Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
मौत
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh

News in Jhabua

मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को वितरित की साइकिलें

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए छात्र-छात्राओं को 125 साइकिलों का वितरण किया। 

इस अवसर पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी तथा वे अधिक उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध करा रही है। छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर कठिन परिश्रम करना चाहिए। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है और आगे भी विद्यार्थियों के हित में अनेक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराती रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी विद्यार्थियों को साइकिल प्राप्त होने पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयीन स्टाफ, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Department of School Education, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को वितरित की साइकिलें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए छात्र-छात्राओं को 125 साइकिलों का वितरण किया। इस अवसर पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी तथा वे अधिक उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध करा रही है। छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर कठिन परिश्रम करना चाहिए। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है और आगे भी विद्यार्थियों के हित में अनेक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी विद्यार्थियों को साइकिल प्राप्त होने पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयीन स्टाफ, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Department of School Education, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

रोटला विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया वृक्षारोपण

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का लिया जायजा

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला के भ्रमण के दौरान विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से पौधों की नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।

मंत्री सुश्री भूरिया ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

इस दौरान जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयीन स्टाफ एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Department of School Education, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

रोटला विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया वृक्षारोपण मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का लिया जायजा महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला के भ्रमण के दौरान विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से पौधों की नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयीन स्टाफ एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Department of School Education, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

#सफलता_की_कहानी

पीएम स्वनिधि योजना से आत्मनिर्भर बनीं श्रीमती कविता राठौर 

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों एवं स्वरोजगार से जुड़े हितग्राहियों के लिए आर्थिक संबल बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना का लाभ लेकर मेघनगर निवासी श्रीमती कविता पति श्री नरेन्द्र राठौर ने अपने छोटे व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

श्रीमती कविता राठौर को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक से प्रथम चरण में 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने एक छोटा सिलाई सेंटर एवं रेडीमेड कपड़ों की दुकान प्रारंभ की। व्यवसाय में मेहनत एवं लगन से कार्य करते हुए उन्होंने समय पर ऋण का भुगतान किया। इसके बाद उन्हें योजना के दूसरे चरण में 25 हजार रुपये तथा तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।

प्राप्त ऋण राशि से उन्होंने अपनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान का विस्तार किया तथा विभिन्न प्रकार के परिधानों के साथ अन्य आवश्यक सामग्री भी दुकान में उपलब्ध कराई। व्यवसाय बढ़ने से उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हो गई।

आज श्रीमती कविता राठौर का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। व्यवसाय से प्राप्त आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लिए भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला और आज उनका परिवार आर्थिक रूप से अधिक सक्षम एवं खुशहाल है।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Urban Development & Housing MP #Jhabua #JansamparkMP #SuccessStory

#सफलता_की_कहानी पीएम स्वनिधि योजना से आत्मनिर्भर बनीं श्रीमती कविता राठौर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों एवं स्वरोजगार से जुड़े हितग्राहियों के लिए आर्थिक संबल बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना का लाभ लेकर मेघनगर निवासी श्रीमती कविता पति श्री नरेन्द्र राठौर ने अपने छोटे व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। श्रीमती कविता राठौर को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक से प्रथम चरण में 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने एक छोटा सिलाई सेंटर एवं रेडीमेड कपड़ों की दुकान प्रारंभ की। व्यवसाय में मेहनत एवं लगन से कार्य करते हुए उन्होंने समय पर ऋण का भुगतान किया। इसके बाद उन्हें योजना के दूसरे चरण में 25 हजार रुपये तथा तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। प्राप्त ऋण राशि से उन्होंने अपनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान का विस्तार किया तथा विभिन्न प्रकार के परिधानों के साथ अन्य आवश्यक सामग्री भी दुकान में उपलब्ध कराई। व्यवसाय बढ़ने से उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हो गई। आज श्रीमती कविता राठौर का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। व्यवसाय से प्राप्त आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लिए भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला और आज उनका परिवार आर्थिक रूप से अधिक सक्षम एवं खुशहाल है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Urban Development & Housing MP #Jhabua #JansamparkMP #SuccessStory

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

#सफलता_की_कहानी

संरक्षित खेती से बदली किसान की तकदीर : शेडनेट हाउस से श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर की आय 24 गुना बढ़ी

MIDH योजना के तहत शेडनेट हाउस स्थापित कर खीरे की उन्नत खेती से प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय

उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित संरक्षित खेती (शेडनेट हाउस) योजना किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण विकासखंड पेटलावद के ग्राम मोहनपुरा निवासी प्रगतिशील कृषक श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर हैं, जिन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उल्लेखनीय आर्थिक सफलता हासिल की है।

श्री राठौर पूर्व में अपने खेत में सोयाबीन एवं गेहूं की पारंपरिक खेती करते थे। इससे उन्हें लगभग 25 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था। खेती पर लगभग 35 हजार रुपये की लागत आती थी, जबकि कुल आय 77 हजार रुपये तथा शुद्ध आय केवल 42 हजार रुपये रहती थी। सीमित आय के कारण कृषि से अपेक्षित आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा था।

MIDH योजना बनी आर्थिक बदलाव का आधार
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में श्री राठौर ने MIDH (Mission for Integrated Development of Horticulture) योजना के अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में शेडनेट हाउस की स्थापना की। इस परियोजना की कुल लागत 28.40 लाख रुपये रही, जिसमें शासन द्वारा 50 प्रतिशत अर्थात 14.20 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।

शेडनेट हाउस स्थापित होने के बाद उन्होंने उन्नत किस्म एफ-1 एमिस्टार (F1 Amistar) खीरे की खेती प्रारंभ की। संरक्षित खेती तकनीक अपनाने से उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

खीरे की खेती से मिली अभूतपूर्व सफलता
शेडनेट हाउस में खीरे की खेती से श्री राठौर को लगभग 800 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस खेती पर लगभग 6 लाख रुपये की लागत आई, जबकि कुल आय 16 लाख रुपये रही। सभी खर्चों के बाद उन्हें लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इस प्रकार उनकी शुद्ध आय 42 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 10 लाख रुपये हो गई, जो पूर्व की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बना मॉडल
श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर का कहना है कि संरक्षित खेती के माध्यम से फसल पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का प्रभाव बहुत कम पड़ता है। उन्नत किस्मों का चयन, वैज्ञानिक खेती की तकनीकों का उपयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद होने से बाजार में बेहतर मूल्य भी मिलता है, जिससे आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

श्री राठौर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों तथा शासन की योजनाओं का समुचित लाभ लें, तो कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय बनाया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर संरक्षित खेती अपनाने का संदेश दे रही है।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Horticulture, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP #SuccessStory

#सफलता_की_कहानी संरक्षित खेती से बदली किसान की तकदीर : शेडनेट हाउस से श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर की आय 24 गुना बढ़ी MIDH योजना के तहत शेडनेट हाउस स्थापित कर खीरे की उन्नत खेती से प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित संरक्षित खेती (शेडनेट हाउस) योजना किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण विकासखंड पेटलावद के ग्राम मोहनपुरा निवासी प्रगतिशील कृषक श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर हैं, जिन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उल्लेखनीय आर्थिक सफलता हासिल की है। श्री राठौर पूर्व में अपने खेत में सोयाबीन एवं गेहूं की पारंपरिक खेती करते थे। इससे उन्हें लगभग 25 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था। खेती पर लगभग 35 हजार रुपये की लागत आती थी, जबकि कुल आय 77 हजार रुपये तथा शुद्ध आय केवल 42 हजार रुपये रहती थी। सीमित आय के कारण कृषि से अपेक्षित आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा था। MIDH योजना बनी आर्थिक बदलाव का आधार उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में श्री राठौर ने MIDH (Mission for Integrated Development of Horticulture) योजना के अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में शेडनेट हाउस की स्थापना की। इस परियोजना की कुल लागत 28.40 लाख रुपये रही, जिसमें शासन द्वारा 50 प्रतिशत अर्थात 14.20 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। शेडनेट हाउस स्थापित होने के बाद उन्होंने उन्नत किस्म एफ-1 एमिस्टार (F1 Amistar) खीरे की खेती प्रारंभ की। संरक्षित खेती तकनीक अपनाने से उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। खीरे की खेती से मिली अभूतपूर्व सफलता शेडनेट हाउस में खीरे की खेती से श्री राठौर को लगभग 800 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस खेती पर लगभग 6 लाख रुपये की लागत आई, जबकि कुल आय 16 लाख रुपये रही। सभी खर्चों के बाद उन्हें लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इस प्रकार उनकी शुद्ध आय 42 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 10 लाख रुपये हो गई, जो पूर्व की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बना मॉडल श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर का कहना है कि संरक्षित खेती के माध्यम से फसल पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का प्रभाव बहुत कम पड़ता है। उन्नत किस्मों का चयन, वैज्ञानिक खेती की तकनीकों का उपयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद होने से बाजार में बेहतर मूल्य भी मिलता है, जिससे आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। श्री राठौर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों तथा शासन की योजनाओं का समुचित लाभ लें, तो कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय बनाया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर संरक्षित खेती अपनाने का संदेश दे रही है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Horticulture, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP #SuccessStory

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 10, 2026

स्वच्छ जल एवं डायरिया रोकथाम अभियान के तहत रामा में सचिवों को फील्ड टेस्टिंग किट का प्रशिक्षण एवं वितरण

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, झाबुआ द्वारा शुक्रवार को विकासखंड रामा के जनपद सभागृह में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सभी सचिवों को फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा जल गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किटों का वितरण भी किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामों में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के गठन एवं उसे सक्रिय रूप से संचालित करने, पेयजल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में जलजनित बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा सुरक्षित पेयजल के महत्व पर विशेष रूप से जागरूक किया गया। उपस्थित सचिवों को ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वच्छ जल, स्वच्छता एवं डायरिया की रोकथाम के प्रति जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर जिला स्तर से जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री सुनील चौहान, सहायक जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री संजय सोलंकी तथा एबीपी सुश्री दीपिका गवली उपस्थित रहीं। साथ ही जनपद पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रशिक्षण गतिविधि का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की विकासखंड समन्वयक श्रीमती अंकिता सोलंकी एवं पीएमयू-आईएसए के श्री राजेश डाबी द्वारा किया गया।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

स्वच्छ जल एवं डायरिया रोकथाम अभियान के तहत रामा में सचिवों को फील्ड टेस्टिंग किट का प्रशिक्षण एवं वितरण जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, झाबुआ द्वारा शुक्रवार को विकासखंड रामा के जनपद सभागृह में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सभी सचिवों को फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा जल गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किटों का वितरण भी किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामों में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के गठन एवं उसे सक्रिय रूप से संचालित करने, पेयजल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जलजनित बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा सुरक्षित पेयजल के महत्व पर विशेष रूप से जागरूक किया गया। उपस्थित सचिवों को ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वच्छ जल, स्वच्छता एवं डायरिया की रोकथाम के प्रति जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर जिला स्तर से जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री सुनील चौहान, सहायक जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री संजय सोलंकी तथा एबीपी सुश्री दीपिका गवली उपस्थित रहीं। साथ ही जनपद पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रशिक्षण गतिविधि का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की विकासखंड समन्वयक श्रीमती अंकिता सोलंकी एवं पीएमयू-आईएसए के श्री राजेश डाबी द्वारा किया गया। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 10, 2026

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल - मंत्री सुश्री भूरिया

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं को साइबर फ्रॉड व डीपफेक से बचाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग

सिंहस्थ 2028 में गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलाने के लिए AI और तकनीक का होगा इस्तेमाल

मंत्री सुश्री भूरिया से गूगल और अहान फाउंडेशन के दल ने की सौजन्य भेंट

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और 'अहान फाउंडेशन-रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म' के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गूगल की सर्च और जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी की डायरेक्टर श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज, गूगल के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (ट्रस्ट एंड सेफ्टी ग्लोबल एंगेजमेंट-APAC) श्री समीर जाधव, अहान फाउंडेशन की फाउंडर व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सोनाली पाटणकर और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री उन्मेष जोशी उपस्थित रहे।

डिजिटल सुरक्षा हमारा नैतिक दायित्व

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी (महिलाओं और बच्चों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित महिला एवं बाल संरक्षण वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। आज के युग में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर तकनीक के इस बढ़ते दखल को सही दिशा देनी होगी।  मंत्री सुश्री भूरिया ने आगामी बैठक में एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया, ताकि विभाग और गूगल के बीच समन्वय स्थापित कर इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए आसान, सुलभ और उपयोगी बनाया जा सके।

कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता

इस बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राही तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तौर-तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी होंगे, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर सकें।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष AI कार्ययोजना

बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल जनसमुदाय वाले आयोजन में खोए हुए बच्चों को त्वरित रूप से खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर विस्तार से रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक ऐसी उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बच्चों को सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके।

महाराष्ट्र के सफल मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में काम

गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल ने पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते उपयोग के कारण होने वाले अपराधों, जैसे डीपफेक और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से मानसिक प्रताड़ना को रोकने के लिए गूगल निरंतर तकनीकी समाधान और ट्रेनिंग प्रोवाइड करा रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ श्रीमती सोनाली पाटणकर और सीओओ श्री उन्मेष जोशी ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के कई जिलों में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के कारण कई महिलाएं अपने साथ होने वाले साइबर अपराधों को समय रहते रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफल रही हैं। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। भविष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, गूगल और अहान फाउंडेशन की यह त्रिपक्षीय डिजिटल साझेदारी मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और डिजिटल रूप से साक्षर भविष्य का निर्माण करेगी।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल - मंत्री सुश्री भूरिया आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं को साइबर फ्रॉड व डीपफेक से बचाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग सिंहस्थ 2028 में गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलाने के लिए AI और तकनीक का होगा इस्तेमाल मंत्री सुश्री भूरिया से गूगल और अहान फाउंडेशन के दल ने की सौजन्य भेंट मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और 'अहान फाउंडेशन-रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म' के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गूगल की सर्च और जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी की डायरेक्टर श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज, गूगल के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (ट्रस्ट एंड सेफ्टी ग्लोबल एंगेजमेंट-APAC) श्री समीर जाधव, अहान फाउंडेशन की फाउंडर व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सोनाली पाटणकर और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री उन्मेष जोशी उपस्थित रहे। डिजिटल सुरक्षा हमारा नैतिक दायित्व महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी (महिलाओं और बच्चों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित महिला एवं बाल संरक्षण वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। आज के युग में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर तकनीक के इस बढ़ते दखल को सही दिशा देनी होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने आगामी बैठक में एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया, ताकि विभाग और गूगल के बीच समन्वय स्थापित कर इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए आसान, सुलभ और उपयोगी बनाया जा सके। कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता इस बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राही तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तौर-तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी होंगे, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर सकें। सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष AI कार्ययोजना बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल जनसमुदाय वाले आयोजन में खोए हुए बच्चों को त्वरित रूप से खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर विस्तार से रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक ऐसी उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बच्चों को सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके। महाराष्ट्र के सफल मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में काम गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल ने पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते उपयोग के कारण होने वाले अपराधों, जैसे डीपफेक और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से मानसिक प्रताड़ना को रोकने के लिए गूगल निरंतर तकनीकी समाधान और ट्रेनिंग प्रोवाइड करा रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ श्रीमती सोनाली पाटणकर और सीओओ श्री उन्मेष जोशी ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के कई जिलों में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के कारण कई महिलाएं अपने साथ होने वाले साइबर अपराधों को समय रहते रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफल रही हैं। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। भविष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, गूगल और अहान फाउंडेशन की यह त्रिपक्षीय डिजिटल साझेदारी मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और डिजिटल रूप से साक्षर भविष्य का निर्माण करेगी। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Nirmala Bhuriya #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 9, 2026

उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद में आयोजित प्रशिक्षण में संकुल समन्वयक, संकुल प्राचार्य एवं जनशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मॉनिटरिंग, कक्षा संचालन एवं सामाजिक चेतना केन्द्रों के संचालन पर दिया गया विशेष बल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। प्रशिक्षण में संकुल समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों एवं जनशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए साक्षरता अभियान के प्रभावी संचालन, मॉनिटरिंग एवं लक्ष्य प्राप्ति संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के कुशल नेतृत्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत झाबुआ श्री जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन तथा राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के नियंत्रक श्री राकेश दुबे के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दक्षता प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, सर्वेक्षण कार्य, शिक्षार्थियों की पहचान, कक्षा संचालन, नियमित अनुश्रवण तथा कार्यक्रम की प्रगति की मॉनिटरिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एनआईएलपी एप के माध्यम से असाक्षरों एवं अक्षर साथियों के पंजीयन, सत्यापन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।

प्रशिक्षण में आगामी सितंबर माह में प्रस्तावित साक्षरता परीक्षा की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रत्येक विकासखंड एवं संकुल स्तर पर नियमित साक्षरता कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने, अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा प्रत्येक संकुल में मॉडल सामाजिक चेतना केन्द्र स्थापित कर उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री प्रकाश पालीवाल झाबुआ, श्री दिलीप प्रजापत थांदला एवं श्री शंकर सिंह मकवाना पेटलावद ने प्रतिभागियों को अक्षर पोथी के पाठों के अध्यापन की प्रभावी विधि, वयस्क शिक्षण की तकनीक, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग तथा व्यवस्थित एवं सहभागी कक्षा संचालन के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया।

पेटलावद की बीआरसी श्रीमती रेखा गिरी ने संकुल स्तर पर आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण की रूपरेखा, उसकी गंभीरता तथा ग्राम स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं उत्तरदायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया जाए तो जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किया जा सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जिले में जिला एवं विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन तथा लगभग सभी प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति से साक्षरता अभियान को नई गति मिली है। राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिभागियों ने साक्षरता अभियान को जनभागीदारी के साथ गंभीरता एवं प्रतिबद्धता से संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of School Education, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद में आयोजित प्रशिक्षण में संकुल समन्वयक, संकुल प्राचार्य एवं जनशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मॉनिटरिंग, कक्षा संचालन एवं सामाजिक चेतना केन्द्रों के संचालन पर दिया गया विशेष बल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। प्रशिक्षण में संकुल समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों एवं जनशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए साक्षरता अभियान के प्रभावी संचालन, मॉनिटरिंग एवं लक्ष्य प्राप्ति संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के कुशल नेतृत्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत झाबुआ श्री जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन तथा राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के नियंत्रक श्री राकेश दुबे के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दक्षता प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, सर्वेक्षण कार्य, शिक्षार्थियों की पहचान, कक्षा संचालन, नियमित अनुश्रवण तथा कार्यक्रम की प्रगति की मॉनिटरिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एनआईएलपी एप के माध्यम से असाक्षरों एवं अक्षर साथियों के पंजीयन, सत्यापन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। प्रशिक्षण में आगामी सितंबर माह में प्रस्तावित साक्षरता परीक्षा की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रत्येक विकासखंड एवं संकुल स्तर पर नियमित साक्षरता कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने, अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा प्रत्येक संकुल में मॉडल सामाजिक चेतना केन्द्र स्थापित कर उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री प्रकाश पालीवाल झाबुआ, श्री दिलीप प्रजापत थांदला एवं श्री शंकर सिंह मकवाना पेटलावद ने प्रतिभागियों को अक्षर पोथी के पाठों के अध्यापन की प्रभावी विधि, वयस्क शिक्षण की तकनीक, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग तथा व्यवस्थित एवं सहभागी कक्षा संचालन के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया। पेटलावद की बीआरसी श्रीमती रेखा गिरी ने संकुल स्तर पर आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण की रूपरेखा, उसकी गंभीरता तथा ग्राम स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं उत्तरदायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया जाए तो जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जिले में जिला एवं विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन तथा लगभग सभी प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति से साक्षरता अभियान को नई गति मिली है। राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिभागियों ने साक्षरता अभियान को जनभागीदारी के साथ गंभीरता एवं प्रतिबद्धता से संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of School Education, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 9, 2026

स्वच्छ जल एवं डायरिया रोकथाम को लेकर रामा विकासखंड के ग्रामों में चला जागरूकता अभियान

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झाबुआ जिले के विकासखंड रामा के ग्राम भूराडाबरा, राछवा, छापरी एवं कालीदेवी में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

अभियान के तहत ग्रामों, विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई, स्वच्छता का प्रचार-प्रसार तथा क्लोरीनेशन का कार्य किया गया। इस दौरान शिक्षकगण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालयीन छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीणजन सक्रिय रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव, स्वच्छता बनाए रखने तथा जल संरक्षण के महत्व के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। साथ ही सभी को स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग की शपथ भी दिलाई गई।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

स्वच्छ जल एवं डायरिया रोकथाम को लेकर रामा विकासखंड के ग्रामों में चला जागरूकता अभियान जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झाबुआ जिले के विकासखंड रामा के ग्राम भूराडाबरा, राछवा, छापरी एवं कालीदेवी में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के तहत ग्रामों, विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई, स्वच्छता का प्रचार-प्रसार तथा क्लोरीनेशन का कार्य किया गया। इस दौरान शिक्षकगण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालयीन छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीणजन सक्रिय रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव, स्वच्छता बनाए रखने तथा जल संरक्षण के महत्व के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। साथ ही सभी को स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग की शपथ भी दिलाई गई। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 8, 2026

स्वच्छ जल, समुचित उपचार–डायरिया से बचे हर बार अभियान के तहत ग्राम कालापीपल में जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशन में 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार–डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झाबुआ विकासखंड के ग्राम कालापीपल में विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया।

अभियान के तहत गांव में पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। साथ ही हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कर सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की गई।

इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं को शुद्ध पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा जल संरक्षण के महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि स्वच्छ पेयजल का नियमित उपयोग, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा स्वच्छ व्यवहार अपनाकर डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

स्वच्छ जल, समुचित उपचार–डायरिया से बचे हर बार अभियान के तहत ग्राम कालापीपल में जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशन में 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार–डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झाबुआ विकासखंड के ग्राम कालापीपल में विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत गांव में पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। साथ ही हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कर सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की गई। इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं को शुद्ध पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा जल संरक्षण के महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि स्वच्छ पेयजल का नियमित उपयोग, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा स्वच्छ व्यवहार अपनाकर डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 7, 2026