Public App Logo
Profile Picture

PRO JS VIDISHA

@projsvidisha
2374Followers
0Following
कृष्ण की आभा से आंगनबाड़ियों में छाई कृष्णमय छटा 
..
जन्माष्टमी पर नन्हे-मुन्नों ने कृष्ण वेशभूषा में सजकर मनाया पर्व, 9540 बच्चों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग 
..
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जिले की आंगनबाड़ियों में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक वेशभूषा धारण कर जन्माष्टमी पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कहीं बच्चे कान्हा के रूप में बांसुरी बजाते नजर आए तो कहीं सिर पर मोर मुकुट और पीतांबर धारण किए बाल स्वरूप में आकर्षण का केंद्र बने।

जिले में जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण वेशभूषा कार्यक्रम का आयोजन व्यापक स्तर पर किया गया। जिले की कुल 09 परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित 2385 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 2140 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कृष्ण वेशभूषा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन केंद्रों में 9540 बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा में शामिल होकर पर्व की खुशियां मनाईं।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा बच्चों को श्रीकृष्ण के जीवन, बाल लीलाओं और जन्माष्टमी पर्व के महत्व की जानकारी भी दी गई। बच्चों ने कृष्ण भजनों एवं गीतों के बीच उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे केंद्रों पर उत्सव जैसा वातावरण नजर आया।

2140 केंद्रों की गतिविधियों का किया गया दस्तावेजीकरण -
     जिले में आयोजित कृष्ण वेशभूषा कार्यक्रम की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया गया। 2140 आंगनबाड़ी केंद्रों से कार्यक्रम की 2140 फोटो संकलित की गई हैं। इससे जिलेभर में आयोजित गतिविधियों की व्यापकता और बच्चों की सहभागिता का सहज रूप से अवलोकन किया जा सकता है। जिले में जन्माष्टमी के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित इन गतिविधियों ने बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें उत्साह, रचनात्मकता और सहभागिता की भावना को भी बढ़ावा दिया। नन्हे कान्हाओं से सजे आंगनबाड़ी केंद्र पूरे जिले में कृष्णमय और आभामय नजर आए। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विदिशा में खाटू श्याम मंदिर में महा महोत्सव का आयोजन
..
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर शुक्रवार शाम श्री खाटू श्याम मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से मंदिर प्रांगण में भजन संध्या आयोजित हुई। भोपाल की गायिका सुश्री माधुरी निरवाड़े सहित अन्य गायकों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण मौजूद रहे। देर रात मंदिर प्रांगण में श्री लड्डू गोपाल जी का पंचामृत अभिषेक तथा जन्मोत्सव कार्यक्रम भी विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह के वातावरण में डूबा रहा। खाटू श्याम जी  मंदिर में पहुंचकर एसडीएम श्री मनीष जैन ने आयोजन के मद्देनजर की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया वहीं कलाकारो से परिचय प्राप्त कर उनका स्वागत किया। इससे पहले मंदिर समिति के श्री घनश्याम बंसल ने एसडीएम श्री मनीष जैन को दुपट्टा पट्टिका उड़ाकर स्वागत किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विदिशा जिले में दर्ज बारिश की जानकारी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> Jansampark Madhya Pradesh
Video 3
Video 4
कन्या महाविद्यालय में बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन हुआ
..
राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में म.प्र.उच्च शिक्षा विभाग  के निर्देशानुसार  'भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ' के अंतर्गत बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व  गरिमामय मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. मलखान सिंह द्वारा एवं संयोजन  भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ राजुला अल्बर्ट द्वारा किया गया।
     
कार्यक्रम के दौरान  डॉ. विनय पाठक (हिंदी विभाग) ने इस विषय पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किये। डॉ पाठक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का जीवन भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं ज्ञान परंपरा का शाश्वत आधार है। उन्होंने भक्ति काल के प्रमुख कवियों एवं साहित्यकारों के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने श्रीकृष्ण के अलौकिक व्यक्तित्व, उनकी बाल-लीलाओं और कर्मयोग को साहित्य में अमर किया है।
     
इस अवसर पर डॉ.विनीता प्रजापति ने छात्राओं को श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन और उनके आदर्शों से सीख लेकर जीवन में सकारात्मकता एवं अनुशासन अपनाने हेतु छात्राओं को प्रेरित किया। व्याख्यान के उपरांत छात्राओं ने काव्यपाठ एवं भजनों के द्वारा वातावरण को और भक्तिमय बना दिया। इस दौरान महाविद्यालय स्टॉफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान तहत 5 सितंबर का भ्रमण कार्यक्रम निरस्त: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत नटेरन के क्लस्टर सतपाड़ाहाट एवं पमारिया में 5 सितंबर 2026 को प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से निरस्त किया गया है। भ्रमण की आगामी तिथि की सूचना पृथक से जारी की जाएगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान से ग्राम टेकू में शुरू हुई नल-जल योजना, घर-घर पहुंचा नल से जल 
..
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। अभियान के दौरान सामने आई समस्याओं के निराकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। कुरवाई जनपद पंचायत के ग्राम टेकू में भी मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हुआ है। अभियान के दौरान नल-जल योजना के संचालन से संबंधित समस्या को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम में नल-जल योजना शुरू हो गई है।
योजना के प्रारंभ होने से अब ग्रामीणों के घरों तक नल के माध्यम से जल पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और उन्हें घर पर ही नियमित रूप से पानी उपलब्ध होने लगा है।

ग्रामवासियों ने नल-जल योजना के शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर नल से जल पहुंचने से विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है और समय की बचत के साथ दैनिक जीवन की अनेक परेशानियां दूर हुई हैं। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का यह उदाहरण दर्शाता है कि जनसमस्याओं को प्राथमिकता से चिन्हित कर उनके त्वरित निराकरण से शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाया जा सकता है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
राष्ट्रीय पोषण माह का 9 सितंबर से होगा शुभारंभ, हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ होगी मुख्य थीम 
..
 भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार 9वें राष्ट्रीय पोषण माह- का आयोजन 9 सितंबर से किया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की मुख्य थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी”  निर्धारित की गई है। पोषण माह के दौरान बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं तथा उनके परिवारों में पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर 9 सितंबर को इंदौर संभाग में राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग की  के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया है।
 
भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के समापन के उपरांत पूर्वाह्न 11 बजे के बाद राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पोषण माह की गतिविधियों की रूपरेखा इसकी मुख्य थीम तथा निर्धारित पांच प्रमुख विषयों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

पांच प्रमुख विषयों पर रहेगा विशेष फोकस -
     राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ताजा एवं विविधतापूर्ण गर्म पका भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक विकास गतिविधियां तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य के लिए सहायता जैसे विषयों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

जिला स्तर पर होंगी विशेष गतिविधियां -
     जिला स्तर पर तैयार कार्ययोजना के तहत पोषण क्विज का आयोजन एक शासकीय महाविद्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम के रूप में किया जाएगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित कर न्यूट्रीशन लिटरेसी (Nutrition Literacy) पर विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच संवाद कराया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को पोषण संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना और दैनिक जीवन में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना है।

परियोजना स्तर पर स्कूलों और किशोरियों को जोड़ा जाएगा -
     परियोजना स्तर पर भी विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों में पोषण क्विज आयोजित कर विद्यार्थियों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही “स्वस्थ किशोरी” एवं “मिस हिमोग्लोबिन” प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इन गतिविधियों के माध्यम से किशोरी बालिकाओं में पोषण, स्वास्थ्य एवं विशेष रूप से हिमोग्लोबिन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

आंगनवाड़ी स्तर पर जनभागीदारी के साथ होंगी व्यापक गतिविधियां -
     राष्ट्रीय पोषण माह की सबसे व्यापक गतिविधियां आंगनवाड़ी स्तर पर आयोजित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों से पोषण जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए पोषण रैली निकाली जाएगी। वहीं किशोरी बालिकाओं एवं शौर्या दल के सदस्यों की सहभागिता से दीवार लेखन कराया जाएगा, जिसके माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को स्थानीय स्तर पर प्रचारित किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं, विशेषकर अंतिम त्रैमास की गर्भवती महिलाओं के घर-घर जाकर पोषण परामर्श दिया जाएगा। उन्हें प्रसव के बाद शिशु को जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान कराने की समझाइश दी जाएगी। परिवार के सदस्यों को भी स्तनपान एवं मातृ-शिशु पोषण के महत्व से अवगत कराते हुए शपथ दिलाई जाएगी तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। इसी प्रकार शिशुवती महिलाओं के घर-घर जाकर पोषण परामर्श दिया जाएगा। माताओं को बच्चे के जन्म के बाद छह माह तक केवल स्तनपान कराने, इसके बाद उचित पूरक आहार शुरू करने तथा स्तनपान निरंतर जारी रखने के संबंध में समझाइश दी जाएगी। परिवारजनों की शंकाओं का समाधान कर उन्हें भी सहयोग एवं जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मंगल दिवस एवं पोषण परामर्श सत्र होंगे आयोजित -
     आंगनवाड़ी केन्द्रों पर मंगल दिवस का आयोजन कर पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही केन्द्रों पर नियमित पोषण परामर्श सत्र आयोजित कर महिलाओं एवं परिवारजनों को संतुलित आहार, पोषण विविधता, बच्चों के विकास एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी जाएगी। पोषण में पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से पुरुषों के लिए व्यंजन प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से पुरुषों को परिवार के पोषण एवं स्वस्थ खान-पान की जिम्मेदारी में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों के पोषण एवं समग्र विकास की स्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए “स्वस्थ बच्चा स्पर्धा” आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी स्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हुए अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।
 
समुदाय की भागीदारी से सशक्त होंगी आंगनवाड़ियां -
      राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के दौरान आयोजित होने वाली इन गतिविधियों का उद्देश्य पोषण को केवल विभागीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए परिवार एवं समुदाय की जिम्मेदारी बनाना है। “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” की भावना के साथ आंगनवाड़ी केन्द्रों को पोषण, स्वास्थ्य, स्तनपान, मातृ-शिशु देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास के प्रभावी केन्द्र के रूप में सशक्त किया जाएगा। विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली गतिविधियों के माध्यम से पोषण साक्षरता बढ़ाने, स्वस्थ खान-पान की आदतों को प्रोत्साहित करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बनी संकट की घड़ी में लीला बाई के परिवार का आर्थिक संबल 
..
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत शमशाबाद वार्ड नंबर 12 निवासी स्वर्गीय श्री बाबूलाल अहिरवार के आकस्मिक निधन के बाद उनकी धर्मपत्नी एवं नॉमिनी श्रीमती लीला बाई अहिरवार को 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि प्राप्त हुई है।
स्वर्गीय श्री बाबूलाल अहिरवार, पिता श्री मोहनलाल अहिरवार का 19 जुलाई 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार के मुखिया के निधन से परिजनों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया। ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनी।

स्वर्गीय बाबूलाल अहिरवार ने अपने बैंक खाते के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ लिया था। उनके निधन के उपरांत मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा शमशाबाद द्वारा बीमा कंपनी के समक्ष आवश्यक दावा प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीमा कंपनी से प्राप्त 2 लाख रुपये की क्लेम राशि उनकी पत्नी एवं नॉमिनी श्रीमती लीला बाई अहिरवार को प्रदान की गई। यह राशि ऐसे समय में परिवार के लिए आर्थिक संबल बनी, जब परिवार अपने मुखिया को खोने के साथ-साथ भविष्य की आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहा था। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से प्राप्त सहायता ने परिवार को विपरीत परिस्थितियों से उबरने में सहयोग प्रदान किया।

कम प्रीमियम में परिवार को आर्थिक सुरक्षा -
     जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने आमजन से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) दुर्घटना के कारण मृत्यु अथवा निर्धारित स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज प्रदान करती है, जबकि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवरेज प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि कम आय वर्ग एवं सामान्य परिवारों के लिए ये योजनाएं अप्रत्याशित परिस्थितियों में महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने में सहायक हैं। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को इन योजनाओं में पंजीयन कराकर इन्हें सक्रिय रखना चाहिए, ताकि किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में परिवार एवं वारिसों को आर्थिक संबल मिल सके। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत श्रीमती लीला बाई अहिरवार को मिली 2 लाख रुपये की सहायता इस बात का उदाहरण है कि छोटी-सी बीमा सुरक्षा विपरीत परिस्थितियों में परिवार के लिए बड़ी आर्थिक मदद बन सकती है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कुरवाई विकासखंड की 20 गौशालाओं को मार्च 2026 तक कुल 4 करोड़ 22 लाख 55 हजार 960 रुपये की राशि जारी हुई
..
17 शासकीय और 3 अशासकीय गौशालाओं को मिली सहायता, गौवंश के चारा, भूसा-दाना, पानी की हो रही व्यवस्था
..
विदिशा जिले के कुरवाई विकासखंड में निराश्रित और बेसहारा गौवंश के भरण-पोषण व बेहतर देखभाल के लिए शासकीय-अशासकीय गौशालाओं को पंजीयन प्रारंभ से मार्च 2026 तक  20 गौशालाओं को मार्च 2026 तक कुल 4 करोड़ 22 लाख 55 हजार 960 रुपये की राशि जारी की गई है। राशि जारी करने का मुख्य उद्देश्य निराश्रित और बेसहारा गौवंश के भरण-पोषण तथा बेहतर देखभाल को सुनिश्चित करना है तथा गौवंश को चारा, भूसा और दाना उपलब्ध कराना, ताकि गौवंश को पर्याप्त आहार मिल सके। पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं का रखरखाव करना भी इसका मुख्यतम उद्देश्य है।
     
गौ संवर्धन बोर्ड द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार कुरवाई विकासखंड की 20 ग्राम पंचायतों की 20 गौशालाओं को यह राशि जारी की गई है जिसमें 17 शासकीय गौशाला और 3 अशासकीय गौशाला शामिल हैं। जिन 17 शासकीय गौशालाओं को राशि जारी हुई है जिसकी ग्राम पंचायत वार जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत मालिया खेड़ा की श्री राधे कृष्ण लीलावती गौशाला को 1692960 रुपए, ग्राम पंचायत श्यामपुर गुदावल की श्री गोपेश्वरी गौशाला को 169580 रुपए, ग्राम पंचायत धूवा की शांति गौशाला समिति को 2806810 रुपए, ग्राम पंचायत का काछी कुम्हारिया की कामदगिरि गौशाला को 1168520 रुपये, ग्राम पंचायत बरखेड़ा लायरा की कामधेनु गौशाला को 3586850 रुपए, ग्राम पंचायत भौंरासा की गोपाल गौशाला समिति को 3184540 रुपये, ग्राम पंचायत महलुआ की गोपाल गौशाला समिति को 3117590 रुपए, ग्राम पंचायत भाल बामोरा की श्री बांके बिहारी गौशाला को 1819760 रुपए, ग्राम पंचायत रूसिया की श्री कृष्ण गौशाला को 3247820 रूपए, ग्राम पंचायत जाजपोन की गौशाला ग्राम पंचायत को 1988950 रुपए, ग्राम पंचायत भाल बामोरा की श्री कृष्ण मुरारी गौशाला को 2446200 रुपये, ग्राम पंचायत छपारा की श्री गोपाल गौशाला को 1089040 रुपये, ग्राम पंचायत पठारी की श्री गोविंद गोपाल गौशाला को 2209970 रुपए, ग्राम पंचायत पैराखेड़ी की श्री राम गौशाला को 2210790 रुपये, ग्राम पंचायत बड़ोह की श्री कृष्ण गौशाला को 2029480 रुपए, ग्राम पंचायत बरखेड़ा पठारी की श्री कृष्ण गौशाला को 3177700 रुपये और ग्राम पंचायत छीरखेड़ा की शासकीय गौशाला समिति को 373640 रुपये की राशि जारी हुई है।
     
इसी प्रकार 3 अशासकीय गौशालाओं को भी राशि जारी हुई है की जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत बढ़ोह की उन्नतशील गौशाला को 112000 रुपये, ग्राम पंचायत भौंरासा की गौसंरक्षण सेवा समिति को 2948760 रुपये और ग्राम पंचायत सत्ताखेड़ी की डॉ. लोहिया वृद्धाश्रम को 1349000 रुपये की राशि जारी हुई है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन संबंधी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण रविवार को 
..
एनआईसी सभाकक्ष में वीसी के माध्यम से होगा प्रशिक्षण, तहसीलवार नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स की अनिवार्य सहभागिता 
..
स्वामित्व योजना के अंतर्गत निर्मित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन रविवार 5 सितंबर को प्रातः 11:30 बजे किया गया है। प्रशिक्षण का आयोजन एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रशिक्षण आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्यप्रदेश, ग्वालियर  के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार किए गए अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन से संबंधित पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान संबंधित मोबाइल एप के माध्यम से की जाने वाली कार्यवाही, अभिलेखों के हस्तांतरण एवं पंजीयन की प्रक्रिया तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अन्य प्रक्रियात्मक बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराते हुए कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराना है।
 
जिला एनआईसी में अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति -
     राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में जिले की प्रत्येक तहसील से नामांकित नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स को 5 सितंबर को प्रातः 11:30 बजे जिला एनआईसी सभाकक्ष विदिशा में उपस्थित होकर प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त जानकारी को संबंधित तहसीलों एवं मैदानी अमले तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों की रहेगी।
प्रशिक्षण उपरांत स्वामित्व योजना के कार्य को तहसील स्तर पर प्रभावी एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए तहसील स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन की कार्यवाही में किसी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रक्रियात्मक कठिनाई न आए।
 
तहसील स्तरीय समिति में होंगे ये अधिकारी -
    तहसील स्तर पर गठित समिति में नोडल अधिकारी के रूप में तहसीलदार, सहायक नोडल अधिकारी के रूप में नायब तहसीलदार तथा मास्टर ट्रेनर के रूप में राजस्व निरीक्षक, तकनीकी सहायक, AeGM एवं कंप्यूटर प्रशिक्षित पटवारी शामिल रहेंगे। यह समिति प्रशिक्षण के बाद संबंधित अधीनस्थ कर्मचारियों को योजना से जुड़ी कार्यप्रणाली, मोबाइल एप के उपयोग, हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन सहित आवश्यक प्रक्रियाओं से अवगत कराएगी। इस व्यवस्था से स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों के आगामी कार्यों में तेजी आने के साथ ही प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाए जाने की उम्मीद है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
एसडीएम एवं तहसीलदार ने संतापुर और खुजरार में सोयाबीन फसल का किया निरीक्षण 
..
कीट प्रकोप की स्थिति का लिया जायजा, किसानों को फसल सुरक्षा के संबंध में दी आवश्यक सलाह 
..
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले में सोयाबीन फसल की स्थिति एवं कीट प्रकोप की सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में आज ग्यारसपुर अनुविभाग में एसडीएम श्रीमती शशि मिश्रा एवं तहसीलदार द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम संतापुर एवं खुजरार में किसानों के खेतों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सोयाबीन फसल में दिखाई दे रहे कीट प्रकोप एवं फसल की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से फसल की स्थिति, कीटों के प्रकोप तथा फसल में अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी ली।

अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी कि सोयाबीन फसल में किसी भी प्रकार के कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क करें। साथ ही कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही अनुशंसित कीटनाशकों एवं दवाओं का उपयोग करने की बात कही गई।
एसडीएम श्रीमती शशि मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में सोयाबीन फसल की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसानों को समय-समय पर फसल सुरक्षा एवं कीट नियंत्रण संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का मौके पर परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय राजस्व एवं संबंधित विभागीय अमला भी उपस्थित रहा। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे फसल में असामान्य स्थिति अथवा कीट प्रकोप दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक उपाय किए जा सकें। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जन्माष्टमी पर्व से पहले डेयरी एवं मिठाई दुकानों पर खाद्य सुरक्षा और नापतौल विभाग की जांच 
..
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार आगामी जन्माष्टमी पर्व को दृष्टिगत रखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डेयरी एवं मिठाई दुकानों का निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एवं नापतौल विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, माप-तौल एवं अन्य आवश्यक मानकों का जायजा लिया गया।

जांच के दौरान नापतौल विभाग द्वारा विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर नापतौल विभाग द्वारा दो प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्धारित माप-तौल के नियमों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा डेयरी एवं मिठाई दुकानों से दूध की गुणवत्ता की मौके पर प्राथमिक जांच की गई। रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से मौके पर तीन प्रकार के दूध के नमूनों की जांच की गई, जिसमें गाय के दूध, भैंस के दूध एवं मिश्रित दूध के नमूने शामिल रहे। रैपिड टेस्ट किट से प्रारंभिक स्तर पर दूध की गुणवत्ता संबंधी परीक्षण किया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दूध की विस्तृत एवं वैज्ञानिक जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों को आवश्यक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जन्माष्टमी जैसे पर्वों के दौरान दूध, मावा, मिठाई एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखने के उद्देश्य से जिले में जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करते हुए नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री एवं मिठाई आदि खरीदते समय गुणवत्ता और पैकिंग की जानकारी अवश्य देखें तथा किसी प्रकार की मिलावट या अनियमितता की जानकारी होने पर संबंधित विभाग को सूचित करें। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया 
..
स्थायी अभिलेखागार, डिजिटाइजेशन और दस्तावेज पंजीयन की व्यवस्थाओं की ली जानकारी 
..
भोपाल संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज वरिष्ठ जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक कार्यालय विदिशा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा ने कार्यालय में संचालित विभिन्न कार्यों एवं व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। संभागायुक्त ने कार्यालय के स्थायी अभिलेखागार का निरीक्षण कर पुराने एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव तथा उनके व्यवस्थित संधारण की जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों की सुरक्षा एवं आवश्यकता के अनुरूप उनके डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को भी देखा। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण अभिलेखों का डिजिटाइजेशन व्यवस्थित एवं प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि भविष्य में अभिलेखों को आसानी से उपलब्ध कराया जा सके और उनके संरक्षण को भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कार्यालय में चल रहे दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही आमजन द्वारा कराए जाने वाले दस्तावेज पंजीयन की प्रक्रिया का अवलोकन किया और पंजीयन कार्य से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दस्तावेज पंजीयन के दौरान आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा ने न्यायालय कलेक्टर ऑफ स्टाम्प में संचालित कार्यप्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने प्रकरणों के निराकरण, वर्तमान स्थिति, कार्य के दौरान सामने आने वाली समस्याओं तथा उनके आवश्यक समाधान के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने लंबित कार्यों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ जिला पंजीयक विदिशा द्वारा कार्यालय को आवंटित वार्षिक राजस्व लक्ष्य 190 करोड़ रुपये तथा अब तक अर्जित 87.62 करोड़ रुपये के राजस्व की जानकारी संभागायुक्त एवं कलेक्टर को दी गई। अधिकारियों ने राजस्व प्राप्ति से संबंधित प्रगति एवं विभागीय कार्यों की स्थिति से भी अवगत कराया।
    
संभागायुक्त श्री शर्मा ने कार्यालयीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों में पारदर्शिता, अभिलेखों के बेहतर संधारण, डिजिटाइजेशन में तेजी तथा आमजन को सुगम एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2026-28 के प्रचार-प्रसार हेतु वर्कशॉप आयोजित
..
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) विदिशा में दिनांक 3 सितंबर 2026 को इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2026-28 के प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
    
वर्कशॉप में शासकीय नवीन कॉलेज, विदिशा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इंडिया स्किल प्रतियोगिता के उद्देश्य, विभिन्न कौशल विधाओं, पंजीयन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया तथा प्रतियोगिता के माध्यम से मिलने वाले अवसरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
    
विद्यार्थियों को जानकारी दी गई कि इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2026-28 में कुल 63 विभिन्न स्किल में अभ्यर्थी पंजीयन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी अपनी रुचि, योग्यता एवं कौशल के अनुसार संबंधित स्किल का चयन कर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित है। अभ्यर्थी सरल पंजीकरण के लिए https://www.skillindiadigital.gov.in पर पंजीयन कर सकते हैं। अथवा SIDH ऐप के द्वारा भी पंजीयन कर सकते है।
    
वर्कशॉप में बताया गया कि इंडिया स्किल प्रतियोगिता युवाओं को अपने तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल का प्रदर्शन करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने कौशल को निखारने तथा विभिन्न स्तरों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होता है।
    
प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें उपलब्ध 63 विभिन्न स्किल एवं पंजीयन प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
    
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में कौशल विकास, तकनीकी दक्षता, रोजगार एवं स्वरोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
    
शासकीय आईटीआई विदिशा द्वारा सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की गई कि वे 15 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2026-28 के लिए अपना पंजीयन अवश्य कराएं और अपनी प्रतिभा एवं कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त करें। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
उप निर्वाचन 2026 को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, निर्वाचन प्रक्रिया एवं आचार संहिता की दी गई जानकारी 
..
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल द्वारा नगरपालिका एवं पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 (पूर्वार्द्ध) के लिए जारी कार्यक्रम एवं समय-सारणी के अनुसार जिले में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई जानी है। इसी क्रम में गुरुवार 3 सितंबर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) श्रीमती मोहिनी शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को उप निर्वाचन कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किए जाने से लेकर नाम निर्देशन पत्रों की जांच, नाम वापसी, मतदान, मतगणना तथा निर्वाचन परिणामों की घोषणा तक की पूरी प्रक्रिया के निर्धारित दिनांक एवं समय की जानकारी दी गई।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में नगरपालिका परिषद विदिशा के वार्ड क्रमांक 26 में रिक्त पार्षद पद, जनपद पंचायत कुरवाई अंतर्गत ग्राम पंचायत गुदावल में रिक्त सरपंच पद तथा जिले में कुल 13 रिक्त पंच पदों के लिए उप निर्वाचन कराया जाना है। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधानों से भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम एवं समय-सारणी, रिक्त पदों की जानकारी, संबंधित मतदान केन्द्रों एवं मतदाताओं से संबंधित विवरण तथा आदर्श आचरण संहिता की पुस्तिका उपलब्ध कराई गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा आदर्श आचरण संहिता का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया।

निर्वाचन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
उप निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से 3 सितंबर को ही शाम 4:30 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (व्हीसी) के माध्यम से जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) विदिशा, बासौदा, कुरवाई, सिरोंज एवं लटेरी के मास्टर ट्रेनर, तकनीकी कर्मचारी तथा निर्वाचन कार्य में संलग्न कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान पंचायत उप निर्वाचन की विभिन्न प्रक्रियाओं, निर्वाचन संबंधी दायित्वों तथा आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्य संपादित किए जाने के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।

इसी क्रम में नगरपालिका परिषद विदिशा के वार्ड क्रमांक 26 में पार्षद पद के उप निर्वाचन के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (नगरपालिका परिषद) विदिशा के मास्टर ट्रेनर, तकनीकी कर्मचारियों एवं निर्वाचन कार्य में संलग्न कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक बिंदुओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियों तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। जिला प्रशासन द्वारा उप निर्वाचन से संबंधित सभी तैयारियों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। Chief Electoral Officer Madhya Pradesh
जिला स्तरीय शालेय फुटबॉल में गुलाबगंज बालिका और विदिशा बालक टीम बनी चैंपियन 
..
गुलाबगंज ने विदिशा को 1-0 से हराकर जीता बालिका वर्ग का खिताब, विदिशा ने सिरोंज को 7-0 से दी करारी शिकस्त 
..
स्थानीय खेल परिसर में स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय शालेय फुटबॉल अंडर-17 बालक एवं बालिका प्रतियोगिता का रोमांचक समापन हुआ। प्रतियोगिता में सिरोंज, विदिशा एवं गुलाबगंज विकासखंड की टीमों ने उत्साह और खेल भावना के साथ सहभागिता की। खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के बालिका वर्ग के पहले मुकाबले में गुलाबगंज की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिरोंज को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से पराजित किया। इस जीत के साथ गुलाबगंज ने फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल मुकाबले में गुलाबगंज और विदिशा की टीमों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने गोल करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन गुलाबगंज की टीम ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए एक गोल दागकर 1-0 से जीत दर्ज की और बालिका वर्ग की चैंपियन बनी।

वहीं बालक वर्ग में विदिशा की टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा। विदिशा ने सिरोंज की टीम को शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 7-0 के बड़े अंतर से शिकस्त दी। विदिशा की ओर से जसन सिंह दोहल, राजवीर और अग्रिम ने शानदार प्रदर्शन किया और दो-दो गोल दागकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदिशा के खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन और बेहतरीन तालमेल के आगे सिरोंज की टीम संघर्ष करती नजर आई।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन जिला टीम के लिए किया जाएगा। चयनित जिला टीम आगामी 17 सितंबर को सीहोर में आयोजित होने वाली संभाग स्तरीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता में विदिशा जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। खिलाड़ियों के चयन को लेकर प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन, खेल कौशल एवं टीम भावना को आधार बनाया जाएगा।

प्रतियोगिता के दौरान सिरोंज टीम के जनरल मैनेजर शान मियां, जमशेद खान, माध्यमिक खेल शिक्षक पंकज भार्गव, फुटबॉल कोच रविकांत नामदेव, केशव शर्मा एवं गोपाल कुशवाह विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के मैचों में शिवम भास्कर, रितेश केवट तथा भव्य जालोरिया ने निर्णायक की भूमिका निभाई। जिला स्तरीय प्रतियोगिता के समापन पर खिलाड़ियों में खासा उत्साह रहा। चैंपियन टीमों के खिलाड़ियों ने आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करने का संकल्प लिया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
मौसम की आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने ग्राम सभाओं में तैयार होगी आकस्मिक कार्ययोजना 
..
वर्षा, खाद-बीज उपलब्धता और मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को दी जाएगी आवश्यक जानकारी 
..
मध्यप्रदेश में मानसून की स्थिति तथा संभावित अलनीनो प्रभाव के कारण उत्पन्न होने वाली आकस्मिक मौसम परिस्थितियों के प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के संचालक श्री उमाशंकर भार्गव द्वारा जिलों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन कर किसानों एवं ग्रामीणों के साथ आकस्मिक कार्ययोजना पर चर्चा किए जाने पर जोर दिया गया है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में वर्षा की स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है। 

ग्राम सभाओं में होगी आकस्मिक कार्ययोजना पर चर्चा -
    विलंबित अथवा असामान्य मानसून की परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय स्तर पर तैयार की गई आकस्मिक कार्ययोजना से ग्रामीणों और किसानों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभाओं में वर्षा की स्थिति, फसलों के चयन, उपलब्ध संसाधनों तथा मौसम में संभावित बदलाव के अनुरूप कृषि कार्यों की तैयारी को लेकर चर्चा की जाएगी। किसानों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों और मानसून की स्थिति के अनुसार फसल चयन के संबंध में आवश्यक सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। विशेष रूप से विलंबित मानसून वाले क्षेत्रों में ऐसी फसलों के चयन पर जोर दिया जाएगा, जिन्हें उपलब्ध वर्षा एवं मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप लिया जा सके।

सोशल मीडिया के माध्यम से भी मिलेगी किसानों को जानकारी -
    आकस्मिक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से किसानों को वर्षा की स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, खाद एवं बीज की उपलब्धता तथा खेत में आवश्यक तैयारियों से संबंधित जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जाएगी। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को खेत में आवश्यक कृषि कार्य समय पर करने, फसल की सुरक्षा तथा उपलब्ध नमी के बेहतर उपयोग के संबंध में सलाह दी जाएगी। साथ ही कृषि विभाग द्वारा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किसानों तक त्वरित जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

गांवों में भ्रमण कर स्थिति का लिया जाएगा जायजा -
     आकस्मिक परिस्थितियों के प्रबंधन के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा ग्रामों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने पर भी जोर दिया गया है। भ्रमण के दौरान वर्षा की स्थिति, खेतों की नमी, फसलों की स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता तथा किसानों की आवश्यकताओं का जायजा लिया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य मौसम में होने वाले संभावित बदलावों के बीच किसानों को समय पर वैज्ञानिक एवं उपयोगी कृषि सलाह उपलब्ध कराना और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव को न्यूनतम करना है। ग्राम सभाओं तथा स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता के माध्यम से किसानों को आकस्मिक मौसम परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2026-2028 के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ, पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर
..
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के तत्वावधान में देश की सबसे बड़ी कौशल स्पर्धा ‘इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2026-2028’ के लिए ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता के राष्ट्रीय विजेताओं को वर्ष 2028 में जापान के आइची (Aichi) में आयोजित होने वाली वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता 2028 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।

प्रतियोगिता की प्रमुख विशेषताएं एवं नियम-
      63 प्रकार के कौशल (Skills): प्रतियोगिता में रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, वेब टेक्नोलॉजी, वेल्डिंग, कारपेंट्री, कुकिंग, फैशन टेक्नोलॉजी, बेकरी और ऑटोमोबाइल सहित 63 इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स शामिल हैं।
 
बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया: युवाओं को पहले जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करनी होगी, जिसके बाद वे राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर (District → State → Regional → National) की प्रतियोगिताओं में शामिल होंगे। 

पात्रता व आयु सीमा: प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसी औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता नहीं है, केवल संबंधित स्किल में दक्षता होना अनिवार्य है। सामान्यतः उम्मीदवार का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद का होना चाहिए। क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और इंडस्ट्री 4.0 जैसी विशिष्ट आधुनिक स्किल्स के लिए आयु सीमा में छूट दी गई है, जिसमें 1 जनवरी 2003 या उसके बाद जन्मे युवा भी पात्र हैं।
      
इच्छुक युवा सरल पंजीकरण के लिए https://www.skillindiadigital.gov.in पर पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन प्रक्रिया में आ रही किसी भी तकनीकी समस्या या जानकारी के लिए प्रतिभागी सीधे जिला समन्वयक श्री राहुल जैन प्रशिक्षण (8103897280)अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत गठित समिति की बैठक सात को 
..
जिला सलाहकार समिति, पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत नवीन पंजीयन एवं पंजीयन नवीनीकरण के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए बैठक आयोजित सोमवार, 7 सितंबर को दोपहर 12 बजे से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में आयोजित की गई है। बैठक में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत प्राप्त नवीन पंजीयन एवं नवीनीकरण संबंधी ऑनलाइन आवेदनों की समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी। आवेदनों में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पात्रता का परीक्षण करते हुए समिति द्वारा आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। बैठक का उद्देश्य जिले में प्रसव पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीकों से संबंधित संस्थानों के पंजीयन की प्रक्रिया को नियमानुसार संचालित करना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है। समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार विचार-विमर्श कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों से बैठक में निर्धारित समय पर उपस्थित रहने की अपेक्षा की गई है। बैठक में पंजीयन एवं नवीनीकरण से जुड़े प्रकरणों के निराकरण के साथ-साथ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विदिशा की 17 गौशालाओं को मार्च 2026 तक कुल 4 करोड़ 7 लाख 5 हजार 820 रुपये की राशि जारी हुई
..
विदिशा जिले के विदिशा विकासखंड में निराश्रित और बेसहारा गौवंश के भरण-पोषण व बेहतर देखभाल के लिए शासकीय-अशासकीय गौशालाओं को पंजीयन प्रारंभ से मार्च 2026 तक  17 गौशालाओं को कुल 4 करोड़ 7 लाख 5 हजार 820 रुपये की रुपये की राशि जारी की गई है। राशि जारी करने का मुख्य उद्देश्य निराश्रित और बेसहारा गौवंश के भरण-पोषण तथा बेहतर देखभाल को सुनिश्चित करना है तथा गौवंश को चारा, भूसा और दाना उपलब्ध कराना, ताकि गौवंश को पर्याप्त आहार मिल सके। पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं का रखरखाव करना भी इसका मुख्यतम उद्देश्य है।
     
गौ संवर्धन बोर्ड द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार विदिशा विकासखंड की 17 ग्राम पंचायतों की 17 गौशालाओं को यह राशि जारी की गई है जिसमें 13 शासकीय गौशाला और 4 अशासकीय गौशाला शामिल हैं। जिन 13 शासकीय गौशालाओं को राशि जारी हुई है उसकी ग्राम पंचायत वार जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत नीमखेड़ा की गोवर्धन गौशाला को 1448520 रुपये, ग्राम पंचायत कबूला की जय मां गौरी गौशाला को 1558000 रुपये, ग्राम पंचायत सौथर की श्री कृष्ण गौशाला को 1740590 रुपए, ग्राम पंचायत इमलिया की श्री राधे राधे गौशाला को 1195430 रुपये, ग्राम पंचायत अमउखेड़ी की श्री वृंदावन गौशाला को 2251300 रुपये, ग्राम पंचायत पठारी हवेली की सांवरिया सेठ गौशाला को 2033600 रुपये, ग्राम पंचायत पीपरहूंठा की श्री बालकृष्ण गौशाला को 2517730 रुपये, ग्राम पंचायत जंबार की मातृभूमि राधे कृष्ण गौशाला को 1756580 रुपए, ग्राम पंचायत कागपुर की श्री वृंदावन गौशाला को 2593780 रुपए, ग्राम पंचायत सांकलखेड़ा खुर्द की श्री कृषि बलिेश्वरी गौशाला को 1593770 रुपए, ग्राम पंचायत पठारी हवेली की कामधेनु गौशाला को 2074280 रुपए, ग्राम पंचायत सलैया की श्री गोवर्धन गौशाला को 2095710 रुपये और ग्राम पंचायत घाटखेड़ी की कामधेनु गौशाला को 1438650 रुपये की राशि जारी हुई है।
     
इसी प्रकार 4 अशासकीय गौशालाओं को भी राशि जारी हुई है की जानकारी अनुसार विदिशा की श्री गोपाल कृष्ण गौशाला को 2988400 रुपये, विदिशा की दयोदय श्री विद्यासागर गौशाला को 8749360 रुपये, विदिशा की श्री पुरुषोत्तम गौशाला को 4083880 रुपए और ग्राम पंचायत ठर्र की श्री राम गौशाला को 586240 रुपये की राशि जारी हुई है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
भोपाल संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने आज कार्यालय जिला संयोजक, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग, विदिशा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=inspection nis:value=Inspection nis:enabled=true nis:link/>
रास्ता विवाद के प्रकरण में ग्राम काछीखेड़ा पहुंचा राजस्व अमला, मौके पर की गई जांच 
..
लटेरी तहसील के ग्राम काछीखेड़ा में रास्ते को लेकर उत्पन्न विवाद के संबंध में राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित स्थल का निरीक्षण करते हुए रास्ते की वास्तविक स्थिति, सीमाओं एवं आवागमन से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
राजस्व अधिकारियों ने मौके पर संबंधित पक्षों से चर्चा कर विवाद की स्थिति को समझा तथा उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का परीक्षण किया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांति एवं आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की। साथ ही रास्ते से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही। प्रशासन द्वारा रास्ता विवादों के त्वरित निराकरण के लिए मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और लंबे समय से चले आ रहे विवादों का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जा सके। ग्राम काछीखेड़ा के प्रकरण में भी जांच के उपरांत नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सिरोंज में विद्यार्थियों को दिया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण 
..
एसडीईआरएफ टीम ने सीपीआर, प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा एवं सर्पदंश से बचाव के बताए उपाय 
..
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार तथा डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड, जिला विदिशा श्री मयंक कुमार जैन के नेतृत्व में बुधवार को केडीबीएम इंटरनेशनल स्कूल, सिरोंज में आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसडीईआरएफ (SDERF) टीम ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टॉफ को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बाढ़, भूकंप, अग्निकांड, आकाशीय बिजली, सर्पदंश सहित अन्य आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षकों ने समझाया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम, सतर्कता और सूझबूझ से कार्य करना चाहिए। साथ ही स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ आसपास मौजूद लोगों की सहायता करने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया।

व्यावहारिक प्रशिक्षण से समझाए बचाव के तरीके -
    एसडीईआरएफ टीम द्वारा प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर (CPR), प्राथमिक उपचार, अग्नि दुर्घटना से बचाव तथा सर्पदंश की स्थिति में आवश्यक सावधानियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए इम्प्रोवाइज्ड बचाव उपकरण तैयार करने की प्रक्रिया भी विद्यार्थियों को समझाई गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्राथमिक उपचार, सीपीआर तथा सुरक्षित बचाव की जानकारी किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विद्यार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और उपलब्ध संसाधनों का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।

दामिनी एवं सचेत ऐप के उपयोग की दी जानकारी -
    कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टॉफ को दामिनी ऐप और सचेत ऐप के महत्व एवं उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि दामिनी ऐप आकाशीय बिजली एवं वज्रपात से संबंधित पूर्व चेतावनी प्राप्त करने में सहायक है। वहीं सचेत ऐप विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित अलर्ट एवं सुरक्षा दिशा-निर्देश उपलब्ध कराने में उपयोगी है।
विद्यार्थियों को इन ऐप्स का उपयोग करने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को भी इनके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि आपदा की स्थिति में समय रहते आवश्यक सावधानियां बरती जा सकें।

विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया प्रशिक्षण -
    आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने प्रशिक्षकों से आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी प्राप्त की तथा व्यावहारिक प्रदर्शन को ध्यानपूर्वक देखा। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वयं एवं दूसरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर श्री महेश पटवा ने एसडीईआरएफ टीम द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इससे उनमें आपदा के समय सही निर्णय लेने, स्वयं को सुरक्षित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर दूसरों की सहायता करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। उन्होंने एसडीईआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीईआरएफ टीम के जवान देवेंद्र सिंह परमार, माधव कुशवाह, गौरव रघुवंशी, देवेंद्र किलोरिया, सचिन कुशवाह एवं संदीप ने प्रशिक्षण प्रदान किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>