संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालने वाले 8 रेलकर्मी सम्मानित
डीआरएम पंकज त्यागी ने प्रदान किए संरक्षा पुरस्कार, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना
अनोखा तीर, भोपाल। रेल परिचालन में संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ड्यूटी के दौरान असाधारण सतर्कता और त्वरित कार्रवाई कर संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालने वाले भोपाल मंडल के आठ रेलकर्मियों को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पंकज त्यागी ने संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
सम्मानित रेलकर्मियों ने ट्रेनों एवं रेल परिसंपत्तियों में उत्पन्न संभावित खतरों को समय रहते पहचानकर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर सुरक्षित रेल परिचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मानित कर्मचारियों में कांटेवाला, सलामतपुर मंगलदीन कुशवाहा शामिल हैं। उन्होंने 15 जुलाई 2026 को सलामतपुर स्टेशन से गुजर रही मालगाड़ी के दौरान इंजन से संबंधित असामान्य स्थिति देखी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने तत्काल हाथ संकेत देकर गाड़ी रुकवाई। जांच में ब्रेक ब्लॉक जाम पाया गया, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकी।
इसी प्रकार बीना के गुड्स ट्रेन मैनेजर रोहित पवार ने 24 जुलाई 2026 को गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के सलामतपुर स्टेशन पहुंचने पर कोच एस-2 से धुआं निकलने की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की। जांच में कोच के दोनों ब्रेक पैड ब्रेक डिस्क से चिपके हुए पाए गए। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई कर ब्रेक प्रणाली को सुरक्षित किया और गाड़ी को सुरक्षित रवाना कराया।
बीना के मेल ट्रेन मैनेजर पीयूष कुमार सिंह ने 26 जुलाई 2026 को गाड़ी संख्या 11071 कामायनी एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान रानी कमलापति–भोपाल के बीच अप लाइन पर स्पेशल ट्रेन के परिचालन के दौरान संभावित खतरे को पहचाना। उन्होंने तत्काल संबंधित ट्रेन परिचालन एवं नियंत्रण अधिकारियों को सूचना दी, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई संभव हो सकी।
पीलीघटा के उप स्टेशन प्रबंधक अमित कुमार ने 22 अगस्त 2026 को स्टेशन से गुजर रही मालगाड़ी के निरीक्षण के दौरान वैगन में असामान्य स्थिति देखी। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए गाड़ी को जांच के लिए शाढोरा स्टेशन पर रुकवाया। जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया गया।
पीलीघटा के कांटेवाला समरजीत राजपूत ने 10 अगस्त 2026 को स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के एक वैगन के पहिए में लगभग दो मिलीमीटर गहरी लाइन देखी। उन्होंने तत्काल ऑन-ड्यूटी स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी। इसके बाद संबंधित विभाग को जानकारी देकर वैगन को अलग करने की कार्रवाई की गई।
भोपाल के वरिष्ठ तकनीशियन जगदीश धर्मदास ने 30 जुलाई 2026 को रोलिंग-इन परीक्षण के दौरान गाड़ी संख्या 12754 हजरत निजामुद्दीन–नांदेड़ एक्सप्रेस के कोच में टूटी हुई प्राइमरी स्प्रिंग का पता लगाया। उनकी सतर्कता से तकनीकी खामी की समय रहते पहचान हो सकी।
बीना के वरिष्ठ तकनीशियन रवि झा ने भी 30 जुलाई 2026 को गाड़ी संख्या 19166 साबरमती एक्सप्रेस के कोच में टूटी हुई प्राइमरी स्प्रिंग का पता लगाकर संभावित खतरे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं, गुना के कनिष्ठ अभियंता (सी एंड डब्ल्यू) देवेंद्र मीणा ने 14 अगस्त 2026 को गाड़ी संख्या 19167 साबरमती एक्सप्रेस के गुना स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 पर पहुंचने के बाद रोलिंग-इन परीक्षण के दौरान इंजन संख्या 39235 के बैटरी बॉक्स को सपोर्ट करने वाले ब्रैकेट के अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने से उत्पन्न स्थिति को पहचाना। बैटरी बॉक्स लटकने की स्थिति में था। उन्होंने तत्काल कार्रवाई कर बैटरी बॉक्स को सुरक्षित कराया और उचित तरीके से सुरक्षित किए जाने के बाद ही गाड़ी को रवाना किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजीत सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रोहित मालवीय तथा वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता/कोचिंग राम प्रकाश खरे उपस्थित रहे। अधिकारियों ने रेलकर्मियों की सतर्कता, जिम्मेदारी और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित रेल परिचालन सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक रेलकर्मी की सजगता संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भोपाल मंडल द्वारा रेलकर्मियों को कार्य के दौरान सतर्क रहने, निर्धारित संरक्षा नियमों का पालन करने तथा किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ रेलकर्मियों की कार्यप्रणाली अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
Harda, Harda | Sep 14, 2026