राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देश भर के 72 क्लस्टरों के बीच आयोजित प्रतियोगिता में भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित मीरनचक क्लस्टर ने डिजाइनिंग के क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल कर जिले और बिहार का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि से भागलपुर के सिल्क एवं खादी उद्योग को नई पहचान और नई उड़ान मिली है।
केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा आर्थिक सहायता के माध्यम से बुनकरों को आधुनिक हथकरघा लगाने, उत्पादन बढ़ाने तथा नए-नए डिजाइन तैयार करने में बड़ी मदद मिली है। बुनकरों का कहना है कि सरकार द्वारा पहले ₹10,000 और बाद में ₹15,000 की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने से उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में काफी सहूलियत हुई है। आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग के कारण उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
स्थानीय बुनकर अमन अंसारी, मोहम्मद फरीद अंसारी, मोहम्मद अब्दुल कयूम एवं शमशेर अली ने बताया कि आधुनिक उपकरणों और सरकारी सहायता मिलने से अब माल का उत्पादन भरपूर हो रहा है। इससे काम पहले की अपेक्षा आसान हुआ है और भागलपुर का प्रसिद्ध सिल्क देश-विदेश के बाजारों तक अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
बुनकर सेवा सदन के उपनिदेशक राजेश चटर्जी ने बताया कि देश भर के 72 चिन्हित क्लस्टरों में बिहार के मीरनचक क्लस्टर का डिजाइनिंग के क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्थानीय बुनकरों की मेहनत, उनकी पारंपरिक कला और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, भागलपुर में भी रंगोली एवं मंजूषा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य के.के. पाठक ने कहा कि टेक्स्टाइल इंजीनियरिंग युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है तथा इस क्षेत्र में भविष्य की व्यापक संभावनाएं हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में मीरनचक क्लस्टर को उसकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान भागलपुर के सिल्क एवं खादी उद्योग तथा यहां के बुनकरों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
7 views | Bhagalpur, Bihar | Aug 6, 2026