भागलपुर, 05 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं अधिकारों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के प्रति सभी हितधारकों को संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तथा समुचित देखरेख उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
जिलाधिकारी ने बाल गृह, बालिका गृह, पर्यवेक्षण गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक दवाइयों एवं उपचार की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बाल देखरेख संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने भागलपुर एवं नवगछिया के डीएसपी (मुख्यालय) सह नोडल पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई को निर्देश दिया कि पुलिस द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बाल तस्करी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्क निगरानी रखने तथा संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने पर बल दिया।
बैठक में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देशित किया गया कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के समन्वय से परवरिश योजना के पात्र लाभुकों की पहचान कर अधिकाधिक बच्चों एवं परिवारों को योजना से जोड़ा जाए। साथ ही जिले के सभी बाल देखरेख संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) के कार्यों एवं प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों से संबंधित मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से निष्पादन किया जाए, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को समय पर संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध हो सके।
बैठक में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित थे।
JEEVIKA Bihar
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Bhagalpur District Administration
2 views | Bhagalpur, Bihar | Aug 5, 2026