
पटना: शिक्षिका के वेतन की अनुशंसा के बदले रिश्वत, 13 साल पुराने मामले में BEO को एक साल की सजा
पटना। शिक्षिका के लंबित वेतन भुगतान की अनुशंसा के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के 13 साल पुराने मामले में अदालत ने भोजपुर के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) महेश झा को दोषी करार दिया है। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने उन्हें एक वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
वेतन भुगतान की अनुशंसा के बदले मांगी थी रिश्वत
मामले के विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह के अनुसार, यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या 59/2013 से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, तरारी प्रखंड की शिक्षिका रेणु कुमारी के लंबित वेतन भुगतान की अनुशंसा करने के बदले तत्कालीन BEO महेश झा ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
किराये के मकान में रंगेहाथ पकड़े गए थे
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और कार्रवाई के लिए जाल बिछाया। 11 सितंबर 2013 को पीरो बाजार स्थित एक किराये के मकान में महेश झा को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था।
नौ गवाहों ने अदालत में दी गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर महेश झा को दोषी करार दिया गया।
अदालत ने उन्हें एक वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपये आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।
Rahui, Nalanda | Aug 22, 2026