
मोतिहारी में जमीन विवाद बना खू*नी खेल: थाने से महज 500 मीटर दूर हुई घटना, लापरवाही पर थानाध्यक्ष समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित
पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर में जमीन विवाद को लेकर हुई खूनी मारपीट और इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौ*त ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर हुई थी और विवाद पहले से चला आ रहा था, फिर भी पुलिस समय रहते सक्रिय नहीं हुई।
घटना का विवरण
* मामला संग्रामपुर दुसाध पट्टी (पासवान टोला) का है, जहां रमेश पासवान और दुखी पासवान के परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
* विगत 28 अगस्त को दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें प्रथम पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और रमेश पासवान की इलाज के दौरान मौ*त हो गई।
जांच में खुली पुलिसिया लापरवाही की परतें
* अरेराज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जांच में सामने आया कि पुराने विवाद के बावजूद थाना स्तर से कोई प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी।
* सूचना मिलने के बावजूद डायल-112 की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी। जांच में खुलासा हुआ कि डायल-112 का वाहन खराब होकर थाना परिसर में खड़ा था और तैनात कर्मी थाने के अन्य वाहन से गश्त कर रहे थे।
एसपी स्वर्ण प्रभात की बड़ी कार्रवाई
* पुलिस अधीक्षक द्वारा थानाध्यक्ष से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और अधीनस्थों पर नियंत्रण के अभाव को गंभीरता से लिया गया।
* एसपी ने संग्रामपुर थानाध्यक्ष अनुप कुमार समेत डायल-112 में पदस्थापित तीन अन्य पुलिसकर्मियों—सअनि सूर्य नारायण यादव, महिला सिपाही उजाला कुमारी और सिपाही रतन कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि पुलिस महकमे में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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