Public App Logo
Profile Picture

PRO JS VIDISHA

@projsvidisha
2413Followers
0Following
सुधार उत्सव 2026 अंतर्गत इफको द्वारा किसान दिवस के अवसर पर किसानों को  आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी दी
-------------------------
विदिशा। बी-पैक्स, इमलिया में शुक्रवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के 80 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही, नैनो उर्वरकों पर आधारित प्रदर्शन प्रक्षेत्र के माध्यम से फसल में पोषक तत्व प्रबंधन के विभिन्न तरीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। कार्यक्रम में पीएनबी कृषक प्रशिक्षण केंद्र, विदिशा के निदेशक श्री अजय सिंह परिहार, कृषि विज्ञान केंद्र, विदिशा के वैज्ञानिक डॉ. अक्षय उज्ज्वल, एसएडीओ श्री विशाल यादव, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष पति श्री नारायण सिंह गुर्जर, सरपंच पति श्री श्यामवीर सिंह राजपूत तथा इमलिया समिति के प्रबंधक श्री लाल बहादुर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

संतुलित उर्वरक उपयोग एवं इफको के नवाचार उत्पादों की जानकारी -
      कार्यक्रम में इफको विदिशा के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री कुमार मनेन्द्र ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि फसलों में उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी की स्थिति, फसल की आवश्यकता एवं अनुशंसित मात्रा के अनुसार किया जाना चाहिए। इससे फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण का संरक्षण भी किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को इफको के नवाचार उत्पादों, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, सागरिका, जैव उर्वरकों एवं बायोडीकंपोजर की उपयोगिता, लाभ तथा प्रयोग विधि की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के माध्यम से खेती की लागत को नियंत्रित करने का आह्वान किया।

मृदा जैविक कार्बन बढ़ाने पर दिया जोर -
      कृषि विज्ञान केंद्र, विदिशा के वैज्ञानिक डॉ. अक्षय उज्ज्वल ने मृदा जैविक कार्बन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मिट्टी में जैविक कार्बन की पर्याप्त मात्रा उसकी उर्वरता, जलधारण क्षमता तथा लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने किसानों को गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों के उचित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जैविक पदार्थों का नियमित उपयोग मिट्टी की संरचना में सुधार करने, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने तथा कृषि भूमि की दीर्घकालिक उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होता है।

पीएनबी कृषक प्रशिक्षण केंद्र ने बताईं प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार की संभावनाएं -
      पीएनबी कृषक प्रशिक्षण केंद्र, विदिशा के निदेशक श्री अजय सिंह परिहार ने केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता के साथ ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, लिप्पन आर्ट, पेंटिंग तथा अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने मशरूम उत्पादन, जैविक खेती एवं रिजेनरेटिव फार्मिंग जैसी टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाया जा सकता है। इस अवसर पर इमलिया समिति के प्रबंधक श्री लाल बहादुर सिंह ने किसानों को इफको के कृषि उत्पादों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी।

नैनो उर्वरकों पर आधारित प्रदर्शन प्रक्षेत्र में उत्साहजनक परिणाम -
     कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रगतिशील किसान श्री वसीम रिज़वी के खेत पर लगाए गए नैनो उर्वरक आधारित प्रदर्शन प्रक्षेत्र रहा। उन्होंने किसानों को नैनो उर्वरक आधारित प्रदर्शन के अंतर्गत अपनाई गई विभिन्न उर्वरक प्रबंधन पद्धतियों एवं उनके परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में तीन प्लॉट निर्धारित किए गए थे। पहले प्लॉट (T1) में किसान की सामान्य पद्धति के अनुसार रासायनिक उर्वरकों का उपयोग किया गया, जबकि दूसरे प्लॉट (T2) में रासायनिक उर्वरकों की मात्रा में 50 प्रतिशत तथा तीसरे प्लॉट (T3) में 25 प्रतिशत की कमी की गई। श्री वसीम रिज़वी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान T2 एवं T3 प्लॉट में T1 की तुलना में बेहतर परिणाम देखने को मिले। विशेष रूप से T3 प्लॉट में पौधों की अच्छी ऊंचाई,प कल्लों एवं बालियों की अधिक संख्या तथा कीट एवं रोगों का तुलनात्मक रूप से कम प्रकोप दिखाई दिया। इसके बाद किसानों कोp प्रदर्शन स्थल का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने तीनों प्लॉटों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभिन्न उर्वरक प्रबंधन पद्धतियों के परिणामों की जानकारी प्राप्त की। इस प्रदर्शन से किसानों को फसल की आवश्यकता के अनुरूप पोषक तत्वों के प्रबंधन तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग के महत्व को समझने का अवसर मिला।

टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने का आह्वान -
     कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा जैविक कार्बन संवर्धन, जैविक संसाधनों के उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा फील्ड डेमॉन्स्ट्रेशन की उपयोगिता से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में किसानों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने, खेती की लागत के बेहतर प्रबंधन तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
लटेरी में वाहनों की सघन चेकिंग, 83 हजार रुपए शमन शुल्क वसूल 
------------------------------
स्कूल एवं यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की हुई जांच, नियम विरुद्ध संचालित यात्री बस जब्त 
------------------------------
विदिशा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशों के पालन में जिले में आमजन को सुरक्षित एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों की सघन जांच कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को लटेरी में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य संपादित करते हुए जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरिजेश वर्मा द्वारा वाहनों की चेकिंग कार्रवाई की गई। जांच के दौरान विभिन्न वाहनों के दस्तावेज, संचालन संबंधी नियमों तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान 06 वाहन नियम विरुद्ध संचालित पाए गए, जिनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। इनमें से 05 वाहनों से कुल 83 हजार रुपए का शमन शुल्क वसूल किया गया।वहीं, शेष 01 वाहन को प्रकरण के निराकरण की प्रत्याशा में जब्त कर पुलिस थाना लटेरी में सुरक्षार्थ रखा गया है।

स्कूल एवं यात्री बसों की विशेष जांच -
      वाहन चेकिंग के दौरान विशेष रूप से स्कूल बसों एवं यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की गई। परिवहन विभाग द्वारा बसों में यात्रियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रावधानों के पालन की स्थिति का जायजा लिया गया। जांच के दौरान एक यात्री बस का संचालन नियम विरुद्ध पाए जाने पर उसे जब्त कर कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरिजेश वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आमजन की सुरक्षा और नियमों के पालन को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की जांच निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने वाहन संचालकों से अपील की कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज एवं सुरक्षा मानकों को पूर्ण रखते हुए ही वाहनों का संचालन करें, ताकि यात्रियों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। <nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सेवा की कहानी: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से प्रदीप विश्वकर्मा के हुनर को कारोबार में बदलने का संबल 
------------------------------
एक लाख ऋण, कौशल प्रशिक्षण और टूलकिट सहायता से जय माता दी स्टील वेल्डिंग वर्कशॉप को मिली नई दिशा 
------------------------------
विदिशा। हुनर, मेहनत और सही अवसर का साथ मिले तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने ऐसे ही पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को अपने कौशल को व्यवसाय में बदलने तथा स्वरोजगार को आगे बढ़ाने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान कार्यक्रम के तहत आज कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने लटेरी में उघमियों से संवाद किया है।इस अवसर पर लटेरी निवासी श्री प्रदीप विश्वकर्मा इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। हितग्राही श्री प्रदीप विश्वकर्मा ने बताया है कि जय माता दी स्टील वेल्डिंग वर्कशॉप का संचालन कर वेल्डिंग के क्षेत्र में अपने हुनर के माध्यम से स्वरोजगार कर रहे हैं। वेल्डिंग का कार्य तकनीकी दक्षता, अनुभव और कुशलता की मांग करता है। अपने व्यवसाय को और बेहतर बनाने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ प्राप्त किया।
 
योजना से मिला आर्थिक और तकनीकी संबल -
     प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से श्री प्रदीप विश्वकर्मा को व्यवसाय के संचालन एवं विस्तार के लिए एक लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। ऋण सुविधा के साथ उन्हें 5 प्रतिशत वार्षिक रियायती ब्याज दर का लाभ मिला, जिससे व्यवसाय में आवश्यक निवेश करने का अवसर मिला।
योजना के अंतर्गत उन्हें अपने कार्य से संबंधित कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही व्यवसाय में उपयोगी टूलकिट एवं आधुनिक औजारों की सहायता मिली। इन सुविधाओं से उन्हें अपने पारंपरिक कौशल को और अधिक निखारने तथा कार्य को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहयोग मिला।
 
हुनर को मिला सम्मान, आत्मनिर्भरता को नई राह -
     श्री प्रदीप विश्वकर्मा बताते हैं कि योजना के माध्यम से प्राप्त आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और टूलकिट ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। इससे उन्हें अपने हुनर के साथ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और स्वरोजगार को मजबूत करने का अवसर मिला है।
उनकी जय माता दी स्टील वेल्डिंग वर्कशॉप, लटेरी आज इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ लेकर पारंपरिक कारीगर अपने कौशल को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण एवं अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उनके हुनर को सशक्त बनाना है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/>
HPE कंपनी की अप्रेंटिसशिप ड्राइव में विदिशा जिले के 9 युवाओं का चयन
--------------------------
विदिशा। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में जिले के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में बैंगलोर की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी HPE (Hewlett Packard Enterprise) द्वारा कॉमर्स ग्रेजुएट युवाओं हेतु अप्रेंटिसशिप ड्राइव का आयोजन किया गया। इस ड्राइव में जिले के कुल 119 युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 9 युवाओं का चयन हुआ। चयनित युवाओं में जागृति बघेल, शासकीय महाविद्यालय विदिशा; तनीशा साहू, गर्ल्स कॉलेज गंजबासौदा; सागर पटेल, एलबीएस कॉलेज गंजबासौदा; शरद कुशवाह एवं सूर्यांश वर्मा, एलबीएस कॉलेज सिरोंज; आशी सरदेशी एवं कुलदीप पटवा, जैन कॉलेज विदिशा; पुष्पेंद्र, वात्सल्य कॉलेज विदिशा तथा प्रियांशु चतुर्वेदी शामिल हैं। यह पहल जिले के युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ कार्य-अनुभव प्राप्त करने और अपने व्यावसायिक कौशल को विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में युवाओं को रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप के अवसरों से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: निःशुल्क साइकिल वितरण योजना से बालिकाओं की शिक्षा को मिली नई उड़ान
------------------------------
विदिशा। मध्यप्रदेश शासन के समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत प्रदेश की शासकीय शालाओं में कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाली उन बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की जाती हैं, जो कक्षा 5 उत्तीर्ण करने के बाद अपने गाँव की प्राथमिक शाला से दूसरे गाँव अथवा स्थान की माध्यमिक शाला में प्रवेश लेती हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं को माध्यमिक शिक्षा से जोड़ना, विद्यालय तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा उनकी पढ़ाई बीच में छूटने की समस्या को दूर करना है।

निःशुल्क साइकिल वितरण योजना से बदली बालिकाओं की शिक्षा की तस्वीर -
      विदिशा जिले में प्रतिवर्ष इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाली पात्र बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की जाती हैं। जिले के अनेक ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहाँ केवल प्राथमिक शालाएँ संचालित हैं तथा माध्यमिक शालाएँ अन्य गाँवों में स्थित हैं। ऐसी स्थिति में बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। परिवहन की सुविधा का अभाव, दूरी और आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के कारण कई बालिकाएँ कक्षा 5 उत्तीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं। निःशुल्क साइकिल वितरण योजना ने इन बालिकाओं के लिए शिक्षा की राह आसान बनाई है। साइकिल मिलने से वे कम समय में विद्यालय पहुँच सकती हैं और नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं। इससे ग्रामीण परिवेश की बालिकाओं में माध्यमिक शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है तथा उनके अभिभावकों को भी बेटियों की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिला है। 

बालिका शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल -
     यह योजना केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिकाओं के शैक्षणिक विकास, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यालय तक सुगम पहुँच मिलने से बालिकाओं को अपनी शिक्षा जारी रखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इससे उनकी नियमित उपस्थिति, आगे की कक्षाओं में प्रवेश लेने की संभावनाओं तथा भविष्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों को प्रोत्साहन मिल रहा है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को यह विश्वास मिला है कि आर्थिक एवं भौगोलिक कठिनाइयाँ उनकी शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। वे पढ़-लिखकर अपने जीवन में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करने और समाज के विकास में योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

सत्र 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धि-
   जिला विदिशा द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाली पात्र छात्र/छात्राओं को कुल 3321 निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। यह उपलब्धि जिले में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को विद्यालय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्ष 2026-27 में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये नि:शुल्कू साईकिल वितरण योजना के अंतर्गत 3918 पात्र छात्र/छात्राओं को साईकिल वितरण का लक्ष्य  रखा गया है जिसमें से प्रथम चरण में 2435 पात्र छात्र/छात्राओं को नि:शुल्कल साईकिल वितरण किया जा चुका है । शेष 1483 छात्र /छात्राओं को वितरण प्रचलन में हैं। 

निष्कर्ष -
    मध्यप्रदेश शासन की निःशुल्क साइकिल वितरण योजना ने विदिशा जिले की ग्रामीण बालिकाओं के लिए शिक्षा के नए अवसर खोले हैं। इस योजना से विद्यालय तक पहुँचने की कठिनाइयों को कम करने, पढ़ाई छोड़ने की समस्या पर अंकुश लगाने तथा बालिकाओं को आगे की शिक्षा के लिए प्रेरित करने में सहायता मिली है। निःशुल्क साइकिल, बालिकाओं के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का माध्यम है। जिला विदिशा में इस योजना का प्रभाव बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने और हर बेटी को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के संकल्प को मजबूत करता है। <nis:link nis:type=tag nis:id=education nis:value=education nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=शिक्षा nis:value=शिक्षा nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
जन विश्वास अभियान के तहत वार्ड क्रमांक 15 में 27 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए
-------------------------------
विदिशा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले में पात्र नागरिकों को शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें योजनाओं का लाभ सहज एवं सरल तरीके से उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज लटेरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 में विशेष शिविर आयोजित कर नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई की गई।
शिविर में आशा कार्यकर्ता श्रीमती नीतू पंथी के सहयोग से पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर के दौरान कुल 27 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे संबंधित हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध हुई।

नोडल अधिकारी एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री मयंक जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य पात्र नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके नजदीकी क्षेत्र में उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से आयोजित शिविरों के माध्यम से नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलती है। शिविर के माध्यम से नागरिकों को आयुष्मान कार्ड की उपयोगिता एवं योजना के लाभों की जानकारी भी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत लटेरी क्षेत्र में इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण करने तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य है कि पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे और शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्त कर सके। <nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
बड़ी उपलब्धि: विदिशा जिले में संचालित 7 शासकीय आईटीआई की 1268 सीटों पर 100% प्रवेश लक्ष्य पूर्ण
--------------------------------
विदिशा। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता जी के निर्देशन में विदिशा जिले में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में शत-प्रतिशत प्रवेश लक्ष्य प्राप्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पोर्टल पुनः खुलते ही शासकीय आईटीआई के स्टाफ ने दो दिनों तक अथक प्रयास कर तीन विकासखंडों की शेष 25 सीटों पर प्रवेश पूर्ण कराया। इस त्वरित कार्यवाही से जिले में शत-प्रतिशत प्रवेश का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई।
     
विदिशा जिले के 7 शासकीय आईटीआई में कुल 1,268 रोजगारपरक सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया। अभियान के माध्यम से जन-जन तक कौशल प्रशिक्षण की जानकारी पहुँचाकर युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के प्रति जागरूक किया गया। यह पहल युवाओं को कौशल विकास, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
      
जिले की नोडल प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने बताया कि जिले में शत-प्रतिशत प्रवेश की उपलब्धि युवाओं में कौशल प्रशिक्षण के प्रति बढ़ते रुझान और जागरूकता का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता जी के मार्गदर्शन, समस्त शासकीय आईटीआई के स्टाफ के समन्वित प्रयासों तथा प्रवेश अभियान में सक्रिय सहभागिता को दिया।
      
प्रवेश प्रभारी श्री आलोक रावत एवं सहायक प्रवेश प्रभारी श्रीमती इंदु सेन ने प्रवेश टीम को सतत मार्गदर्शन एवं व्यवस्थित दिशा-निर्देश प्रदान किए। इनके समन्वय और टीम के समर्पित प्रयासों से विकासखंड स्तर पर भी शत-प्रतिशत प्रवेश का लक्ष्य प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला। “रोज़गार की पढ़ाई, चलो आईटीआई” के संदेश के साथ जिले में कौशल विकास को बढ़ावा देने की यह पहल युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने तथा आत्मनिर्भर विदिशा के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> Jansampark Madhya Pradesh
स्वामित्व रजिस्ट्री में कुरवाई अनुभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन, जिले की 36 प्रतिशत रजिस्ट्री अकेले कुरवाई में 
---------------------------
सुबह 6 बजे से फील्ड में पहुंचकर कार्य कर रहे पटवारी, एसडीएम भी नियमित रूप से कर रहे हैं मैदानी निरीक्षण 
---------------------------
विदिशा। मुख्यमंत्री स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 अभियान के अंतर्गत जिले में स्वामित्व रजिस्ट्री के कार्य को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। जिले में अब तक 963 स्वामित्व रजिस्ट्री संपादित की जा चुकी हैं। इनमें से कुरवाई अनुभाग में कुल 340 स्वामित्व रजिस्ट्री संपादित कराई गई हैं, जो जिले में संपादित कुल रजिस्ट्री का लगभग 36 प्रतिशत है। कुरवाई अनुभाग में स्वामित्व रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाने के लिए क्षेत्र के एसडीएम श्री मोतीलाल अहिरवार के निर्देशन में लगातार मैदानी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राजस्व अमले को हितग्राहियों से समन्वय कर आवश्यक प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
 
सुबह 6 बजे से फील्ड में पहुंचने के निर्देश -
     स्वामित्व रजिस्ट्री कार्य की प्रगति को गति देने के लिए कुरवाई अनुभाग में पटवारियों को प्रातः 6 बजे से ही फील्ड में पहुंचकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। पटवारियों द्वारा गांवों में पहुंचकर संबंधित हितग्राहियों से संपर्क, अभिलेखों का सत्यापन तथा रजिस्ट्री से संबंधित आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। अभियान की प्रभावी मॉनीटरिंग के लिए एसडीएम स्वयं भी सुबह से ही मैदानी क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यों का जायजा लेते हैं। इस दौरान राजस्व अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने के साथ ही लंबित प्रकरणों के निराकरण में आ रही समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
 
समयबद्ध तरीके से रजिस्ट्री पूर्ण कराने पर जोर -
     अभियान का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व का विधिवत अधिकार उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रशासन द्वारा राजस्व अमले को सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों में स्वामित्व रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुरवाई अनुभाग में अधिकारियों और मैदानी अमले की सक्रियता के परिणामस्वरूप जिले की कुल संपादित स्वामित्व रजिस्ट्री में अनुभाग की उल्लेखनीय भागीदारी सामने आई है। प्रशासन द्वारा अभियान के अंतर्गत शेष पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को भी शीघ्र पूर्ण कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
बीना रिफाइनरी-बेतवा बैराज परियोजना: भू-अर्जन से प्रभावित परिवारों की आपत्तियां सुनने 19 से 22 अक्टूबर तक लोक सुनवाई
-------------------------------
कुरवाई तहसील के 10 ग्रामों में पंचायत भवनों पर होगी लोक सुनवाई, प्रभावित परिवारों को अपनी बात रखने का अवसर
-------------------------------
विदिशा। बीना रिफाइनरी-बेतवा बैराज परियोजना अंतर्गत भू-अर्जन प्रकरणों में भू-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 05 के तहत अर्जित की जाने वाली भूमि से प्रभावित परिवारों के विचार एवं आपत्तियों को सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन (SIA) रिपोर्ट में शामिल करने के लिए लोक सुनवाई आयोजित की जाएगी। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कुरवाई  श्री मोतीलाल अहिरवार द्वारा लोक सुनवाई के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। प्रभावित परिवारों के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा संगठन लोक सुनवाई के दौरान अपनी आपत्ति अथवा सुझाव लिखित या मौखिक रूप से प्रस्तुत कर सकेंगे। एसडीएम श्री अहिरवार ने बताया है कि लोक सुनवाई का आयोजन प्रातः 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित स्थानों पर कि जाऐगी । प्रशासन द्वारा संबंधित ग्रामों में लोक सुनवाई के लिए सहयोगी अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है, ताकि प्रभावित परिवारों को अपनी बात रखने के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो सके।
 
इन ग्रामों में निर्धारित है लोक सुनवाई -
      सोमवार 19 अक्टूबर  को तीन ग्राम पंचायतों में लोक सुनवाई होगी। इसमें नाडकुंड, दांगी कुहरिया के लिए पंचायत भवन नाडकुंड में तहसीलदार कुरवाई श्री संदीप शर्मा, कांकर एवं खिरिया भौंरासा के लिए पंचायत भवन कांकर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुरवाई एवं राजस्व निरीक्षक श्री मकरंद सिंह धुर्वे तथा भौंरासा के लिए पंचायत भवन भौंरासा में नायब तहसीलदार कुरवाई श्री अनुराग रावत सहयोगी अधिकारी के रूप में उपस्थित रहेंगे।
      बुधवार 21 अक्टूबर को पीरोठा, इकोदा तथा दादूरार, गिरवास, छोटी पठारी के लिए लोक सुनवाई आयोजित होगी। पीरोठा में तहसीलदार श्री संदीप शर्मा, इकोदा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुरवाई एवं राजस्व निरीक्षक श्री मकरंद सिंह धुर्वे तथा दादूदार, गिरवास एवं छोटी पठारी में नायब तहसीलदार श्री अनुराग रावत सहयोगी अधिकारी रहेंगे।
वहीं 22 अक्टूबर  को पाड़ोछा, केशरगंज, खिरिया तरफदार, जरहा, बंडेरा, घुरावली तथा लचायरा, बोथीघाट के लिए लोक सुनवाई होगी। संबंधित पंचायत भवनों में निर्धारित अधिकारियों द्वारा प्रभावित परिवारों की आपत्तियां एवं सुझाव दर्ज किए जाएंगे। जबकि  ईसाखेडी पंचायत के घुरावली के लिए कोटा बैराज परियोजना के सहायक प्रबंधक श्री यशवंत यादव सहयोगी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
 
प्रभावित परिवारों से सहभागिता की अपील -
       प्रशासन ने संबंधित प्रभावित परिवारों तथा अन्य इच्छुक व्यक्तियों, संस्थाओं एवं संगठनों से निर्धारित तिथियों पर लोक सुनवाई में उपस्थित होकर अपने विचार, आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत करने की अपील की है। लोक सुनवाई में प्राप्त अभिमत एवं आपत्तियों को सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन (SIA) रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित मामलों में पारदर्शिता, प्रभावित परिवारों की सहभागिता और उनके पक्ष को अभिलेखित करने की दृष्टि से यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आज विदिशा जिले के लटेरी भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत लटेरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण
--------------------------
विदिशा। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आज कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने लटेरी पहुंचकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण का उद्देश्य आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना है।<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कन्या छात्रावास में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण, एनीमिया एवं स्वच्छता के प्रति किया जागरूक 
..
स्वास्थ्य परीक्षण के साथ योग, पोषण, व्यक्तिगत एवं मानसिक स्वास्थ्य तथा मासिक धर्म स्वच्छता की दी जानकारी 
..
शासकीय कन्या छात्रावास इन्द्रा कॉम्पलेक्स विदिशा में  दो दिवसीय 13 एवं 14 अक्टूबर को छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं जागरूक बनाना रहा, ताकि वे स्वस्थ आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।

स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता -
     कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की मेडिकल ऑफिसर डॉ. उमा शाक्य द्वारा छात्रावास में निवासरत छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। डॉ. उमा शाक्य ने छात्राओं को योग, पोषण, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की वहीं छात्रावासी छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञसाओ का सहजता पूर्वक समाधान किया है। उन्हें नियमित रूप से योग एवं शारीरिक गतिविधियां करने से होने वाले लाभों की जानकारी देते हुए बताया गया कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और तनाव कम करने में भी सहायक है।
 
एनीमिया से बचाव के लिए जागरूकता -
     कार्यक्रम में छात्राओं को एनीमिया के लक्षण एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। शरीर में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की समझाइश दी गई। छात्राओं को आयरन की गोलियों के महत्व के बारे में भी बताया गया तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन का सेवन करने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान छात्राओं के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच भी की गई, जिससे उनके स्वास्थ्य की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उचित परामर्श दिया जा सके।
 
व्यक्तिगत एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श -
     कार्यक्रम के दौरान उमंग स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ परामर्शदाता कीर्ति भार्गव द्वारा छात्राओं को स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी दी गई। छात्राओं को उमंग स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध विभिन्न सेवाओं के बारे में अवगत कराया गया। परामर्शदाता द्वारा छात्राओं से व्यक्तिगत एवं मानसिक स्वास्थ्य, किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों तथा उनसे संबंधित समस्याओं के बारे में संवाद किया गया। छात्राओं को अपनी समस्याओं को बिना संकोच उचित परामर्शदाता अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञ के समक्ष रखने के लिए प्रेरित किया गया।
 
मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की समझाइश - 
     छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, सुरक्षित एवं स्वच्छ साधनों का उपयोग करने तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की समझाइश दी गई। छात्राओं को बताया गया कि किशोरावस्था में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 कार्यक्रम के दौरान शासकीय कन्या छात्रावास इन्द्रा कॉम्पलेक्स विदिशा की अधीक्षक श्रीमती डॉ. सीता अहिरवार , श्रीमती प्रतिभा शर्मा, श्रीमती वंदना दांगी एवं श्रीमती पारुल सक्सेना उपस्थित रहीं। छात्रावास प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम के सफल आयोजन में आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
रबी सिंचाई के लिए 1 नवंबर से नहरों में छोड़ा जाएगा पानी 
..
बांधों के 71 प्रतिशत जल का पेयजल के लिए आरक्षण, 50 प्रतिशत जलभराव वाले बांधों से किसानों को मिलेगा एक पानी 
..
जिले में रबी फसलों की सिंचाई के लिए जल उपलब्धता एवं जल वितरण व्यवस्था को लेकर जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक गुरुवार को  अपर कलेक्टर श्रीमती मीना मसराम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। शमशाबाद विधायक श्री सूर्य प्रकाश मीणा की उपस्थिति में जिला पंचायत के सभा कक्ष में आहूत उक्त बैठक में समिति के सभी सदस्यगणों के साथ साथ जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जिले के जलाशयों में उपलब्ध जल की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में जलाशयों में उपलब्ध जल, सिंचाई परियोजनाओं की स्थिति, नहरों की साफ-सफाई, कमांड क्षेत्र में जल वितरण तथा पेयजल के लिए आरक्षित जल की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं सिंचाई परियोजनाओं में उपलब्ध जल की जानकारी प्रस्तुत की गई।
पंबैठक में बताया गया कि जिले के पंबांधों में उपलब्ध जल का 71 प्रतिशत हिस्सा पेयजल की आवश्यकता के लिए आरक्षित रखा गया है। वहीं जिन बांधों में 50 प्रतिशत तक जलभराव उपलब्ध है, वहां से किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए एक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जल की उपलब्धता के आधार पर सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पेयजल की आवश्यकता को सुरक्षित रखते हुए किसानों को भी आवश्यक सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिले के सभी जलाशयों की नहरों से रबी सिंचाई के लिए राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 से जल प्रवाह प्रारंभ किया जाएगा। नहरों में जल प्रवाह संबंधित जलाशयों में उपलब्ध जल की स्थिति के अनुसार किया जाएगा। इसके साथ ही नहरों की साफ-सफाई एवं जल वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए, जिससे सिंचाई जल का समुचित एवं समान वितरण सुनिश्चित हो सके।

बैठक में कमांड क्षेत्र में जल वितरण व्यवस्था पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जल का विवेकपूर्ण उपयोग किए जाने से अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ दिया जा सकता है। किसानों से भी अपील की गई कि वे उपलब्ध सिंचाई जल का आवश्यकता के अनुसार उपयोग करें और पानी की बर्बादी न होने दें।

विधायक श्री मीणा ने जल कर वसूलने, विदिशा नगरपालिका को पेयजल पाइप लाइन से रिलिज करने तथा सिंचाई हेतु किसानों को जल का सदोपयोग करने पर बल दिया है। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा भी आवश्यक सुझावों से अवगत कराया गया है। कार्यपालन यंत्री श्रीमती किरण भाबोर ने कमांड क्षेत्र के कृषकों से अपील की कि वे सिंचाई के लिए उपलब्ध जल का समुचित एवं मितव्ययी उपयोग करें, ताकि कमांड क्षेत्र के अधिक से अधिक कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।बैठक में  जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी विदिशा श्री दुर्गेश ठाकुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गंजबासौदा श्री अशोक वर्मा तथा कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में कन्या महाविद्यालय विदिशा की छात्राएं रही विजेता
..
मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में अंतर महाविद्यालयीन जिला स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन शासकीय महाविद्यालय, लटेरी में किया गया। प्रतियोगिता में राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या महाविद्यालय, विदिशा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया।  तथा उक्त प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर महाविद्यालय के पांच खिलाड़ियों  का चयन आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भी किया गया है। विजेता दल के महाविद्यालय लौटने पर प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार ने सभी विजेता खिलाड़ी छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार अहिरवार एवं दल मैनेजर कु. सोनम साहू को भी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त दो किसानों पर कार्रवाई
..
कुरवाई, सिरोंज और नटेरन विकासखंडों में मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक दल ने की जांच, किसानों को नरवाई प्रबंधन का दिया संदेश 
..
जिले में फसल अवशेष नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिले में नरवाई नहीं जलाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बावजूद खरीफ फसल सोयाबीन एवं मक्का की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के दल ने विभिन्न क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर नरवाई जलाने की घटनाओं का निरीक्षण किया। उप संचालक कृषि श्री सचिन जैन, कृषि यंत्री श्री राहुल खातरकर, तहसीलदार कुरवाई श्री संदीप शर्मा सहित राजस्व निरीक्षक, कृषि विस्तार अधिकारी एवं राजस्व और कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर घटनाओं का सत्यापन किया गया।
 
तीन विकासखंडों में सात घटनाएं दर्ज -
    जिले में नरवाई जलाने की कुल सात घटनाएं मौके पर दर्ज की गई हैं। इनमें विकासखंड कुरवाई के ग्राम माला, रोशन पिपरिया, वीरपुर एवं करेई बेरखेड़ी में कुल चार घटनाएं, विकासखंड सिरोंज के ग्राम रूसलली दामा में एक तथा विकासखंड नटेरन के ग्राम फुफेर में एक घटना दर्ज की गई। संबंधित स्थानों पर प्रशासनिक दल द्वारा मौके का निरीक्षण कर पंचनामे तैयार किए गए।
 
दो किसानों पर प्रतिबंधात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई -
    मौके पर संबंधित किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए भविष्य में नरवाई नहीं जलाने की समझाइश दी गई। कुरवाई एवं सिरोंज के तहसीलदारों द्वारा दो किसानों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक एवं दंडात्मक आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने की घटनाओं पर आगे भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
नरवाई से भूसा और जैविक खाद बनाने की दी जानकारी -
     प्रशासनिक दल ने किसानों को नरवाई के उचित प्रबंधन के विकल्पों की जानकारी भी दी। किसानों को बताया गया कि नरवाई को जलाने के स्थान पर उससे भूसा तैयार कर नजदीकी गौशालाओं में भेजा जा सकता है। साथ ही डीकंपोजर के उपयोग से खेत में ही फसल अवशेष को जैविक खाद में परिवर्तित किया जा सकता है। मौके पर उपस्थित कृषकों को नरवाई न जलाने और उसे गौशालाओं तक पहुंचाने का संकल्प भी दिलाया गया।

नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण पर असर -
     अधिकारियों ने किसानों को बताया कि नरवाई जलाने से खेत की उपजाऊ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है। आग के कारण मिट्टी में मौजूद उपयोगी जीवाणु एवं सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं, जिससे मृदा स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इसके अलावा नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है तथा तेज हवा के दौरान आग आसपास के खेतों और फसलों तक फैलने की आशंका बनी रहती है।
 
गांव-गांव चौपाल लगाकर किया जाएगा जागरूक -
     नरवाई जलाने की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गांव-गांव में चौपाल आयोजित कर किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक एवं उपयोगी तरीकों की जानकारी दी जाएगी। चौपालों में नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान और उसके बेहतर प्रबंधन से संबंधित वीडियो भी दिखाए जाएंगे, ताकि किसान व्यावहारिक रूप से इसके दुष्परिणामों और वैकल्पिक उपायों को समझ सकें।
 
कृषि यंत्रों से करें नरवाई का प्रबंधन -
     प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय रोटावेटर, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर सहित अन्य कृषि यंत्रों का उपयोग कर नरवाई का उचित प्रबंधन करें। इससे खेत की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और फसल अवशेषों का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण हितैषी तरीके से प्रबंधन करें। प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने की घटनाओं की सतत निगरानी की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी प्रतिबंधात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
शासकीय आईटीआई लटेरी में 10 वर्षों बाद 100% प्रवेश का लक्ष्य हासिल
..
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान  (आईटीआई) लटेरी, जिला विदिशा ने इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 100 प्रतिशत प्रवेश का लक्ष्य प्राप्त किया है। यह संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि विगत लगभग 10 वर्षों से संस्थान में इस प्रकार शत-प्रतिशत प्रवेश नहीं हो पाया था। इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे संस्थान के प्राचार्य श्री नरेंद्र कुमार के निरंतर प्रयास, प्रभावी मार्गदर्शन, बेहतर प्रबंधन एवं प्रवेश प्रक्रिया के प्रति समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके नेतृत्व में संस्थान द्वारा प्रवेश के प्रति जागरूकता बढ़ाने, विद्यार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के महत्व से अवगत कराने तथा अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
     
इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि उचित योजना, बेहतर समन्वय और निरंतर प्रयासों के माध्यम से शासकीय तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाई जा सकती है। आईटीआई लटेरी की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान की इस उपलब्धि पर प्राचार्य श्री नरेंद्र कुमार एवं समस्त संस्थान परिवार के प्रयासों की सराहना की जाती है। आशा है कि संस्थान भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कौशल विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
📢 रोजगार का स्वर्णिम अवसर!

🏢 HPE कंपनी का एप्रेंटिशिप ड्राइव

📅 दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
📍 स्थान: S.S.L. जैन कॉलेज, विदिशा
💰 स्टाइपेंड: ₹20,000 प्रतिमाह
📍 कार्यस्थल: बेंगलुरु

🎓 पात्रता: वर्ष 2025/2026 के फाइनेंस एवं अकाउंटिंग स्ट्रीम के विद्यार्थी (B.Com., BBA, M.Com., MBA या समकक्ष), स्नातक में न्यूनतम 60% अंक एवं अंग्रेजी संवाद कौशल आवश्यक।

⏰ रजिस्ट्रेशन: सुबह 8:30 से 9:00 बजे तक।
📄 आवश्यक दस्तावेज: Resume एवं 10वीं, 12वीं तथा स्नातक/स्नातकोत्तर की अंकसूचियां।

📌 सभी पात्र विद्यार्थी समय पर पहुंचकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं एवं यह संदेश अन्य पात्र विद्यार्थियों तक भी पहुंचाएं।
नवरात्रि पर्व को देखते हुए विदिशा शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
..
विवेकानंद चौराहा, नीमताल, दुर्गानगर और पीतलमिल चौराहा से 21 अक्टूबर की रात 12 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित* 
..
शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान शहर में विभिन्न स्थानों पर गरबा महोत्सव एवं देवीजी की झांकियों के आयोजन तथा श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए विदिशा शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी विदिशा श्री मनीष कुमार जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अक्टूबर माह की 14 से 21 अक्टूबर  की रात्रि 12 बजे तक शहर के निर्धारित मार्गों से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश के अनुसार थाना प्रभारी यातायात विदिशा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि 19 नवंबर 2026 तक शारदीय नवरात्रि पर्व एवं गरबा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवधि में नगर के विभिन्न स्थानों पर देवीजी की झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ एकत्रित होने की संभावना है। इसे देखते हुए जनसुरक्षा, यातायात व्यवस्था, लोगों की सुगम आवाजाही तथा संभावित दुर्घटनाओं एवं जाम की स्थिति को रोकने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक पाया गया।
 
भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित -
      इन मार्गों से भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधितआदेश के तहत विवेकानंद चौराहा (ईदगाह चौराहा) से नीमताल, दुर्गानगर एवं पीतलमिल चौराहा से नगर में आने वाले भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध 21 अक्टूबर की रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन द्वारा यह व्यवस्था शहर में नवरात्रि के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो और यातायात सुचारू बना रहे।

आकस्मिक एवं प्रशासनिक वाहनों को प्रतिबंध से छूट -
     आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एम्बुलेंस एवं अन्य आकस्मिक/प्रशासनिक व्यवस्था के वाहनों को उक्त प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। आपात स्थिति में आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री मनीष कुमार जैन ने आदेश में कहा है कि यह आदेश सर्वसाधारण को संबोधित है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दिया जाना संभव नहीं है, इसलिए इसे सार्वजनिक रूप से प्रभावशील किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश 14 अक्टूबर 2026 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जनगणना-2027 की तैयारियों का निदेशक श्री संजीव श्रीवास्तव ने किया निरीक्षण 
..
द्वितीय चरण के लिए आयोजित चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण में व्यवस्थाओं की समीक्षा, निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश 
..
जनगणना-2027 के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए विदिशा जिले में की जा रही तैयारियों के क्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, मध्यप्रदेश के निदेशक श्री संजीव श्रीवास्तव, भा.प्र.से. एवं उप-महारजिस्ट्रार श्री विजय कुमार द्वारा जिला विदिशा में जारी जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या की गणना) के लिए आयोजित चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती मीना मसराम भी उपस्थित रहीं। निरीक्षण के दौरान निदेशक श्री संजीव श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा चार्ज अधिकारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, दायित्वों एवं आगामी चरण में किए जाने वाले कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की।

निदेशक श्री श्रीवास्तव ने जनगणना-2027 के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जनगणना कार्य में निर्धारित प्रावधानों एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर कार्य की गुणवत्ता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल चार्ज अधिकारियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य की प्रक्रिया, अपने दायित्वों तथा निर्धारित प्रपत्रों एवं दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें, ताकि आगामी चरण में कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो। साथ ही, अधीनस्थ अमले को भी आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन समय पर उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान आगामी चरण की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। निदेशक द्वारा अधिकारियों को जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं तत्परता से निर्वहन सुनिश्चित करें। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=जनगणना_2027 nis:value=जनगणना_2027 nis:enabled=true nis:link/>
विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतु समुदाय के लिए विशेष शिविर संपन्न 
..
दस्तावेजों एवं शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने विशेष शिविर, मौके पर बनाए गए 12 आयुष्मान कार्ड 
..
विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतु समुदाय के परिवारों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को विदिशा तहसील एवं गुलाबगंज तहसील में विशेष शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में समुदाय के लोगों की विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें दस्तावेज एवं शासकीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई।

शिविर में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतु समुदाय के लोगों से जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, समग्र आईडी, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। इसके साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पात्र हितग्राहियों की जानकारी लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर के दौरान मौके पर ही 12 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे पात्र परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों एवं संबंधित विभाग के मैदानी अमले ने समुदाय के लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने से हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। शिविरों का उद्देश्य ऐसे परिवारों तक शासन की सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, जो दस्तावेजों के अभाव अथवा अन्य कारणों से अब तक योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रहे हैं।

इस अवसर पर गुलाबगंज तहसीलदार, घुमंतू विभाग से एडी जनब हमीद, इंस्पेक्टर नेहा आर्य, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतु मध्य भारत प्रांत टोली के रोजगार आयाम प्रमुख संदीप उदयवाल, विदिशा जिला संयोजक सुरेंद्र कुशवाह, जिला टोली (दस्तावेज एवं शासकीय योजनाओं का लाभ) राजकुमार प्रजापति सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

दस्तावेजों के अभाव में योजनाओं से वंचित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास -
       शिविर में पदाधिकारियों ने बताया कि नट, कुचबंदिया, बंजारा, कंजर, पारधी, सांसी सहित विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतु समुदाय के अनेक परिवार आज भी आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उनके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने और पात्रतानुसार योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविर उपयोगी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से समुदाय के लोगों को एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल से समुदाय के परिवारों को पहचान संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने, स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कृषि योजनाओं की जानकारी के साथ नरवाई प्रबंधन का दिया संदेश 
..
ग्राम पंचायत लखार में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, रबी दलहन पंजीयन, ई-टोकन, ई-विकास पोर्टल और पशुपालन योजनाओं पर किसानों से संवाद 
..
किसानों को शासन की कृषि एवं पशुपालन संबंधी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, डिजिटल सेवाओं के उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धतियों को अपनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत लखार में कृषि विभाग नटेरन द्वारा कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को रबी सीजन में दलहनी फसलों के पंजीयन, एमपी किसान पोर्टल, ई-टोकन, ई-विकास पोर्टल, व्हाट्सऐप के माध्यम से कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करने सहित पशुपालन योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्री काले खान की उपस्थिति में कृषि एवं पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं पर किसानों से संवाद किया गया। अधिकारियों ने किसानों को कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के साथ-साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

एमपी किसान पोर्टल और रबी दलहन पंजीयन की जानकारी -
    कृषि विस्तार अधिकारी श्री राज रघुवंशी ने किसानों को एमपी किसान पोर्टल पर पंजीयन के महत्व तथा रबी सीजन में चना, मसूर एवं अन्य दलहनी फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा फसल संबंधी अभिलेख एवं आवश्यक पंजीयन समय पर पूर्ण करने से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होती है। किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर पंजीयन कराने की अपील की गई।

ई-टोकन एवं ई-विकास पोर्टल से संबंधित व्यवस्थाओं की दी जानकारी
कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री शालिनी रघुवंशी ने किसानों को ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा ई-विकास पोर्टल से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कृषि विभाग की सेवाओं एवं योजनाओं से जुड़ी जानकारी व्हाट्सऐप सहित उपलब्ध डिजिटल माध्यमों से प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई। किसानों को डिजिटल सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

पशुपालन गतिविधियों से बढ़ाई जा सकती है अतिरिक्त आय -
     कृषि विस्तार अधिकारी श्री अभिषेक जैन ने पशुपालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को बकरीपालन एवं मुर्गीपालन जैसी गतिविधियों से अतिरिक्त आय के अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप कृषि के साथ पशुपालन गतिविधियों को अपनाकर परिवार की आय के अतिरिक्त साधन विकसित किए जा सकते हैं। पात्र किसानों को संबंधित विभाग से योजना एवं पात्रता संबंधी जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई।

आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का किया आह्वान -
     कार्यक्रम में श्री अभिषेक जैन द्वारा आचार्य विद्यासागर जी के विचारों के संदर्भ में ग्रामीण जीवन में श्रम, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के महत्व पर भी चर्चा की गई। किसानों को उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

खेतों पर पहुंचकर किसानों को नरवाई प्रबंधन के प्रति किया जागरूक -
      कृषि विभाग नटेरन की सुश्री तुलसा द्वारा क्षेत्रीय किसानों के साथ नरवाई प्रबंधन को लेकर खेतों पर जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं मृदा संबंधी नुकसान की जानकारी देते हुए नरवाई के उचित प्रबंधन के लिए भूसा मशीन एवं अन्य कृषि यंत्रों के उपयोग के संबंध में बताया गया।

किसानों को समझाया गया कि नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ मृदा में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंच सकता है। फसल अवशेषों को जलाने के स्थान पर उनका उचित प्रबंधन करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
कृषि विभाग से श्री राघवेन्द्र अहिरवार ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि किसान उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन अपनाएं तथा आसपास के अन्य किसानों को भी नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक करें।

कृषि विभाग की टीम ने किसानों से किया सीधा संवाद -
      कार्यक्रम एवं नरवाई प्रबंधन संबंधी गतिविधियों में कृषि विभाग नटेरन के क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री राज रघुवंशी, सुश्री तुलसा, सुश्री शालिनी रघुवंशी, सुश्री संगम रघुवंशी, श्री रजत जैन, श्री राघवेन्द्र अहिरवार, श्री सत्यम नेमा, कृषि विस्तार अधिकारी श्री अभिषेक जैन, श्री अनिल बघेल एवं फसल बीमा समन्वयक श्री शुभम मीणा उपस्थित रहे।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किसानों से सीधे संवाद कर कृषि एवं पशुपालन योजनाओं की जानकारी साझा की। साथ ही किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने, डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने तथा नरवाई प्रबंधन जैसी पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जनसुनवाई बनी राहत का माध्यम, आवेदक को मिला तत्काल समाधान
..
जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम झूकर जोगी, तहसील लटेरी, जिला विदिशा निवासी श्री हरनाथ सिंह पुत्र श्री बलवंत सिंह राजपूत द्वारा जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन का तत्काल निराकरण किया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अभिलेख की नकल तैयार कराकर आवेदक को लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्रदाय की गई। आवेदन का शीघ्र निराकरण होने पर आवेदक ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने से आमजन को शासकीय सेवाओं का लाभ सरल, सुगम और समयबद्ध रूप से मिल रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
आत्मरक्षा हेतु 21 दिवसीय निःशुल्क मार्शल आर्ट (ताईक्वांडो) का प्रशिक्षण कैंप 
..
राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा के शारीरिक शिक्षा एवं क्रीड़ा विभाग द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा हेतु 21 दिवसीय निःशुल्क मार्शल आर्ट (ताईक्वांडो) का प्रशिक्षण कैंप लगाया गया। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार द्वारा 21 दिवसीय प्रशिक्षण कैंप का शुभारंभ किया गया था। प्राचार्य द्वारा कैंप में अधिक से अधिक छात्राओं को इस कैंप में भाग लेने हेतु एवं छात्राओं को शारिरिक एवं मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया गया।                  प्रशिक्षण केम्प के आयोजक  क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मनोज अहिरवार एवं महाविद्यालय की सक्रिय छात्रा कु. महिमा दुबे के अथक प्रयास से महाविद्यालय में निःशुल्क मार्शल आर्ट ताईक्वांडो और दण्ड चालने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डॉ. ज्योति जादौन डॉ. ऋचा शर्मा कु. सोनम साहू, श्री कृष्ण हरिनखेड़े एवं अन्य प्राध्यापकों द्वारा कैंप के सफल संचालन हेतु अपना योगदान दिया जा रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
रबी सिंचाई के लिए जल उपयोग और जल आरक्षण पर 15 अक्टूबर को होगी जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक 
..
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में जिला जल उपभोक्ता समिति की बैठक 15 अक्टूबर को आयोजित की गई है। यह बैठक जिला पंचायत के सभा कक्ष में दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। रबी सीजन 2026-27 में सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग के लिए जल के समुचित एवं संतुलित उपयोग के संबंध मे बैठक में जिले के विभिन्न सिंचाई जलाशयों में उपलब्ध जल की मात्रा का आकलन करते हुए रबी फसलों की सिंचाई के लिए जल उपयोग का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही रबी सिंचाई कार्यक्रम वर्ष 2026-27 तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

बैठक में पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग के लिए जल आरक्षण निर्धारित करने के साथ ही इन उपयोगों में लिए गए जल के जलकर के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं उपलब्ध जल के प्राथमिकता के आधार पर उपयोग को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। समिति की बैठक में कृषि विभाग द्वारा रबी मौसम में जिले में बोई जाने वाली फसलों के चुनाव के संबंध में जानकारी एवं प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। उपलब्ध सिंचाई जल के अनुरूप फसल चयन एवं सिंचाई कार्यक्रम निर्धारित करने पर भी विचार-विमर्श होगा, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित जल उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में विद्युत विभाग द्वारा जल संसाधन विभाग की अनुमति के बिना नहरों एवं बांधों पर विद्युत कनेक्शन नहीं दिए जाने के संबंध में भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नहरों पर निर्मित सड़कों के संबंध में आवश्यक बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।
बैठक के एजेंडे में अन्य विषयों पर भी अध्यक्ष की अनुमति से चर्चा की जाएगी। जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक का उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्राथमिकता आधारित प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए रबी सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करना है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सेवा की कहानी: स्व सहायता समूह से जुड़कर रिंकी लोधी बनीं आत्मनिर्भर, हर माह 30 हजार रुपये आय अर्जित कर रहीं
..
विदिशा जिले की श्रीमती रिंकी लोधी ने स्व सहायता समूह से जुड़कर और एसबीआई आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। गरीब परिस्थितियों के दौर में कभी सीमित आय पर निर्भर रहने वाली रिंकी लोधी आज अपने कियोस्क सेंटर के माध्यम से लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन से आज उनका पक्का मकान है और उनकी बच्चियां अच्छे स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। शासकीय योजनाओं और आजीविका मिशन से मिली सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

बैंक सखी के प्रशिक्षण से शुरू हुआ सफलता का सफर -
     श्रीमती रिंकी लोधी बताती हैं कि उन्होंने एसबीआई आरसेटी में बैंक सखी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने बैंक जाकर खाता खोलने, बीमा सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जानकारी और व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। साथ ही, वे आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से जुड़ीं और अन्य महिलाओं को भी समूह से जोड़कर उन्हें संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समूह में अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण लेकर अपना कियोस्क सेंटर प्रारंभ किया। आज इसी कियोस्क सेंटर के माध्यम से वे लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं। अपने क्षेत्र में वे ‘लखपति दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/>