
मौसम की आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने ग्राम सभाओं में तैयार होगी आकस्मिक कार्ययोजना
..
वर्षा, खाद-बीज उपलब्धता और मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को दी जाएगी आवश्यक जानकारी
..
मध्यप्रदेश में मानसून की स्थिति तथा संभावित अलनीनो प्रभाव के कारण उत्पन्न होने वाली आकस्मिक मौसम परिस्थितियों के प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के संचालक श्री उमाशंकर भार्गव द्वारा जिलों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन कर किसानों एवं ग्रामीणों के साथ आकस्मिक कार्ययोजना पर चर्चा किए जाने पर जोर दिया गया है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में वर्षा की स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है।
ग्राम सभाओं में होगी आकस्मिक कार्ययोजना पर चर्चा -
विलंबित अथवा असामान्य मानसून की परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय स्तर पर तैयार की गई आकस्मिक कार्ययोजना से ग्रामीणों और किसानों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभाओं में वर्षा की स्थिति, फसलों के चयन, उपलब्ध संसाधनों तथा मौसम में संभावित बदलाव के अनुरूप कृषि कार्यों की तैयारी को लेकर चर्चा की जाएगी। किसानों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों और मानसून की स्थिति के अनुसार फसल चयन के संबंध में आवश्यक सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। विशेष रूप से विलंबित मानसून वाले क्षेत्रों में ऐसी फसलों के चयन पर जोर दिया जाएगा, जिन्हें उपलब्ध वर्षा एवं मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप लिया जा सके।
सोशल मीडिया के माध्यम से भी मिलेगी किसानों को जानकारी -
आकस्मिक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से किसानों को वर्षा की स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, खाद एवं बीज की उपलब्धता तथा खेत में आवश्यक तैयारियों से संबंधित जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जाएगी। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को खेत में आवश्यक कृषि कार्य समय पर करने, फसल की सुरक्षा तथा उपलब्ध नमी के बेहतर उपयोग के संबंध में सलाह दी जाएगी। साथ ही कृषि विभाग द्वारा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किसानों तक त्वरित जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
गांवों में भ्रमण कर स्थिति का लिया जाएगा जायजा -
आकस्मिक परिस्थितियों के प्रबंधन के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा ग्रामों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने पर भी जोर दिया गया है। भ्रमण के दौरान वर्षा की स्थिति, खेतों की नमी, फसलों की स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता तथा किसानों की आवश्यकताओं का जायजा लिया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य मौसम में होने वाले संभावित बदलावों के बीच किसानों को समय पर वैज्ञानिक एवं उपयोगी कृषि सलाह उपलब्ध कराना और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव को न्यूनतम करना है। ग्राम सभाओं तथा स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता के माध्यम से किसानों को आकस्मिक मौसम परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। #Vidisha