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PRO JS VIDISHA

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युवाओं ने वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन, वरिष्ठजनों की सेवा कर सीखे जीवन के मूल्य
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मेरा युवा भारत, जिला विदिशा द्वारा श्री हरि वृद्धाश्रम में अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
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युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित मेरा युवा भारत (MY Bharat), जिला विदिशा द्वारा समाज में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से श्री हरि वृद्धाश्रम, विदिशा में अनुभवात्मक प्रशिक्षण (एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सहानुभूति और सेवा भाव से जोड़ते हुए उन्हें सामाजिक दायित्वों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
    
कार्यक्रम के दौरान युवा स्वयंसेवकों ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के साथ आत्मीय समय बिताया। उन्होंने वरिष्ठजनों से संवाद कर उनके जीवन संघर्ष, अनुभव और मूल्यों को जाना तथा उनसे प्रेरणा प्राप्त की। स्वयंसेवकों ने प्रेमपूर्वक भोजन परोसकर उनकी सेवा की, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा और उनके साथ बैठकर आत्मीय चर्चा की। इस दौरान मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिससे वृद्धजनों और युवाओं के बीच अपनत्व का भाव और अधिक प्रगाढ़ हुआ।
    
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं ने समाज के प्रति अपने दायित्वों को निकट से समझा। वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों और मार्गदर्शन से उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को सीखने का अवसर मिला। यह पहल पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करने तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हुई।
    
कार्यक्रम में स्वयंसेवक रोहन सैनी, विवेक नामदेव, शाश्वत जैन एवं लेखराज डांगी ने सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका निभाई। उनकी सेवा भावना और समर्पण की सभी ने प्रशंसा की। इस अवसर पर मेरा युवा भारत, जिला विदिशा की उप निदेशक श्रीमती आकांक्षा महावेरिया, एमटीएस श्री ओमप्रकाश नामदेव, श्री हरि वृद्धाश्रम के प्रबंधक सहित आश्रम के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
   
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, देखभाल एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। मेरा युवा भारत, जिला विदिशा ने भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों के हित में ऐसे जनकल्याणकारी एवं अनुभवात्मक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया, ताकि युवाओं में सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक सशक्त हो सके। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
गोपालनगर स्कूल मामले में बड़ी कार्रवाई: शाला प्रभारी निलंबित
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विद्यालय भवन के रखरखाव में लापरवाही के चलते सिरोंज विकासखंड के प्राथमिक शाला गोपालनगर में हुई दुर्घटना के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। एक जुलाई  को विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा घायल हो गई थी। मामले की प्रारंभिक जांच में विद्यालय प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित शाला प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
   
प्राथमिक जांच में पाया गया कि विद्यालय की छत से लंबे समय से पानी का रिसाव हो रहा था तथा वाटरप्रूफिंग का कार्य सही ढंग से नहीं कराया गया था। इसके कारण छत की सरियों में जंग लग गई और प्लास्टर कमजोर होकर गिर गया, जिससे यह हादसा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि शाला प्रभारी द्वारा प्रतिवर्ष प्राप्त होने वाली शाला ग्रांट की राशि से भवन का आवश्यक रखरखाव नहीं कराया गया, जिसे दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया।
    
इसी आधार पर मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संशोधित आदेशों तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10(4) के तहत  जिला पंचायत सीईओ ने माध्यमिक शाला गोपालनगर के शाला प्रभारी श्री जनक खेस्स, माध्यमिक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
    
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सिरोंज निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान श्री जनक खेस्स,को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जिले में अब तक 178.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई
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विदिशा जिले में पिछले 24 घंटो में हुई बारिश की जानकारी देते हुए अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती सविता पटेल ने बताया कि जिले की तहसीलो में स्थापित वर्षामापी यंत्रो पर शनिवार चार जुलाई की प्रातः आठ बजे 21 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है।
 अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती पटेल ने बताया कि आज सर्वाधिक वर्षा नटेरन तहसील में 42 मिमी, जबकि सबसे कम लटेरी में तीन मिमी वर्षा दर्ज हुई है अन्य तहसीलो में दर्ज हुई वर्षा तदानुसार विदिशा में 7 मिमी, बासौदा में 13.2 मिमी, कुरवाई में 36 मिमी, सिरोंज में 30 मिमी, ग्यारसपुर में 12.5 मिमी, गुलाबगंज में 37 मिमी, तथा शमशाबाद तहसील में 14 मिमी तथा पठारी तहसील में 14.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
 जबकि आज दिनांक तक जिले की तहसीलो में दर्ज वर्षानुसार विदिशा में 148 मिमी, बासौदा में 153  मिमी, कुरवाई में 162.8 मिमी, सिरोंज में 270 मिमी, लटेरी में 280.4 मिमी, ग्यारसपुर में 124.5 मिमी, गुलाबगंज में 120 मिमी, नटेरन में 241 मिमी, शमशाबाद में 143 मिमी तथा पठारी तहसील में 141.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। इस प्रकार जिले में अब तक कुल 178.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
गोपालनगर स्कूल मामले में उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस, दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण
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विकासखंड सिरोंज के प्राथमिक/माध्यमिक शाला गोपालनगर में छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा के घायल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने जनपद शिक्षा केंद्र सिरोंज के उपयंत्री अनिल शर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
    
जारी नोटिस में कहा गया है कि तकनीकी दृष्टि से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि दुर्घटना का कारण छत से पानी का रिसाव, वाटरप्रूफिंग कार्य का ठीक ढंग से नहीं होना तथा सरियों में जंग लग जाना रहा, जिसके कारण छत का प्लास्टर गिरा। विभाग के अनुसार खंड स्तर पर शाला भवनों के तकनीकी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी उपयंत्री की होती है। ऐसे में नियमित निरीक्षण कर भवन की जर्जर स्थिति का आकलन करना तथा आवश्यकता होने पर कक्षाओं के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी।
    
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि गोपालनगर विद्यालय में हुई घटना से स्पष्ट होता है कि संबंधित उपयंत्री तकनीकी पर्यवेक्षण के दायित्वों के निर्वहन में विफल रहे। साथ ही, संपर्क किए जाने पर वे यह भी स्पष्ट नहीं कर सके कि संबंधित विद्यालय भवन का निर्माण किस एजेंसी द्वारा कराया गया था।
    
जिला शिक्षा केंद्र ने उपयंत्री अनिल शर्मा को निर्देश दिए हैं कि पत्र प्राप्त होने के दो दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण जिला शिक्षा केंद्र, विदिशा में प्रस्तुत करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी संविदा सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, सिरोंज में सीएलसी प्रवेश चरण शुरू 
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शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, सिरोंज में सीएलसी (कॉलेज लेवल काउंसलिंग) प्रवेश चरण प्रारंभ हो गया है। जिसकी अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 है। डिप्लोमा इंजीनियरिंग में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह प्रवेश का अंतिम सुनहरा अवसर है। शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, सिरोंज में सीएलसी राउंड के माध्यम से निम्न शाखाओं में रिक्त सीटों पर प्रवेश दिए जा रहे हैं जिनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शामिल है। इच्छुक अभ्यर्थी 04 जुलाई से 14 अगस्त 2026 के मध्य आवश्यक दस्तावेजों सहित महाविद्यालय पता पंडित दीन दयाल पार्क के पास सिरोंज में उपस्थित होकर अपना प्रवेश सुनिश्चित कराएं और अधिक जानकारी के लिए संपर्क सूत्र मो. 8319034281, 86304 77361 पर संपर्क करें। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
आरसेटी में आईटीआई प्रवेश कार्यशाला का आयोजन, युवतियों का मौके पर ही हुआ पंजीकरण 
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क्षेत्र की युवतियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में शासकीय आईटीआई विदिशा की टीम द्वारा विशेष प्रवेश कार्यशाला (एडमिशन वर्कशॉप) आयोजित की गई। कार्यशाला में युवतियों को आईटीआई में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
   
कार्यशाला के दौरान आईटीआई के विशेषज्ञों ने संस्थान में संचालित विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी ट्रेडों की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रवेश के लिए आवश्यक पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईटीआई का प्रशिक्षण युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इच्छुक युवतियों को केवल जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उनके लिए ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी की गई। आईटीआई टीम ने पात्र युवतियों के आवेदन प्रपत्र मौके पर ही भरवाकर उनका पंजीकरण किया, जिससे उन्हें अलग से संस्थान या अन्य केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
    
इस सुविधा का युवतियों ने उत्साहपूर्वक लाभ उठाया और बड़ी संख्या में तत्काल पंजीकरण कराया। प्रतिभागी युवतियों ने कहा कि एक ही स्थान पर प्रवेश संबंधी संपूर्ण जानकारी और तत्काल पंजीकरण की सुविधा मिलने से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को काफी सहूलियत मिली है। उन्होंने इस पहल को समय, श्रम और संसाधनों की बचत करने वाला प्रभावी प्रयास बताया।
   
कार्यशाला में शासकीय आईटीआई विदिशा की टीम, आरसेटी के संचालक एवं स्टाफ सहित बड़ी संख्या में प्रवेश के इच्छुक युवतियाँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से युवतियों को कौशल विकास से जोड़ने और उन्हें तकनीकी शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कौशल प्रशिक्षण में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात : शासकीय आईटीआई में प्रशिक्षण शुल्क में 25% की छूट एवं सभी प्रशिक्षणार्थियों के लिए दो किस्तों में शुल्क जमा करने की सुविधा
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कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा तकनीकी एवं कौशल शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रवेश सत्र 2026-27 से शासकीय आईटीआई में प्रवेश लेने वाली महिला प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण शुल्क में 25 प्रतिशत की रियायत प्रदान की गई है। साथ ही, सभी विद्यार्थियों के लिए प्रवेश शुल्क दो आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह निर्णय विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण परिवारों के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत राहतकारी एवं सराहनीय पहल है।

नई व्यवस्था के अनुसार पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कुल प्रवेश शुल्क ₹6090 तथा महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए मात्र ₹4755 निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रथम किस्त प्रवेश के समय तथा द्वितीय किस्त नवंबर-दिसंबर माह में जमा की जा सकेगी, जिससे किसी भी पात्र विद्यार्थी को आर्थिक कारणों से कौशल प्रशिक्षण से वंचित न रहना पड़े।

विदिशा जिले में 35 प्रतिशत महिला प्रवेश एवं शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से बालिकाओं एवं युवाओं तक प्रवेश संबंधी जानकारी पहुँचाई जा रही है, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी कौशल विकास से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

जिले की सभी शासकीय आईटीआई में प्रवेश पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं मार्गदर्शन हेतु हेल्प डेस्क संचालित हैं। इच्छुक अभ्यर्थी www.dsd.mp.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं अथवा अपने निकटतम शासकीय आईटीआई से संपर्क कर निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने जिले के अभिभावकों, युवाओं एवं विशेष रूप से बालिकाओं से अपील की है कि शासन द्वारा प्रदान की गई शुल्क रियायत एवं दो किस्तों में शुल्क जमा करने की सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए शासकीय आईटीआई में प्रवेश लेकर कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अपना सशक्त कदम बढ़ाएँ।

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एंचदा में सोयाबीन प्रदर्शन का किया अवलोकन, आधुनिक खेती एवं उद्यानिकी अपनाने की दी सलाह
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कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ने और उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं के तहत विकासखंड नटेरन के ग्राम एंचदा में राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन योजना अंतर्गत स्थापित सोयाबीन प्रदर्शन का उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन ने निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदर्शन प्लॉट का अवलोकन कर किसान को वैज्ञानिक खेती अपनाने तथा फसल प्रबंधन संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री राज रघुवंशी ने बताया कि ग्राम एंचदा के कृषक श्री लोकेश सोलंकी उर्फ लक्की सोलंकी, पिता श्री राजेंद्र सोलंकी, क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों में शामिल हैं। वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ कृषि विभाग के नियमित संपर्क में रहकर नवीन तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर सोयाबीन की उन्नत किस्म JS-2098 की बुआई रीज-फेरो पद्धति से की है, जिससे फसल की बेहतर वृद्धि एवं उत्पादन की संभावना बढ़ी है।

निरीक्षण के दौरान उपसंचालक श्री जैन ने खेत का भ्रमण कर फसल की स्थिति का अवलोकन किया तथा आगामी कृषि कार्यों, पोषक तत्व प्रबंधन एवं फसल संरक्षण संबंधी आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने किसान को सोयाबीन के साथ उद्यानिकी फसलों का समावेश कर आय के विविध स्रोत विकसित करने और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की सलाह भी दी।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जगदीश गुर्जर ने जानकारी दी कि संबंधित कृषक द्वारा मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में मिट्टी की जांच भी कराई गई है। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर किसान को संतुलित उर्वरकों एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई है, जिससे भूमि की उर्वरता बनाए रखते हुए अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके।

भ्रमण के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री रूपेश बघेल, कृषि विस्तार अधिकारी श्री राघवेंद्र अहिरवार, श्री अभिषेक जैन सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं क्षेत्र के अनेक कृषक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों से विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती अपनाने का आह्वान किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक शनिवार को
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जिले में राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा  बैठक कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में आज शनिवार 4 जुलाई  की पूर्वाहन  11:00 बजे से कलेक्ट्रेट बेतवा सभाकक्ष में संपन्न होगी।

बैठक में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्धारित एजेंडा के अनुसार आवश्यक जानकारी एवं अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित शाखाओं को एजेंडा से संबंधित समस्त जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, लंबित प्रकरणों के निराकरण, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, भू-अधिकार संबंधी मामलों तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों की समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर श्री गुप्ता ने सभी अधिकारियों को समयबद्धता एवं पूर्ण तैयारी के साथ बैठक में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
समग्र 2.0 एवं एमपी-ई सेवा पर सचिवों और रोजगार सहायकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण सम्पन्न, 58 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
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कलेक्टर विदिशा श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले में समग्र पोर्टल की प्रक्रियाओं को त्रुटिरहित एवं नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से प्रथम चरण में शुक्रवार, 3 जुलाई को शासन के निर्देशानुसार पर्यावरण अनुकूल अर्द्धदिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जनपद पंचायत बासौदा के ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें समग्र संबंधी प्रक्रियाओं, समग्र 2.0 लॉगिन तथा एमपी-ई सेवा जागरूकता विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समग्र पोर्टल की नवीन प्रक्रियाओं से अवगत कराना, समग्र 2.0 प्रणाली के प्रभावी संचालन में दक्ष बनाना तथा एमपी-ई सेवा के माध्यम से नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित करना था।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को समग्र आईडी से जुड़ी विभिन्न सेवाओं, परिवार एवं सदस्य विवरण के अद्यतन, दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, त्रुटि सुधार, समग्र 2.0 लॉगिन संचालन तथा पोर्टल में जोड़े गए नवीन फीचर्स की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही एमपी-ई सेवा के माध्यम से आमजन को उपलब्ध विभिन्न सेवाओं एवं उनकी सेवा प्रदाय प्रक्रिया की भी विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की गई, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर समग्र संबंधी कार्यों का प्रभावी एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद पंचायत बासौदा के 58 सचिवों एवं रोजगार सहायकों ने सहभागिता की। अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों से शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए समग्र पोर्टल पर दर्ज जानकारी को नियमित रूप से अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखने तथा नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शासन की जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं डिजिटल सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी
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तकनीकी शिक्षा से मिली सफलता की उड़ान: आईटीआई विदिशा के छात्र ऋतिक यादव बने मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी)
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शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (शासकीय आईटीआई) विदिशा के लिए यह गर्व का विषय है कि संस्थान के पूर्व प्रशिक्षणार्थी श्री ऋतिक यादव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और तकनीकी शिक्षा के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पद पर सफलता प्राप्त की है। इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में प्राप्त व्यावसायिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और सतत परिश्रम ने उन्हें रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। उनकी यह उपलब्धि संस्थान के वर्तमान प्रशिक्षार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि कौशल आधारित शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनती है।
     
श्री ऋतिक यादव ने शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान श आईटीआई विदिशा से सत्र 2023–25 में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने विद्युत वायरिंग, घरेलू एवं औद्योगिक विद्युत उपकरणों का संचालन, मरम्मत, सुरक्षा मानकों तथा व्यावहारिक कार्यों का गहन ज्ञान प्राप्त किया।
    
आईटीआई में प्राप्त तकनीकी शिक्षा, अनुशासन एवं प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने व्यक्तित्व एवं कार्यकुशलता का विकास किया। इसी का परिणाम है कि वर्तमान में श्री ऋतिक यादव का चयन मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पद पर हुआ है वर्तमान में उनकी पदस्थापना रायसेन जिले में है।
     
श्री ऋतिक ने बताया कि वर्तमान में उन्हें लगभग 20,000 रुपए प्रतिमाह वेतन प्राप्त हो रहा है। इस रोजगार के माध्यम से वह अपने परिवार की आर्थिक सहायता करने के साथ-साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
   
श्री ऋतिक ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, आईटीआई विदिशा के सभी प्रशिक्षकों एवं संस्थान द्वारा प्रदान किए गए गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण को दिया है। आईटीआई से प्राप्त ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास ने मुझे रोजगार प्राप्त करने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए सशक्त आधार प्रदान किया है। ऋतिक कहते हैं कि "कड़ी मेहनत, अनुशासन और तकनीकी कौशल ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।"

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ई-विकास प्रणाली में उर्वरक ई-टोकन बुकिंग का शुल्क 15 रुपये निर्धारित, अधिक राशि वसूलने पर होगी कार्रवाई
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प्रदेश में किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से 1 अप्रैल 2026 से ई-विकास प्रणाली का संचालन पूरे मध्यप्रदेश में प्रारंभ कि जा चुकी है। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ई-विकास प्रणाली अंतर्गत एमपी ऑनलाइन के माध्यम से उर्वरक ई-टोकन जनरेशन के लिए सेवा शुल्क 15 रुपये निर्धारित किया गया है।
    
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप सचिव द्वारा 29 अप्रैल  को जारी पत्र के अनुसार प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 24 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि किसानों से ई-टोकन बुकिंग के लिए केवल 15 रुपये का सेवा शुल्क ही लिया जाएगा। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि एमपी ऑनलाइन केंद्रों के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी किसानों से ई-टोकन बुकिंग के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं वसूलेंगे। सभी संबंधित केंद्रों को शासन द्वारा निर्धारित दर का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 
    
प्रशासन ने कहा है कि ई-विकास प्रणाली का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना है। इसलिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि किसी केंद्र पर निर्धारित 15 रुपये से अधिक शुल्क लिया जाता है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
शासकीय कन्या महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए दीक्षा आरंभ
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राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा में सत्र 2026-27 में नवप्रवेशी छात्राओं के लिए दीक्षारंभ समारोह 01 जुलाई से 03 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर नवप्रवेशी छात्राओं को महाविद्यालय एवं उनके कोर्स के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी ग‌ई। छात्राएँ महाविद्यालय की प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं स्टाफ़ से परिचित हुईं। उन्हें महाविद्यालय में मुहैया समस्त सुविधाओं की तथा करियर मार्गदर्शन , पुस्तकालय,एनसीसी, एनएसएस एवं स्पोर्ट्स इत्यादि की जानकारी दी ग‌ई, साथ ही यहाँ संचालित विभिन्न तरह के कोर्स, जैसे व्यवसायिक  पाठ्यक्रम,  सर्टिफिकेट कोर्स,  इत्यादि के संबंध में तथा उनके अपने विषयों के संबंध में जानकारी दी ग‌ई। उन्हें न‌ई शिक्षा नीति , मानसिक स्वास्थ्य, महाविद्यालय में संचालित अन्य गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।
    
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी  डी अहिरवार ने कहा कि नवप्रवेशी छात्राओं को उच्च शिक्षा, महाविद्यालय, कोर्स आदि से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इससे छात्राएँ न केवल महाविद्यालय से परिचित हो सकेंगी, बल्कि महाविद्यालय द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का भरपूर लाभ भी उठा सकेंगी। छात्राओं को महाविद्यालय परिसर का भी भ्रमण कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं स्टाफ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन डॉ॰ विनीता प्रजापति ने किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विकसित भारत की राह में ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती, गुलरखेड़ी में जिला स्तरीय जन सम्मेलन का शुभारंभ
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विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा ग्रामीण रोजगार को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी 'विकसित भारत की राम जी एक्ट' के तहत जिला स्तरीय जन सम्मेलन का शुभारंभ गुरूवार को गुलाबगंज तहसील की ग्राम पंचायत गुलरखेड़ी के मंडी प्रांगण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों का अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन व पूजन-अर्चना के साथ हुआ।
    
कार्यक्रम में विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता रघुवंशी, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ओपी सनोडिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
   
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने राम जी एक्ट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और समग्र विकास के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आंगनबाड़ी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से ग्रामीण भारत को समृद्ध बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी देश की 70 से 80 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य करा रही हैं। उन्होंने कहा कि राम जी एक्ट के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
     
विधायक श्री टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदल चुकी है। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विकास हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा लाड़ली बहना योजना के तहत हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी भी दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत का सपना गांवों के समग्र विकास के साथ साकार होगा और सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

विकसित भारत जी रामजी -
    विकसित भारत जी रामजी अंतर्गत ग्रामीण परिवार प्रति 125 दिनों का मजदूरी रोजगार धारा 5(1), जल सुरक्षा ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका और जलवायु लचीलेपन पर केंद्रित चार स्पष्ट रूप से परिभाषित प्राथमिक क्षेत्र धारा 4 (2) मजदूरी के लिए राज्य लागत साझेदारी अधिकांश राज्यों के लिए 60 अनुपात 40 कुछ विशेष श्रेणी वाले क्षेत्रों के लिए 90 अनुपात 10 धारा 22 (2) और (3), जब कार्य निष्पादित नहीं किया जाएगा तब राज्यों को वित्तीय वर्ष एफवाय में 60 दिनों तक सुचित करने की अनुमति होगी धारा 6 (2), रोजगार गारंटी की रक्षा करते हुऎ पूर्वानुमान में बजट सूनिश्चित करने वाला माणक पित पोषण धारा 22(4), संस्थागत समनवय और अवसंरचना योजना को एकीकृत करते हुऎ संस्थानिकृत अभिसरण और अवसंरचना योजना सूची एक की (6)।
    
विकसित भारत जी रामजी अंतर्गत बजट एवं वित्त पोषण -
    एफवाय 2026-27 के लिए अलग बजट मदें खोली गई हैं और बजट प्रावधान किए गए हैं। योजना का वार्षिक वित्तीय परिव्यय 1,51,282.05 करोड़ है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 95,692.31 करोड़ और राज्यों का हिस्सा 55,589.74 करोड़ है। नई संरचना के अंतर्गत राज्य लागत और उत्तरदायित्व दोनों को एक मानक आधारित आवंटन ढांचे के माध्यम से साझा करते हैं जिससे प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रोत्साहन मजबूत होते हैं और दुरुपयोग रुकता है। योजना ग्राम पंचायत योजनाओं के जरिए क्षेत्रीय वास्तविकताओं पर आधारित होती है। साथ ही केंद्र मानक तय करता है और राज्य जवाबदेही के साथ कार्यान्वयन करते हैं जिससे सहकारी साझेदारी बनती है जो दक्षता बढ़ाती है और परिणाम मजबूत करती है।
रोजगार की गारंटी, समय सीमा और मजदूरी रोजगार के लिए शर्ते

आवेदन को पंजीकृत किया जाएगा और एक रसीद जारी की जाएगी जिसमें तारीख होगी, जिसे दी गई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाएगा - अनुसूची ॥ की 2 (1)। आवेदन की तारीख से 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान किया जाना चाहिए धारा 3(1)। अधिनियम के प्रावधान के अनुसार दैनिक बेरोजगारी भत्ता देय होगा - धारा 11, वित्तीय वर्ष में एक परिवार को 125 दिनों का रोजगार धारा 5 (1)। प्रति कार्य दिवस के लिए निर्धारित मजदूरी दर पर साप्तहिक आधार पर, पखवाड़े से अधिक देर तक मजदूरी पाने का हकदार होगा - धारा 10, मस्टर रोल बंद होने के सोलहवें दिन के बाद तक बकाया मजदूरी पर प्रति दिन 0.05% की दर से देरी के लिए क्षतिपूर्ति का भुगतान अनुसूची-II की 6(1) राज्य को संवेदनशील समूहों की आवश्यकताओं का सक्रिय रूप से सत्यापन करना होगा और उन्हें काम उपलब्ध कराना होगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> Jansampark Madhya Pradesh
सोसायटी का निरीक्षण, ई-टोकन से उर्वरक वितरण के दिए निर्देश; किसानों को वितरित किया उन्नत उड़द बीज
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नटेरन क्षेत्र में खरीफ तैयारियों का लिया जायजा, उन्नत कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक खेती की दी जानकारी
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खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिले में लगातार क्षेत्रीय भ्रमण, सोसायटी निरीक्षण तथा किसानों के बीच उन्नत बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन ने गुरुवार को विकासखंड नटेरन के ग्राम एंचदा स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (सोसायटी) का निरीक्षण कर उर्वरक वितरण व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सोसायटी में उपलब्ध उर्वरक स्टॉक एवं गोदाम की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने समिति प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जाए तथा वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी या प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़े तथा सभी पात्र किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

इसी क्रम में ग्राम आमखेड़ा कालू में कृषि विभाग द्वारा आईटीसी ई-चौपाल के सहयोग से उड़द मिनीकिट बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जगदीश गुर्जर ने किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उड़द बीज वितरित किए। इस अवसर पर क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री राघवेंद्र अहिरवार, आईटीसी के श्री मनोज शर्मा, जिला पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच, जनपद सदस्य एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन की समय पर बुवाई सुनिश्चित करने तथा उड़द की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उत्पादन में वृद्धि होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बुवाई से पूर्व बीजोपचार, अनुशंसित किस्मों का चयन, समय पर बुवाई, मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग तथा खेतों में जल निकास की समुचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई।

कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (आईपीएम), खरपतवार नियंत्रण, मौसम आधारित कृषि सलाह तथा वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, फसल की गुणवत्ता में सुधार आता है तथा किसानों को अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

कृषि विभाग ने किसानों से शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा तकनीकी मार्गदर्शन के लिए अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारियों से नियमित संपर्क बनाए रखने का आग्रह किया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कृषि विभाग का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस पहल से खरीफ सीजन की बुवाई समय पर एवं बेहतर ढंग से संपन्न होगी और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन कार्रवाई: डेयरी, मिठाई एवं चांदी वर्क के लिए नमूने
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न्यू दीक्षित डेयरी से मिश्रित दूध तथा बीकानेर स्वीट्स से चांदी वर्क व मावा बर्फी के नमूने लेकर जांच हेतु भोपाल भेजे जाएंगे
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित किए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मोहनगिरि माता मंदिर के समीप स्थित न्यू दीक्षित डेयरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डेयरी में उपलब्ध मिक्स दूध (मिश्रित दूध) का नमूना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संग्रहित किया गया। निरीक्षण के दौरान डेयरी में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों तथा खाद्य पदार्थों के रख-रखाव का भी परीक्षण किया गया।

इसके पश्चात शहर की मिठाई दुकानों का निरीक्षण करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मिठाइयों में उपयोग किए जाने वाले चांदी वर्क की गुणवत्ता की जांच की। पीतलमिल चौराहा स्थित बीकानेर स्वीट्स से चांदी वर्क एवं चांदी वर्क लगी हुई मावा बर्फी के नमूने लिए गए। इन नमूनों को विधिवत सीलबंद कर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी नमूने में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
 
उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं गुणवत्ता परीक्षण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी, ताकि मिलावटखोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
लटेरी के उनारसीकला में वीबी-जी राम-जी मिशन का शुभारंभ, विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने ग्रामीणों को बताए योजना के लाभ
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विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM-G के शुभारंभ अवसर पर गुरुवार को विकासखंड लटेरी की ग्राम पंचायत उनारसीकला में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिरोंज विधायक श्री उमाकांत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने तथा गांवों के समग्र विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री शर्मा ने मिशन के उद्देश्यों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सके।

इस अवसर पर ग्रामीणों को आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा सामुदायिक सहभागिता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने मिशन के क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्राम स्तर पर योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए शासन की योजनाओं में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
वीबी-जी राम जी योजना के शुभारंभ पर एंचदा में विशेष ग्राम सभा आयोजित 
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शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, कृषि उन्नयन, जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका पर हुआ व्यापक संवाद
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शासन की महत्वाकांक्षी वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) – विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के शुभारंभ के अवसर पर विकासखंड नटेरन की ग्राम पंचायत एंचदा में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला स्तरीय नोडल अधिकारी एवं उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन ने की।

ग्राम सभा में ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन, जल संरक्षण, महिला सशक्तीकरण तथा हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने तथा ग्राम के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कृषि एवं ग्रामीण विकास पर दिया विशेष मार्गदर्शन -

उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन ने किसानों एवं ग्रामीणजनों को कृषि और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सशक्त एवं आत्मनिर्भर गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया।

ग्राम सभा में उन्होंने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके अंतर्गत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की जानकारी देते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्डों का वितरण किया गया। साथ ही सोयाबीन, धान, मक्का एवं मूंगफली की उन्नत खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों से अवगत कराया गया। उन्होंने टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण एवं संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

जल संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष जोर -

ग्राम सभा में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए वर्षा जल संचयन एवं जल संरचनाओं के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया। किसानों को चारा प्रबंधन के लिए चैफ कटर जैसे उन्नत कृषि यंत्रों की उपयोगिता समझाई गई, जिससे पशुपालन को भी बढ़ावा मिल सके।
बैठक में महिला सशक्तीकरण को ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए महिलाओं की योजनाओं में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही खेतों तक पहुंच मार्ग की आवश्यकता एवं खेत तालाब निर्माण संबंधी मांगों को भी ग्राम सभा में दर्ज किया गया, ताकि भविष्य की कार्ययोजना में उन्हें प्राथमिकता दी जा सके।

जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही सहभागिता -

विशेष ग्राम सभा में ग्राम पंचायत एंचदा के सरपंच प्रतिनिधि श्री सालकराम राठौर, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि श्री लक्ष्मण सिंह राजपूत, जिला कार्यालय से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री रूपेश बघेल, कृषि विभाग नटेरन के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जगदीश गुर्जर, क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री अभिषेक जैन, श्री राघवेंद्र अहिरवार, श्री राज रघुवंशी, पंचायत सचिव श्री दीवान सिंह मीणा सहित बड़ी संख्या में कृषक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। 

ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ रोजगार, आजीविका, कृषि विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जल संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन समारोह उत्सव के रूप में संपन्न
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मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा जल संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन समारोह बुधवार को विकासखंड विदिशा की भगत सिंह कॉलोनी स्थित ऐतिहासिक बावड़ी पर उत्सव के रूप में आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेश के सैकड़ों ग्रामों में जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनके आसपास की साफ-सफाई, गहरीकरण तथा संरक्षण की कार्ययोजना तैयार की गई। द्वितीय चरण में जल मंदिरों की स्थापना के साथ कुओं, तालाबों एवं नदियों की सफाई का कार्य किया गया। वहीं तृतीय एवं अंतिम चरण में कुओं एवं बावड़ियों की साफ-सफाई, जीर्णोद्धार तथा गहरीकरण के कार्य संपन्न किए गए। तीन माह तक चले इस व्यापक जनभागीदारी अभियान का समापन समारोह आयोजित कर अभियान को औपचारिक विराम दिया गया।

समापन कार्यक्रम में विकासखंड की नवांकुर संस्थाओं, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा भजन संध्या, देवी-गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। इसके पश्चात विधिवत बावड़ी पूजन किया गया।

मंचीय कार्यक्रम के दौरान जन अभियान परिषद, विदिशा की जिला समन्वयक श्रीमती पूजा श्रीवास्तव ने जल संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए जल के महत्व और उसके संरक्षण में जनसहभागिता की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से जल स्रोतों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में विकासखंड समन्वयक श्री दीपक बाथम ने उपस्थित सभी अतिथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सेक्टर विदिशा के नवांकुर पदाधिकारी श्री अतुल शाह ने किया। समारोह की व्यवस्थाओं तथा बावड़ी को आकर्षक ढंग से पुष्पों से सजाने में कागपुर सेक्टर नवांकुर अध्यक्ष श्री मनोज चतुर्वेदी का विशेष सहयोग रहा, जिसकी उपस्थित जनों ने सराहना की। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=जल_गंगा_संवर्धन_अभियान nis:value=जल_गंगा_संवर्धन_अभियान nis:enabled=true nis:link/>
बावड़ी उत्सव के साथ जलगंगा संवर्धन अभियान का समापन
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मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड सिरोंज (जिला विदिशा) के सेक्टर गरेंठा अंतर्गत ग्राम पारधा में जलगंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने बावड़ी के भीतर एवं आसपास व्यापक साफ-सफाई कर उसे आकर्षक रूप से सजाया तथा जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया। 

इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी गोविंद सिंह रघुवंशी, विकासखंड समन्वयक चरण सिंह दांगी, नवांकुर संस्था कचनारिया के रामचरण कुर्मी, नवांकुर संस्था गरेंठा के अंकेश कुर्मी एवं किशोर कुर्मी, समिति पारधा के अध्यक्ष अमर सिंह कुशवाहा, मेंटर दिनेश शाक्य, एमएसडब्ल्यू की छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जल संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी से इनके संरक्षण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=जल_गंगा_संवर्धन_अभियान nis:value=जल_गंगा_संवर्धन_अभियान nis:enabled=true nis:link/>
💧 जल गंगा संवर्धन अभियान
समापन समारोह
📍 अटल पार्क, विदिशा

मध्यप्रदेश शासन के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री
श्री उदय प्रताप सिंह ने अभियान के समापन समारोह में सहभागिता कर जल संरक्षण के संकल्प को और सशक्त किया।

19 मार्च से 30 जून तक जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु व्यापक कार्य किए गए।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

"जल है तो कल है — आइए, जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाएं।" 💙🌿

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मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना में 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित
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मुख्यमंत्री जी के लाइव उद्बोधन को विदिशा के विदिशा के एनआईसी वीसी कक्ष में देखा सुना गया
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने आज बुधवार को सिवनी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के अंतर्गत 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का ई-हस्तांतरण किया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विदिशा स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में भी किया गया, जहां योजना के लाभार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम को देखा-सुना है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री जी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना तथा योजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की।
    
इससे पूर्व विदिशा के एनआईसी में आयोजित कार्यक्रम में विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन और अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के पात्र लाभार्थियों को ई-भुगतान आदेश के स्वीकृति पत्र वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है तथा सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचा रही है।

Jansampark Madhya Pradesh 
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बेतवा नदी में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के तीसरे दिन मॉक ड्रिल आयोजित, जवानों ने दिखाए रेस्क्यू कौशल 
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होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला विदिशा में बंगला घाट स्थित बेतवा नदी पर 29 जून  से 40 होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ (SDERF) जवानों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्यों के लिए जवानों को व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाना है।

प्रशिक्षण के तृतीय दिवस पर प्रशिक्षकों द्वारा जवानों को जल आपदाओं के दौरान किए जाने वाले रेस्क्यू कार्यों की बारीकियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में नदी, बाढ़ एवं जलभराव जैसी परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए आवश्यक तकनीकों, सुरक्षा उपायों तथा आधुनिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई।

कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे के नेतृत्व में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया। इस दौरान नाव पलटने की स्थिति, नदी के बीच टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने तथा डीप डाइविंग के माध्यम से खोज एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। जवानों ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन कर अपनी दक्षता का परिचय दिया।

मॉक ड्रिल के दौरान अपर कलेक्टर श्री अनिल डामोर एवं एसडीएम श्री क्षितिज शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने आपदा प्रबंधन से संबंधित उपकरणों की जानकारी प्राप्त की तथा प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। अधिकारियों ने बचाव कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों एवं जवानों की तैयारियों का जायजा लेते हुए आवश्यक निर्देश भी दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिले में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से जवानों की क्षमता में वृद्धि होगी और वे किसी भी आपदा की स्थिति में बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

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कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ विवादित भूमि का सीमांकन 
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता को जनसुनवाई कार्यक्रम में प्राप्त आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सिरोंज एसडीएम श्री हरिशंकर विश्वकर्मा ने बताया है कि अनुविभाग सिरोंज अंतर्गत ग्राम सांखला/दीपनाखेड़ा में लंबे समय से लंबित एक विवादित भूमि प्रकरण का सीमांकन कार्य प्रशासन की निगरानी में संपन्न कराया गया। आवेदक गणेशराम द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर राजस्व विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की।

सीमांकन कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार श्री मायाराम यादव और पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की गई। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में राजस्व अमले ने संबंधित भूमि का सीमांकन किया और मौके पर उपस्थित पक्षकारों को सीमाओं की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि सीमांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं राजस्व अभिलेखों के आधार पर किया गया है। इस दौरान भूमि की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर निर्धारित सीमाओं का चिन्हांकन किया गया। प्रशासन ने दोनों पक्षों से कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा राजस्व विभाग द्वारा किए गए सीमांकन का सम्मान करने की अपील की।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से कराए गए सीमांकन कार्य की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि राजस्व संबंधी विवादों के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों को कम किया जा सके और आमजन को समय पर न्याय मिल सके। इस कार्रवाई से संबंधित क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी असमंजस की स्थिति समाप्त होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

Jansampark Madhya Pradesh 
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विदिशा में अवैध शराब का बड़ा जखीरा जब्त, 418 पाव देशी मसाला मदिरा बरामद 
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कलेक्टर के निर्देशन में आबकारी विभाग की कार्रवाई, आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज 
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कलेक्टर विदिशा श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी श्री विकास त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है।

आबकारी उपनिरीक्षक संजय इवने के नेतृत्व में वृत्त विदिशा ‘अ’ क्षेत्र में मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर दुर्गानगर चौराहा स्थित रेमण्ड शोरूम के पीछे एक मकान पर छापामार कार्रवाई की गई। विधिवत तलाशी के दौरान आरोपी राहुल प्रजापति, पिता गोटीराम, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम शोनाखेजड़ा के कब्जे से दो प्लास्टिक की बोरियों में रखी कुल 418 पाव अवैध देशी मसाला मदिरा बरामद की गई। जब्त मदिरा की कुल मात्रा 75.24 बल्क लीटर पाई गई।

आबकारी विभाग ने मौके पर मदिरा को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। विभाग द्वारा मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक संजय इवने के साथ आबकारी आरक्षक पवन गौर, राहुल राठौर, प्रमोद धुर्वे एवं प्रीति परिहार का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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