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Bhagalpur District Administration

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स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026
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🚩 भागलपुर में स्वच्छता सेवा 2026 के तहत आयोजित जागरूकता रैली को जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजनों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया और स्वच्छ एवं सुंदर भागलपुर के निर्माण का संकल्प लिया।
स्वच्छता अपनाएं, स्वस्थ रहें और अपने शहर को स्वच्छ रखें। 🇮🇳
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
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*बाढ़ राहत शिविरों में मंजूषा कला के रंगों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार*

भागलपुर, 16 सितंबर 2026।

भागलपुर जिले में भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन, भागलपुर की ओर से विभिन्न स्थानों पर बाढ़ राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों को आश्रय, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके मानसिक संबल और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

इसी क्रम में जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, भागलपुर की ओर से राहत शिविरों में प्रतिदिन मंजूषा कला प्रशिक्षण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों को आर्ट थेरेपी के एक माध्यम के रूप में संचालित किया जा रहा है, ताकि बाढ़ की कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे बच्चों एवं परिवारों को रचनात्मक वातावरण मिल सके।

मंजूषा कला के प्रशिक्षण के दौरान बाढ़ पीड़ित बच्चों को अंग क्षेत्र की पारंपरिक लोक कला, बिहुला-विषहरी की लोकगाथा तथा मंजूषा चित्रकला की विविध विशेषताओं से परिचित कराया जा रहा है। बच्चे रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को कागज पर उकेर रहे हैं। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से गीत, संगीत एवं अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया जा रहा है।

अंग क्षेत्र की इस पारंपरिक लोक कला से जुड़कर बाढ़ प्रभावित परिवारों में सकारात्मक ऊर्जा एवं उत्साह का संचार स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। कठिन परिस्थितियों के बीच कला बच्चों को अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने तथा तनाव से उबरने का सहज अवसर प्रदान कर रही है।

आज माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राहत शिविर में आयोजित मंजूषा कला कार्यशाला का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए जा रहे मंजूषा चित्रों को देखा तथा इस रचनात्मक पहल की जानकारी प्राप्त की।

जिला पदाधिकारी भागलपुर श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के नेतृत्व में यह पहल आपदा की घड़ी में राहत कार्यों को मानवीय संवेदनाओं, कला और संस्कृति से जोड़ने का सार्थक प्रयास है। इसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक कला एवं संस्कृति की पहुंच सुनिश्चित करना तथा अंग क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है।

ज़िला जनसंपर्क कार्यालय 
भागलपुर
भागलपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिखा अनोखा अंदाज. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर का दौरा किया. पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका हाल जाना. 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Disaster Management Department Govt. of Bihar 
CMO Bihar
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बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत बचाव कार्य जारी. बाढ़ राहत शिविर में बेहतर व्यवस्था. जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को पहुँचाया जा रहा है मदद.
*सदर अस्पताल की आधारभूत संरचना एवं रोगी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित*

भागलपुर, दिनांक– 15.09.2026। जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति, सदर अस्पताल, भागलपुर की अध्यक्षता में आज रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सदर अस्पताल की वर्तमान आधारभूत संरचना, रोगी सुविधाओं, साफ-सफाई, भवनों की स्थिति तथा आवश्यक मरम्मति एवं रख-रखाव से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग, बिहार के पत्रांक-201 (HS), दिनांक 09.09.2026 के आलोक में अस्पताल में उपलब्ध रोगी सुविधाओं को और बेहतर करने तथा आवश्यक मरम्मति एवं रख-रखाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सदर अस्पताल के विभिन्न पुराने भवनों, वार्डों एवं अन्य आवश्यक स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार रंग-रोगन, सौंदर्यीकरण एवं मरम्मति कार्य कराया जाएगा। इसके लिए उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति के नेतृत्व में समिति के सदस्यों द्वारा अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया जाएगा।

अस्पताल भवन, दरवाजे, खिड़कियां, फर्श, जलापूर्ति, शौचालय सहित अन्य संरचनाओं से संबंधित लघु मरम्मति कार्यों का चिन्हांकन कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही रोगियों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय एवं स्वच्छता, प्रतीक्षालय, वार्ड एवं ओपीडी की साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, पंखा/कूलिंग व्यवस्था तथा आवश्यक Signage एवं Patient Amenities को सुदृढ़ किया जाएगा।

बैठक में अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने तथा वार्ड, ओपीडी, शौचालय, गलियारे एवं सार्वजनिक स्थानों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। किसी भी स्थान पर गंदगी, जलजमाव अथवा अस्वच्छ स्थिति पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का Physical Assessment/Inspection कर आवश्यक कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। कार्यों को अति आवश्यक, आवश्यक तथा सामान्य/सौंदर्यीकरण संबंधी श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। रोगी सुरक्षा एवं रोगी सुविधा से सीधे संबंधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

चिन्हित कार्यों के लिए नियमानुसार प्राक्कलन/Estimate बिहार चिकित्सा सेवाएँ एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) के माध्यम से तैयार कराया जाएगा। अनुमन्य कार्यों को रोगी कल्याण समिति की उपलब्ध निधि से निर्धारित वित्तीय नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अनुरूप कराया जाएगा।

बैठक में सभी कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। कार्य प्रारंभ होने से पूर्व एवं पूर्ण होने के पश्चात आवश्यकतानुसार Photographic Documentation रखा जाएगा तथा कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी।

इसके अतिरिक्त सदर अस्पताल परिसर में पानी की टंकी, सोलर लाइट आदि आधारभूत सुविधाओं की स्थापना/निर्माण भवन निर्माण विभाग/स्मार्ट सिटी के माध्यम से कराए जाने की संभावना पर भी विचार किया गया। इस संबंध में संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विकासात्मक एवं मरम्मति कार्यों में रोगियों एवं उनके परिजनों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सदर अस्पताल परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं Patient-Friendly बनाने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।

बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन प्रभारी डॉ. राजू, श्री रोहित पासवान, श्री संजीव कुमार, श्री प्रदीप कुमार सिंह, श्रीमती वंदना तिवारी, श्री नितेश कुमार सिंह, श्री मुकेश राणा एवं डॉ. गौतम कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर
*बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई रफ्तार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बोट एम्बुलेंस का संचालन प्रारंभ*
भागलपुर, दिनांक– 15 सितंबर 2026। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आमजन तक त्वरित एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग, भागलपुर द्वारा बोट एम्बुलेंस का संचालन प्रारंभ किया गया है। बाढ़ के कारण सड़क मार्ग से संपर्क बाधित होने वाले क्षेत्रों में यह बोट एम्बुलेंस मरीजों के लिए जीवनरक्षक परिवहन सुविधा के रूप में कार्य करेगी।
बोट एम्बुलेंस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों को सुरक्षित एवं समयबद्ध तरीके से निकटतम स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराते हुए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। बोट एम्बुलेंस के संचालन से विशेष रूप से उन ग्रामीण एवं दियारा क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा, जहां बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित संस्थागत प्रसव, मरीजों के समयबद्ध रेफरल तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने अथवा किसी गर्भवती महिला को प्रसव संबंधी आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता अथवा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, ताकि बोट एम्बुलेंस के माध्यम से समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बाढ़ की चुनौती के बीच स्वास्थ्य विभाग का संकल्प है—
“हर प्रभावित व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा, हर जरूरतमंद तक समय पर उपचार।”

जिला जन-संपर्क कार्यालय, भागलपुर 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Bihar Health Department 
Disaster Management Department Govt. of Bihar
भागलपुर के बाढ़ राहत शिविरों में बच्चों की पढ़ाई जारी. अस्थायी स्कूलों में पढ़ाई के साथ योग की भी क्लास। जिलाधिकारी, भागलपुर लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहीं ।
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Bhagalpur District Administration 
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भागलपुर, दिनांक- 14.09.2026। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में आज कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बटाईदार किसानों को भी मिलेगा फार्मर आईडी का लाभ

समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि फार्मर रजिस्ट्री के तहत अब स्वयं की भूमि पर खेती करने वाले किसानों के साथ-साथ बटाईदार किसानों को भी फार्मर आईडी (Farmer ID) उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव के स्तर से दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं। कैबिनेट से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

इस व्यवस्था के लागू होने से बटाईदार किसानों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में जिले में संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि हाल में हुई बारिश एवं जलजमाव के कारण कुछ क्षेत्रों में सर्वे कार्य की गति प्रभावित हुई है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में तेजी लाई जाए तथा सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। इसके लिए संबंधित पदाधिकारी क्षेत्रवार नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

District Administration Patna 
DM Darbhanga 
District Administration, Madhubani 
Madhepura District Administration 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
CMO Bihar
भागलपुर, दिनांक-14.09.2026, हिंदी दिवस के अवसर पर आज जिला स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं भाषायी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिंदी दिवस केवल एक दिवस के रूप में मनाने तक सीमित न रहकर हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और प्रचार-प्रसार के संकल्प का अवसर है।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में हिंदी के सरल, सहज एवं प्रभावी प्रयोग से आम नागरिकों के साथ संवाद और अधिक सुगम बनाया जा सकता है। सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, इसके व्यापक प्रयोग तथा हिंदी साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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DM Darbhanga 
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Madhepura District Administration 
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भागलपुर, 14 सितंबर 2026। माननीय मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री, भागलपुर जिला श्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में आज पूर्वाह्न 11:00 बजे बाढ़ आपदा राहत-2026 से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी, भागलपुर सहित माननीय सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बाढ़ की वर्तमान स्थिति एवं राहत कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। 13 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार गंगा एवं कोसी नदी के विभिन्न स्थलों पर जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.25 मीटर, कहलगांव में 32.60 मीटर तथा सुल्तानगंज में 36.25 मीटर दर्ज किया गया। कोसी नदी के कुरसेला, मदरौनी एवं चोरहर में भी जलस्तर घटने का रुझान दर्ज है।

राहत शिविरों में 9,003 लोग आवासित

समीक्षा के दौरान बताया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित समेकित प्रतिवेदन के अनुसार 15 अंचलों की 114 पंचायतों के 456 गांव एवं 899 वार्ड प्रभावित हैं, जिनमें 2,10,219 परिवार एवं 9,15,781 की आबादी शामिल है।

भागलपुर शहर में संचालित सात बाढ़ राहत शिविरों में कुल 2,092 परिवारों के 9,003 लोग आवासित हैं। इन शिविरों में शौचालय, स्नानघर, पानी के टैंकर, पॉलिथीन शीट, पशुओं के लिए चारा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं के संबंध में भी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सामुदायिक रसोई नियमित रूप से संचालित रखने का निर्देश

बैठक में राहत शिविरों एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। माननीय प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई नियमित रूप से संचालित रहे। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि जलजमाव एवं कीचड़ की स्थिति समाप्त होने के बाद भी प्रभावित लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त अवधि तक सामुदायिक रसोई संचालित की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जलस्तर सामान्य होने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए पर्याप्त स्वास्थ्य एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही सामुदायिक रसोई बंद करने की कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं एवं दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर घटने के बाद बीमारियों एवं संक्रमण की संभावना को देखते हुए सिविल सर्जन, भागलपुर को ब्लीचिंग पाउडर/गेमेक्सिन पाउडर के छिड़काव, बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था तथा पर्याप्त दवाओं के वितरण के निर्देश दिए गए। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक स्वास्थ्य सेवाएँ, राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ पहुँचें और कोई पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। 

जीआर राशि के भुगतान में पारदर्शिता पर जोर

बैठक में जीआर (Gratuitous Relief) राशि के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार कुल 1,44,233 लाभुकों में से 1,16,746 लाभुकों की अनुशंसा जिला स्तर पर सत्यापित की गई तथा 1,16,702 मामलों में PFMS के माध्यम से भुगतान भेजे जाने की स्थिति दर्ज है।

माननीय प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि जीआर राशि के भुगतान से पूर्व क्षति एवं लाभुकों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा अपात्र व्यक्तियों को भुगतान न हो। साथ ही वास्तविक बाढ़ प्रभावित एवं पात्र परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

पशुचारा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश

बैठक में उन बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुधन के लिए भी पशुचारा उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई, जो राहत शिविरों में न जाकर अपने स्थान पर रह रहे हैं। जिला पशुपालन पदाधिकारी, भागलपुर को SOP के अनुसार ऐसे परिवारों तक पशुचारा की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

कहलगांव में SDRF की स्थायी टीम की मांग

कहलगांव क्षेत्र के गंगा नदी के निकट स्थित होने के कारण बाढ़ एवं अन्य जलजनित आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए आपातकालीन बचाव एवं राहत कार्यों के लिए SDRF की एक टीम की स्थायी प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया गया। दस्तावेज के अनुसार कहलगांव एवं नवगछिया में एक-एक SDRF टीम की स्थायी प्रतिनियुक्ति के लिए पूर्व में ही पत्राचार किया जा चुका है।

छोटी नाव एवं आवागमन की व्यवस्था

चारों ओर बाढ़ के पानी से घिरे छोटे क्षेत्रों एवं वार्डों, जहाँ बड़े नावों का परिचालन संभव नहीं है, वहाँ आवागमन तथा आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छोटी डेंगी/नाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

बैठक में ब्रह्मोत्तर बांध की स्थिति की भी समीक्षा की गई। किसी प्रकार की क्षति अथवा टूटने की स्थिति में बड़ी आबादी प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए संबंधित अंचल अधिकारी को पूर्व से ही बचाव, राहत, आवागमन एवं आश्रय सहित आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया। कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर को बांध के समुचित सुदृढ़ीकरण हेतु भी निर्देशित किया गया। 

गंगा तटवर्ती वार्डों में कटावरोधी कार्य

कहलगांव नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 7, 8, 11 एवं 13 में गंगा नदी के किनारे स्थित घरों को कटाव से संभावित खतरे को देखते हुए पत्थर/बोल्डर द्वारा पिचिंग एवं आवश्यक कटावरोधी कार्य कराने का सुझाव दिया गया, ताकि घरों एवं आबादी को कटाव से सुरक्षित रखा जा सके।  

सड़क एवं पुल संबंधी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

कहलगांव के सत्कार चौक से आरओबी पुल तक सड़क एवं नाला निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर संज्ञान लेते हुए कार्य में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण कराने का अनुरोध किया गया। इसी प्रकार कुआ नदी पुल के रखरखाव/मरम्मती कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया गया, जिससे आम लोगों का आवागमन सुचारु हो सके और लगभग 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने से राहत मिले। 

बाढ़ प्रभावित बुनकरों को सहायता

नगर परिषद क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित बुनकर परिवारों को हुई क्षति का समुचित आकलन कर नियमानुसार देय सहायता एवं अन्य लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। बाढ़ के पानी में कच्चा माल, तैयार वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सामग्री नष्ट होने अथवा बह जाने से बुनकर परिवारों को आर्थिक नुकसान होने की बात बैठक में उठाई गई।

बैठक में बाढ़ प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा देय सभी प्रकार की सहायता समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने, आवश्यकतानुसार राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाने तथा जीआर राशि का वास्तविक एवं पात्र लाभुकों तक उचित वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। 

बैठक के अंत में माननीय प्रभारी मंत्री द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को राहत, स्वास्थ्य, भोजन, आवागमन एवं अन्य आवश्यक सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए। बैठक की कार्यवाही धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुई।

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*आयुक्त कार्यालय, भागलपुर प्रमंडल में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन*

भागलपुर, दिनांक-14.09.2026। आयुक्त कार्यालय, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर में आज हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुक्त के सचिव-सह-उप निदेशक, राजभाषा, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा की गई।

समारोह के अवसर पर श्री अमन कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी, श्री अजय कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी, श्री सुधीर कुमार सिंह, प्रशाखा पदाधिकारी, मो. शाहिद खान, प्रशाखा पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दैनिक जीवन एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी भाषा के अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने के संबंध में अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके अधिकाधिक प्रयोग तथा राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दैनिक जीवन एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

जिला जनसंपर्क कार्यालय 
भागलपुर
भागलपुर, 13 सितंबर 2026, भागलपुर जिले में आई भयावह बाढ़ के बीच जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में आश्रय, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ बच्चों और अन्य प्रभावित लोगों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का भी विशेष प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से तीन बाढ़ राहत शिविरों—चर्चगेट मैदान, पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान तथा टीएनबी कॉलेजिएट—में बाढ़ पीड़ित बच्चों के लिए मंजूषा कला प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन के नेतृत्व में आयोजित इस पहल का उद्देश्य विपरीत परिस्थितियों के बीच बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ अंग क्षेत्र की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत से उनका परिचय कराना है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को मंजूषा चित्रकला की मूलभूत तकनीकों के साथ-साथ बिहुला-विषहरी की लोकगाथा, मंजूषा कला की परंपरा तथा इसके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जा रही है।

चर्चगेट मैदान में प्रशिक्षक के रूप में विशुद्ध मिश्रा एवं हिना कुमारी, टीएनबी कॉलेजिएट में डॉ. उलूपी झा तथा पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में मंजूषा गुरु मनोज पंडित द्वारा बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों ने पेंसिल एवं रंगों के माध्यम से मंजूषा कला की पारंपरिक आकृतियों और कथात्मक तत्वों को अपनी कल्पनाशीलता के साथ कागज पर उकेरा।

आज भागलपुर के प्रभारी मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने भी चर्चगेट मैदान एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान स्थित बाढ़ राहत शिविरों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मंजूषा कला का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बाढ़ पीड़ित बच्चों की गतिविधियों का अवलोकन किया तथा बच्चों द्वारा बनाए जा रहे चित्रों में विशेष रुचि दिखाई।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा वर्षभर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, लेकिन बाढ़ राहत शिविरों में आयोजित यह प्रशिक्षण अपने आप में विशेष और भावनात्मक महत्व रखता है। उन्होंने कहा, “जो बच्चे इस कार्यशाला से जुड़ रहे हैं, उनमें से बहुत से बच्चे सामान्य परिस्थितियों में आयोजित होने वाली मंजूषा प्रशिक्षण कार्यशालाओं तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे समय में कला को उनके बीच ले जाना केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनके भीतर की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन, भागलपुर का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग और हर परिस्थिति में रहने वाले व्यक्ति तक कला एवं संस्कृति की पहुंच सुनिश्चित हो। जिला पदाधिकारी महोदया श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के सकारात्मक निर्देश एवं मार्गदर्शन से इस सोच को धरातल पर उतारने का अवसर मिला है।”

मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने कहा कि बाढ़ पीड़ित बच्चों से जुड़ना, उनकी सोच और संवेदनाओं को समझना तथा उनके माध्यम से बिहुला-विषहरी की लोकगाथा को आगे बढ़ाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बीच बच्चों को अपनी संस्कृति और कला से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रशिक्षक डॉ. उलूपी झा ने इस पहल को अतुलनीय और अद्भुत बताते हुए कहा कि बाढ़ जैसी कठिन परिस्थिति में बच्चों को कला से जोड़ना उन्हें मानसिक रूप से सकारात्मक वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के मन को सहज बनाने और उनकी भावनाओं को अभिव्यक्ति देने में मदद करती हैं। यह अनुभव एक प्रकार की आर्ट थेरेपी की तरह भी कार्य कर सकता है।

चर्चगेट में प्रशिक्षक हिना कुमारी एवं विशुद्ध मिश्रा ने कहा कि कुछ ही घंटों के प्रशिक्षण में बच्चों ने जिस उत्साह और कौशल का परिचय दिया, वह उल्लेखनीय है। बच्चों ने पेंसिल और रंगों के माध्यम से अंग क्षेत्र की लोक कला को अपनी सहज और स्वाभाविक रेखाओं में जीवंत कर दिया। उनके चित्रों में दिखाई देने वाली सरल रेखाएं, रंगों का प्रयोग और आकृतियां उनके कोमल मन, कल्पनाशीलता और भीतर छिपी रचनात्मक ऊर्जा को दर्शाती हैं।

बाढ़ राहत शिविरों में चल रही यह पहल इस बात का उदाहरण है कि आपदा के कठिन समय में राहत केवल भोजन और आश्रय तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रभावित लोगों के मनोबल, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मंजूषा कला के माध्यम से बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने की यह पहल अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ संकट की घड़ी में रचनात्मकता और उम्मीद के रंग भरने का सार्थक प्रयास है।

District Administration Patna 
DM Darbhanga 
District Administration, Madhubani 
CMO Bihar 
Madhepura District Administration 
Bhagalpur District Administration 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Disaster Management Department Govt. of Bihar 
DM Bhojpur
भागलपुर जिला के माननीय प्रभारी मंत्री, श्री नीतीश मिश्रा जी
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माननीय प्रभारी मंत्री श्री नितीश मिश्रा ने बाढ़ राहत शिविरों का किया निरीक्षण