मध्यप्रदेश में लागू की गई। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया में किसानों को टोकन आधारित सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसानों को अनावश्यक रूप से कतार में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

मोबाइल से घर बैठे प्राप्त होता है ई-टोकन -
     ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत किसान अपने मोबाइल के माध्यम से अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर मोबाइल नंबर के जरिए पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद किसान को ई-टोकन प्राप्त होता है। इस टोकन के आधार पर किसान के उपलब्ध रकबे के अनुसार निर्धारित आवश्यक मात्रा में उर्वरक प्राप्त किया जा सकता है। किसान संबंधित सेवा सहकारी समिति अथवा अपनी सुविधा के अनुसार निजी उर्वरक विक्रेता से उर्वरक खरीद सकता है। इस व्यवस्था से उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के साथ ही किसानों के समय की बचत हो रही है और उन्हें उर्वरक प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने की समस्या से राहत मिली है।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने साझा की व्यवस्था की जानकारी -
   छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों के दल के साथ कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने जिले में किसानों के हित में लागू की गई इस नवीन एवं पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों को दी तथा ई-विकास पोर्टल की कार्यप्रणाली से संबंधित मार्गदर्शन प्रदान किया। छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि एवं संयुक्त सचिव कृषि श्री राहुल देव, संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.एल. धुरंधर तथा संवर्ग अधिकारी ग्रेड-1, एपेक्स जिला सहकारी बैंक श्री पंकज सोढ़ी अध्ययन दल में शामिल रहे।
 
मार्कफेड वितरण केन्द्र का किया भ्रमण -
    भ्रमण के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के दल ने मार्कफेड के उर्वरक वितरण केन्द्र का निरीक्षण किया। यहां दल के सदस्यों ने ई-विकास प्रणाली की बारीकियों को समझा और उपस्थित किसानों से भी ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के अनुभवों एवं प्रक्रिया की जानकारी ली। कृषि विभाग के प्रभारी उप संचालक श्री अशोक सिंह कौरव, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विशाल यादव एवं कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुरेश कुमार सिसौदिया, सहकारिता विभाग से श्री विजय साहू तथा जिला विपणन अधिकारी श्रीमती राखी रघुवंशी ने अध्ययन दल को ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन जनरेट करने से लेकर उर्वरक उठाव तक की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई।
 
निजी उर्वरक विक्रेता एवं पैक्स इमलिया का भी अवलोकन -
     अध्ययन दल द्वारा निजी उर्वरक विक्रेता पीतलिया सीड्स एंड फर्टिलाइजर पहुंचकर ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण की व्यवस्था का अवलोकन किया गया। इसके बाद दल ने पैक्स इमलिया पहुंचकर ई-टोकन व्यवस्था की प्रक्रिया देखी तथा वहां उपस्थित किसानों से चर्चा कर व्यवस्था के संबंध में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। छत्तीसगढ़ से आए अधिकारियों ने विदिशा जिले में ई-विकास प्रणाली के संचालन, ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण तथा सहकारी एवं निजी विक्रेताओं के स्तर पर अपनाई जा रही प्रक्रिया का अध्ययन किया। इस दौरान किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित उर्वरक वितरण के लिए अपनाई गई व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की गई। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>