छोटी काशी की जनता बनी भगवान राम के राजतिलक की साक्षी
भगवान राम के राजतिलक और भरत मिलाप के साथ संपन्न हुआ श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी रामलीला महोत्सव
समाज को त्याग, निस्वार्थ प्रेम और भ्रातृ-प्रेम की अनुपम सीख देता है भरत मिलाप का प्रसंग : मुरारीलाल तौला
भिवानी, 22 अक्तूबर : स्थानीय रेलवे रोड स्थित सेठ किरोड़ीमल पार्क में श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी (रजि.) द्वारा आयोजित 11 दिवसीय संपूर्ण रामलीला महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भगवान राम के राजतिलक और भरत मिलाप के पावन दृश्य के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लाला बगीचामल चंदा देवी तौला धर्मार्थ ट्रस्ट से मुरारीलाल तौला ने शिरकत की। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए भिवानी शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा परिसर जय श्री राम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस मौके पर प्रसाद वितरित भी किया। जिसमें भारी तादात में पहुंचे लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी जीवंत और ओजस्वी प्रस्तुति से धार्मिक प्रसंगों को इस तरह मंचित किया कि उपस्थित दर्शक भावविभोर हो गए। इस आयोजन ने संपूर्ण भिवानी शहर को भक्ति, उत्साह और सकारात्मकता के रंग में पूरी तरह सराबोर कर दिया। श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैणी और महामंत्री अजय सर्राफ ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया।
रामलीला के अंतिम दिन प्रदर्शित भरत मिलाप और भगवान राम का राज्याभिषेक केवल एक पौराणिक घटना का मंचन नहीं है, बल्कि यह मानव समाज के लिए उच्च आदर्शों का जीवंत संदेश है। इस मौके पर मुरारीलाल तौला ने कहा कि भरत मिलाप का प्रसंग समाज को त्याग, निस्वार्थ प्रेम और भ्रातृ-प्रेम की अनुपम सीख देता है। आज के दौर में जहां संपत्ति और अधिकारों के लिए रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं, वहीं भरत जी का चरित्र यह सिखाता है कि बड़े भाई के अधिकार और सम्मान के आगे सिंहासन का मोह भी तुच्छ है। दूसरी ओर भगवान राम का राज्याभिषेक रामराज्य की स्थापना का प्रतीक है। रामराज्य का तात्पर्य एक ऐसी शासन व्यवस्था और समाज से है जहां सत्य, न्याय, समरसता, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन सर्वोपरि हो। जब धर्म और नीति का राज होता है, तब समाज के प्रत्येक वर्ग में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैणी व महामंत्री अजय सर्राफ ने कहा कि रामलीला जैसे भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करते हैं। भगवान श्री राम का जीवन चरित्र हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और मर्यादा का ज्ञान मिलता है। 11 दिनों तक चले इस अभूतपूर्व आयोजन ने भिवानी वासियों के हृदय में धर्म, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा की एक नई चेतना का संचार किया।
इस मौके पर कमेटी के महासचिव अधिवक्ता अजय सर्राफ, सह संयोजक प्रवीण गर्ग, उप प्रधान पवन भरतिया व सुरेश डब्बेवाला, कोषाध्यक्ष मामनचंद अग्रवाल, प्रवक्ता अभिषेक बंसल तथा सदस्य पवन बुवानीवाला, मुरालीलाल तौला, विनोद गोयल, प्रमोद मिंडूका, उमाकान्त भोली एवं विनोद जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।