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उरई

खरीफ 2026 के लिए किसानों को बड़ी सौगात, मुफ्त मिनीकिट और 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज, ई-लॉटरी से होगा चयन

उरई (जालौन) खरीफ सीजन 2026 में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित एवं संकर बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने बीज वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
 उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट तथा 50 प्रतिशत अनुदान पर सामान्य बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ हो चुकी है। किसान समय रहते आवेदन कर योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रमाणित एवं संकर बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है।
 इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी आवश्यकतानुसार बीजों की बुकिंग कर सकते हैं। 
निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में लाभार्थियों का चयन पूरी तरह ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों तक उन्नत एवं प्रमाणित बीज पहुंचाना है, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय बढ़ सके। 
इसलिए इस बार बीज वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।

इन फसलों के मिलेंगे निःशुल्क मिनीकिट

कृषि विभाग द्वारा किसानों को निम्नलिखित फसलों के बीज निःशुल्क मिनीकिट के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे—

तिल
उड़द
मूंग
अरहर
कोदो
सांवा
रागी
संकर बाजरा
संकर ज्वार

उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि एक किसान को केवल एक ही निःशुल्क मिनीकिट प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके।

50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध होंगे ये बीज

कृषि विभाग द्वारा निम्नलिखित फसलों के प्रमाणित एवं संकर बीज किसानों को मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान देकर उपलब्ध कराए जाएंगे—

धान
सामान्य धान
संकर धान
उड़द
मूंग
अरहर
संकर बाजरा
संकर ज्वार
संकर मक्का
ढैंचा

इन बीजों पर सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे किसानों को कम लागत में बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध हो सकें।

ई-लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन

उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम ने बताया कि जिन योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होंगे, उनमें लाभार्थियों का चयन पूरी तरह ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इससे किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की संभावना नहीं रहेगी और सभी पात्र किसानों को समान अवसर मिलेगा।

POS मशीन से मिलेगा बीज

ई-लॉटरी में चयनित किसानों को राजकीय कृषि बीज भंडारों से POS मशीन के माध्यम से बीज वितरित किए जाएंगे। इससे लाभार्थी का सत्यापन डिजिटल माध्यम से होगा और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।

ऑनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को पहले विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। बिना ऑनलाइन बुकिंग के किसी भी किसान को योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसलिए सभी पात्र किसान समय रहते आवेदन कर अपनी पसंद की फसल के बीज की बुकिंग अवश्य करें।

समय से करें आवेदन

उप कृषि निदेशक ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे खरीफ की बुवाई को ध्यान में रखते हुए समय से ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि चयन होने पर निर्धारित समय पर बीज प्राप्त कर सकें और समय पर बुवाई कर अच्छी पैदावार हासिल कर सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे आना चाहिए।

किसान यहां करें आवेदन

किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण एवं बीज बुकिंग कर सकते हैं।

पोर्टल: https://agriculture.up.gov.in/

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खरीफ 2026 के लिए किसानों को बड़ी सौगात, मुफ्त मिनीकिट और 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज, ई-लॉटरी से होगा चयन उरई (जालौन) खरीफ सीजन 2026 में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित एवं संकर बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने बीज वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट तथा 50 प्रतिशत अनुदान पर सामान्य बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ हो चुकी है। किसान समय रहते आवेदन कर योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रमाणित एवं संकर बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है। इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी आवश्यकतानुसार बीजों की बुकिंग कर सकते हैं। निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में लाभार्थियों का चयन पूरी तरह ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों तक उन्नत एवं प्रमाणित बीज पहुंचाना है, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय बढ़ सके। इसलिए इस बार बीज वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इन फसलों के मिलेंगे निःशुल्क मिनीकिट कृषि विभाग द्वारा किसानों को निम्नलिखित फसलों के बीज निःशुल्क मिनीकिट के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे— तिल उड़द मूंग अरहर कोदो सांवा रागी संकर बाजरा संकर ज्वार उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि एक किसान को केवल एक ही निःशुल्क मिनीकिट प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके। 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध होंगे ये बीज कृषि विभाग द्वारा निम्नलिखित फसलों के प्रमाणित एवं संकर बीज किसानों को मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान देकर उपलब्ध कराए जाएंगे— धान सामान्य धान संकर धान उड़द मूंग अरहर संकर बाजरा संकर ज्वार संकर मक्का ढैंचा इन बीजों पर सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे किसानों को कम लागत में बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध हो सकें। ई-लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम ने बताया कि जिन योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होंगे, उनमें लाभार्थियों का चयन पूरी तरह ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इससे किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की संभावना नहीं रहेगी और सभी पात्र किसानों को समान अवसर मिलेगा। POS मशीन से मिलेगा बीज ई-लॉटरी में चयनित किसानों को राजकीय कृषि बीज भंडारों से POS मशीन के माध्यम से बीज वितरित किए जाएंगे। इससे लाभार्थी का सत्यापन डिजिटल माध्यम से होगा और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। ऑनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को पहले विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। बिना ऑनलाइन बुकिंग के किसी भी किसान को योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसलिए सभी पात्र किसान समय रहते आवेदन कर अपनी पसंद की फसल के बीज की बुकिंग अवश्य करें। समय से करें आवेदन उप कृषि निदेशक ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे खरीफ की बुवाई को ध्यान में रखते हुए समय से ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि चयन होने पर निर्धारित समय पर बीज प्राप्त कर सकें और समय पर बुवाई कर अच्छी पैदावार हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे आना चाहिए। किसान यहां करें आवेदन किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण एवं बीज बुकिंग कर सकते हैं। पोर्टल: https://agriculture.up.gov.in/ #उरई #जालौन #खरीफ2026 #कृषिविभाग #उपकृषिनिदेशक #एसकेउत्तम #बीजबुकिंग #ईलॉटरी #मुफ्तबीज #मिनीकिट #50प्रतिशतअनुदान #धान #उड़द #मूंग #अरहर #तिल #संकरमक्का #संकरधान #संकरबाजरा #संकरज्वार #कोदो #सांवा #रागी #ढैंचा #प्रमाणितबीज #किसान #किसानसमाचार #कृषिसमाचार #उत्तरप्रदेश #Urai

Kalpi, Jalaun | Jul 11, 2026

बड़ी खबर 
जालौन के किसानों के लिए राहत! खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज पहुंचे सरकारी भंडारों पर, 50% सब्सिडी के साथ मिलेगा लाभ

उरई/जालौन खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने से पहले जालौन के किसानों के लिए अच्छी खबर है।
 जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के सभी 09 विकास खंडों के राजकीय कृषि बीज भंडारों पर खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं। इनका वितरण उत्तर प्रदेश सरकार की "पहले आओ, पहले पाओ" नीति के तहत किया जाएगा।

किसान मोटा धान, महीन धान, बासमती धान, उड़द, मूंग, अरहर और ढैंचा के प्रमाणित बीज निर्धारित सरकारी दरों पर खरीद सकेंगे। सरकार द्वारा इन सभी बीजों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी एट सोर्स का लाभ दिया जाएगा।
 यानी किसानों को अनुदान की राशि सीधे खरीद के समय ही मिल जाएगी और केवल शेष राशि का भुगतान करना होगा।

इसके अलावा किसानों को निःशुल्क बीज मिनी किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। 
बीज प्राप्त करने के लिए किसान का उत्तर प्रदेश कृषि दर्शन-2 पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) के बाद पीओएस मशीन के माध्यम से बीज वितरित किए जाएंगे।
 एक किसान को अधिकतम 02 हेक्टेयर तक की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

 सहायता एवं जानकारी के लिए संपर्क करें:

उप कृषि निदेशक, जालौन
 07839882810

बीज अनुदान एवं अन्य जानकारी के लिए:
 07000367358
 08858222253
 09936481190
 07839882812

जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि समय रहते अपने नजदीकी राजकीय कृषि बीज भंडार पर पहुंचकर प्रमाणित बीज प्राप्त करें और सरकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

 क्या आपको लगता है कि सरकार की 50% सब्सिडी योजना का लाभ हर पात्र किसान तक समय पर पहुंच पाएगा?
 क्या आपके क्षेत्र के राजकीय बीज भंडार पर बीज उपलब्ध हैं?

अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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बड़ी खबर जालौन के किसानों के लिए राहत! खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज पहुंचे सरकारी भंडारों पर, 50% सब्सिडी के साथ मिलेगा लाभ उरई/जालौन खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने से पहले जालौन के किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के सभी 09 विकास खंडों के राजकीय कृषि बीज भंडारों पर खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं। इनका वितरण उत्तर प्रदेश सरकार की "पहले आओ, पहले पाओ" नीति के तहत किया जाएगा। किसान मोटा धान, महीन धान, बासमती धान, उड़द, मूंग, अरहर और ढैंचा के प्रमाणित बीज निर्धारित सरकारी दरों पर खरीद सकेंगे। सरकार द्वारा इन सभी बीजों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी एट सोर्स का लाभ दिया जाएगा। यानी किसानों को अनुदान की राशि सीधे खरीद के समय ही मिल जाएगी और केवल शेष राशि का भुगतान करना होगा। इसके अलावा किसानों को निःशुल्क बीज मिनी किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। बीज प्राप्त करने के लिए किसान का उत्तर प्रदेश कृषि दर्शन-2 पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) के बाद पीओएस मशीन के माध्यम से बीज वितरित किए जाएंगे। एक किसान को अधिकतम 02 हेक्टेयर तक की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराया जाएगा। सहायता एवं जानकारी के लिए संपर्क करें: उप कृषि निदेशक, जालौन 07839882810 बीज अनुदान एवं अन्य जानकारी के लिए: 07000367358 08858222253 09936481190 07839882812 जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि समय रहते अपने नजदीकी राजकीय कृषि बीज भंडार पर पहुंचकर प्रमाणित बीज प्राप्त करें और सरकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। क्या आपको लगता है कि सरकार की 50% सब्सिडी योजना का लाभ हर पात्र किसान तक समय पर पहुंच पाएगा? क्या आपके क्षेत्र के राजकीय बीज भंडार पर बीज उपलब्ध हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #जालौन #उरई #कालपी #किसान #खरीफ2026 #बीज_वितरण #50प्रतिशत_सब्सिडी #धान #उड़द #मूंग #अरहर #ढैंचा #कृषि_विभाग #राजकीय_कृषि_बीज_भंडार #राजेश_कुमार_पाण्डेय #सरकारी_योजना #UPGovernment #Agriculture #Farmer #BreakingNews #JalaunNews #UraiNews #KalpiNews #UPNews #HindiNews #ViralNews #BigBreaking #FarmersFirst #KisanSamman

Kalpi, Jalaun | Jul 9, 2026

जनपद जालौन में जर्जर सीढ़ी ढहने से तीन घायल, छह वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर, झांसी रेफर

जालौन। जनपद के एट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विरासनी में बुधवार दोपहर लगातार हो रही बारिश के बीच एक जर्जर मकान की सीढ़ी अचानक ढह गई। हादसे में तीन लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों में छह वर्षीय एक बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। गांव निवासी राकेश के मकान की सीढ़ी लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। मंगलवार से लगातार हो रही बारिश के कारण सीढ़ी और कमजोर हो गई, जिसके चलते वह अचानक भरभराकर गिर पड़ी।

हादसे के समय 28 वर्षीय जिया, उनकी छह वर्षीय बेटी प्रिया तथा 30 वर्षीय सरस्वती सीढ़ी के मलबे की चपेट में आ गए। तेज धमाके की आवाज सुनते ही परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

इसके बाद सभी घायलों को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने बच्ची प्रिया की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं जिया और सरस्वती का उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में जारी है।

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जनपद जालौन में जर्जर सीढ़ी ढहने से तीन घायल, छह वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर, झांसी रेफर जालौन। जनपद के एट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विरासनी में बुधवार दोपहर लगातार हो रही बारिश के बीच एक जर्जर मकान की सीढ़ी अचानक ढह गई। हादसे में तीन लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों में छह वर्षीय एक बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। गांव निवासी राकेश के मकान की सीढ़ी लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। मंगलवार से लगातार हो रही बारिश के कारण सीढ़ी और कमजोर हो गई, जिसके चलते वह अचानक भरभराकर गिर पड़ी। हादसे के समय 28 वर्षीय जिया, उनकी छह वर्षीय बेटी प्रिया तथा 30 वर्षीय सरस्वती सीढ़ी के मलबे की चपेट में आ गए। तेज धमाके की आवाज सुनते ही परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने बच्ची प्रिया की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं जिया और सरस्वती का उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में जारी है। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh #उरई #जालौन #कोंच #कालपी #माधौगढ़

Orai, Jalaun | Jul 8, 2026

बंद पड़े पीपीसी में कर दिया ट्रांसफर!

18 साल से एक ही सीएचसी में तैनाती, अब 'कागजों में' स्थानांतरण का आरोप; सीएमओ कार्यालय की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

जनपद जालौन का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 

इस बार मामला शासन की स्थानांतरण नीति के कथित उल्लंघन और आईजीआरएस शिकायत के बाद जारी हुए स्थानांतरण आदेश को लेकर है।
 शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब 18 वर्षों से सीएचसी जालौन में तैनात चीफ फार्मासिस्ट को वास्तव में हटाने के बजाय केवल कागजों में ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीपीसी) से संबद्ध दिखा दिया गया, जहां नियमित स्वास्थ्य सेवाएं संचालित ही नहीं हो रहीं।

शिकायत के अनुसार शासन का उद्देश्य वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों का वास्तविक स्थानांतरण कर प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। लेकिन आरोप है कि इस मामले में आदेश की मंशा को दरकिनार करते हुए केवल औपचारिक कार्रवाई कर दी गई, जिससे संबंधित कर्मचारी उसी व्यवस्था में बने रहे।

मामला आईजीआरएस शिकायत संख्या 60000260159142 से जुड़ा है। शिकायत के निस्तारण में सीएमओ कार्यालय ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में 1 जुलाई 2026 को स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। 
लेकिन शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस पीपीसी में स्थानांतरण दिखाया गया है, वहां न नियमित चिकित्सकीय व्यवस्था है और न ही प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं। 
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तविक स्थानांतरण है या केवल कागजी औपचारिकता?

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि स्थानांतरण आदेश के बाद भी संबंधित कर्मचारी ने सीएचसी का कार्यभार पूरी तरह नहीं छोड़ा।
 यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो विभागीय आदेशों के पालन और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।

अब शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। 
उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित पीपीसी की वास्तविक स्थिति क्या है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं या नहीं, कर्मचारी ने वास्तव में कार्यभार ग्रहण किया या नहीं, और स्थानांतरण केवल अभिलेखों तक सीमित रहा या धरातल पर भी लागू हुआ।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी, आदेशों की अवहेलना या अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाए। 
उनका कहना है कि यदि इस प्रकार केवल कागजों में स्थानांतरण कर शासन के आदेशों को निष्प्रभावी बनाया जाता रहा तो स्थानांतरण नीति की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगेंगे।

नोट: इस समाचार में प्रकाशित आरोप शिकायतकर्ता एवं उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित हैं। 
मामले की आधिकारिक पुष्टि सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 अब आपकी बारी...

क्या अगर कोई पीपीसी वास्तव में बंद या निष्क्रिय है, तो वहां किया गया स्थानांतरण प्रभावी माना जाना चाहिए?

क्या वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है?

 आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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बंद पड़े पीपीसी में कर दिया ट्रांसफर! 18 साल से एक ही सीएचसी में तैनाती, अब 'कागजों में' स्थानांतरण का आरोप; सीएमओ कार्यालय की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल जनपद जालौन का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला शासन की स्थानांतरण नीति के कथित उल्लंघन और आईजीआरएस शिकायत के बाद जारी हुए स्थानांतरण आदेश को लेकर है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब 18 वर्षों से सीएचसी जालौन में तैनात चीफ फार्मासिस्ट को वास्तव में हटाने के बजाय केवल कागजों में ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीपीसी) से संबद्ध दिखा दिया गया, जहां नियमित स्वास्थ्य सेवाएं संचालित ही नहीं हो रहीं। शिकायत के अनुसार शासन का उद्देश्य वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों का वास्तविक स्थानांतरण कर प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। लेकिन आरोप है कि इस मामले में आदेश की मंशा को दरकिनार करते हुए केवल औपचारिक कार्रवाई कर दी गई, जिससे संबंधित कर्मचारी उसी व्यवस्था में बने रहे। मामला आईजीआरएस शिकायत संख्या 60000260159142 से जुड़ा है। शिकायत के निस्तारण में सीएमओ कार्यालय ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में 1 जुलाई 2026 को स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। लेकिन शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस पीपीसी में स्थानांतरण दिखाया गया है, वहां न नियमित चिकित्सकीय व्यवस्था है और न ही प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तविक स्थानांतरण है या केवल कागजी औपचारिकता? शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि स्थानांतरण आदेश के बाद भी संबंधित कर्मचारी ने सीएचसी का कार्यभार पूरी तरह नहीं छोड़ा। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो विभागीय आदेशों के पालन और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं। अब शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित पीपीसी की वास्तविक स्थिति क्या है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं या नहीं, कर्मचारी ने वास्तव में कार्यभार ग्रहण किया या नहीं, और स्थानांतरण केवल अभिलेखों तक सीमित रहा या धरातल पर भी लागू हुआ। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी, आदेशों की अवहेलना या अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार केवल कागजों में स्थानांतरण कर शासन के आदेशों को निष्प्रभावी बनाया जाता रहा तो स्थानांतरण नीति की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगेंगे। नोट: इस समाचार में प्रकाशित आरोप शिकायतकर्ता एवं उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अब आपकी बारी... क्या अगर कोई पीपीसी वास्तव में बंद या निष्क्रिय है, तो वहां किया गया स्थानांतरण प्रभावी माना जाना चाहिए? क्या वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है? आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #BreakingNews #Jalaun #Urai #CMOJalaun #HealthDepartment #TransferPolicy #IGRS #CHCJalaun #PPCJalaun #ChiefPharmacist #UttarPradesh #HealthSystem #AdministrativeTransparency #Investigation #Accountability #PublicInterest #GovernmentOrders #JalaunNews #HindiNews #LatestNews #GroundReport #SonuMaharaj #NewsUpdate #स्वास्थ्य_विभाग #सीएमओ #स्थानांतरण_विवाद #आईजीआरएस #जालौन #उरई #जनहित

Kalpi, Jalaun | Jul 8, 2026

उरई में एटीएम कार्ड बदलकर व्यक्ति से 40 हजार की ठगी: पीड़ित ने बैंक प्रबंधन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की, जांच शुरू

जनपद जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम पर गुरुवार शाम एक व्यक्ति के साथ एटीएम कार्ड बदलकर 40 हजार रुपये की ठगी हुई। पीड़ित ने बैंक प्रबंधन और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

उरई के राजेंद्र नगर निवासी राजकुमार रुपये निकालने के लिए एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम पहुंचे थे। वहां मौजूद एक अज्ञात युवक ने मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके बाद शातिर ने उनके खाते से 40 हजार रुपए निकाल लिए।

पीड़ित के मुताबिक जब वह पैसे निकाल रहा था तो उस समय बैंक सर्वर की कुछ समस्या आ रही थी, इतने में पीछे खड़े एक व्यक्ति ने मदद के बहाने पीड़ित का एटीएम कार्ड बदलकर एक दूसरा एसबीआई का एटीएम कार्ड पकड़ा दिया। पीड़ित राजकुमार को ठगी की जानकारी तब हुई, जब उनके मोबाइल पर बैंक से 40 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया और यह पैसे कचहरी के पास स्थित पीएनबी के एटीएम से निकाले गए थे। उन्होंने तुरंत अपना एटीएम चेक किया, तो पता चला कि उनका कार्ड बदल दिया गया है और उससे 40 हजार रुपये निकाल लिए गए।

घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित ने बैंक प्रबंधन और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस एटीएम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।

नोट: यह खबर पीड़ित के द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और वीडियो के आधार पर तैयार की गई है।

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उरई में एटीएम कार्ड बदलकर व्यक्ति से 40 हजार की ठगी: पीड़ित ने बैंक प्रबंधन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की, जांच शुरू जनपद जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम पर गुरुवार शाम एक व्यक्ति के साथ एटीएम कार्ड बदलकर 40 हजार रुपये की ठगी हुई। पीड़ित ने बैंक प्रबंधन और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। उरई के राजेंद्र नगर निवासी राजकुमार रुपये निकालने के लिए एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम पहुंचे थे। वहां मौजूद एक अज्ञात युवक ने मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके बाद शातिर ने उनके खाते से 40 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित के मुताबिक जब वह पैसे निकाल रहा था तो उस समय बैंक सर्वर की कुछ समस्या आ रही थी, इतने में पीछे खड़े एक व्यक्ति ने मदद के बहाने पीड़ित का एटीएम कार्ड बदलकर एक दूसरा एसबीआई का एटीएम कार्ड पकड़ा दिया। पीड़ित राजकुमार को ठगी की जानकारी तब हुई, जब उनके मोबाइल पर बैंक से 40 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया और यह पैसे कचहरी के पास स्थित पीएनबी के एटीएम से निकाले गए थे। उन्होंने तुरंत अपना एटीएम चेक किया, तो पता चला कि उनका कार्ड बदल दिया गया है और उससे 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित ने बैंक प्रबंधन और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस एटीएम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके। नोट: यह खबर पीड़ित के द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh #उरई #जालौन #कोंच #कालपी #माधौगढ़

Orai, Jalaun | Jul 6, 2026

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