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PRO JS VIDISHA

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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने छात्र-छात्राओं से आईटीआई में प्रवेश लेने की अपील की।
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रोजगार परक शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक दसवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी 30 जून तक कराएं पंजीयन।
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आईटीआई सबसे कम फीस केवल 6090 में छात्र-छात्राओं को रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ता है।

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युवाजनों के लिए आईटीआई में रोजगार के सुनहरे अवसर
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शासकीय आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया जारी, 30 जून तक होंगे ऑनलाइन पंजीयन
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शासकीय आईटीआई विदिशा में सत्र 2026-27 हेतु विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 जून 2026 तक ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। विद्यार्थियों की सुविधा एवं मार्गदर्शन के लिए संस्था परिसर में हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है, जहां प्रवेश संबंधी जानकारी के साथ ऑनलाइन पंजीयन में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
    
संस्था की प्राचार्या ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराकर अभ्यर्थी रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। आईटीआई प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार, अप्रेंटिसशिप एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराता है। साथ ही दो वर्षीय व्यवसाय पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को 12वीं समकक्षता प्रमाण पत्र का लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से हेल्प डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रवेश पंजीयन में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर अभ्यर्थी हेल्प डेस्क अथवा नोडल प्रवेश प्रभारी के मो. नं.  +91 94065 64234 पर संपर्क कर सकते हैं।
     
विदिशा जिले के सभी 10 वीं कक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह है कि आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया 26 मई से प्रारम्भ हो गई है , आईटीआई सबसे कम फीस केवल 6090 में आपको रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ता है ,जिले में 7 शासकीय आईटीआई में विभिन्न आधुनकि व्यवसाय सोलर टेक्नीशियन, ड्रोन टैक्नीशियन, मैकेनिक मोटर व्हीकल आदि संचालित हैं, जिनमें उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है एवं 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित कराया जाता है।
विशेष रूप से बालिकाओं से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आईटीआई में प्रवेश लेकर कौशल प्रशिक्षण से जुड़ें और आत्मनिर्भर बनें। विशेष लाभ दो वर्षीय प्रशिक्षण उपरांत 12वीं की समकक्षता प्रमाण पत्र एवं अग्निवीर भर्ती में बोनस नंबर मिलते हैं।  

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उद्यान विभाग में जिला रिसोर्स पर्सन हेतु आवेदन आमंत्रित
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खादय प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMEME) स्कीम अंतर्गत योजना के दिशा-निर्देश अनुसार जिला स्तरीय कियान्वयन समिति का गठन किया जा चुका है। आत्म निर्भर भारत अभियान के दिशा-निर्देश अनुसार जिला एवं क्षेत्रीय स्तर पर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के इच्छुक लाभार्थियों को हैंड होल्डिंग सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला रिसोर्स पर्सन (फेसिलेटर) के रूप में चयन किया जाना है।
    
आवेदन की अंतिम तिथि 18 जून 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन मय दस्तावेजो के कार्यालय सहायक संचालक- उद्यान कक्ष क्रमांक 247 न्यू कलेक्ट्रेट कंपोजिट भवन विवेकानंद चौराह जिला विदिशा मोबाईल नंबर 7898853375 समय प्रात 10 बजे से सांय 05 बजे तक ऑफ लाईन आवेदन स्वीकार किये जायेगें।

जिला रिसोर्स पर्सन के कार्य -
     रिसोर्स पर्सन, एकल उद्योगो एवं समूहो को डीपीआर तैयार करने बैंक से ऋण लेने FSSAI के खाद्य मानको, उद्योग आधार, जीएसटी आदि सहित आवश्यक पंजीकरण एवं लायसेंस प्राप्त करने में सहायता जैसी हेल्ड होल्डिंग सेवाये प्रदान करेगें।
   प्रत्येक लाभार्थी को उपलब्ध कराई गई सहायता के आधार पर रिसोर्स पर्सन को भुगतान बैंक से ऋण स्वीकृति के आधार पर 20 हजार रुपये के मान से किया जायेगा। 50 प्रतिशत राशि का भुगतान ऋण की स्वीकृति के पश्चात किया जायेगा ताकि शेष 50 प्रतिशत राशि का भुगतान उद्योग आधार पंजीकरण प्राप्त होने तथा FSSAI मानको के अनुपालन परियोजना के इम्प्लीमेटेंशन तथा ट्रेनिंग प्रदान करने के पश्चात किया जायेगा।  

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सफलता की कहानी :खेत तालाब बना किसान की समृद्धि का आधार, सिंचाई संकट से मिली मुक्ति
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाढेर में किसान श्री अवध नारायण के खेत पर खेत तालाब का निर्माण कराया गया। यह कार्य आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। वर्षा आधारित कृषि पर निर्भर इस क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने से किसानों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वर्षा समाप्त होने के बाद खेतों में नमी की कमी हो जाती थी, जिससे फसलों का उत्पादन प्रभावित होता था और किसानों की आय सीमित रह जाती थी।

मनरेगा के तहत खेत तालाब निर्माण स्वीकृत होने के बाद श्री अवध नारायण के खेत में वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था विकसित हुई। अब वर्षा का पानी तालाब में संग्रहित होकर लंबे समय तक सिंचाई के लिए उपलब्ध रहता है। इससे रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई सुगमता से हो रही है और किसान को केवल एक फसल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। खेत तालाब के कारण वर्ष में दो से तीन फसलें लेने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

तालाब निर्माण से खेत की जलधारण क्षमता में सुधार हुआ है तथा आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। सिंचाई सुविधा मिलने से गेहूँ, चना एवं सब्जियों जैसी फसलों का रकबा बढ़ा है, जिससे कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही परिवार की आय में भी निरंतर सुधार आया है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

इस कार्य का लाभ केवल श्री अवध नारायण के परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के किसानों को भी जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरणा मिली है। खेत तालाब आज ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता वृद्धि और आजीविका संवर्धन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

 लाभार्थी का कथन -
    "मनरेगा के तहत मेरे खेत में तालाब बनने से सिंचाई की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। अब वर्षा का पानी व्यर्थ नहीं जाता और मैं अधिक क्षेत्र में खेती कर पा रहा हूँ। इससे मेरी आय बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। इसके लिए मैं मनरेगा योजना एवं ग्राम पंचायत का हृदय से आभारी हूँ।" मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण एवं किसानों की आय वृद्धि की दिशा में किए जा रहे प्रभावी प्रयासों को दर्शाती है।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए विदिशा में व्यापक तैयारियां जारी, 
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन को लेकर जिले में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। शासन के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 जून  को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 11 मई से काउंटडाउन कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया गया है, जिसके अंतर्गत 50वें एवं 25वें दिवस पर भव्य योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जिले में योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और अधिकाधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। काउंटडाउन कार्यक्रमों के माध्यम से वर्तमान तिथि तक कुल 7,064 लाभार्थी योगाभ्यास एवं योग संबंधी गतिविधियों से लाभान्वित हो चुके हैं।

शासन के निर्देशानुसार प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक योगाभ्यास कराया जा रहा है। यह कार्यक्रम  ZOOM Meeting एवं YouTube प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय, भोपाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। योगाभ्यास कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण आयुष विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा किया जा रहा है, जिससे कार्यक्रमों की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।

जिला आयुष अधिकारी डॉ दिनेश अहिरवार ने बताया है कि जिले के मुख्य योग दिवस समारोह का आयोजन गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिला मुख्यालय के खेल परिसर,  में प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से जिले के सभी विकासखंडों में भी योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।

प्रशासन द्वारा जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे योग दिवस के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। साथ ही जिले की वेबसाइट, समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जनस्वास्थ्य अभियान से जुड़ सकें।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए जिले में विभिन्न विभागों के समन्वय से तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष भी योग दिवस कार्यक्रम जनभागीदारी के नए आयाम स्थापित करेगा। 

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विश्व साइकिल दिवस पर निकली जागरूकता रैली, खिलाड़ियों और आमजन ने दिया स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण का संदेश 
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खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व साइकिल दिवस तीन जून के अवसर पर बुधवार को जिला खेल परिसर, स्टेडियम विदिशा से भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। प्रातः 7 बजे प्रारंभ हुई इस रैली में विभिन्न खेलों के खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में आमजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
साइकिल रैली का शुभारंभ जिला खेल परिसर स्टेडियम से हुआ। रैली नीमताल, ओवरब्रिज, एसएटीआई, पीतलमील चौराहा, मंडी ओवरब्रिज, जयप्रकाश मंच माधवगंज, स्टेशन चौराहा तथा पुराना अस्पताल मार्ग से होते हुए पुनः जिला खेल परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।

रैली के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति एवं जनजागरूकता से जुड़े नारों के साथ साइकिल चलाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण तथा ईंधन की बचत का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को नियमित व्यायाम, स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था।

जिला खेल अधिकारी श्री प्रदीप सिंह रावत ने बताया कि विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस रैली में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों एवं नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। उन्होंने कहा कि साइकिल का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसपी जाटव, जिला क्रीड़ा अधिकारी (स्कूल शिक्षा विभाग) श्री प्रशांत रघुवंशी सहित खेल संघों के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री शैलेन्द्र सरभैया, श्री अवधेश दुबे, श्री रविकांत नामदेव, श्री लक्ष्मीनारायण पटेल, श्रीमती ज्योति ठाकुर, श्री ऋषभ विश्वकर्मा, श्री अजय चौहान, श्री योगेश धुर्वे, श्री संतोष शाक्य, श्री सोनू शाक्य, श्री धीरेन्द्र मिश्रा, श्री राकेश शर्मा सहित अनेक खिलाड़ी एवं खेल प्रशिक्षकों ने सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया।

विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित इस रैली ने युवाओं एवं नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। 

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विदिशा में तेजस कार्यशाला का आयोजन, युवाओं और उद्यमियों को स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी गई विस्तृत जानकारी
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जिले के युवाओं एवं उद्यमियों को सशक्त बनाने तथा स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी (DPIIT), एम.पी. स्टार्टअप सेंटर तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, विदिशा के संयुक्त तत्वावधान में सम्राट अशोक अभियांत्रिकी संस्थान (SATI) के कैलाश सत्यार्थी हॉल में TEJAS (Transforming Entrepreneurial Journeys Across States & Districts) जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
    
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन , विशेष अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति राकेश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री क्षितिज शर्मा, तथा अन्य अतिथियों की  उपस्थित में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
    
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप संस्थापकों तथा उद्यमियों को शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों एवं व्यवसायिक अवसरों की जानकारी प्रदान करना था। इस अवसर पर प्रतिभागियों को एम.पी. स्टार्टअप पॉलिसी, स्टार्टअप इंडिया रिकग्निशन, फंडिंग एवं निवेश के अवसर, मार्केट एक्सेस, निर्यात संवर्धन, GeM ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
    
कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी, एमपीआईडीसी, एम.पी. स्टार्टअप सेंटर एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने उद्यमिता विकास, नवाचार, व्यवसाय विस्तार तथा सरकारी सहायता योजनाओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों ने युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया तथा स्टार्टअप पंजीयन, वित्तीय सहायता एवं विपणन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।
    
कार्यशाला में एम.पी. स्टार्टअप सेंटर भोपाल के वरिष्ठ सलाहकार श्री शिवांशु पालिया, एमपीआईडीसी भोपाल के महाप्रबंधक श्री राहुल शर्मा, सेक्टर एक्सपर्ट श्री ईश पलटानी, डीपीआईआईटी के श्री रित्विक मल्होत्रा (वर्चुअल), ओडीओपी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री हरपित सिंह (वर्चुअल), जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विदिशा के महाप्रबंधक श्री अशोक श्रीवास्तव, आरसेटी निदेशक श्री फटीक चंद्र मेहली, आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री आलोक रावत, लीड बैंक मैनेजर श्री बी.एस. बघेल, स्टार्टअप नोडल अधिकारी एसएटीआई श्री दिव्य ऋषि सांई, इनक्यूबेशन हेड श्री ओमकार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
    
इसके अतिरिक्त जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की सहायक प्रबंधक श्रीमती जयंती कुमारी, सुश्री शिवानी सिंह एवं सुश्री रितु साहू सहित जिले के विभिन्न स्टार्टअप प्रतिनिधि, उद्यमी, विद्यार्थी एवं नवाचारकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सेडमेप के जिला समन्वयक श्री दिनेश गावड़े ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सहायक प्रबंधक सुश्री शिवानी सिंह द्वारा किया गया।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने व्यवसायिक विचारों, स्टार्टअप पंजीयन, वित्तीय सहायता, विपणन एवं निर्यात संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। कार्यक्रम ने युवाओं में उद्यमिता के प्रति उत्साह बढ़ाने तथा जिले में नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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सफलता की कहानी: प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भरता की ओर
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विदिशा के औलिंजा ग्राम की श्रीमती नर्वदी कुशवाह अपने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की प्रेरक पहचान बनीं
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मध्यप्रदेश की मेहनती और प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती नर्वदी कुशवाह आज अपने गांव में प्राकृतिक खेती और महिला
सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि किसान प्रकृति के साथ जुड़कर खेती करे, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन के साथ आत्मनिर्भरता भी प्राप्त की जा सकती है।
     
ग्यारसपुर विकासखंड के ग्राम औलिंजा निवासी श्रीमती नर्वदी कुशवाह कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। इसके साथ ही वे कृष्णा स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और समूह के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदम -
    पहले उनके खेत में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग किया जाता था, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी और मिट्टी की उर्वरता भी कम हो रही थी ATMA परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने का निर्णय लिया। आज वे अपने खेत में प्राकृतिक विधि से विभिन्न फसलों एवं सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जगह जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग शुरू किया, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हुआ और उत्पादन लागत भी कम हुईं।

देशी गाय आधारित प्राकृतिक उत्पाद निर्माण -
   नर्बदी कुशवाह अपने घर पर देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कई जैविक उत्पाद तैयार करती हैं, जैसे- जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र। इन उत्पादों का उपयोग वे स्वयं अपनी खेती में करती हैं तथा अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराती हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गांव में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

अन्य किसानों को कर रहीं जागरूक -
   वे केवल स्वयं प्राकृतिक खेती नहीं कर रहीं, बल्कि गाँव-गाँव जाकर अन्य किसानों को भी रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं किसानों को वे प्राकृतिक उत्पाद बनाने की विधि, कम लागत वाली खेती और मिट्टी संरक्षण के बारे में जानकारी देती हैं। उनकी प्रेरणा से कई किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

महिला समूह से आत्मनिर्भरता -
    कृष्णा स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद दीदी अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण और सहयोग दे रहीं हैं। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की राह दिखाई।

कम लागत अधिक लाभ -
   प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी खेती की लागत में कमी आईं है तथा गिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार हुआ है। अब उन्हें अपनी उपज के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं क्योंकि लोग रसायन मुक्त उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं।

प्रेरणादायक संदेश -
   प्राकृतिक खेती मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य तीनों के लिए लाभकारी है। "देशी गाय आधारित खेती किसानों को आत्मनिर्भर बना सकती है। "जब महिलाएँ खेती में नेतृत्व करती हैं, तब पूरा गाँव प्रगति करता है। "कम लागत और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग से खेती लाभकारी बन सकती है।

निष्कर्ष -
   श्रीमती नर्वदी कुशवाह की सफलता कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और प्राकृतिक खेती के प्रति विश्वास से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं ये आज अपने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की प्रेरक पहचान बन चुकी हैं और अन्य किसानों को भी टिकाऊ एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। "प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन, समृद्ध किसान और सुरक्षित भविष्य की दिशा है।

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कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड ने मृदा परीक्षण अभियान तहत किसानों को मिट्टी परीक्षण की जानकारी दी
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ग्राम ठर्र और पीपरहुंठा में मृदा परीक्षण अभियान का आयोजन किया गया
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कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड, विदिशा द्वारा मृदा परीक्षण अभियान आयोजित कर किसानों को मिट्टी परीक्षण की जानकारी प्रदान की गई है। कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको), द्वारा विदिशा के दो ग्राम ठर्र और पीपरहुंठा में मृदा परीक्षण अभियान का आयोजन किया गया। दोनों ग्रामों में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रगतिशील कृषक और अन्य किसान व ग्रामीण जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री विकाश राणा (क्षेत्रीय प्रतिनिधि प्रशिक्षु), कृभको विदिशा द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान करते हुए कृभको के स्वर्णिम इतिहास एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रत्येक दो वर्ष में खेत की मिट्टी का परीक्षण करवाना आवश्यक है, जिससे भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति की सही जानकारी प्राप्त हो सके तथा आवश्यकतानुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया जा सके। उन्होंने किसानों को मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि, मृदा परीक्षण से होने वाले लाभ, तथा कृभको द्वारा संचालित निःशुल्क मृदा परीक्षण सेवा के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। 
   
कार्यक्रम के दौरान किसानों को उर्वरकों के उचित एवं संतुलित उपयोग, तरल जैव उर्वरकों के महत्व तथा लाभदायक फफूंद माइकोराइजा के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही किसानों को भूमि में घटते ऑर्गेनिक कार्बन के स्तर के प्रति जागरूक करते हुए सिटी कम्पोस्ट, गोबर खाद तथा अन्य कार्बनिक उत्पादों के उपयोग की सलाह दी गई। साथ ही किसानों को नवीन ई-टोकन प्रणाली की जानकारी भी प्रदान की गई।

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विश्व साइकिल दिवस पर जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संदेश 
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विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत  विदिशा द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा के समन्वय से विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन में साइकिल के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर एक भव्य जागरूकता साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें छात्राओं, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के माध्यम से लोगों को साइकिल के नियमित उपयोग के लाभों, प्रदूषण नियंत्रण, ईंधन की बचत तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अपनाने का संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न नारों एवं संदेशों के जरिए समाज को स्वस्थ और हरित भविष्य के लिए साइकिल को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा साइकिल के महत्व पर आधारित नुक्कड़ नाटक (स्किट) भी प्रस्तुत किया गया। नाटक में आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं, बढ़ते प्रदूषण और यातायात संबंधी चुनौतियों को दर्शाते हुए साइकिल को एक सरल, सस्ता, स्वास्थ्यवर्धक एवं पर्यावरण हितैषी साधन के रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से प्रभावित किया।

इस दौरान युवाओं को मेरा युवा भारत (MY Bharat) के "Nation's First" अभियान से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उनकी सकारात्मक ऊर्जा, नवाचार एवं सामाजिक भागीदारी से राष्ट्र के विकास को नई दिशा मिल सकती है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। डॉ. शांता अहिरवार (एनएसएस समन्वयक), श्रीमती आकांक्षा माहावेरिया (उप निदेशक, मेरा युवा भारत, विदिशा) तथा डॉ. विनीता प्रजापति (एनसीसी प्रभारी) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए साइकिल को स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, स्टाफ सदस्य, एनएसएस एवं एनसीसी के स्वयंसेवकों सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता की। आयोजन के माध्यम से युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संवर्धन और राष्ट्रहित के अभियानों से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया।

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बिजली कंपनी ने कंरट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने किया अगाह 
व्याीपारी व फेरीवाले हाईटेंशन लाइनों से दूर लगाएं हाथ ठेले व दुकानें
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मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता तथा हाथ ठेले पर सामान बेचने वालों को अगाह किया है कि वे अपने हाथ ठेले तथा फुटकर सामान की दुकानें हाईटेंशन लाइनों से दूर लगाएं। कंपनी ने कहा है कि जरा सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए आमजन भी करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहयोग करें एवं बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बना कर ही अपना सामान बेचने के लिए रखें। कईं जगहक चाय की गुमठियां भी विद्युत लाइनों के समीप तथा ट्रांसफार्मरों से सटाकर चलाई जा रही है, जिनके कारण करंट लगने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। 

कंपनी ने उपभोक्ता ओं से अपील में कहा है कि विद्युत लाइनों /ट्रांसफार्मरों एवं उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें तथा सुरक्षित दूरी बनायें रखें। यदि आँधी तूफान में खंबे /तार टूटे हों तो इसकी सूचना तत्काल शिकायत कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1912 पर / उपाय एप एवं समीप के वितरण केन्द्र कार्यालय में दें। जमीन पर पड़े तारों को छूने या स्पर्श करने की गलती न करें साथ ही पार करने का प्रयास न करें। पान टपरों तथा ऐसी दुकानों जिनमें लोहे की चादर का इस्तेमाल होता है, में वायरिंग को सुरक्षित ढंग से पी.वी.सी. पाईप के द्वारा ही कराई जाए। किसी प्रकार की कटी-फटी लूज वायरिंग से जान-माल का खतरा हो सकता है। बारिश के दौरान विद्युत खम्बे /स्टे के पास पानी भराव वाले स्थान से निकलने की जल्दी न करें। सावधानी अवश्यद बरतें क्योंकि बारिश के दौरान करंट लीकेज की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बच्चों और मवेशियों का विशेष ध्यान रखें। अपने मवेशी को बिजली के खम्बे, स्टे वायर इत्यादि से न बांधें। कपड़े सुखाने के लिये जी.आई. तार अथवा रस्सी, सर्विस लाईन के पाईप या बिजली के खम्बों से कभी न बांधें। इसमें करंट आने की संभावना बनी रहती है। घर की दीवार, उपकरण, नल आदि में लीकेज करंट आने पर प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से तत्काल ठीक कराएं। 

मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू विद्युत उपकरणों, वायरिंग, स्विच इत्यादि को स्वयं सुधारने के बजाय किसी प्रशिक्षित एवं अनुभवी इलेक्ट्रीशियन की सेवाएं लें। मानव जीवन अमूल्य है। बिजली के स्विच /सॉकिट / बिजली उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखें। विद्युत पोल से ही कनेक्शन लें, बीच तारों में कटिया डालकर विद्युत का उपयोग न करें, यह दण्डनीय अपराध है। शादी, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त भार हेतु अस्थायी कनेक्शन लें तथा उचित क्षमता की उच्च गुणवत्ता की केबिल का ही उपयोग करें। कटे फटे तारों का उपयोग कतई ना करें। 

स्वीकृत भार से अधिक लोड का उपयोग न करें। उचित क्षमता के एम.सी.सी.बी / कट-आउट लगाने के साथ ही अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का ही उपयोग करें। वर्ष में 1 बार अपने परिसर की वायरिंग, फिटिंग, अर्थिंग अनुभवी एवं दक्ष इलेक्ट्रीशियन से अवश्य चैक कराएं।
 
विद्युत लाईन के नीचे एवं ट्रांसफार्मरों के नजदीक भवन निर्माण/ दुकान/ बैनर/ ईट भट्टा न लगाएँ। विद्युत लाईन के नीचे कोई स्थाई-अस्थाई निर्माण न करें। फसल इत्यादि का संग्रहण न करें। विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी पर ही निर्माण करें। किसान भाई खेतों में कटाई एवं गहाई की जा रही फसलों को बिजली के तारों के नीचे, बिजली के खम्बों एवं स्थापित ट्रांसफार्मरों / स्टे तारों के पास एकत्रित न करें। खेतों में विद्युत उपयोग हेतु कटी-फटी डोरी का उपयोग न करें।

Jansampark Madhya Pradesh 
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जनसुनवाई में मिली राहत, पीएम सुरक्षा बीमा योजना की 2 लाख रुपये की राशि शीघ्र मिलेगी
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जिला प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप और सक्रिय प्रयासों का परिणाम
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जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आज बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इसी दौरान गंजबासौदा नगर के वार्ड क्रमांक 08 निवासी श्रीमती बबीता समैया ने अपने पति स्वर्गीय सुमित समैया से संबंधित बीमा दावे की समस्या अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की।

श्रीमती समैया ने बताया कि उनके पति का निधन वर्ष 2022 में हो गया था। उनके बैंक खाते से एक बीमा योजना जुड़ी हुई थी, लेकिन बैंक द्वारा उन्हें बीमा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित थीं।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल संबंधित अधिकारियों को बैंक से संपर्क कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। प्रशासन की पहल पर बैंक से जानकारी प्राप्त हुई कि स्वर्गीय सुमित समैया का खाता प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित था तथा योजना का लाभ उनकी पत्नी को देय है।

जिला प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप और सक्रिय प्रयासों के परिणामस्वरूप अब श्रीमती बबीता समैया को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक शीघ्र प्रदान किया जाएगा। जनसुनवाई में प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का यह एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav 
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वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण के प्रयास पर बड़ी कार्रवाई, ट्रैक्टर-कल्टीवेटर जब्त 
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वन मण्डल अधिकारी  श्री हेमंत यादव के निर्देशन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्तर लटेरी श्री राजेन्द्र कुमार सहरिया के मार्गदर्शन में वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं कब्जे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने एक ट्रैक्टर एवं कल्टीवेटर जब्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02 जून को मुखबिर से सूचना मिलने पर परिक्षेत्र सहायक मुरवास श्री रत्नेश कुमार पंथी एवं बीटगार्ड मुरवास श्री शुभम रघुवंशी ने सुबह लगभग 8:15 बजे बीट मुरवास के कक्ष क्रमांक पी-360 में नाकाबंदी की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खालिद खां पुत्र अकबर खां, निवासी मुरवास तहसील लटेरी, वनभूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से सोनालिका डी.आई. 35 ट्रैक्टर एवं कल्टीवेटर के माध्यम से हकाई-जुताई कर रहा था।

वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से ट्रैक्टर को मय कल्टीवेटर जब्त कर लिया। जब्त ट्रैक्टर का चेचिस नम्बर HZJSJ1184388SM एवं इंजन नम्बर 3100FLU24F1175284F18 दर्ज किया गया है। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 93/42 दो जून के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। प्रकरण को जांच में लेकर वन अधिनियम के अंतर्गत आगामी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

उक्त कार्रवाई को सफल बनाने में परिक्षेत्र सहायक मुरवास श्री रत्नेश कुमार पंथी, परिक्षेत्र सहायक महावन श्री मनोज मिश्र, बीटगार्ड मुरवास श्री शुभम रघुवंशी सहित वनरक्षक श्री कुलदीप श्रीवास्तव, श्री कृपाराम गौड़, श्री लोमश चिडार, श्री नागेन्द्र भादौरिया, श्री पर्वत सिंह भील, श्री भानू रघुवंशी एवं श्री राहुल दांगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अतिरिक्त वनकर्मी श्री जयभान सिंह सेंगर, श्री नितिन गौड़, श्री राजू अहिरवार, श्री हसीन खान तथा वाहन चालक श्री भैयालाल यादव का भी सराहनीय योगदान रहा। 

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राज्यपोषित नलकूप खनन योजना से बदली किसान मानसिंह भील की तकदीर 
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सिंचाई के स्थायी साधन से बढ़ी खेती की उत्पादकता, सालभर फसल लेने का मिला अवसर 
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विदिशा जिले के विकासखंड लटेरी के ग्राम रायपुरा निवासी किसान श्री मानसिंह पिता बंशीलाल भील के जीवन में राज्यपोषित नलकूप खनन योजना ने नई उम्मीद और खुशहाली का संचार किया है। खेती के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वे वर्षों तक खरीफ फसल के लिए केवल वर्षा पर निर्भर रहे और रबी की फसल के लिए सिंचाई का पानी किराये पर लेना पड़ता था। इससे खेती की लागत बढ़ जाती थी और परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्हें मजदूरी करने भी जाना पड़ता था।
श्री मानसिंह बताते हैं कि वे कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुनील परमार के नियमित संपर्क में रहते थे। इसी दौरान उन्हें राज्यपोषित नलकूप खनन योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत सफल नलकूप खनन पर 25 हजार रुपये तथा विद्युत मोटर पंप स्थापना के लिए 15 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया जाता है। कुल 40 हजार रुपये के इस अनुदान ने उनके लिए नई राह खोल दी।

ग्राम रायपुरा जंगल से लगा हुआ क्षेत्र है, जहां जल स्तर काफी नीचे होने के कारण सिंचाई के लिए पानी की समस्या हमेशा बनी रहती थी। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भू-जल सर्वेक्षण कराया और पात्रता अनुसार आवेदन प्रस्तुत किया। स्वीकृति मिलने के बाद नलकूप खनन का कार्य प्रारंभ हुआ और लगभग 150 फीट की खुदाई के बाद पर्याप्त पानी प्राप्त हुआ।

नलकूप खनन पर कुल 92 हजार 763 रुपये की लागत आई, जिसमें उन्हें शासन से 40 हजार रुपये का अनुदान मिला। अब उनके खेत में सिंचाई का स्थायी साधन उपलब्ध है, जिससे वे पूरे वर्ष खेती कर सकते हैं। खरीफ में सोयाबीन की फसल लेने के बाद रबी में गेहूं की खेती कर रहे हैं और उन्हें अब सिंचाई के लिए पानी किराये पर लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
श्री मानसिंह का कहना है कि सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से वे उन्नत एवं अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की खेती कर पा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 20 से 25 प्रतिशत अधिक उत्पादन प्राप्त होगा। इसके साथ ही कृषि विभाग की फसल प्रदर्शन योजना के अंतर्गत उन्होंने ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती भी की है, जिससे अतिरिक्त आय की संभावना बढ़ी है।

वे बताते हैं कि अब खेती लाभ का सौदा बन गई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। नलकूप खनन से उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।
कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं योजनाओं से जोड़ना है। श्री मानसिंह भील इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने शासन की किसान हितैषी योजना का लाभ उठाकर अपनी असिंचित भूमि को सिंचित बनाया और अब पूरे वर्ष खेती करने में सक्षम हो गए हैं। आज श्री मानसिंह भील के खेतों में हरियाली है, उत्पादन बढ़ रहा है और उनके चेहरे पर आत्मविश्वास एवं खुशहाली की रौनक साफ दिखाई देती है। 

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav 
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स्प्रिंकलर सिंचाई योजना से बदली किसान की तकदीर, बढ़ा गेहूं उत्पादन और हुई पानी की बचत 
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विदिशा जिले के लटेरी विकासखंड के ग्राम सेमरी सिकंदराबाद निवासी कृषक मांगीलाल सहरिया ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत स्प्रिंकलर सेट का लाभ लेकर अपनी खेती को नई दिशा दी है। सीमित जल संसाधनों और लाल पथरीली भूमि की चुनौतियों से जूझ रहे किसान को अब बेहतर उत्पादन और पानी की बचत का लाभ मिल रहा है।

कृषक मांगीलाल बताते हैं कि उनके पास कुल 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है। भूमि की प्रकृति लाल एवं पथरीली होने के कारण उसमें जल धारण क्षमता कम थी, जिससे मिट्टी जल्दी सूख जाती थी और फसलों की वृद्धि प्रभावित होती थी। साथ ही सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से फसलों का उत्पादन संतोषजनक नहीं मिल पाता था।

अपनी समस्या कृषि विभाग के समक्ष रखने पर क्षेत्र की कृषि विस्तार अधिकारी ने उन्हें पीडीएमसी योजनांतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में उपलब्ध स्प्रिंकलर सेट के बारे में जानकारी दी। उनके मार्गदर्शन में किसान ने ऑनलाइन आवेदन किया। चयन सूची में नाम आने के बाद उन्होंने पंजीकृत डीलर से स्प्रिंकलर सेट प्राप्त किया, जिस पर उन्हें लगभग 50 से 55 प्रतिशत तक अनुदान मिला।

मांगीलाल को योजना के तहत 30 पाइप और 5 नोजल वाला स्प्रिंकलर सेट मिला। इसके उपयोग से खेत में पानी का समान वितरण होने लगा और खुले पानी के बहाव से होने वाली बर्बादी पर रोक लगी। पहले जहां गेहूं की फसल में केवल एक सिंचाई ही संभव हो पाती थी, वहीं अब दो से तीन सिंचाइयां आसानी से की जा रही हैं।

स्प्रिंकलर पद्धति अपनाने से लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत हुई है। साथ ही सिंचाई में लगने वाले समय और मजदूरी खर्च में भी कमी आई है। किसान के अनुसार इस तकनीक के उपयोग से गेहूं की फसल का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा है।

कृषक मांगीलाल सहरिया ने कृषि विभाग और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाकर सीमित संसाधनों में भी बेहतर खेती संभव है। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है। 

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav 
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“आईटीआई चले अभियान” के तहत बालिकाओं को कौशल शिक्षा से जोड़ने की पहल
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जिले में बालिकाओं की कौशल शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से “आईटीआई चले अभियान” के अंतर्गत विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। शासकीय आईटीआई विदिशा की नोडल प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती विनीता लोढ़ा के माध्यम से जिले की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने कार्यक्षेत्र की कम से कम एक बालिका का शासकीय आईटीआई में पंजीयन एवं प्रवेश सुनिश्चित कराने में सहयोग प्रदान करें।

इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अभिभावकों एवं बालिकाओं को आईटीआई में संचालित विभिन्न व्यवसायों, प्रशिक्षण सुविधाओं एवं रोजगार संभावनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

नोडल प्राचार्या सुश्री कविता रघुवंशी ने बताया कि शासन द्वारा आईटीआई संस्थाओं में महिलाओं हेतु 35 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। “आईटीआई चले अभियान” के माध्यम से इन सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है तथा आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर बालिकाएं विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, सेवा क्षेत्र एवं स्वरोजगार के माध्यम से अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकती हैं।

शासकीय आईटीआई विदिशा में प्रवेश हेतु पंजीयन प्रक्रिया संचालित है तथा संस्थान में हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक बालिकाएं एवं उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई विदिशा से संपर्क कर सकते हैं।

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जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 से पुनर्जीवित हुआ मानसरोवर तालाब, ग्यारसपुर बना जल संरक्षण का प्रेरक मॉडल।
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विदिशा जिले के ग्यारसपुर स्थित मानसरोवर तालाब को जलगंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से एक नई पहचान मिली।

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कलेक्टर के निर्देशन में जतरापुरा में जोखिमग्रस्त बच्चों हेतु विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता क...
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