हम रात के आसमान में सूरज को देखते हैं, तो वह बस एक चमकता हुआ गोला लगता है। लेकिन अगर पृथ्वी को उसके सामने रख दें, तो क्या होगा? हैरानी की बात है कि सूरज का व्यास पृथ्वी से करीब 109 गुना बड़ा है!
पृथ्वी का औसत व्यास लगभग 12,742 किमी है, जबकि सूरज का व्यास करीब 13,92,700 किमी है। यानी सूरज के एक किनारे से दूसरे किनारे तक लगभग 109 पृथ्वियां सीधी लाइन में रखी जा सकती हैं।
लेकिन असली हैरानी आकार से भी आगे है। सूरज का आयतन (Volume) इतना बड़ा है कि उसमें लगभग 13 लाख पृथ्वियां समा सकती हैं।
सूरज इतना विशाल इसलिए है क्योंकि उसका अधिकांश हिस्सा हाइड्रोजन और हीलियम से बना है और उसके केंद्र में परमाणु संलयन (Nuclear Fusion) लगातार ऊर्जा पैदा करता है।
आसमान में छोटा दिखने वाला सूरज असल में हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा विशाल है।
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Bihar, India | Sep 12, 2026