
*सफलता की कहानी*
*भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना से संवरी अनिल खरते की राह*
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*11.50 लाख का ऋण लेकर परिवहन सेवा से स्थापित किया सफल व्यवसाय; हर माह कमा रहे औसतन 15,000 रुपये*
बड़वानी 5 सितंबर 2026/प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आदिवासी युवाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई दिशा भी दे रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी है बड़वानी जिले के श्री अनिल खरते की, जिन्होंने मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित 'भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना' का लाभ उठाकर अपना खुद का परिवहन व्यवसाय सफलतापूर्वक स्थापित किया है।
श्री अनिल खरते ने स्वरोजगार स्थापित करने के उद्देश्य से भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के तहत MP Online SAMAST पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। निगम द्वारा प्रकरण स्वीकृत होने के पश्चात मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, बड़वानी शाखा से उन्हें 11.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इस वित्तीय सहायता से अनिल ने नया वाहन क्रय कर बड़वानी जिले में अपनी परिवहन सेवा की शुरुआत की।
आज अनिल खरते न केवल अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला रहे हैं, बल्कि इससे उन्हें औसतन 15,000 रुपये प्रति माह की आय हो रही है। इस मासिक आय से वे अपने परिवार को एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य प्रदान कर पा रहे हैं। अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अनिल ने बताया कि सरकार की इस योजना ने उनके सपनों को साकार कर जीवन को एक नई दिशा दी है।
*क्या है भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना?*
भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना मध्य प्रदेश शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार एवं नए उद्यम स्थापित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी और अनुसूचित जनजाति वर्ग से होना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत 18 से 45 वर्ष की आयु के ऐसे युवा, जो न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण हैं, पात्र माने गए हैं। इसके तहत उद्योग या विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए 1 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक तथा सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं हेतु वित्तीय सहायता दी जाती है। योजनांतर्गत हितग्राहियों को बैंक द्वारा स्वीकृत शेष ऋण पर 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान और बैंक ऋण गारंटी शुल्क अधिकतम 7 वर्षों तक वितीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए ऋण आवेदन पत्र MP Online के SAMAST पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरे जाते हैं, जबकि अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए इच्छुक आवेदक मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम की शाखा, जिला बड़वानी में संपर्क कर सकते हैं।
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