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सूत्रो से पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल: कानून का पालन जरूरी, पर पारदर्शिता और संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण #जालौन #कोंच #उरई #वायरल #हाईलाईट #योगी #न्याय #वेदप्रकशशर्माउपन्यासवर्दीवालागुंडा यह कुचक्र है उरई में हाल के कुछ पुलिस प्रकरणों को लेकर नागरिकों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली, महिलाओं के साथ व्यवहार और कार्रवाई की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन मामलों में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। आरोप है कि एक महिला, जिसे ब्रजेश शुक्ला के प्रकरण में पहले से थाने पर बैठाए जाने की बात कही जा रही है, को बाद में सह-अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला का कथित तौर पर मुख्य कार्य अपने पति के पक्ष में थाने में वीडियो बनाना था। यदि वास्तव में महिला को 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में रखा गया था, तो यह महत्वपूर्ण प्रश्न है कि उसे किस कानूनी आधार पर और किस समय से अभिरक्षा में रखा गया तथा उसकी गिरफ्तारी की विधिक प्रक्रिया कब पूरी की गई। यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि केवल पुलिस कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अपने आप में अपराध है या नहीं, और यदि वीडियो बनाने के कारण कोई आपराधिक कार्रवाई की गई तो उसमें आरोपित अपराध के आवश्यक तत्व क्या थे। यदि महिला पर कोई अन्य स्पष्ट एवं स्वतंत्र आरोप था, तो उसे भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। केवल यह धारणा कि कोई व्यक्ति पुलिस कार्रवाई का वीडियो बना रहा था, अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं करती। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर सक्रिय एक महिला यू-ट्यूबर श्रद्धा के संबंध में भी पूर्व में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार और कैमरा ऑन किए जाने को लेकर विवाद की चर्चा सामने आई थी। यदि उस मामले में मारपीट या अभद्र व्यवहार का कोई प्रमाण उपलब्ध है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पत्रकारिता, सोशल मीडिया कवरेज अथवा नागरिक द्वारा किसी सार्वजनिक कार्रवाई का रिकॉर्ड किया जाना और पुलिस कार्य में वास्तविक बाधा उत्पन्न करना—इन दोनों स्थितियों के बीच कानूनी अंतर को स्पष्ट रखना आवश्यक है। राजेन्द्र नगर चौकी से संबंधित बताए जा रहे एक अन्य पारिवारिक विवाद में भी पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर आरोप सामने आया जिसमे एस सी युवती 2018 बेंच कास्टेबिक थप्पड़ मार रही हैं। इसी प्रकार प्रशिक्षु पुलिसकर्मी और 2018 बेच कांस्टेबल से जुड़े कथित विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर सीमित रूप से प्रसारित होने की बात कही गई है। ऐसे मामलों में किसी महिला की गरिमा और निजता को ध्यान में रखते हुए वीडियो या पहचान को अनावश्यक रूप से प्रसारित न करना उचित है, लेकिन यदि घटना वास्तव में हुई है तो विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच होना भी उतना ही जरूरी है। लॉर्ड कार्नवालिस की स्थापित पुलिस पर आजादी के इतने बर्षो बाद भी लोग भरोसा नही कर पाते ? इन घटनाओं को किसी जाति, वर्ग या समुदाय के चश्मे से देखने के बजाय कानून के समान और निष्पक्ष अनुपालन के प्रश्न के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी महिला को केवल उसकी सामाजिक या जातीय पहचान के आधार पर कार्रवाई का शिकार बनाया गया—ऐसा निष्कर्ष बिना जांच के निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि किसी महिला को विधिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लंबे समय तक थाने में बैठाया गया, उसके अधिकारों का उल्लंघन हुआ या बिना पर्याप्त आधार के सह-अभियुक्त बनाया गया, तो यह गंभीर प्रशासनिक और कानूनी प्रश्न अवश्य बनेगा। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या पुलिस कार्रवाई में कानून, गिरफ्तारी की निर्धारित प्रक्रिया, महिला की गरिमा और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का पूरी तरह पालन किया गया? यदि पुलिस के पास कार्रवाई का ठोस कानूनी आधार है तो उसे तथ्य और अभिलेखों के साथ स्पष्ट किया जाना चाहिए। वहीं यदि पुलिसकर्मियों की ओर से नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। ऐसे मामलों में पारदर्शिता की कमी जनता में अविश्वास पैदा कर सकती है। विशेषकर जब लगातार पुलिस व्यवहार को लेकर वीडियो और आरोप सोशल मीडिया पर सामने आते हों, तब विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तथ्यों की जांच कर निष्पक्ष स्थिति सार्वजनिक करना जरूरी हो जाता है। लोकतंत्र में सरकार और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास केवल कठोर कार्रवाई से नहीं, बल्कि निष्पक्षता, संवेदनशीलता, जवाबदेही और कानून के समान अनुपालन से मजबूत होता है। यदि किसी कार्रवाई में वास्तविक रूप से विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो उसका सुधार होना चाहिए; और यदि आरोप तथ्यहीन हैं तो पुलिस को भी दस्तावेजी तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यह हमारी लोक प्रिय सरकार दुश्मन है जो ऐसी कार्यवाही करते जबकि खुद फंसे रखे फर्जी वाड़े मे परसो आदेश हुआ। दिखायेंगे खेल केश डायरी का जनसूचना से इतनी खुन्नस जवाब तो सही देते नही है फर्जी कार्यवाही जरूर कर देते। इसी पारदर्शी प्रक्रिया से उन आशंकाओं पर भी विराम लगाया जा सकता है कि कहीं पुलिस की कुछ कार्रवाइयां अनावश्यक रूप से जनता में निराशा, असंतोष अथवा सरकार के प्रति अविश्वास का कारण तो नहीं बन रहीं। अंततः सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि कानून के राज और नागरिकों के विश्वास की रक्षा का है।

Orai, Jalaun | Aug 12, 2026

MORE NEWS

कदौरा के कुआंखेड़ा नाले में 72 वर्षीय वृद्ध का शव मिला

कदौरा (जालौन)। कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंखेड़ा में सोमवार सुबह दुर्गा मंदिर के पास पुलिया के नीचे नाले में 72 वर्षीय वृद्ध का शव पानी में उतराता मिलने से हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की पहचान कुआंखेड़ा निवासी हरकिशुन कुशवाहा पुत्र स्व. ठाकुर दास (72) के रूप में हुई है। नाले में शव मिलने की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां वृद्ध का शव देखकर कोहराम मच गया।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नाले से बाहर निकलवाया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार वृद्ध के तीन पुत्र हैं।

वृद्ध की मौत नाले में गिरने से हुई या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

कदौरा के कुआंखेड़ा नाले में 72 वर्षीय वृद्ध का शव मिला कदौरा (जालौन)। कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंखेड़ा में सोमवार सुबह दुर्गा मंदिर के पास पुलिया के नीचे नाले में 72 वर्षीय वृद्ध का शव पानी में उतराता मिलने से हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान कुआंखेड़ा निवासी हरकिशुन कुशवाहा पुत्र स्व. ठाकुर दास (72) के रूप में हुई है। नाले में शव मिलने की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां वृद्ध का शव देखकर कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नाले से बाहर निकलवाया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार वृद्ध के तीन पुत्र हैं। वृद्ध की मौत नाले में गिरने से हुई या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

Orai, Jalaun | Aug 17, 2026

खेल प्रतिभाओं को तराशने वाली निजी एकेडमियों को मिलेगा सरकार का प्रोत्साहन

प्रदेश में Sports Ecosystem विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने तय किया है कि युवाओं को तराशने वाले निजी एकेडमी संचालकों को प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा, क्योंकि वे युवाओं को तराशने और उन्हें आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

खेल प्रतिभाओं को तराशने वाली निजी एकेडमियों को मिलेगा सरकार का प्रोत्साहन प्रदेश में Sports Ecosystem विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने तय किया है कि युवाओं को तराशने वाले निजी एकेडमी संचालकों को प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा, क्योंकि वे युवाओं को तराशने और उन्हें आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Orai, Jalaun | Aug 17, 2026

उज्जैन महाकाल मंदिर प्रशासन ने भगदड़ की खबरों को किया खारिज

मध्य प्रदेश: महाकाल मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटर प्रथम कौशिक ने बताया, "नाग पंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में नाग चंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन निर्बाध रूप से जारी हैं... यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि मंदिर में कोई अफरा-तफरी या ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। सभी श्रद्धालु आसानी से मंदिर में दर्शन कर रहे हैं। नाग पंचमी और श्रावण का सोमवार होने के कारण आज बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए। आज दोपहर 12 बजे तक, 6 लाख से ज़्यादा भक्तों ने भगवान नाग चंद्रेश्वर के दर्शन किए और 2 लाख से ज़्यादा भक्तों ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन की ओर से सभी भक्तों को हर संभव सुविधा दी गई है। मंदिर में दर्शन जारी हैं।"

(वीडियो: उज्जैन मंदिर)

उज्जैन महाकाल मंदिर प्रशासन ने भगदड़ की खबरों को किया खारिज मध्य प्रदेश: महाकाल मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटर प्रथम कौशिक ने बताया, "नाग पंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में नाग चंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन निर्बाध रूप से जारी हैं... यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि मंदिर में कोई अफरा-तफरी या ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। सभी श्रद्धालु आसानी से मंदिर में दर्शन कर रहे हैं। नाग पंचमी और श्रावण का सोमवार होने के कारण आज बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए। आज दोपहर 12 बजे तक, 6 लाख से ज़्यादा भक्तों ने भगवान नाग चंद्रेश्वर के दर्शन किए और 2 लाख से ज़्यादा भक्तों ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन की ओर से सभी भक्तों को हर संभव सुविधा दी गई है। मंदिर में दर्शन जारी हैं।" (वीडियो: उज्जैन मंदिर)

Orai, Jalaun | Aug 17, 2026

श्रावण के तृतीय सोमवार पर कारे बाबा मंदिर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ ईशान सोनी, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

चुर्खी (जालौन)। श्रावण मास के तृतीय सोमवार के अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक जालौन ने थाना चुर्खी क्षेत्र के ग्राम औंता स्थित कारे बाबा मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था तथा उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

श्रावण के तृतीय सोमवार पर कारे बाबा मंदिर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ ईशान सोनी, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा चुर्खी (जालौन)। श्रावण मास के तृतीय सोमवार के अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक जालौन ने थाना चुर्खी क्षेत्र के ग्राम औंता स्थित कारे बाबा मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था तथा उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

Orai, Jalaun | Aug 17, 2026

सम्पूर्ण समाधान दिवस में 55 शिकायतें प्राप्त, 16 का मौके पर निस्तारण

डीएम ने अधिकारियों को टीम बनाकर मौके पर पहुंचकर शिकायतों का वास्तविक एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

माधौगढ़ (जालौन)। माधौगढ़ तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनीं। समाधान दिवस में कुल 55 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस में सर्वाधिक शिकायतें विद्युत विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा चकरोड, नाली, आवास और क्षतिपूर्ति से जुड़े प्रकरण भी सामने आए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम गठित कर मौके पर पहुंचकर शिकायतों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के निस्तारण के लिए सात टीमें मौके पर भेजी गईं, जो स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगी।

चकरोड से संबंधित पांच मामलों में मौके पर चकरोड खाली करा दिए गए थे, लेकिन मिट्टी डालने का कार्य शेष था। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और वे खाद, बीज सहित अन्य कृषि सामग्री आसानी से अपने खेतों तक पहुंचा सकें।

समाधान दिवस में स्वाति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने एक प्लाट खरीदा था, लेकिन उसका दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तहसीलदार को बुलाकर जांच कराई और संबंधित अधिवक्ता को भी उपस्थित कराया।

जांच में सामने आया कि डीड के अंतिम पृष्ठ में गलती से किसी दूसरी तिथि का पृष्ठ लग गया था और उस पर स्वाति सिंह के हस्ताक्षर कराकर दस्तावेज प्रेषित कर दिए गए थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल आवश्यक सुधार कराया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकार की त्रुटियों की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही शिकायत निस्तारण का वास्तविक उद्देश्य है। साथ ही निस्तारित शिकायतों के फीडबैक के निर्देश भी दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में 55 शिकायतें प्राप्त, 16 का मौके पर निस्तारण डीएम ने अधिकारियों को टीम बनाकर मौके पर पहुंचकर शिकायतों का वास्तविक एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश माधौगढ़ (जालौन)। माधौगढ़ तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनीं। समाधान दिवस में कुल 55 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में सर्वाधिक शिकायतें विद्युत विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा चकरोड, नाली, आवास और क्षतिपूर्ति से जुड़े प्रकरण भी सामने आए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम गठित कर मौके पर पहुंचकर शिकायतों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के निस्तारण के लिए सात टीमें मौके पर भेजी गईं, जो स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगी। चकरोड से संबंधित पांच मामलों में मौके पर चकरोड खाली करा दिए गए थे, लेकिन मिट्टी डालने का कार्य शेष था। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और वे खाद, बीज सहित अन्य कृषि सामग्री आसानी से अपने खेतों तक पहुंचा सकें। समाधान दिवस में स्वाति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने एक प्लाट खरीदा था, लेकिन उसका दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तहसीलदार को बुलाकर जांच कराई और संबंधित अधिवक्ता को भी उपस्थित कराया। जांच में सामने आया कि डीड के अंतिम पृष्ठ में गलती से किसी दूसरी तिथि का पृष्ठ लग गया था और उस पर स्वाति सिंह के हस्ताक्षर कराकर दस्तावेज प्रेषित कर दिए गए थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल आवश्यक सुधार कराया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकार की त्रुटियों की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही शिकायत निस्तारण का वास्तविक उद्देश्य है। साथ ही निस्तारित शिकायतों के फीडबैक के निर्देश भी दिए।

Orai, Jalaun | Aug 17, 2026