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PRO JS VIDISHA

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दीपावली पर खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने खाद्य सुरक्षा प्रशासन का सघन अभियान, जिलेभर में मिठाई, दूध और नमकीन के नमूने लिए
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जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे नमूने, रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों पर होगी वैधानिक कार्रवाई
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विदिशा। दीपावली पर्व पर आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिलेभर में सघन निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण अभियान संचालित किया जा रहा है। त्योहार के दौरान मिठाई, दूध एवं दुग्ध उत्पादों, नमकीन तथा अन्य खाद्य पदार्थों की मांग में होने वाली वृद्धि को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की सतत निगरानी की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों द्वारा मिठाई दुकानों, किराना प्रतिष्ठानों, दूध डेयरियों एवं भोजनालयों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा 2  से 5 नवंबर  तक जिले के विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। इस दौरान मावा, मावा बर्फी, कलाकंद, मलाई बर्फी, दूध पेड़ा, बेसन लड्डू, सोन पपड़ी, गुलाब जामुन, नमकीन, दाल, दूध, पनीर, वनस्पति सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं।

 ▪️ सोमवार को गंजबासौदा, लटेरी एवं शमशाबाद में कार्रवाई -
    अभियान के पहले दिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कुदसिया खान द्वारा गंजबासौदा के अंबानगर स्थित अशोक टी स्टाल से मावा बर्फी एवं पोहा नमकीन के नमूने लिए गए। विकास किराना स्टोर से सौंफ एवं मूंगफली दाना तथा अभिषेक किराना भंडार से तुअर दाल एवं मूंग दाल के नमूने संग्रहित किए गए। इसी दिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सारिका गुप्ता द्वारा लटेरी स्थित शीतल दूध डेयरी से गाय एवं भैंस के दूध के नमूने लिए गए। श्री बालाजी मिष्ठान भंडार से कलाकंद, मलाई बर्फी एवं अंजीर बर्फी तथा शमशाबाद के महानीम चौराहा स्थित साहू रेस्टोरेंट से गुलाब जामुन, मावा एवं बेसन लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना अर्शिया द्वारा लटेरी स्थित भाग्योदय मिल्क चिलिंग सेंटर से मिश्रित दूध तथा शर्मा मिष्ठान से मावा बर्फी, दूध पेड़ा एवं बेसन लड्डू के नमूने जांच के लिए लिए गए।

▪️ मंगलवार को विदिशा के मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण -
     अभियान के तहत 3 नवंबर को विदिशा शहर में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कुदसिया खान द्वारा चौरसिया स्वीट्स से मिल्क केक, धनिया मिक्सचर नमकीन, सेव नमकीन एवं मावा बर्फी के नमूने लिए गए। वहीं रामजी मिठाईवाला से मलाई बर्फी, दूध कतली एवं मावा बर्फी के नमूने संग्रहित किए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सारिका गुप्ता द्वारा यश स्वीट्स से बेसन लड्डू, मिल्क केक एवं मावा बर्फी तथा राजस्थान स्वीट्स से बीकानेरी बर्फी, मलाई बर्फी एवं चॉकलेट बर्फी के नमूने जांच हेतु लिए गए।

▪️ विदिशा, पथरिया एवं सिरोंज में नमूना संग्रहण -
      बुधवार 4 नवंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कुदसिया खान द्वारा विदिशा स्थित गोपल स्वीट्स से मावा पेड़ा, मलाई बर्फी एवं दूध पेड़ा तथा ब्रिज स्वीट्स से मलाई बर्फी के नमूने लिए गए। हरीश ट्रेडर्स, रायसेन गेट विदिशा से मावा का नमूना संग्रहित किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना अर्शिया द्वारा पथरिया स्थित महाकाल स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट से मावा पेड़ा एवं मावा के नमूने लिए गए। सिरोंज बस स्टैंड स्थित राजेंद्र मिष्ठान भंडार से बेसन लड्डू एवं नमकीन सेव तथा श्री गुरु जी दूध डेयरी से गाय, भैंस एवं मिश्रित दूध के साथ खोपरा बर्फी एवं बेसन लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए।
     
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सारिका गुप्ता द्वारा सिरोंज के देवेंद्र मिष्ठान भंडार से बेसन लड्डू एवं दाल चूड़ा, ग्राम पथरिया स्थित शिव आइसक्रीम से नाकोड़ा सोन पपड़ी एवं मावा बर्फी तथा पथरिया रोड स्थित शिव शंकर किराना से वनस्पति का नमूना जांच के लिए लिया गया।

 ▪️ गंजबासौदा में निरीक्षण -
    5 नवंबर को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा गंजबासौदा क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संग्रहण की कार्रवाई की गई। इस दौरान हर गंगे भोजनालय से पकी हुई दाल, पनीर एवं ग्रेवी के नमूने लिए गए। वहीं शरद स्वीट्स से बेसन एवं मावा बर्फी के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किए गए।

▪️ जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी वैधानिक कार्रवाई -
     खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा अभियान के दौरान संग्रहित किए गए सभी खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप स्थिति के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान आमजन के स्वास्थ्य एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, निगरानी एवं नमूना संग्रहण अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि दीपावली का पर्व प्रत्येक परिवार के लिए खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खानपान का अवसर बने तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
जनसुनवाई में मिली शिकायत का विद्युत विभाग ने किया निराकरण 
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जांच के बाद उपभोक्ता का विद्युत कनेक्शन पुनः 12 एचपी से 10 एचपी किया, शिकायतकर्ता बलराम सिंह कार्यवाही से संतुष्ट 
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विदिशा।  कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा आयोजित जनसुनवाई में आम नागरिकों की विद्युत संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम मानपुर निवासी श्री बलराम सिंह की अधिक विद्युत बिल आने संबंधी शिकायत का विद्युत विभाग द्वारा निराकरण किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मानपुर निवासी श्री बलराम सिंह ने अपने विद्युत कनेक्शन क्रमांक 2027012910 का बिजली बिल अधिक आने के संबंध में 28 जुलाई 2026 को जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत किया था। कलेक्टर के माध्यम से प्राप्त उक्त शिकायत पर विद्युत विभाग द्वारा जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की गई।

इस संबंध में विद्युत विभाग के उपमहाप्रबंधक, विदिशा संभाग द्वारा पत्र क्रमांक 3974 दिनांक 15 अक्टूबर 2026 के माध्यम से अवगत कराया गया कि शिकायतकर्ता ने पूर्व में 10 हॉर्स पावर (एचपी) क्षमता का विद्युत कनेक्शन लिया था। विभागीय जांच के दौरान उनके कनेक्शन पर 12 एचपी का विद्युत भार पाया गया था। इसके आधार पर कंपनी के नियमानुसार कनेक्शन की क्षमता 10 एचपी से बढ़ाकर 12 एचपी कर दी गई थी। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता का विद्युत देयक भी 12 एचपी के आधार पर जारी होने लगा था।

इस पर उपभोक्ता द्वारा जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के निराकरण के लिए विद्युत विभाग द्वारा पुनः उनकी विद्युत मोटर की जांच की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा नई 10 एचपी क्षमता की मोटर स्थापित किए जाने की पुष्टि होने पर विभाग ने विद्युत कनेक्शन का भार पुनः 12 एचपी से घटाकर 10 एचपी कर दिया। इसके साथ ही उपभोक्ता का विद्युत देयक भी 10 एचपी की क्षमता के अनुसार संशोधित कर दिया गया है। विद्युत विभाग द्वारा की गई इस कार्यवाही से शिकायतकर्ता श्री बलराम सिंह संतुष्ट हैं। इस प्रकार जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत का तकनीकी जांच एवं नियमानुसार कार्यवाही कर समाधान सुनिश्चित किया गया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
क्षतिग्रस्त विद्युत पोल बदलकर खेजड़ा पड़रात के किसानों को मिला निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ 
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जन आकांक्षा पोर्टल पर प्राप्त शिकायत का विद्युत विभाग ने किया त्वरित निराकरण 
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विदिशा। जिले में आम नागरिकों एवं किसानों की विद्युत संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जन आकांक्षा पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के निराकरण के बाद गुलाबगंज तहसील के ग्राम खेजड़ा पड़रात के किसानों को अब निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्यारसपुर विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम खेजड़ा पड़रात निवासी श्री हरजेश लोधी द्वारा बिजली उपलब्ध नहीं होने के संबंध में 7 जुलाई 2026 को जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत जन आकांक्षा पोर्टल पर क्रमांक 722384 के तहत दर्ज की गई थी।

शिकायत के निराकरण के लिए विद्युत विभाग द्वारा जांच की गई। उपमहाप्रबंधक, द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार के ग्राम खेजड़ा पड़रात के किसानों को सिहोद फीडर की ओर विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही थी। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्राम में 11 केवी विद्युत लाइन के क्षतिग्रस्त पोल बदलने एवं लाइन सुधार का कार्यादेश क्रमांक 97 दिनांक 4 अगस्त 2026 के अंतर्गत कार्य पूर्ण कराया गया। विद्युत लाइन का सुधार कार्य पूरा होने के बाद वर्तमान में ग्राम खेजड़ा पड़रात के किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।

इस प्रकार जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत पर संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर विद्युत समस्या का निराकरण सुनिश्चित किया गया है। इससे ग्राम के किसानों को बिजली आपूर्ति की समस्या से राहत मिली है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विदिशा जिले के 8 हितग्राहियों को 13 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत 
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने प्रदान की स्वीकृति, दिव्यांग दंपतियों को मिलेगा आर्थिक संबल
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विदिशा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा उनके जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विदिशा जिले के 8 हितग्राहियों के प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा 4 नवंबर  को इन सभी प्रकरणों में कुल 13 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को विवाह के उपरांत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा सामाजिक जीवन में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

स्वीकृत प्रकरणों के अनुसार ग्राम सतपाड़ा अहमदपुर, तहसील विदिशा निवासी श्री दीपक अहिरवार एवं श्रीमती प्रीति अहिरवार को वर के 40 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।ग्राम दोलपुरा, तहसील लटेरी निवासी श्रीमती साक्षी यादव एवं श्री नेपाल सिंह को वधु के 100 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है। ग्राम मोतीपुरा, तहसील नटेरन निवासी श्रीमती शीलाबाई एवं श्री हीरालाल धाकड़ को वधु के 50 प्रतिशत सेरेब्रल पाल्सी दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।

ग्राम झिलीपुर, तहसील बासौदा निवासी श्रीमती वंदना अहिरवार एवं श्री शुभम अहिरवार को वर के 40 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। ग्राम धुरेरा, तहसील ग्यारसपुर निवासी श्रीमती शिवानी अहिरवार एवं श्री हेमराज अहिरवार को वधु के 40 प्रतिशत कम दृष्टिबाधित होने पर 2 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। ग्राम डाबर, तहसील विदिशा निवासी श्री धन्नूलाल अहिरवार एवं श्रीमती पूरन अहिरवार को वर के 40 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।

वहीं ग्राम हामिदपुर, तहसील त्योंदा निवासी श्री रामबाबू लोधी एवं श्रीमती सुनीता लोधी को वर एवं वधु दोनों के 100-100 प्रतिशत दृष्टिबाधित होने पर 1 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में ग्राम मढ़ियाधामनोद, तहसील ग्यारसपुर निवासी श्री वाजिद खां एवं श्रीमती फिजा बी को वर के 80 प्रतिशत अस्थिबाधित तथा वधु के 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित होने पर 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।

इस प्रकार दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आठ प्रकरणों में कुल 13 लाख रुपये की सहायता राशि से संबंधित हितग्राही दंपतियों को लाभान्वित किया जाएगा। यह योजना दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन जीने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा उनके वैवाहिक जीवन को आर्थिक संबल प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
दो प्रकरणो में नगद इनाम की घोषणा 
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विदिशा। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के द्वारा थाना गुलाबगंज  जिला विदिशा में दर्ज अपराध क्रमांक 151/2026 के फरार आरोपी जितेन्द्र पुत्र कैलाश आदिवासी, प्रहलाद सिंह पुत्र हल्केराम आदिवासी निवासीगण कालापाठा थाना गुलाबगंज के सूचना देने वालो को क्रमशः तीन-तीन हजार (प्रत्येक पर) रूपए तथा थाना शमशाबाद जिला विदिशा में दर्ज अपराध क्रमांक 298/2026 के फरार पांच आरोपीगण भगवान सिंह पुत्र प्रताप सिंह राजपूत, ओमवीर सिंह पुत्र प्रताप सिंह राजपूत, कुशलवीर सिंह पुत्र सुन्दर सिंह राजपूत, छोटेलाल सिंह उर्फ छुट्टू पुत्र भगवान सिंह राजपूत, राजपाल सिंह पुत्र भगवान सिंह राजपूत निवासीगण डलापाटई थाना शमशाबाद जिला विदिशा  की सूचना देने वालो को क्रमशः एक-एक हजार (प्रत्येक पर) रूपए नगद राशि देने की उद्घोषणा की है। सूचनाकर्ता चाहे तो उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
ग्राम उमरिया की नई बस्ती में 20 परिवारों को मिलेगी विद्युत सुविधा, 2.3 किलोमीटर एलटी लाइन विस्तार का प्रस्ताव तैयार 
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जन आकांक्षा पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के निराकरण की दिशा में विद्युत विभाग ने की पहल, लगभग 150 रहवासियों को मिलेगा लाभ 
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विदिशा। जिले के शमशाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम उमरिया की नई बस्ती (टांडा) में निवासरत परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है। बस्ती में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव बनाया गया है। इससे बस्ती के लगभग 20 से 30 परिवारों के करीब 150 रहवासियों को लाभ मिलने की संभावना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम उमरिया की नई बस्ती में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदक बाबूलाल द्वारा  जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था। यह आवेदन जन आकांक्षा पोर्टल पर शिकायत क्रमांक 607803 के रूप में दर्ज हुआ था। आवेदन में बस्ती में बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।

इस संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के उपमहाप्रबंधक, विदिशा संभाग द्वारा पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि ग्राम उमरिया की नई बस्ती (टांडा), तहसील शमशाबाद में लगभग 20 से 30 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 150 है। यह बसाहट मोटा-4 कार्ययोजना के अंतर्गत 20 अथवा उससे अधिक अविद्युतीकृत घरों की श्रेणी में आती है। विद्युत विभाग द्वारा उक्त बस्ती के विद्युतीकरण के लिए 2.3 किलोमीटर एलटी लाइन विस्तार करने तथा 20 नए विद्युत उपभोक्ताओं को जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव के क्रियान्वयन से बस्ती के रहवासियों को विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

उल्लेखनीय है कि आवेदकगण द्वारा बस्ती में बिजली के साथ-साथ आवागमन के लिए रास्ता, स्कूल, पेयजल हेतु नल कनेक्शन तथा आंगनवाड़ी जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। इन सुविधाओं की उपलब्धता से बस्ती के परिवारों को बेहतर जीवन स्तर, शिक्षा, पेयजल एवं महिला-बाल विकास संबंधी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। जिला प्रशासन द्वारा जन आकांक्षा पोर्टल एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके निराकरण की दिशा में कार्यवाही की जा रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
अवैध मदिरा के विरुद्ध आबकारी एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 40 लीटर कच्ची शराब और 3300 किलो महुआ लहान जब्त कर किया नष्ट 
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विदिशा। जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।  कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार तथा जिला आबकारी अधिकारी श्री विकास त्रिपाठी के मार्गदर्शन में  बुधवार चार नवंबर को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध मदिरा एवं महुआ लहान जब्त किया गया।
जिला आबकारी बल, पुलिस थाना देहात बासौदा एवं पुलिस थाना बासौदा शहर के संयुक्त दल द्वारा गंजबासौदा तहसील के जेल रोड स्थित कंजर टपरों में सामूहिक दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान मौके से 40 लीटर अवैध कच्ची हाथ भट्टी मदिरा बरामद की गई तथा 3200 किलोग्राम महुआ लहान जब्त कर मौके पर ही नष्ट किया गया। जब्त एवं नष्ट की गई सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 3 लाख 28 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत तीन प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए।
इसी क्रम में आबकारी दल द्वारा ग्राम गमाखर में अजय केवट पुत्र श्री लाल केवट, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम गमाखर, थाना बासौदा देहात के घर की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान मौके से 18 पाव देसी प्लेन मदिरा बरामद होने पर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण कायम किया गया।
 
▪️ सिरोंज क्षेत्र में भी तीन प्रकरण दर्ज -
      बासौदा में कार्रवाई के उपरांत आबकारी दल द्वारा सिरोंज क्षेत्र के वजीरपुर टपरे, पामाखेड़ी एवं बांचाखेड़ी में भी दबिश दी गई। इन स्थानों पर की गई कार्रवाई में कुल तीन प्रकरण दर्ज किए गए। मौके से 18 पाव विदेशी मदिरा, 12 पाव देसी मदिरा, 5 लीटर हाथ भट्टी मदिरा तथा 100 किलोग्राम महुआ लहान जब्त किया गया। संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
 
▪️ संयुक्त दल की सक्रियता से अवैध मदिरा कारोबार पर कार्रवाई -
     जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित रूप से कार्रवाई की जा रही है। उक्त कार्रवाई में जिले के समस्त आबकारी स्टाफ एवं पुलिस बल का सराहनीय योगदान रहा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध मदिरा के कारोबार के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
KPI पोर्टल की अगस्त और सितंबर रैंकिंग में विदिशा जिले का लगातार शानदार प्रदर्शन, दोनों माह प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा 
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कृषि एवं संबद्ध विभागों की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग से हासिल हुई उपलब्धि – कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के नेतृत्व में जिले ने सितंबर में 52.24 का स्कोर अर्जित किया 
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विदिशा। राज्य सरकार द्वारा किसानों के सर्वांगीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और कल्याण के उद्देश्य से संचालित कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत विदिशा जिले ने कृषि एवं उससे जुड़े संबद्ध विभागों के कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। शासन के शासकीय की परफॉर्मेंस इंडिकेटर (KPI) पोर्टल पर जारी अगस्त एवं सितंबर 2026 की रैंकिंग में विदिशा जिले ने लगातार प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी कार्यप्रणाली का परिचय दिया है। 
 
अगस्त माह में जिला रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद सितंबर माह में भी जिले ने अपनी इस उपलब्धि को बरकरार रखा है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के नेतृत्व, मार्गदर्शन और विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप जिले ने अगस्त माह में 42.95 का जिला स्कोर अर्जित किया, जबकि सितंबर माह में यह स्कोर बढ़कर 52.24 हो गया। स्कोर में हुई यह उल्लेखनीय वृद्धि जिले में कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा विभागों के समन्वित प्रयासों को दर्शाती है। इस उपलब्धि से जिले के प्रशासनिक अमले, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और कृषक समुदाय में उत्साह का वातावरण है।

▪️ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन -
     किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने जिले को प्रदेश में शीर्ष स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगस्त माह में विभाग ने 40 के निर्धारित वेटेज में से 14.33 का विभागीय स्कोर प्राप्त किया था। इस दौरान 7,845 के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 7,692 की उपलब्धि दर्ज की गई तथा सभी पांच स्वीकृत प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) शत-प्रतिशत पूर्ण किए गए। नोडल स्तर पर एक भी प्रकरण लंबित नहीं रहा। वहीं सितंबर माह में विभाग ने अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए 40 के वेटेज में से 19.18 का स्कोर अर्जित किया। इस अवधि में 19,785 के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 20,274 की उपलब्धि दर्ज की गई। विभाग के सभी सात स्वीकृत KPI शत-प्रतिशत पूर्ण रहे तथा नोडल स्तर पर कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहा। यह उपलब्धि कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक शासकीय सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है।

 ▪️ सहकारिता विभाग ने समयबद्ध क्रियान्वयन से बनाई मजबूत स्थिति - 
      सहकारिता विभाग द्वारा वित्तीय एवं सहकारी सेवाओं के प्रभावी और समयबद्ध संचालन में उल्लेखनीय कार्य किया गया। अगस्त माह में विभाग ने 12.70 का स्कोर प्राप्त किया। निर्धारित 7,081 के लक्ष्य के विरुद्ध 6,455.90 की उपलब्धि दर्ज की गई तथा दोनों स्वीकृत KPI निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए गए। सितंबर माह में विभाग ने 12.96 का स्कोर अर्जित किया। इस दौरान 7,081 के लक्ष्य के विरुद्ध 6,527.99 की उपलब्धि दर्ज की गई। विभाग के दोनों स्वीकृत KPI समयसीमा में पूर्ण किए गए। सहकारिता क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्यप्रणाली ने जिले की समग्र रैंकिंग को मजबूती प्रदान की है।

 ▪️ पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की -
      पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने भी जिले की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अगस्त माह में विभाग ने 8.41 का स्कोर अर्जित करते हुए 5,74,190 के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 6,52,785 की उपलब्धि हासिल की। सितंबर माह में विभाग का प्रदर्शन और बेहतर रहा। विभाग ने 12.60 का स्कोर प्राप्त किया तथा 5,74,263 के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 7,27,604 की उपलब्धि दर्ज की। इस प्रकार विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक कार्य करते हुए पशुपालकों के हित में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया। सितंबर माह में विभाग के सभी छह KPI भी सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए।

▪️ मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि _
      मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग ने दोनों माह में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। अगस्त एवं सितंबर माह में विभाग ने 7.50 का स्कोर प्राप्त किया। विभाग द्वारा निर्धारित 90 के लक्ष्य के विरुद्ध 750 की उपलब्धि दर्ज की गई, जो लक्ष्य की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति को प्रदर्शित करती है। मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में विभाग के प्रयास सराहनीय रहे हैं।

 ▪️ उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण पर भी विशेष जोर -
      उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत सितंबर माह में 64 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस क्षेत्र में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी है। कृषि आधारित गतिविधियों के विस्तार, किसानों को विविध फसलों की ओर प्रोत्साहित करने और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

▪️ टीम वर्क, समन्वय और सतत मॉनिटरिंग से मिली सफलता -
      जिला कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों, मैदानी अमले की सक्रियता और किसानों के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उनका लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। कलेक्टर श्री गुप्ता के मार्गदर्शन में विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा, मैदानी स्तर पर प्रगति का आकलन और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जवाबदेही के साथ किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक परिणाम KPI पोर्टल की रैंकिंग में सामने आया है।

विदिशा जिले का लगातार दो माह तक प्रदेश में प्रथम स्थान पर बने रहना इस बात का प्रमाण है कि समन्वित प्रयासों, बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन और योजनाओं की प्रभावी निगरानी से विकास के लक्ष्यों को नई गति दी जा सकती है। जिले ने न केवल अपनी पहली रैंकिंग बरकरार रखी है, बल्कि अगस्त के 42.95 के मुकाबले सितंबर में 52.24 का स्कोर हासिल कर अपने प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। यह उपलब्धि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने की दिशा में विदिशा जिले की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल 
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विदिशा। आनंद विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल आज सिरोंज में कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल के द्वारा सिरोंज में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से किया गया। इसके उपरांत समाज बंधुओ ने प्रभारी मंत्री श्री पटेल का शाल श्रीफल व फूल-माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
     
प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया तथा उपस्थित समाजजनों को आगामी दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके जीवन से हमें राष्ट्रसेवा, एकता और समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रेरणास्रोत हैं।
     
प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने समाज के लोगों से अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षा ही उन्नति का सबसे सशक्त माध्यम है। शिक्षित युवा न केवल अपने परिवार का बल्कि समाज और देश का भी बेहतर भविष्य निर्माण करते हैं। उन्होंने समाजजनों को नशामुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि नशामुक्त जिला बनाने की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर से करनी होगी। जब परिवार स्तर पर नशे के विरुद्ध जागरूकता और संकल्प विकसित होगा, तब गांव और जिला स्वतः नशामुक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
      
प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने समाज के लोगों से आपसी एकता, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलजुलकर समाज की प्रगति के लिए कार्य करें। छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव बढ़ाने के बजाय एक-दूसरे का सहयोग करें तथा आपसी बुराइयों को दूर कर विकास और सामाजिक उत्थान के मार्ग पर आगे बढ़ें। कार्यक्रम में कुर्मी क्षत्रिय समाज के वरिष्ठजन, समाज बंधु एवं संगठन के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
त्योहारों के मद्देनजर एसडीएम मोतीलाल अहिरवार ने किया पठारी तहसील का निरीक्षण 
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स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन में धीमी प्रगति पर पटवारी को मुख्यालय से हटाया, तीन दिन में प्रगति सुधारने के निर्देश 
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विदिशा। आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए आमजन की सुविधाओं, आवश्यक व्यवस्थाओं, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, गौवंश की देखभाल एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुरवाई एसडीएम श्री मोतीलाल अहिरवार ने पठारी तहसील का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व कार्यों की समीक्षा के साथ ही स्थानीय हाट बाजार, खाद्य पदार्थों की दुकानों, गौशालाओं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा दीपावली पर पटाखा विक्रय के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 स्वामित्व योजना के कार्यों की समीक्षा, पटवारी को नोटिस 

एसडीएम श्री अहिरवार ने  पठारी तहसील मुख्यालय पर पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों की बैठक लेकर स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन कार्य की हल्कावार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पठारी मुख्यालय पर पदस्थ पटवारी अमृतांश द्वारा स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन का कार्य निर्धारित अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया गया।

पठारी तहसील में कुल 5,541 स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाना है। इनमें से अकेले पठारी मुख्यालय क्षेत्र में 1,545 अभिलेखों का कार्य निर्धारित है, जबकि संबंधित पटवारी द्वारा अब तक मात्र 145 अभिलेखों का ही निष्पादन एवं पंजीयन कराया गया है। कार्य की धीमी प्रगति को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया तथा तत्काल प्रभाव से पठारी मुख्यालय से हटाकर जनगणना कार्य में संलग्न करने के निर्देश दिए।

 तीन दिवस में प्रगति सुधारने के निर्देश 

एसडीएम ने सभी पटवारियों को स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए तीन दिवस में प्रगति में सुधार सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक पटवारी कम से कम एक ग्राम में स्वामित्व योजना का शत-प्रतिशत कार्य धनतेरस तक पूर्ण कराए। सभी हल्का पटवारियों को प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से फील्ड में उपस्थित रहकर कार्य करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

 हाट बाजार का निरीक्षण, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश 

राजस्व अधिकारियों की बैठक के बाद एसडीएम श्री अहिरवार ने स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दीपावली पर्व पर गौवंश को सजाने-संवारने के लिए उपयोग किए जाने वाले पशु आभूषणों की दुकानों का भी जायजा लिया। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान हाट बाजार में खुले खाद्य तेल के विक्रय पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही बाहर से आने वाली मिठाई एवं मावे की गुणवत्ता पर भी सतत नजर रखी जाए, ताकि मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

 गौशालाओं में दीपावली पर गौवंश का होगा विशेष श्रृंगार 

एसडीएम ने पठारी तहसील क्षेत्र की सभी गौशालाओं में दीपावली के पूर्व गौवंश को स्नान कराने तथा सम्मानपूर्वक सजाने-संवारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गौवंश के लिए स्वच्छ एवं पौष्टिक हरे चारे तथा चपरा आदि की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि त्योहारों के दौरान पशुओं को गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही गौशालाओं में पर्याप्त प्रकाश एवं रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।

 दीपावली से पहले शत-प्रतिशत राशन वितरण सुनिश्चित करें 

एसडीएम ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों से दीपावली के पूर्व सभी पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत राशन वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा, ताकि त्योहार के अवसर पर किसी भी पात्र परिवार को राशन प्राप्त करने में परेशानी न हो।

 पटाखा दुकानों के सुरक्षित संचालन के लिए दिए निर्देश 

दीपावली पर्व पर पटाखों के विक्रय की व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के संबंध में एसडीएम ने निर्देश दिए कि पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित प्लॉट खुले में नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए जाएं। दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए तथा आगजनी की संभावनाओं से बचाव के लिए मौके पर पानी के टैंकर, अग्निशमन यंत्र एवं पर्याप्त मात्रा में रेत का स्टॉक उपलब्ध रखा जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने तथा पटाखा विक्रय स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिए, ताकि दीपावली के दौरान आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकें।

एसडीएम श्री मोतीलाल अहिरवार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान आमजन की सुविधाओं, सुरक्षा एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी सौंपे गए दायित्वों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित किया जाए।
वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन से बढ़ेगी दूध की गुणवत्ता और पशुओं की उत्पादकता 
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सीआईआई द्वारा विदिशा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, पशुपालक किसानों को आधुनिक तकनीकों की दी गई जानकारी 
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विदिशा। जिले के डेयरी क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाने, पशुपालक किसानों की आय में वृद्धि करने तथा पशुओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा बुधवार को अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के पशुपालक किसानों को डेयरी व्यवसाय से संबंधित वैज्ञानिक तकनीकों, पशु पोषण, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन तथा पशुओं के बेहतर प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीआईआई-फेस, नई दिल्ली की प्रोजेक्ट मैनेजर सुश्री श्रुति शर्मा, विषय विशेषज्ञ श्री जितेंद्र साहू (पूर्व एनडीडीबी), मोहाली, पंजाब, सीआईआई इंदौर के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री विनय शर्मा, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र विदिशा की महाप्रबंधक श्रीमती जयंती कुमारी, लीड बैंक अधिकारी श्री भगवान सिंह बघेल, नाबार्ड की डीजीएम श्रीमती जगप्रीत कौर, पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. आकाश शुक्ला एवं डॉ. संजय भारती, आरसेटी के निदेशक श्री जी.आर. बंसल, कृषि महाविद्यालय गंजबासौदा के वैज्ञानिक तथा पीएनबी विदिशा के फार्मर ट्रेनिंग सेंटर के निदेशक सहित जिले के पशुपालक किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सूद द्वारा डेयरी व्यवसाय को लाभदायक बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने दूध निकालने की बेहतर एवं स्वच्छ तकनीक, पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल, संतुलित पशु आहार एवं पोषण तथा गर्मियों के मौसम में पशुओं को हीट स्ट्रेस (गर्मी के तनाव) से बचाने के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने वैज्ञानिक एवं स्वच्छ तरीकों को अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पशुओं के उचित स्वास्थ्य प्रबंधन और बेहतर पोषण से दूध उत्पादन तथा उसकी गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

नाबार्ड की डीजीएम श्रीमती जगप्रीत कौर ने पशुपालक किसानों को पशु किसान क्रेडिट कार्ड (पशु केसीसी) योजना की जानकारी देते हुए इसके माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं एवं पशुपालन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मिलने वाली सहायता के बारे में बताया। इसी क्रम में कृषि महाविद्यालय गंजबासौदा के कृषि वैज्ञानिक एवं आरसेटी निदेशक श्री जी.आर. बंसल ने पशुओं के लिए भूसे का यूरिया उपचार करने की वैज्ञानिक विधि समझाई। साथ ही कम लागत में पौष्टिक कंसंट्रेट पशु आहार तैयार करने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर पशु आहार की लागत कम करने के साथ पशुओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराया जा सकता है।

प्रशिक्षण में बताया गया कि दूध की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और पशुओं का स्वास्थ्य एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। डेयरी व्यवसाय में स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य देखभाल और वैज्ञानिक पशु प्रबंधन को अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालक किसानों को पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ना है, ताकि वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर डेयरी गतिविधियों को अधिक लाभदायक बना सकें। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को दी गई व्यावहारिक जानकारी से जिले में डेयरी क्षेत्र के विकास, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से पटवारियों के हल्कों में किया गया परिवर्तन 
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एसडीएम मोतीलाल अहिरवार ने जारी किया आदेश, तत्काल प्रभाव से लागू होंगे नवीन दायित्व 
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विदिशा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरवाई श्री मोतीलाल अहिरवार द्वारा प्रशासनिक कार्य सुविधा एवं राजस्व कार्यों के सुचारू संचालन की दृष्टि से तहसील पठारी में पदस्थ पटवारियों के मध्य हल्का परिवर्तन किया गया है। इस संबंध में 4 नवंबर  को आदेश जारी किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार पटवारी श्री हेमराज राजपूत के वर्तमान हल्का क्रमांक 05-भालबामोरा में परिवर्तन करते हुए उन्हें हल्का क्रमांक 16-पठारी का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही भालबामोरा हल्के का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहेगा। इसी प्रकार पटवारी श्री अमृतांश कटियार, जो वर्तमान में हल्का क्रमांक 16-पठारी में पदस्थ थे, उन्हें जनगणना कार्यालय पठारी से संबंधित दायित्व सौंपा गया है।

एसडीएम श्री मोतीलाल अहिरवार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। हल्कों में किए गए इस प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य राजस्व कार्यों के बेहतर संचालन तथा आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराना है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
दीपावली पर्व के मद्देनजर विदिशा नगर के चिंहित क्षेत्रों में  20 नवंबर तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित 
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जनसुरक्षा एवं सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम मनीष कुमार जैन ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश 
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विदिशा। दीपावली पर्व के दौरान नगर के प्रमुख मार्गों एवं बाजार क्षेत्रों में संभावित भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए जनसुरक्षा, सुचारू यातायात व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से विदिशा नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस संबंध में अनुविभागीय दण्डाधिकारी विदिशा श्री मनीष कुमार जैन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, दिनांक 4  से 20 नवंबर 2026 की रात्रि 12 बजे तक विवेकानंद चौराहा (ईदगाह चौराहा) से नीमताल, दुर्गानगर तथा पीतलमील चौराहा से नगर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि दीपावली पर्व के दौरान नगर के प्रमुख मार्गों पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित होने की संभावना रहती है। ऐसी स्थिति में यातायात जाम, संभावित दुर्घटनाओं एवं अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका को रोकने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, प्रतिबंधित मार्गों से एम्बुलेंस एवं अन्य आकस्मिक सेवाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित वाहनों को आवागमन की छूट रहेगी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश सर्वसाधारण के लिए प्रभावशील रहेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
बालिका संप्रेक्षण गृह की बालिकाओं के हुनर से सजा दीपावली स्टॉल, 8 हजार रुपये के उत्पादों का हुआ विक्रय 
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जिला न्यायालय परिसर में हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री बनी आकर्षण का केंद्र, प्रधान मजिस्ट्रेट ने की बालिकाओं के हुनर की सराहना 
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विदिशा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बालिका संप्रेक्षण गृह में निवासरत बालिकाओं को कौशल विकास, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। दीपावली पर्व के अवसर पर इन बालिकाओं ने अपने हुनर, मेहनत और रचनात्मक सोच से विभिन्न प्रकार की आकर्षक एवं उपयोगी हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री और दीपावली से संबंधित उत्पाद तैयार किए। इन उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए जिला न्यायालय परिसर विदिशा में विशेष स्टॉल लगाया गया, जो आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

प्रशिक्षक श्रीमती सोनिला डेविड के मार्गदर्शन में बालिकाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों को स्टॉल पर प्रदर्शित किया गया। बालिकाओं की कलात्मक प्रतिभा और मेहनत से तैयार इन वस्तुओं को न्यायालय परिसर में पहुंचे लोगों ने खूब सराहा तथा उत्साहपूर्वक क्रय भी किया। स्टॉल के माध्यम से कुल 8 हजार रुपये की बिक्री हुई।

इस अवसर पर माननीय अतिरिक्त जिला जज श्री राजेश शर्मा एवं माननीय प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड श्रीमती संचिता भदकारिया ने स्टॉल का अवलोकन कर बालिकाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया।

इसके साथ ही माननीय अतिरिक्त जिला जज श्री राजेश शर्मा द्वारा बालिका संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण भी किया गया। उन्होंने वहां निवासरत बालिकाओं से आत्मीय संवाद कर उनकी स्थिति एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने अधीक्षक श्रीमती आकांक्षा मरावी को बालिकाओं की नियमित काउंसलिंग कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता कांसवा के निर्देशन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना, उनमें व्यावहारिक कौशल विकसित करना तथा आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत बनाना है। स्टॉल से प्राप्त 8 हजार रुपये की विक्रय राशि का उपयोग बालिका संप्रेक्षण गृह में निवासरत बालिकाओं के लिए चांदी के आभूषण क्रय करने में किया जाएगा।

यह पहल बालिकाओं में आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के साथ ही उनके प्रति समाज में अपनत्व एवं सद्भावना का संदेश भी देती है। महिला एवं बाल विकास विभाग के इस प्रयास से बालिकाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, हुनर को निखारने और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: आशंकाओं से उम्मीद तक : आयुष्मान योजना से 12 वर्षीय राज सेन के हृदय को मिला नया जीवन 
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RBSK एवं जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र की सतत काउंसलिंग से सर्जरी के लिए तैयार हुए अभिभावक, मुंबई में निःशुल्क हुई हृदय शल्य चिकित्सा 
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विदिशा। कभी-कभी किसी बच्चे को नया जीवन देने के लिए केवल बेहतर चिकित्सा सुविधा ही नहीं, बल्कि परिवार का विश्वास जीतना और सही समय पर उचित मार्गदर्शन देना भी जरूरी होता है। ऐसी ही प्रेरणादायक सफलता की कहानी विदिशा जिले के नटेरन क्षेत्र के ग्राम सोमवारा निवासी 12 वर्षीय राज सेन की है, जिसे समय पर उपचार और शासकीय स्वास्थ्य योजना के सहयोग से नया जीवन मिला है। राज सेन, पिता श्री मुकेश सेन, हृदय रोग से पीड़ित था तथा चिकित्सकों द्वारा उसे हृदय की सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी। हालांकि, शुरुआत में उसके अभिभावक सर्जरी कराने को लेकर आशंकित थे और इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे। ऐसे में बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम एवं जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

टीम ने हार नहीं मानते हुए लगातार अभिभावकों से संपर्क किया और उनकी काउंसलिंग की। उन्हें बच्चे की बीमारी की गंभीरता, समय पर उपचार की आवश्यकता तथा हृदय शल्य चिकित्सा के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। निरंतर संवाद, संवेदनशील समझाइश और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों से अभिभावकों का विश्वास बढ़ा और अंततः वे बच्चे की सर्जरी कराने के लिए सहमत हो गए। अभिभावकों की सहमति के बाद राज सेन को उपचार के लिए मुंबई स्थित एसआरसीसी (SRCC) हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां 21 अक्टूबर 2026 को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उसकी हृदय शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। विशेष बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत राज की यह सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की गई, जिससे परिवार को उपचार के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

राज के उपचार की सफलता ने उसके परिवार की उन आशंकाओं को उम्मीद और खुशियों में बदल दिया, जो कभी सर्जरी को लेकर उनके मन में थीं। आज यह परिवार अपने बच्चे के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में RBSK टीम एवं जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) की निरंतर काउंसलिंग, समर्पण और संवेदनशील कार्यशैली सराहनीय रही। यह सफलता दर्शाती है कि बच्चों में गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, अभिभावकों को उचित परामर्श, उपचार के लिए सतत प्रयास तथा शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

राज सेन की यह कहानी केवल हृदय शल्य चिकित्सा की सफलता नहीं, बल्कि विश्वास, सेवा, समर्पण और उम्मीद की जीत का उदाहरण है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि कोई भी बच्चा उपचार के अभाव में स्वस्थ जीवन जीने के अवसर से वंचित न रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जनसुनवाई से भूमि पर कब्जा मिला 
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कलेक्टर के निर्देशों का त्वरित पालन हुआ आवेदक  की समस्या हल हुई 
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विदिशा। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनसुनवाई में शमशाबाद तहसील के ग्राम पाटन निवासी आवेदक मनूलाल ने अपनी भूमि पर कब्जा दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदक ने आवेदन में उल्लेख किया कि ग्राम पप्पूखेड़ी में स्थित उसकी भूमि, जिसका कुल रकबा 2.000 हेक्टेयर है, में से कुछ भूमि पर अन्य व्यक्तियों का कब्जा है। इस संबंध में तहसीलदार शमशाबाद द्वारा प्रकरण क्रमांक 0058/37-70/2025-2667 मे आदेश पारित किया गया है। आवेदक ने कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता से अनुरोध किया कि तहसीलदार के आदेश के अनुरूप उसे संबंधित भूमि का वास्तविक कब्जा दिलाया जाए, ताकि वह अपनी भूमि का उपयोग कर सके। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। क्षेत्र के तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर आवेदक को भूमि पर कब्जा दिलाया है। जनसुनवाई के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन प्राप्त कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई हेतु प्रेषित किए जाते हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
खाद्य आयोग की मंशानुरूप पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें – प्रो. वीरेन्द्र कुमार मल्होत्रा 
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राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने विदिशा प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की गहन समीक्षा की 
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विदिशा। मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र कुमार मल्होत्रा ने आज विदिशा जिले के प्रवास के दौरान आयोग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं उनके क्रियान्वयन की विभागवार समीक्षा की। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग की मंशानुरूप निर्धारित पात्रता एवं दायरे में आने वाले सभी हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

आयोग अध्यक्ष प्रो. मल्होत्रा ने खाद्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने की व्यवस्था तथा मैदानी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय पर उनका लाभ सहजता से प्राप्त हो। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि पात्रता संबंधी प्रक्रियाओं अथवा विभागीय समन्वय के अभाव में किसी भी हितग्राही को परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रो. मल्होत्रा ने कहा कि आधुनिक संचार के इस युग में सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव है। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तत्परता और शुद्धता बनाए रखना आवश्यक है। योजनाओं से संबंधित जानकारी हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा पात्रता एवं लाभ वितरण से जुड़े अभिलेखों और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करें और मैदानी स्तर पर व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि आयोग के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उक्त बैठक में सदस्यगणों के अलावा अपर कलेक्टर श्रीमती मीना मेसराम, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सुरभि तिवारी एसडीएम मनीष जैन,डीपीओ श्रीमती विनीता लोढ़ा एवं परियोजना अधिकारियो के साथ साथ अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
जिला स्तरीय इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता का आयोजन, पाइप बैंड में ओलंपस हाई स्कूल एवं ब्रास बैंड में ट्रिनिटी कॉन्वेंट स्कूल ने मारी बाजी
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भोपाल में 5 नवंबर को आयोजित होगी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता, विजेता प्रतिभागियों को दी गई शुभकामनाएं
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विदिशा। पीएम श्री महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पाइप बैंड एवं ब्रास बैंड की विभिन्न श्रेणियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता की नोडल अधिकारी एवं विद्यालय की प्राचार्य डॉ. दीप्ति शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में पाइप बैंड श्रेणी (बालक एवं बालिका) तथा ब्रास बैंड श्रेणी (बालक एवं बालिका) के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के परिणामों में पाइप बैंड श्रेणी में ओलंपस हाई स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ब्रास बैंड श्रेणी में ट्रिनिटी कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता का निर्णय निर्णायक समिति के सदस्य श्रीमती अमिता बिसानी, श्री सुनील श्रीवास्तव, श्री ओमप्रकाश चौबे, श्री विवेक श्रीवास्तव एवं श्रीमती सरोज मैना द्वारा किया गया। प्राचार्य डॉ. दीप्ति शुक्ला ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी आगामी 5 नवंबर को भोपाल में आयोजित होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सहभागिता करेंगे। प्रत्येक बैंड दल में 25 से 33 प्रतिभागी शामिल होंगे। पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर तथा ब्रास बैंड प्रतियोगिता का आयोजन जवाहर स्कूल, भोपाल में किया जाएगा। अंत में निर्णायक समिति के सदस्यों एवं नोडल अधिकारी द्वारा विजयी विद्यालयों के प्रतिभागियों को बधाई एवं संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी गईं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=education nis:value=education nis:enabled=true nis:link/>
खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने गांवों में पहुंचे राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष प्रो. मल्होत्रा 
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उचित मूल्य दुकानों, पीएम पोषण आहार एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, बच्चों और महिलाओं से किया सीधा संवाद 
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विदिशा। मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र कुमार मल्होत्रा ने आज विदिशा जिले के प्रवास के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर खाद्य सुरक्षा एवं पोषण से जुड़ी शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पठारी हवेली तथा चिढ़ोरिया ग्राम पहुंचकर शासकीय उचित मूल्य दुकानों, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण) के तहत मध्यान्ह भोजन वितरण व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।

आयोग अध्यक्ष प्रो. मल्होत्रा ने निरीक्षण के दौरान उचित मूल्य दुकानों से हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था, उपलब्ध खाद्यान्न तथा संबंधित अभिलेखों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संधारित पंजीयों एवं अभिलेखों का अवलोकन करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित आवश्यक जानकारियां लीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद कर यह समझने का प्रयास किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक किस प्रकार पहुंच रहा है।

स्कूलों में संचालित पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत स्कूली बच्चों को प्रदाय मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का जायजा लेते हुए आयोग अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से मध्यान्ह भोजन की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं नियमित वितरण के संबंध में सीधे बातचीत की। उन्होंने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू के अनुसार भोजन मिलने की जानकारी भी प्राप्त की, ताकि योजना के वास्तविक क्रियान्वयन का आकलन किया जा सके। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों एवं महिलाओं को प्रदाय किए जाने वाले खाद्यान्न तथा पोषण आहार की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। 

हितग्राहियों से संवाद कर खाद्यान्न की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से क्रॉस मॉनिटरिंग की। साथ ही संबंधित अभिलेखों एवं पंजीयों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया। आयोग अध्यक्ष का यह ग्रामीण भ्रमण खाद्य सुरक्षा एवं पोषण संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण भ्रमण के दौरान पीएम पोषण आहार की जिला समन्वयक श्रीमती कृति चौहान, सहायक आपूर्ति अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सम्राट अशोक सागर बांध की नहरों में रबी सिंचाई के लिए जल प्रवाह प्रारंभ 
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कृषक आवश्यकता अनुसार ही करें पानी का उपयोग, जल की बर्बादी रोकने की अपील
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विदिशा।  सम्राट अशोक सागर परियोजना (हलाली)के कमांड क्षेत्र में रबी फसलों की सिंचाई के लिए बांध की नहरों में रविवार 1 नवंबर से जल प्रवाह प्रारंभ कर दिया गया है। इस संबंध में सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक-2 विदिशा के कार्यपालन यंत्री द्वारा सर्वसाधारण एवं कमांड क्षेत्र के समस्त कृषकों को सूचना जारी कर आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जारी सूचना में बताया गया है कि इस वर्ष कम वर्षा होने के कारण जल का समुचित एवं विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषकों से आग्रह किया गया है कि वे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग अपनी फसल की आवश्यकता के अनुसार ही करें तथा अनावश्यक रूप से पानी बहने और उसकी बर्बादी को रोकें।
कार्यपालन यंत्री ने विशेष रूप से ऐसे कृषकों से अपने खेतों के कुलावे (जल निकासी एवं सिंचाई के लिए बनाए गए मार्ग) बंद रखने की अपील की है, जिनके खेतों में धान अथवा अन्य फसलें पहले से खड़ी हैं और जिन्हें वर्तमान में सिंचाई के पानी की आवश्यकता नहीं है। कुलावे खुले रहने से खेतों में अनावश्यक पानी पहुंच सकता है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका रहती है। सम्राट अशोक सागर परियोजना के कमांड क्षेत्र के सभी कृषकों से नहरों के जल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, जल संरक्षण में सहयोग देने तथा आवश्यकता के अनुरूप ही सिंचाई करने की अपेक्षा की गई है, ताकि उपलब्ध जल का उपयोग अधिकाधिक कृषकों की जरूरतों को पूरा करने में किया जा सके। Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
कृषि योजनाओं की प्रगति में विदिशा जिला प्रदेश में अव्वल
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मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड की अगस्त माह की प्रगामी रैंकिंग में 42.95 स्कोर के साथ विदिशा जिले ने हासिल किया प्रथम स्थान
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विदिशा। कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषकों के कल्याण एवं कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में विदिशा जिले ने प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड के अंतर्गत अगस्त माह की प्रगामी रैंकिंग में विदिशा जिला मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में अव्वल रहा है। जिले ने 42.95 स्कोर प्राप्त कर पहली रैंक हासिल की है। वहीं सतना जिला दूसरे तथा सीहोर जिला तीसरे स्थान पर रहा।

राज्य शासन द्वारा कृषि वर्ष 2026 में किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, पारदर्शिता तथा परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मछुआ कल्याण एवं सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) निर्धारित किए गए हैं।

डैशबोर्ड के माध्यम से सभी जिलों की निर्धारित केपीआई के आधार पर योजनावार प्रगति की ऑनलाइन प्रविष्टि की जाती है। संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा सत्यापित जानकारी के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है तथा प्राप्त उपलब्धियों के अनुरूप प्रदेश स्तर पर रैंकिंग निर्धारित की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत अगस्त माह की प्रगामी रैंकिंग में विदिशा जिले ने सर्वाधिक 42.95 स्कोर अर्जित कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में कृषि एवं इससे जुड़े सभी विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जा रही है। योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा विभागीय गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे निर्देशों के अनुरूप विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित कर रहे हैं।
विदिशा जिले की यह उपलब्धि जिला प्रशासन, कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों, नियमित मॉनिटरिंग और योजनाओं के लक्ष्य आधारित क्रियान्वयन का परिणाम है। प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरणादायी साबित होगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
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युवा उत्सव में युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बिखेरे रंग
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जिला स्तरीय युवा उत्सव संपन्न, विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेता संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में करेंगे विदिशा का प्रतिनिधित्व
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विदिशा। युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक अभिरुचि एवं सृजनात्मक क्षमता को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय युवा उत्सव 2026 का आयोजन सोमवार को स्थानीय रविन्द्रनाथ टैगोर ऑडिटोरियम, विदिशा में किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक आयोजन में जिले के लगभग 200 युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विभिन्न विधाओं में प्रस्तुत मनमोहक लोकनृत्य, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला एवं कविता लेखन ने दर्शकों को आकर्षित किया।

राष्ट्रीय युवा उत्सव 2027 का आयोजन  नई दिल्ली में प्रस्तावित है। 'युवा शक्ति से जनभागीदारी' के उद्देश्य से आयोजित होने वाले इस उत्सव में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को सहभागिता का अवसर मिलेगा। इस वर्ष सांस्कृतिक ट्रैक के अंतर्गत आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं की थीम 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' निर्धारित की गई है। इसी क्रम में जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया। जिला खेल अधिकारी श्री प्रदीप सिंह रावत ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के युवाओं ने समूह लोकनृत्य, समूह लोकगायन, चित्रकला, कविता लेखन एवं नुक्कड़ नाटक विधाओं में उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी कला, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विभिन्न विधाओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में विदिशा जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
 
▪️ प्रतियोगिताओं में इन प्रतिभागियों ने प्राप्त किए स्थान -
      समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता में सांदीपनि स्कूल, बरईपुरा की टीम ने प्रथम तथा सरस्वती शिशु मंदिर, तलैया की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समूह लोकगीत प्रतियोगिता में शासकीय कन्या महाविद्यालय की टीम प्रथम एवं शासकीय प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज, विदिशा की टीम द्वितीय स्थान पर रही। नुक्कड़ नाटक विधा में साकेत शिशु रंजन, विदिशा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में कु. तनु कुशवाह प्रथम एवं कु. स्नेहा चौकसे द्वितीय स्थान पर रहीं। इसी प्रकार कविता लेखन प्रतियोगिता में कु. रिशिका रघुवंशी ने प्रथम तथा कु. उर्वशी सक्सेना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

▪️ विजेताओं को अतिथियों ने किया पुरस्कृत, युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ -
         कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों को विधायक विदिशा श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति राकेश शर्मा तथा मेरा युवा भारत के उप निदेशक श्री अभिषेक भारद्वाज द्वारा पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों ने उपस्थित युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गीत का गायन भी किया गया। आयोजन में युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्री विजय श्रीवास्तव ने किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका श्री परिहार, श्रीमती रिचा मोदी, श्रीमती नेहा जैन, श्रीमती रश्मि जैन, डॉ. रामू विश्वकर्मा, श्रीमती हेमलता, श्री लव प्रताप पाल एवं श्री प्रकाश शर्मा ने निभाई। इस अवसर पर श्रीमती ज्योति ठाकुर, श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह बेदेला, श्रीमती सपना शर्मा, श्रीमती नूरजहाँ बानो मंसूरी, श्रीमती ज्योति अहिरवार, श्री हनीफ खान, श्री अरविंद सिंह राजपूत, श्री अजय चौहान, श्री योगेश धुर्वे, श्री संतोष शाक्य, श्री सोनू शाक्य, श्री धीरेन्द्र मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
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