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जे बड़ा चोर है

रिंकू राही जी सर  हदय से आभार कोई था जिसने सिस्टम को हिलाया 

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अब प्रसिद्ध मंदिर के नाम‌ पर नेता करोड़ो की सम्पत्ति ताला डाल देते और मंत्री जी निर्देश पर तलाक शुदा अधिकारी धर्मशाला उजाड़ देती जब भारत सरकार अस्तित्व मे नही थी बर्ष 1931 me ब्रटिश इन्ड़िया सरकार के झांसी कमिश्नर ने सेठ मिट्ठू लाल टेकचंद धर्मशाला टाउन हाल की जगह लीज पर दी अब नेताओ से
गन्दी नजर का खेल का मैदान सहित सब उजड़ा है पुराना जैसा बना रहने 
नया तो रोक लो  नया रोकेंगे पुराना छोड़ेंगे नही
 जिस वारशिप प्लैस एक्ट जो जैसा बना रहे 2010के बाद का सब हटा दिया 
पूर्व मे जनपद के चर्जित विवाद जिसमे सड़म जाम अस्पताल बन्द हुआ और दोनो ने चुपचाप समझौता कर लिया था।  जनप्रिय सभासद केवल पचास पचास वार्ड लोग ले जाये बिना सड़क जाम किये डिएम साहाब गाड़ी की  ऐसी बैठे रहने दो  वाहन है कोई नारेबाजी न ही कुछ गुडंडू तरह मौन ज्ञापन सर घण्टे नही जाने देंगे

सट्टा वाले माजिद पर विधायक स्टैंड पर तारीफ ली पर निजी महत्वकांछा के चक्कर सब गुड़ गोबर कर लिया सूत्रो की माने सदर टिकट भी खतरे मे और बुन्देलखण्ड़ के हैवीवेट मंत्री को मुख्यमंत्री के दो बुन्दलखण्ड़ दोरो नदारत रहने जनता तरह तरह चर्चा है पिछले चुनाप मे साप को एक भाजपा को दो अब कही ऐसा न सभी सीट विपक्ष मिल जाये जिस बसपा मंत्री हरिओम उपाध्याय थे खैर बासपा इस बार त्रिकोणीय मुकबला कर सकती।
आज मायावती अफसर शाही पर लगाम की  तारीफ विपक्ष पूर्व नेता मंत्री बकरी किताब चोर मंत्री आजम खान तारीफ की  थी। 
अब इंसान नेताओ अधिकारियो का  घेराव न करे तो फिर रिक्शा रेहवणी वालो का  करे।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार; छह आरोपी चिन्हित

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जालौन। जालौन पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने खुद को बिहार पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो की-पैड मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर थाना उरई में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C एवं 66D के तहत सिरसाकलार थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी दीपेंद्र कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया।
जांच के दौरान कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए। शुक्रवार को साइबर पुलिस ने दीपेंद्र कुमार को उरई के इकलाशपुरा चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य बिहार पुलिस के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की प्रतियां और स्टेट क्राइम ब्यूरो की वेबसाइट से जानकारी डाउनलोड करते थे। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने वालों को बिहार पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते और कार्रवाई का भय दिखाकर या केस निपटाने का झांसा देकर ऑनलाइन रुपये वसूलते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था तथा उन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि गिरोह में कई सदस्य शामिल हैं और प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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पद से हटने के बाद IAS रिंकू सिंह राही के तीखे संदेश: “सिद्धांतों से समझौता नहीं, व्यवस्था में बदलाव जरूरी”

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जालौन तहसील से एसडीएम पद से हटाए जाने के बाद आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लगातार कई पोस्ट साझा कर प्रशासनिक व्यवस्था, सुशासन और व्यक्तिगत सिद्धांतों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उनके संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

रिंकू सिंह राही ने अपने पोस्ट में कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की तुलना में स्वयं को देखने पर उन्हें आत्मग्लानि होती है। उनका मानना है कि केवल पद पर बने रहने के लिए सिद्धांतों से समझौता करना उचित नहीं है। उन्होंने लिखा कि यदि सभी लोग समझौता कर लेंगे तो व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन संभव नहीं होगा और समाज को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो अपने आचरण से दूसरों के लिए उदाहरण बन सकें।

उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना है, जहाँ संविधान और कानून की भावना के अनुरूप बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप के ‘बेसिक गवर्नेंस’ लागू हो सके। यदि ऐसा संभव नहीं होता है तो उन्होंने अपने कैडर परिवर्तन की अनुमति और संस्तुति देने का भी अनुरोध किया है।

रिंकू सिंह राही ने यह भी घोषणा की कि अंतिम निर्णय होने तक वे 22 जुलाई 2026 से अपने कार्य के अनुरूप केवल आधा वेतन स्वीकार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे अनुशासनहीनता के रूप में नहीं, बल्कि एक सिद्धांत आधारित निर्णय के रूप में देखा जाए। उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताह में “Leadership, Ethics and Organisational Effectiveness” विषय पर होने वाले प्रशिक्षण के बाद उन्हें नए अनुभव प्राप्त होंगे, इसलिए आधा वेतन लेने की तिथि प्रशिक्षण के बाद निर्धारित की गई है।

15 जुलाई की एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनके मन में हमेशा यह द्वंद्व रहता है कि यदि जनता का भला करना है तो पद पर बने रहना आवश्यक है, लेकिन कई बार पद पर बने रहने के लिए सिद्धांतों से समझौता करना पड़ता है। उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए लिखा कि “सद्मार्ग में मात्रा से अधिक गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है, जीवन लंबा नहीं बल्कि महान होना चाहिए।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने व्यवस्था सुधार के लिए संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों और आम नागरिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का समर्पण उन्हें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है और स्वयं पर प्रश्न उठाने के लिए मजबूर करता है।

रिंकू सिंह राही की इन पोस्टों ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उनके बयानों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल उनके विचार, मांगें और प्रशासनिक सुधार से जुड़े संदेश जनचर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।

नोट - निजी राय ब्यक्तिगत आग्रह है पूरे उरई समेत जिला जालौन लोगो को रिंकू राही के साथ‌ खड़ा होना चाहिए।

उनका कार्यकाल पूरा तीन बर्ष पूर्ण कोई सीखेगा नजीरे बाकि सिखाया रिश्तवत और काम चोरी कमीशन
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*307 सहित गंभीर धाराओं के मुकदमे में योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत*
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उरई। कोतवाली उरई में दर्ज मारपीट, फायरिंग और हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर आरोपों वाले मुकदमे में बम्हौरी निवासी योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत आवेदन संख्या 4083/2026 पर सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार कर उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
अभियोजन के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को शाम करीब 8 बजे उरई स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास शताब्दी ट्रैवल्स के समीप मारपीट, फायरिंग और जानलेवा हमले की घटना हुई थी। इस मामले में कोतवाली उरई में योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत सहित अन्य नामजद एवं अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं, जिनमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तनीषा जहांगीर मुनीर व अधिवक्ता शिवांगी चतुर्वेदी, हिमांशु कुमार एवं अनुपम कुमार शुक्ला ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष विभिन्न कानूनी तथ्यों एवं परिस्थितियों को प्रस्तुत किया, जिस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिल गई है।
*307 सहित गंभीर धाराओं के मुकदमे में योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत*
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उरई। कोतवाली उरई में दर्ज मारपीट, फायरिंग और हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर आरोपों वाले मुकदमे में बम्हौरी निवासी योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत आवेदन संख्या 4083/2026 पर सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार कर उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
अभियोजन के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को शाम करीब 8 बजे उरई स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास शताब्दी ट्रैवल्स के समीप मारपीट, फायरिंग और जानलेवा हमले की घटना हुई थी। इस मामले में कोतवाली उरई में योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत सहित अन्य नामजद एवं अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं, जिनमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिल गई है।
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महोबा मे प्राथमिक विद्यालय. मे डिस्को खवेर मनोरंजन क्या कहे ? <nis:link nis:type=tag nis:id=जालौन nis:value=जालौन nis:enabled=true nis:link/>
घर से गई युवती ने फिल्मी अंदाज़ में वीडियो जारी कर प्रशासन और परिजनों को दी जानकारी
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➡️ कालपी क्षेत्र की एक युवती ने घर छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित बताया है।

➡️ वीडियो में युवती ने कहा कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई है और उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है।

➡️ युवती ने यह भी कहा कि उसे किसी से कोई खतरा नहीं है तथा उसने प्रशासन और अपने परिजनों से चिंता न करने की अपील की।

➡️ वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

➡️ मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान या जांच संबंधी जानकारी सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

⚠️ नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है फिलहाल प्रशासन मामले की जांच पड़ताल में लगा हुआ है
उरई में घर में घुसकर दबंगों का हमला, महिलाओं से अभद्रता; CCTV वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी

उरई । शहर के शांति नगर मोहल्ले में घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। कुछ अज्ञात लोगों ने एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों से मारपीट की। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह घटना उरई कोतवाली क्षेत्र की डिप्टीगंज चौकी के अंतर्गत शांति नगर मोहल्ले की है। जानकारी के अनुसार, कुछ बाइक सवार व्यक्ति अचानक एक घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने लगे। विरोध करने पर घर की महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। शोर-शराबा सुनकरआसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए।

घटना की पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसमें हमलावरों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उरई कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने और घटना की सही तारीख का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
प्रेमी को बुलाओ, तभी उतरूंगी'—शादी की मांग को लेकर टावर पर चढ़ी युवती 5 घंटे बाद एम पी से आया प्रेमी

उरई। कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छौंक में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 22 वर्षीय युवती अपने प्रेमी से शादी कराने की मांग को लेकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह जिद करने लगी कि उसके प्रेमी को बुलाकर शादी कराई जाए। प्रेमी मध्यप्रदेश के भिंड का रहने वाला है।

युवती की पहचान ऊसरगांव निवासी मुस्कान (22 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुस्कान सीधे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा और उससे शादी कराने का आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। युवती को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई।बताया जा रहा है कि युवती का प्रेमी मध्य प्रदेश के भिंड जिले के लहार क्षेत्र का निवासी है। टावर पर चढ़ी युवती लगातार अपने प्रेमी को मौके पर बुलाने की मांग कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर टावर के आसपास लोगों की भीड़ को हटाया।

काफी देर से पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग युवती को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी बात सुनी जाएगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद युवती अपनी मांग पर अड़ी हुई है और बार-बार प्रेमी को बुलाने की जिद कर रही है।

इस घटना के चलते गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रशासन की प्राथमिकता युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
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अजनारी रोड, उरई में बिजली के खंभे पर तारों के मकड़जाल में लगी आग
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उरई। मुख्यालय के राम नगर, अजनारी रोड, उरई में बीती रात बिजली के खंभे पर फैले तारों के मकड़जाल में अचानक आग लग गई। आग लगने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली न होने के कारण कई घरों में पानी की मोटर नहीं चल सकी और लोगों के घरों में पानी नहीं भर पाया। इससे दैनिक कार्य प्रभावित हुए और लोगों को आर्थिक एवं अन्य प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के खंभे पर लंबे समय से तारों का मकड़जाल बना हुआ है, जिसकी कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे पर फैले अव्यवस्थित तारों को जल्द से जल्द हटाकर व्यवस्थित किया जाए और आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
पंचनद में नदियों की प्रतिमाओं का लोकार्पण, 'एक पेड़ मां के नाम' का संकल्प... पर जमीनी हकीकत में हरियाली पर चल रही कुल्हाड़ी!

सोशल मीडिया पर पौधे, धरातल पर उजड़ते पेड़पुराने पेड़ काटकर नए पौधों का हिसाब... क्या यही हरित विकास है?

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उरई (जालौन)। पंचनद धाम में पांच पवित्र नदियों—यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी और पहुज—की भव्य प्रतिमाओं के लोकार्पण के साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का महा-संकल्प दिलाया। इसके बाद वृहद पौधरोपण महाअभियान-2026 के तहत "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का शुभारंभ करते हुए उन्होंने पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। मंच से जल, जंगल और जमीन बचाने की बातें हुईं, 

करोड़ों पौधे लगाने के दावे किए गए और हर नागरिक से पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की अपील की गई।
सरकारी कार्यक्रमों में पौधा लगाकर फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने की होड़ जरूर दिखाई देती है, लेकिन धरातल पर वर्षों पुराने पेड़ों को बचाने की संवेदनशीलता नजर नहीं आती। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का उद्देश्य भले ही पर्यावरण संरक्षण हो, लेकिन इसकी तस्वीरें अक्सर कैमरे तक सीमित रह जाती हैं।
विगत दिनों जिला परिषद रोड के चौड़ीकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुगम यातायात के नाम पर दर्जनों हरे-भरे वृक्ष काट दिए गए। यह कार्रवाई तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और वर्तमान जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद हुई। जो पेड़ प्रशासनिक योजनाओं से बच गए थे, उनकी बची-खुची कसर हाल के तेज तूफान ने पूरी कर दी। आज उन्हीं मार्गों पर हरियाली की जगह ठूंठ और खाली स्थान दिखाई देते हैं।
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक विकसित वृक्ष सैकड़ों लोगों के लिए ऑक्सीजन का स्रोत होता है, तापमान नियंत्रित करता है और जल संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है। सवाल यह है कि जब सरकार स्वयं वृक्षों के महत्व को स्वीकार करती है, तो फिर विकास योजनाओं में परिपक्व वृक्षों को बचाने की गंभीर कोशिश क्यों नहीं दिखाई देती?
विशेषज्ञ मानते हैं कि दशकों पुराने एक वृक्ष की भरपाई वर्षों तक लगाए गए अनेक पौधे भी नहीं कर पाते। ऐसे में रिकॉर्ड बनाने के लिए पौधे लगाना और दूसरी ओर विकसित वृक्षों को काट देना पर्यावरण संरक्षण की मूल भावना के विपरीत माना जाएगा। हरित अभियान केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि वृक्षों को जीवित रखने की जिम्मेदारी भी है।यदि "एक पेड़ मां के नाम" वास्तव में जनआंदोलन है तो सबसे पहले उन पेड़ों को बचाने की जवाबदेही तय होनी चाहिए जो वर्षों से लोगों को छाया, शुद्ध हवा और जीवन दे रहे हैं। केवल पौधरोपण कर फोटो खिंचवाना और बाद में उसकी सुध न लेना पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि औपचारिकता भर है।

नसीहत: दिखावे से नहीं, संरक्षण से बचेगा पर्यावरण

जल संरक्षण, नदी संरक्षण और वृक्षारोपण तभी सार्थक होंगे जब सरकारी योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता मिले। विकास आवश्यक है, लेकिन विकास की कीमत हरियाली नहीं हो सकती। समय आ गया है कि जिम्मेदार विभाग और अधिकारी दिखावटी हरित अभियानों से आगे बढ़ें, पुराने वृक्षों की रक्षा करें और ऐसी कार्यप्रणाली अपनाएं जिससे विकास और पर्यावरण दोनों साथ चल सकें। अन्यथा मंचों पर लिए जाने वाले संकल्प और धरातल पर कटते पेड़ जनता के बीच केवल विरोधाभास और अविश्वास की कहानी बनकर रह जाएंगे।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, जिलाधकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, परमार्थ संस्था से संजय कुमार, वरुण आदि सहित सम्बंधित अधिकारी व जनप्रतिधि व बड़ी सख्यां में जल सहेली आदि मौजूद रहे।
शादी का वादा, मंगनी और फिर मुकदमा: सिपाही पर युवती ने लगाया शारीरिक शोषण का आरोप

जालौन। कालपी कोतवाली क्षेत्र में प्रेम संबंध, मंगनी और तय विवाह के बाद विवाद का मामला पुलिस तक पहुंच गया। युवती ने उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कालपी क्षेत्र निवासी अंकित निषाद का चयन पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी तैनाती हरदोई जनपद में हुई। इसी दौरान उसका अपने क्षेत्र की एक युवती से प्रेम संबंध था। दोनों परिवारों की सहमति से मंगनी हुई और आगामी 22 नवंबर को विवाह की तिथि भी तय कर दी गई थी।
बताया जा रहा है कि मंगनी के बाद किसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में विवाह से इनकार कर दिया। पुलिस ने युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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IAS रिंकू सिंह राही के खिलाफ रची गई साजिश का सच आया सामने, आरोपों की हवा हुई फुस्स...
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जालौन जनपद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की छवि धूमिल करने के लिए रची गई कथित साजिश का अब पर्दाफाश हो चुका है। हाल ही में तहसील जालौन बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल तिवारी द्वारा लगाए गए आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में जो भ्रम पैदा किया था, उसका खंडन स्वयं मौके पर मौजूद रहे जिम्मेदार व्यक्तियों ने कर दिया है। जानकारी के अनुसार, पीजीटी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक देवेंद्र कुलश्रेष्ठ ने स्पष्ट किया है कि रिंकू सिंह राही 13 और 14 जून को डीएवी इंटर कॉलेज उरई में सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी पर तैनात थे। इस आधिकारिक स्पष्टीकरण ने शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए उन तमाम दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें अधिकारी पर उक्त तिथियों में परिवार के साथ निजी यात्रा पर होने और सरकारी वाहन से दुर्घटना करने का आरोप लगाया गया था।
इस खुलासे के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि रिंकू सिंह राही के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से आधारहीन और दुर्भावना से प्रेरित थे। देवेंद्र कुलश्रेष्ठ ने अपने बयान में इसे एक 'निंदनीय कृत्य' करार देते हुए ऐसे षड्यंत्र रचने वालों की घोर भर्त्सना की है। मौजूद साक्ष्य और गवाही यह बताने के लिए पर्याप्त है कि अधिकारी को फंसाने के लिए एक सुनियोजित पटकथा लिखी गई थी। प्रशासनिक गलियारों में अब यह चर्चा जोरों पर है कि जब अधिकारी का आधिकारिक लोकेशन ही कार्यस्थल पर दर्ज था, तो फिर किस मंशा से इतनी बड़ी झूठ की बुनियाद रखी गई? यह मामला अब एक ईमानदार अधिकारी के विरुद्ध रचे गए सुनियोजित षड्यंत्र की पराकाष्ठा को दर्शाता है, जिसने शिकायतकर्ता की नीयत पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।