
मुसमरिया में श्रावणी उपाकर्म एवं दशविधि स्नान का आयोजन, आत्मशुद्धि और सदाचार का लिया संकल्प
जालौन। जनपद जालौन के ग्राम मुसमरिया में शुक्रवार सुबह 6:45 बजे गायत्री परिवार एवं प्रज्ञा पीठों की परंपरा के अनुरूप श्रावणी उपाकर्म और दशविधि स्नान का सामूहिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक आत्मशुद्धि के साथ नैतिक और सांस्कृतिक जीवन के नवीनीकरण का संदेश देना रहा।
गायत्री प्रज्ञा पीठ मुसमरिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रज्ञा पीठ संवाहक लक्ष्मण सिंह जादौन ने दशविधि स्नान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस परंपरा के अंतर्गत भस्म, मिट्टी, गोबर, गोमूत्र, दूध, दही, घी, सर्वौषधि (हल्दी), कुशा और शुद्ध जल का प्रयोग करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक रूप से प्रतीकात्मक स्नान कराया गया। इसका उद्देश्य व्यक्ति को मानसिक मलिनता से मुक्त कर सात्विक, संयमित और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान कौशल सिंह द्वारा सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया। प्रतिभागियों ने पुराने यज्ञोपवीत को बदलकर नया यज्ञोपवीत धारण किया और संयम, कर्तव्य, सदाचार एवं अनुशासन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता रामकुमार मुसमरिया ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जल, मिट्टी और प्रकृति के संरक्षण के साथ समाज में सद्ज्ञान के प्रसार का संकल्प भी लिया गया।
आयोजकों के अनुसार, श्रावणी उपाकर्म का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को आत्मचिंतन, प्रायश्चित, स्वाध्याय और सदाचार के लिए प्रेरित करना भी है। कार्यक्रम का मूल संदेश “आत्म-निर्माण से युग-निर्माण” की भावना को आगे बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर चन्द्रशेखर, शिवपाल सिंह, भीकम, रूपे सिंह, खिल्लू, रमेश बप्पा, रघुवीर प्रजापति, करें कुशवाहा, विकास सिंह, रूप नारायण द्विवेदी, श्याम सुंदर गपोचे, कौशल सिंह, लक्ष्मण सिंह सहित गायत्री प्रज्ञा पीठ से जुड़े अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Orai, Jalaun | Aug 28, 2026