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भागलपुर 05 अगस्त 2026, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर का 17वाँ स्थापना दिवस आज बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर पूरे विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह एवं चहल-पहल का वातावरण रहा। स्थापना दिवस समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के कर्पूरी सभागार में किया गया। समारोह में बिहार के माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन आभासी माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में जुड़े। कार्यक्रम में बिहार सरकार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा भी आभासी माध्यम से शामिल हुए। वहीं सभागार में बिहार सरकार के माननीय ग्रामीण विकास एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री श्री श्रवण कुमार, भागलपुर के माननीय सांसद श्री अजय कुमार मंडल तथा कहलगाँव के माननीय विधायक श्री शुभानंद मुकेश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति* ने विश्वविद्यालय परिवार को 17वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि, "एक शताब्दी से भी अधिक गौरवशाली इतिहास वाला यह संस्थान भारत की कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान व्यवस्था में एक विशिष्ट स्थान रखता है। हाल ही में प्राप्त नैक (NAAC) की 'ए' (A) ग्रेड मान्यता तथा जलवायु-अनुकूल (Climate-Resilient) फसल किस्मों के विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान इस विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति का परिचायक है, जो हम सभी की सराहना का पात्र है।" उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह उन दायित्वों पर भी गंभीरता से विचार करने का अवसर है, जो भविष्य में हमारा मार्गदर्शन करेंगे। अपने उद्बोधन के उपरांत माननीय राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान से विकसित विभिन्न उत्पादों का विमोचन किया, जिनमें अपराजिता के फूलों से निर्मित ब्लू टी, कटहल के बीजों से निर्मित आटा तथा हनी स्पून प्रमुख हैं। इसके साथ ही उन्होंने एआई आधारित चैटबॉट "एग्री-ग्रंथ" का भी विमोचन किया। *माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा* ने अपने संदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा बिहार की कृषि को अधिक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर पिछले 16 वर्षों से कृषि अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा किसानोन्मुखी तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान भविष्य में भी कृषि क्षेत्र में नवाचार और किसान कल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि "समृद्ध किसान ही समृद्ध बिहार और विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं।" *माननीय ग्रामीण विकास एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री श्री श्रवण कुमार* ने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 16 वर्ष कोई बहुत लंबा समय नहीं होता, लेकिन संकल्प, निष्ठा और समर्पण के साथ अल्प अवधि में भी लंबी उपलब्धियों का सफर तय किया जा सकता है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ उसकी आयु से कहीं अधिक बड़ी हैं। अपने अध्यक्षीय संबोधन में *माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह* ने कहा कि आज हम केवल सत्रहवाँ स्थापना दिवस नहीं मना रहे हैं, बल्कि उस संकल्प की समीक्षा भी कर रहे हैं, जो बिहार की धरती, उसके किसानों, उसके युवाओं तथा कृषि के भविष्य को विरासत में प्राप्त करने वाली आने वाली पीढ़ियों से किया गया था। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल किसी संस्थान के इतिहास की एक तिथि नहीं होता, बल्कि यह आत्ममंथन का अवसर होता है कि हमने कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया, कितने नए अवसरों का सृजन किया, कितने वैज्ञानिक नवाचारों को खेतों तक पहुँचाया तथा अपने विद्यार्थियों को समाज और कृषि की सेवा के लिए कितनी प्रभावी ढंग से तैयार किया। उन्होंने कहा कि किसी कृषि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का आकलन केवल उसके निर्मित भवनों, स्थापित प्रयोगशालाओं अथवा प्रकाशित शोध-पत्रों से नहीं किया जा सकता। उसकी वास्तविक प्रगति का मापदंड वे किसान हैं जिनके जोखिम कम हुए हैं, वे विद्यार्थी हैं जिनका भविष्य अधिक सुदृढ़ हुआ है, वे गाँव हैं जहाँ प्रौद्योगिकी ने आय के नए स्रोत उत्पन्न किए हैं तथा वे स्थानीय उत्पाद हैं जिन्हें नई पहचान, बेहतर गुणवत्ता और व्यापक बाजार मूल्य प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय कुलपति ने कहा कि वे बिहार कृषि विश्वविद्यालय के विगत सभी माननीय कुलाधिपतियों एवं कुलपतियों के प्रति अपनी गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनकी दूरदृष्टि, मार्गदर्शन और समर्पित नेतृत्व ने विश्वविद्यालय की प्रगति को नई दिशा प्रदान की है। प्रत्येक ने अपने-अपने कार्यकाल में शैक्षणिक एवं अनुसंधान कार्यक्रमों, आधारभूत संरचना, प्रसार सेवाओं तथा बिहार के कृषक समुदाय के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों (एलुमनाइ) के प्रति भी अपनी हार्दिक सराहना व्यक्त की, जो देश-विदेश में अपनी उपलब्धियों के माध्यम से अपनी मातृसंस्था के ज्ञान, मूल्यों और गौरव को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में युवा शोधार्थियों को चार मिनट में शोध प्रस्तुतीकरण (4MRF) के लिए सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट शोध प्रकाशन के लिए प्राध्यापकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त श्रेष्ठ किसान तथा श्रेष्ठ स्टार्टअप को भी सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन उमा भारती ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ चंदा कुशवाहा ने किया। *बिहार कृषि विश्वविद्यालय का सफर : एक नजर में* बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की जड़ें भारत में कृषि शिक्षा के प्रारंभिक इतिहास से जुड़ी हैं। सबौर स्थित कृषि महाविद्यालय की आधारशिला 17 अगस्त 1908 को तत्कालीन बंगाल के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर एंड्रयू हेंडरसन लीथ फ्रेज़र द्वारा रखी गई थी। यह देश के सबसे पुराने कृषि महाविद्यालयों में से एक है। बंगाल विभाजन के बाद इसका नाम बिहार एग्रीकल्चरल कॉलेज (BAC), सबौर रखा गया। वर्ष 1955 में यहाँ स्नातकोत्तर कृषि शिक्षा की शुरुआत हुई, जिसने कृषि अनुसंधान और उच्च शिक्षा को नई दिशा दी। बाद में वर्ष 1970 में यह महाविद्यालय राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा से संबद्ध हो गया। बिहार में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से 5 अगस्त 2010 को बिहार विधानमंडल के अधिनियम संख्या-20, 2010 के तहत बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की स्थापना एक स्वायत्त राज्य कृषि विश्वविद्यालय के रूप में की गई। इसका मुख्यालय ऐतिहासिक बिहार एग्रीकल्चरल कॉलेज परिसर, सबौर (भागलपुर) में स्थापित किया गया। स्थापना के बाद विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान तथा कृषि प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अंतर्गत 8 घटक महाविद्यालय, 12 अनुसंधान केंद्र तथा बिहार के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में कार्यरत 22 कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) हैं। विश्वविद्यालय किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार, क्षमता निर्माण तथा कृषि नवाचारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। JEEVIKA Bihar Panchayati Raj Department, Government of Bihar Bhagalpur District Administration

1 views | Bhagalpur, Bihar | Aug 5, 2026

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भागलपुर, 05 अगस्त 2026:- जिलाधिकारी, भागलपुर की पहल पर संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी (यक्ष्मा) मरीजों को प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामाजिक एवं चिकित्सकीय संस्थाओं को अभियान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग, भागलपुर के जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा एवं जिला योजना समन्वयक (यक्ष्मा) श्री जितेंद्र प्रसाद ने मारवाड़ी सेवा समिति, भागलपुर के अध्यक्ष श्री राम गोपाल पोद्दार, संरक्षक श्री सज्जन कुमार किशोर, कोषाध्यक्ष श्री गोपाल राम चौधरी एवं महामंत्री श्री प्रभात केजरीवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने निश्चय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।मारवाड़ी सेवा समिति ने स्वास्थ्य विभाग के अनुरोध पर तत्काल सकारात्मक पहल करते हुए 5 टीबी मरीजों को अगले 6 माह तक नियमित रूप से प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। समिति की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि भविष्य में और अधिक संख्या में यक्ष्मा मरीजों को इस योजना के तहत प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), भागलपुर द्वारा भी 20 यक्ष्मा रोगियों को प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री वितरित की गई। यह कार्यक्रम आईएमए, भागलपुर के कार्यालय में आयोजित किया गया। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समाज के विभिन्न संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं नागरिकों से आगे आकर 'निश्चय मित्र' बनकर टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है, ताकि उन्हें बेहतर पोषण, नियमित उपचार एवं सामाजिक सहयोग प्राप्त हो सके और जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जा सके।
इस अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, भागलपुर की अध्यक्ष डॉ. रोमा यादव, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ प्रसाद सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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Bhagalpur District Administration

भागलपुर, 05 अगस्त 2026:- जिलाधिकारी, भागलपुर की पहल पर संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी (यक्ष्मा) मरीजों को प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामाजिक एवं चिकित्सकीय संस्थाओं को अभियान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग, भागलपुर के जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा एवं जिला योजना समन्वयक (यक्ष्मा) श्री जितेंद्र प्रसाद ने मारवाड़ी सेवा समिति, भागलपुर के अध्यक्ष श्री राम गोपाल पोद्दार, संरक्षक श्री सज्जन कुमार किशोर, कोषाध्यक्ष श्री गोपाल राम चौधरी एवं महामंत्री श्री प्रभात केजरीवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने निश्चय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।मारवाड़ी सेवा समिति ने स्वास्थ्य विभाग के अनुरोध पर तत्काल सकारात्मक पहल करते हुए 5 टीबी मरीजों को अगले 6 माह तक नियमित रूप से प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। समिति की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि भविष्य में और अधिक संख्या में यक्ष्मा मरीजों को इस योजना के तहत प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), भागलपुर द्वारा भी 20 यक्ष्मा रोगियों को प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री वितरित की गई। यह कार्यक्रम आईएमए, भागलपुर के कार्यालय में आयोजित किया गया। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समाज के विभिन्न संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं नागरिकों से आगे आकर 'निश्चय मित्र' बनकर टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है, ताकि उन्हें बेहतर पोषण, नियमित उपचार एवं सामाजिक सहयोग प्राप्त हो सके और जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जा सके। इस अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, भागलपुर की अध्यक्ष डॉ. रोमा यादव, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ प्रसाद सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे। JEEVIKA Bihar Panchayati Raj Department, Government of Bihar Bhagalpur District Administration

Bhagalpur, Bihar | Aug 5, 2026

भागलपुर, 05 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं अधिकारों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के प्रति सभी हितधारकों को संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तथा समुचित देखरेख उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

जिलाधिकारी ने बाल गृह, बालिका गृह, पर्यवेक्षण गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक दवाइयों एवं उपचार की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बाल देखरेख संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने भागलपुर एवं नवगछिया के डीएसपी (मुख्यालय) सह नोडल पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई को निर्देश दिया कि पुलिस द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बाल तस्करी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्क निगरानी रखने तथा संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने पर बल दिया।

बैठक में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देशित किया गया कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के समन्वय से परवरिश योजना के पात्र लाभुकों की पहचान कर अधिकाधिक बच्चों एवं परिवारों को योजना से जोड़ा जाए। साथ ही जिले के सभी बाल देखरेख संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) के कार्यों एवं प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों से संबंधित मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से निष्पादन किया जाए, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को समय पर संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध हो सके।

बैठक में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित थे।

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Bhagalpur District Administration

भागलपुर, 05 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं अधिकारों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के प्रति सभी हितधारकों को संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तथा समुचित देखरेख उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिलाधिकारी ने बाल गृह, बालिका गृह, पर्यवेक्षण गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक दवाइयों एवं उपचार की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बाल देखरेख संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने भागलपुर एवं नवगछिया के डीएसपी (मुख्यालय) सह नोडल पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई को निर्देश दिया कि पुलिस द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बाल तस्करी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्क निगरानी रखने तथा संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने पर बल दिया। बैठक में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देशित किया गया कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के समन्वय से परवरिश योजना के पात्र लाभुकों की पहचान कर अधिकाधिक बच्चों एवं परिवारों को योजना से जोड़ा जाए। साथ ही जिले के सभी बाल देखरेख संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) के कार्यों एवं प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों से संबंधित मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से निष्पादन किया जाए, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को समय पर संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध हो सके। बैठक में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित थे। JEEVIKA Bihar Panchayati Raj Department, Government of Bihar Bhagalpur District Administration

Bhagalpur, Bihar | Aug 5, 2026

भागलपुर, 05 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने आज समाहरणालय परिसर स्थित विभिन्न शाखाओं एवं कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में संचालित कार्यों, अभिलेखों के संधारण, साफ-सफाई, कर्मियों की उपस्थिति तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने सभी शाखा प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यालयों में अनुशासन, समयबद्ध कार्य निष्पादन एवं जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण करने पर विशेष बल दिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने, अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी शाखाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करें तथा सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

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Bhagalpur District Administration

भागलपुर, 05 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने आज समाहरणालय परिसर स्थित विभिन्न शाखाओं एवं कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में संचालित कार्यों, अभिलेखों के संधारण, साफ-सफाई, कर्मियों की उपस्थिति तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सभी शाखा प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यालयों में अनुशासन, समयबद्ध कार्य निष्पादन एवं जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण करने पर विशेष बल दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने, अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी शाखाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करें तथा सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। JEEVIKA Bihar Panchayati Raj Department, Government of Bihar Bhagalpur District Administration

Bhagalpur, Bihar | Aug 5, 2026

भागलपुर, 05 अगस्त 2026, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना-2026 के तहत प्राकृतिक विधि से धान की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भागलपुर जिले में तीन क्लस्टरों का चयन किया गया है। विभागीय स्वीकृति आदेश के आलोक में प्रत्येक क्लस्टर में 125 किसानों तथा 125 एकड़ क्षेत्र को योजना के अंतर्गत शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के अंतर्गत चयनित प्रखंड एवं ग्राम पंचायतें निम्नलिखित हैं—

* सुलतानगंज प्रखंड – ग्राम पंचायत खानपुर
* जगदीशपुर प्रखंड – ग्राम पंचायत भवानीपुर देशरी
* गोराडीह प्रखंड – ग्राम पंचायत तरछा दामचक एवं सोनडीहा सतजोरी

किसानों के चयन के प्रमुख मानदंड

योजना का लाभ केवल उन किसानों को दिया जाएगा जो—

* प्राकृतिक खेती अपनाने के इच्छुक हों।
* पशुपालन करते हों। ऐसे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
* चयनित ग्राम पंचायत के निवासी हों।
* अधिकतम एक एकड़ क्षेत्र के लिए ही योजना का लाभ प्राप्त करेंगे।
* उनके पास सिंचाई की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो।

इच्छुक किसान 11 अगस्त 2026 को सायं 5:00 बजे तक संबंधित प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अथवा कृषि समन्वयक से संपर्क कर योजना में शामिल होने हेतु आवेदन कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें—

* सुलतानगंज – श्री सत्यम राज : 9142545697
* जगदीशपुर – सुश्री प्रीति कपूर : 7632004779
* गोराडीह – सुश्री वर्षा : 8084062519

जिला कृषि पदाधिकारी ने जिले के पात्र एवं इच्छुक किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के माध्यम से किसान पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ एवं लागत प्रभावी कृषि पद्धति अपनाकर अपनी आय में वृद्धि के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

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Panchayati Raj Department, Government of Bihar 
Bhagalpur District Administration

भागलपुर, 05 अगस्त 2026, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना-2026 के तहत प्राकृतिक विधि से धान की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भागलपुर जिले में तीन क्लस्टरों का चयन किया गया है। विभागीय स्वीकृति आदेश के आलोक में प्रत्येक क्लस्टर में 125 किसानों तथा 125 एकड़ क्षेत्र को योजना के अंतर्गत शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत चयनित प्रखंड एवं ग्राम पंचायतें निम्नलिखित हैं— * सुलतानगंज प्रखंड – ग्राम पंचायत खानपुर * जगदीशपुर प्रखंड – ग्राम पंचायत भवानीपुर देशरी * गोराडीह प्रखंड – ग्राम पंचायत तरछा दामचक एवं सोनडीहा सतजोरी किसानों के चयन के प्रमुख मानदंड योजना का लाभ केवल उन किसानों को दिया जाएगा जो— * प्राकृतिक खेती अपनाने के इच्छुक हों। * पशुपालन करते हों। ऐसे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। * चयनित ग्राम पंचायत के निवासी हों। * अधिकतम एक एकड़ क्षेत्र के लिए ही योजना का लाभ प्राप्त करेंगे। * उनके पास सिंचाई की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो। इच्छुक किसान 11 अगस्त 2026 को सायं 5:00 बजे तक संबंधित प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अथवा कृषि समन्वयक से संपर्क कर योजना में शामिल होने हेतु आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें— * सुलतानगंज – श्री सत्यम राज : 9142545697 * जगदीशपुर – सुश्री प्रीति कपूर : 7632004779 * गोराडीह – सुश्री वर्षा : 8084062519 जिला कृषि पदाधिकारी ने जिले के पात्र एवं इच्छुक किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के माध्यम से किसान पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ एवं लागत प्रभावी कृषि पद्धति अपनाकर अपनी आय में वृद्धि के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। JEEVIKA Bihar Panchayati Raj Department, Government of Bihar Bhagalpur District Administration

Bhagalpur, Bihar | Aug 5, 2026