कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के नीले गमछे वाले बयान पर बवाल, हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति ने जताया रोष
फूट डालकर समाज को बांटने की राजनीति बंद करे भाजपा व उसके मंत्री, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन : राजेश चौधरी
चमार समाज ने हमेशा एससी वर्ग को किया एकजुट, सरकार की विभाजनकारी सोच को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे : राजेश चौधरी
भिवानी, 22 अक्तूबर : हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी द्वारा दिए गए एक विवादित बयान के बाद अनुसूचित जाति समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। मंत्री के बयान के विरोध में हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति ने वीरवार को गांव मानहेरू में एक आपात बैठक का आयोजन किया, जिसमें समाज के प्रबुद्ध लोगों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और मंत्री के बयान पर गहरा रोष प्रकट किया तथा मांग की कि केबिनेट मंत्री अपने ब्यान को लेकर समाज के लोगों से माफी मांगें। बैठक के दौरान समिति के प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौधरी ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की जमकर क्लास ली और उनके बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। राजेश चौधरी ने स्पष्ट कहा कि चमार समाज ने कभी भी समाज को बांटने का काम नहीं किया है। इस समाज ने हमेशा अनुसूचित जाति वर्ग को एक सूत्र में पिरोकर साथ लेकर चलने का प्रयास किया है और लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों की आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया है। प्रवक्ता राजेश चौधरी ने जोर देकर कहा कि चमार समाज किसी राजनीतिक सोच या पार्टी के एजेंडे के साथ काम नहीं करता, बल्कि यह समाज अपने लोगों के हक, हित और बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उसके मंत्रियों की मंशा समाज के लोगों के बीच फूट डालकर उन्हें आपस में तोडऩे की है। भाजपा की इस विभेदकारी सोच को चमार समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। चौधरी ने कहा कि अब समय बदल चुका है और समाज के लोग पूरी तरह से जागरूक हो चुके हैं। वे भाजपा और उसके नेताओं के किसी भी राजनीतिक षड्यंत्र में फंसने वाले नहीं हैं। सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, समाज की एकजुटता को तोड़ नहीं सकती। हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति ने बैठक के माध्यम से भाजपा सरकार को सीधी चेतावनी दी है। राजेश चौधरी ने कहा कि सरकार और उसके प्रतिनिधि समाज को बांटने की राजनीति बंद करें और संविधान के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बाज आएं। यदि सरकार ने अपनी इस तरह की विभाजनकारी नीतियों और बयानों पर रोक नहीं लगाई, तो चमार संघर्ष समिति राज्यभर में इसके खिलाफ एक बड़ा और तेज आंदोलन खड़ा करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उल्लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने एक बयान जारी कर अनुसूचित जाति के अधिकारों के नाम पर काम करने वाले कुछ सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री ने कहा था कि नीले गमछे पहनकर कुछ लोग समाज में फूट डालने का काम कर रहे हैं। मंत्री के इसी बयान को समाज के सम्मान पर हमला मानते हुए चमार संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है।