भिवानी में नशा मुक्त जागरूकता सेमिनार का आयोजन, एबीएचआओ ने विद्यार्थियों को बताए नशे के दुष्प्रभाव
एबीएचआरओ के राष्ट्रीय महासचिव डा. हवा सिंह तंवर बोले : नशा हर विनाश का मूल, हर बेटी का एक ही सपना, नशा मुक्त परिवार अपना, का दिया नारा
भिवानी, 22 अक्तूबर : नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर में अखिल भारतीय मानवाधिकार संगठन (एबीएचआरओ) के बैनर तले एक विशेष नशा मुक्त जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा समाज को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए इसके समाधान और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर बार एसोसिएशन के सचिव एवं अधिवक्ता सचिन सिंगला ने शिरकत की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं एबीएचआरओ के राष्ट्रीय महासचिव डा. हवा सिंह तंवर ने कहा कि नशा हर प्रकार के विनाश का मूल है। यह किसी भी व्यक्ति के चरित्र, उसके स्वभाव और उसकी सामाजिक सोच को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। उन्होंने आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर का हवाला देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे जागरूकता अभियानों की अत्यधिक आवश्यकता है। वर्तमान समय में संयुक्त परिवार लगभग समाप्त हो चुके हैं, ऐसे में बच्चा अपनी शिक्षा के शुरुआती दौर में जो कुछ भी सीखता है, उसका प्रभाव उसके पूरे जीवन पर रहता है। इसलिए स्कूलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेटियों की महत्ता और उनके संकल्प को रेखांकित करते हुए उन्होंने एक प्रेरणादायक नारा दिया कि हर बेटी का एक ही सपना, नशा मुक्त परिवार अपना।
इस मौके पर एक्स एयरमैन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सम्मान ट्रस्ट के संस्थापक नेत्रपाल सिंह तंवर ने कहा कि एबीएचआरओ पिछले 16 वर्षों से भारत सरकार के साथ मिलकर समाज हित में सराहनीय कार्य कर रही है और पूर्व सैनिक संगठन इस अभियान में पूरी तरह से सहयोग प्रदान करेगा।
एबीएचआरओ हरियाणा सलाहकार अधिवक्ता उमेश मुंजाल ने कहा कि स्कूल एक ऐसा सशक्त माध्यम है जहाँ बच्चे माता-पिता के बाद सबसे अधिक समय बिताते हैं। बच्चों में संस्कार और नशे से दूर रहने की प्रेरणा यहीं से दी जा सकती है। बार एसोसिएशन के सचिव एवं अधिवक्ता सचिन सिंगला ने आज की युवा पीढ़ी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का युवा केवल पारंपरिक नशों ही नहीं, बल्कि मोबाइल रूपी आधुनिक नशे से भी बुरी तरह ग्रस्त है, जिससे बचना बेहद जरूरी है।
इस सेमिनार में कई अन्य प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे, जिनमें भिवानी संगठन सचिव अधिवक्ता संजीव गुप्ता, अधिवक्ता संदीप कौशिक, अधिवक्ता दीपक मित्तल, अधिवक्ता रवि कुमार और मुकेश कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में युवाओं को खेलकूद, रचनात्मक कार्यों और सकारात्मक गतिविधियों से जुडऩे का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को जीवन में कभी भी नशा न करने और समाज को नशा मुक्त बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई गई तथा कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य द्वारा एबीएचआरओ की पूरी टीम को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।