Public App Logo
Profile Picture

Anokha Teer

@anokha_teer
257Followers
0Following
हरदा में UCC विधेयक 2026 के विरोध में मुस्लिम समाज ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने विधेयक को मौजूदा रूप में वापस लेने या उस पर रोक लगाने की मांग की।

<nis:link nis:type=tag nis:id=harda nis:value=Harda nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=ucc nis:value=UCC nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hardanews nis:value=HardaNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=anokhateer nis:value=AnokhaTeer nis:enabled=true nis:link/>
'फूलों का तारों का...,' गाते-गाते सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दिया गिफ्ट, 1500 के साथ मिला 250 रुपये का शगुन

- प्रदेश के मैहर जिले में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रांसफर किए 2148 करोड़ रुपये

- प्रदेश के मुखिया ने 256 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा देश

अनोखा तीर, भोपाल/मैहर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 अगस्त को प्रेम के अलग ही रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने मैहर जिले में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों को विख्यात गाना 'फूलों का तारों का सबका कहना है..,' सुनाया और उनके खातों में 2148 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह राज्य की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों को 1500 रुपये के साथ-साथ राखी का 250 रुपये का शगुन भी मिला। इस मौके पर मैहर की होनहार हॉकी खिलाड़ी अनन्या अवधिया और सुश्री उन्नति पांडे भी मौजूद थीं। इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन यादव ने 256 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा भी की और हितग्राहियों को हितलाभ वितरिए किया। उन्होंने यहां कई विभागों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। दूसरी ओर, जनअभियान परिषद की सखियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विशाल राखी भेंट की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई घोषणाएं भी कीं। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार हर महीने बहनों को लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान करती है। राखी त्योहार तो साल में एक बार आता है, लेकिन हम हर महीने इस उत्सव को मनाते हैं। आज लाड़ली बहनों के प्रेम को देखकर, उनकी संख्या देखकर आनंद आ रहा है। मैहर मां शारदा का अद्भुत स्थान है। बड़े लड़ैया महुआ वाले, जिनकी मार सही न जाए, एक को मारे दो मर जाए, तीसरा धौंस खाए मर जाए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मां शारदा के अनन्य भक्त आला की अमरता की कहानी आज भी जीवंत है। जब तक आला दर्शन नहीं कर लेते, मां को भी आनंद नहीं आता। सनातन संस्कृति भी अपने आप में अद्भुत है। उन्होंने कहा कि हमारे तीज-त्योहारों की वजह से हमारे कुटुम्ब जीवित हैं। हमारी संस्कृति में पूरी वसुधा को परिवार माना गया है। हम अपने पेड़-पौधे-नदी-पहाड़, सबको परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़ा है। पिछले साल आतंकवादियों ने माताओं-बहनों के सिंदूर पर हाथ डालने का प्रयास किया, उस वक्त हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना ने दुश्मन के घर में घुसकर मारने का रिकॉर्ड बनाया। हमारी सेना हर तरह से दुश्मन से निपटने में सक्षम है।
 
बहनों को दिया अतिरिक्त उपहार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मेरे दोनों हाथों में प्रेम का धागा है। मैं सौभाग्यशाली हूं। आज मैं मन में क्या महसूस कर रहा हूं, बताना मुश्किल है। मेरी सरकार और आपका जो संबंध है, वो अद्भुत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग दुर्भावना रखते हैं। हम जब भी लाड़ली बहनों को योजना की राशि ट्रांसफर करते हैं, तब कांग्रेसी हमें टोकते हैं। कांग्रेसी कहते हैं कि लाड़ली बहनों के खातों में पैसे मत डालो, ये शराब पी जाती हैं। कांग्रेसियों को डूब मरना चाहिए। सीएम डॉ. मोहन ने बहनों से अपील की, कि कांग्रेस की इस बात को गांठ बांधकर रखना। जिस दिन चुनाव आए, उस दिन कांग्रेस को बताना कि उसने क्या अपराध किया है। उनका हिसाब चुकता करना। लाड़ली बहनों का अपमान कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के पहले जो वादा किया और अभी तक हम महीने आपके खातों में राशि आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी एक बार जो वचन देती है, उसे निभाती है। आज मुझे वो गीत याद आ रहा है, 'फूलों का तारों का कहना है, सबका कहना है, एक हजार में मेरी बहना है....'। हमारी सरकार को 1.25 करोड़ बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। आज हमारी सरकार ने नियमित राशि के अलावा 250 रुपये अतिरिक्त सावन के महीने का उपहार दिया है। 

बहनें परिवार को बांधे रखती हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से निवेदन किया कि ये राशि जब आपको मिले, तो अपने भाइयों को मिठाई खिलाना और टीका करना। मैं समझूंगा कि टीका मुझे लगा। मुझे आपका आशीर्वाद मिल गया। हमारी माताओं-बहनों में जो हिम्मत है, वो पुरुष में नहीं है। वे अपना परिवार छोड़कर अंजान परिवार को अपना भविष्य समर्पित कर देती हैं। उन्होंने कहा कि एक बार विश्व हिंदू परिषद का सम्मेलन विदेश में हुआ। उस समय मार्गरेट थ्रेचर वहां की प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि भारत और लंदन में सबसे बड़ा अंतर कुटुम्ब परंपरा का है। आपके ऋषि-मुनियों ने परिवार की जो परंपरा खड़ी की है, इसकी धुरी माता है। माता अपने सारे बच्चों से जिस प्रकार प्रेम करती है, वह अद्भुत है। मां अपना पेट काटकर बच्चों की सारी मांग पूरी करती है। घर में भले कमाने वाला एक हो, लेकिन मां सबकी पूर्ति करती है। हमको खिलाते-खिलाते मां का पेट भर जाता है। यह संस्कृति केवल भारत में ही है। हमारी संस्कृति त्याग-परिवार की परंपरा को लेकर चलती है। उन्होंने कहा कि हम लगातार विकास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 के बाद महाकाल लोक का लोकार्पण किया। उससे हमारा पूरा जिला बदल गया। हमने देव स्थान को धार्मिक स्थल बनाने का फैसला किया है। हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आय बढ़ाने का काम कर रही है। हमने फैसला किया है कि जो भी उद्योग बहनों को मौका देगा, वहां सरकार उसे प्रति बहन 5 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए स्लोगन है, सच्चा वादा पक्का काम-प्रेम से बोलो सीताराम। चित्रकूट में हमने 3 हजार करोड़ से ज्यादा के काम मंजूर किए हैं। अब मां मैहर के लोक के पहले फेज का भूमि-पूजन आज यहां हुआ है। कल कैबिनेट में हमने फैसला किया कि लाड़ली बहनों को आने वाले 5 साल तक राशि देंगे। बहनें इस राशि से सिलाई मशीन खरीदती हैं, ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। बहने इस राशि से परिवार की पूर्ति करती हैं। 

कांग्रेस को लिया आड़े हाथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहले नक्सलियों को खत्म किया, और अब नशा विरोधी अभियान चला रहे हैं। हमारी सरकार ने 19 धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें बंद की हैं। भविष्य की पीढ़ियों को बचाने के लिए, हर तरह के नशे के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। परिवार के परिवार नशे की वजह से बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप बच्चों को पढ़ाओ-लिखाओ, बड़ा अधिकारी बनाओ, लेकिन नशे के मामले में उसे सावधान करो। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मां नर्मदा विंध्याचल पर्वत की तरह आ नहीं सकती है, उसे लाने के लिए नहर बनाई जा रही थी। जिस मशीन से नहर बन रही थी, वह कंपनी ही बंद हो गई। मशीनें खराब हो गईं। यह योजना बंद होने के कगार पर थी। लेकिन, हमने कहा कि खुशहाली के लिए इस इलाके में पानी आना जरूरी है। 2 हजार करोड़ की योजना 800 करोड़ से शुरू हुई। हमने कहा कि इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि अब वो नहर पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र के हर गांव में नर्मदा का पानी पहुंचेगा। हमने फैसला किया कि किसानों को खाते पलटाने नहीं पड़ेंगे। इसके अलावा आने वाली फसल के समय सरकार दिन में बिजली देगी। जिन-जिन गरीबों के मकान रह गए हैं, उनका मकान बनेगा। मैहर में कलेक्टर सहित 16 बड़े पदों पर बहने हैं। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगर कांग्रेसी अनुचित आचरण नहीं करते, तो विधानसभा में भी बहनों के लिए 33 फीसदी का आरक्षण हो जाता। कांग्रेस को पता नहीं किस बात का डर है। अगर माताएं-बहनें लोकसभा-विधानसभा में आएंगी तो क्या गलत हो जाएगा।    

सीएम ने की ये प्रमुख घोषणाएं

- मैहर में 25 करोड़ की लागत से आधुनिक स्टेडियम बनेगा।
- लिलजी जलाशय का 50 करोड़ की लागत से नवीकरण किया जाएगा। 
- मैहर में बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा।
- मैहर में 5000 गौवंश क्षमता की बड़ी गौशाला बनेगी।
- मैहर में आईटीआई संस्थान बनेगा, स्कूलों का उन्नय किया जाएगा।
- आल्हा गायकों की समितियों को 25-25 हजार रुपए देने की घोषणा।
रक्षाबंधन को लेकर मध्यप्रदेश में अपार उत्साह है। मैहर में शारदा माता की पुण्यभूमि से आज 1 करोड़ 25 लाख लाडली बहनों को ₹1500 मासिक किस्त एवं ₹250 रक्षाबंधन हेतु पृथक राशि दी जाएगी। इस विशेष राशि के माध्यम से प्रदेश की सभी बहनों को स्नेह एवं बधाई देता हूँ।

लाड़ली बहना योजना विशेषकर हमारी ग्रामीण क्षेत्र की बहनों को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
श्रीधाम कालोनी में जानवर पकड़ने गई नगर पालिका की टीम पर पालक ने कि हमला 
.

<nis:link nis:type=tag nis:id=anokhateer nis:value=AnokhaTeer nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hardapolice nis:value=hardapolice nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hardanews nis:value=HardaNews nis:enabled=true nis:link/>
संस्कार विद्यापीठ में नशा मुक्ति जागरुकता कार्यशाला संपन्न

अनोखा तीर, हरदा। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने तथा नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय संस्थान द्वारा 6 अगस्त से 20 अगस्त हरदा जिले के विभिन्न स्कूलों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत संस्कार विद्यापीठ में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीके रोशनी दीदी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए नशे की आदत से दूर रहने तथा इसके गंभीर शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से बचने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बीके रेवा दीदी ने समस्त विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। साथ ही विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने तथा स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संस्कार विद्यापीठ प्रबंधन के नटवर पटेल एवं नवनीत पटेल, प्राचार्या सुश्री राजेश्वरी गीते, उपप्राचार्य दिलीप पाटीदार सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
उल्लास: एक अभिनव पहल के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

अनोखा तीर, हरदा। उच्च न्यायालय, जबलपुर एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में 'उल्लास: एक अभिनव प्रयोग-2026  के तहत विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं प्रोत्साहनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत 9 अगस्त को ए.डी.आर. सेन्टर, जिला न्यायालय, हरदा में न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण के बालक/बालिकाओं के लिए चित्रकला, पोस्टर मेकिंग एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में कुल 18 बालक/बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने चित्रकला एवं पोस्टर मेकिंग के माध्यम से सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण आदि विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में बालक/बालिकाओं ने अपने विचार लेखन के माध्यम से व्यक्त किए। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता एवं सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर 15 अगस्त को न्यायालय प्रांगण, हरदा में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सभी न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण द्वारा देशभक्ति गीत, कविताओं एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना व्यक्त की गई।  कार्यक्रम में 9 अगस्त को आयोजित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, शील्ड और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई तथा उन्हें भविष्य में भी विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसी क्रम में जिला न्यायालय, हरदा एवं तहसील न्यायालय, खिरकिया एवं टिमरनी में कार्यरत न्यायाधीशगण, जिला अधिवक्ता संघ हरदा तथा तहसील अधिवक्ता संघ टिमरनी, खिरकिया में कार्यरत अधिवक्तागण के ऐसे बालक/बालिकाओं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया है, को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपने क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करना रहा। साथ ही जिला न्यायालय हरदा एवं जिला प्राधिकरण में पदस्थ कर्मचारियों में से उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान कर उनके कार्य एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस पहल से कर्मचारियों में कार्य के प्रति उत्साह, अनुशासन, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य करने की भावना को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं कर्मचारियों को उल्लास: एक अभिनव प्रयोग-2026 के अंतर्गत आगामी समय में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से आगामी मेगा स्वास्थ्य शिविर से उपस्थितजन को अवगत कराया गया। इन गतिविधियों से न्यायिक परिवार के सदस्यों में सहभागिता, रचनात्मक, सकारात्मक सोच एवं आपसी सौहार्द की भावना को बढ़ावा मिला तथा न्यायिक परिवार में सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण हुआ।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की समीक्षा की
-जिले में मिशन कोड शक्ति के तहत स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगी एआई की शिक्षा

अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की समीक्षा की। उन्होंने योजना के तहत शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को निर्धारित मापदंड के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर जैन ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों के मध्यान्ह भोजन निर्माण कक्षों में एग्जॉस्ट फैन एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही सभी स्कूलों में पेयजल परीक्षण किट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि समय-समय पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जा सके। बैठक में विद्यालयों में नामांकन की स्थिति एवं विद्यार्थियों की अपार आईडी अद्यतन करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी समय पर अपडेट कराने के निर्देश दिए।
मिशन कोड शक्ति के तहत विद्यार्थियों को मिलेगी एआई की शिक्षा
बैठक में मिशन कोड शक्ति के तहत जिले के स्कूली विद्यार्थियों को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की शिक्षा दिए जाने की तैयारियों की भी जानकारी दी गई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल कौशल से जोड़ने के लिए कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर जैन ने विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन वितरण तथा खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर कमियां पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली जोसेफ, जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह रघुवंशी, डीपीसी गरिमा टोप्पो सहित शिक्षा विभाग के मैदानी अधिकारी मौजूद थे।
प्रोफाइल लगाकर खुद को कृषि विभाग अधिकारी बता रहा युवक
-सरपंच की सूझबूझ से हुआ खुलासा  

अनोखा तीर, रहटगांव। कृषि विस्तारक अधिकारी वीरेंद्र साहू द्वारा मंगलवार को रहटगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत की गई। इसमें बताया गया कि जगदीश सोनी पिता मांगीलाल सोनी निवासी आलमपुर द्वारा पूर्व में खुद को विभाग का अधिकारी बताकर अपने लाभ के कार्य करने की कोशिश की गई। संबंधित व्यक्ति पूर्व में आत्मा योजना के अंतर्गत किसान मित्र रहा था। सन 2017 से कृषक मित्र पद समाप्त कर दिया गया है, मगर जगदीश सोनी खुद को कृषि अधिकारी बता रहा है।  जब वीरेंद्र साहू को इस बारे में पता लगा तो संबंधित से फोन पर बात करने के बाद उसे कहा गया कि आप इस तरह का काम क्यों कर रहे हैं। तब संबंधित ने कहा कि मुझसे गलती हो गई, अब मैं इस तरह की गलती नहीं करूंगा और विश्वास दिलाया। इसके कुछ दिन बाद संबंधित ने पाटिल कृषि सेवा केंद्र रहटगांव पर जाकर प्रोपराइटर बालकृष्ण पाटिल से कहा कि मैं कृषि विभाग का अधिकारी हूं। इसके बाद ग्राम रबांग के कृषक द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत 16/8/2026 को लगभग 4 बजे हुई। जब वीरेंद्र साहू द्वारा शिकायत के संबंध में उक्त कृषक को फोन लगाया गया तो संबंधित का फोन बंद आया। तब ग्राम के सरपंच से फोन पर बात की। सरपंच ने बताया कि अभी-अभी आपके विभाग के एक अधिकारी आए थे और उनके द्वारा पंचनामा बनाकर ले गए। सरपंच ने उनका नाम पूछा तो उन्होंने जगदीश सोनी बताया। जगदीश सोनी शासकीय वाहन मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ के सामने खड़ा होकर अपनी डीपी लगाता है ताकि लोग समझें कि यह कोई अधिकारी है। वीरेंद्र साहू द्वारा पंचनामा बनवाकर लाया गया और सीएम हेल्पलाइन के संबंध में उस व्यक्ति के कथन भी लिए गए। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को भी की गई है।
संभाग स्तरीय शालेय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन  

अनोखा तीर, हरदा।  शासकीय महात्मा गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल में संभाग स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें हरदा, नर्मदापुरम एवं बैतूल जिले की टीमों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता के अंतर्गत 14 वर्ष बालक एवं बालिका वर्ग की हैंडबॉल, 14, 17 एवं 19 वर्ष बालक एवं बालिका वर्ग की टेबल टेनिस तथा कुश्ती फ्री स्टाइल एवं ग्रीको-रोमन की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। हैंडबॉल प्रतियोगिता महात्मा गांधी स्कूल के खेल मैदान में आयोजित की गई। प्रतियोगिता का शुभारंभ महात्मा गांधी स्कूल  के प्राचार्य जे.पी. प्रजापति एवं जिला क्रीड़ा अधिकारी रामनिवास जाट ने खिलाड़ियों एवं टीमों से परिचय प्राप्त कर किया। प्रतियोगिता में पहला मैच बालिका वर्ग के बीच खेला गया, जिसमें बैतूल एवं हरदा दो ही टीम ने सहभागिता की जिनके बीच फाइनल मैच कराया गया। जिसमें हरदा ने बैतूल को 6-0 से शिकस्त दी इसी प्रकार बालक वर्ग में पहला मैच हरदा विरुद्ध बैतूल के बीच खेला गया। जिसमें 14-4 से हरदा विजयी रहा दूसरा मैच हरदा एवं नर्मदापुरम के बीच खेला गया। जिसमें हरदा टीम 18- 3 से विजयी रही। इस प्रकार प्रतियोगिता में हरदा टीम विजेता रही इस अवसर पर ऑफिशियल के रूप में गौतम विश्वकर्मा, करण लोंगरे, हिमांशु धुर्वे, प्रतीक शर्मा, भावेश केवट आदि उपस्थित रहे। टेबल टेनिस प्रतियोगिता अग्रवाल खेल एकेडमी, हरदा में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में टीमों से परिचय प्राप्त करने के लिए अग्रवाल समाज के अध्यक्ष विनोद बंसल, सचिव निमिष गोयल, मध्य प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संतोष अग्रवाल(चंदन सेल्स), अग्रवाल समाज खेल एकेडमी के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल एवं मीडिया प्रभारी आकाश अग्रवाल उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजेश बीलिया एवं रोनीत राठौर भी उपस्थित रहे। कुश्ती फ्री स्टाइल एवं ग्रीको-रोमन प्रतियोगिता अरविंद कुश्ती अखाड़ा, हरदा में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एकेडमी के कोच अखिलेश विश्नोई एवं अंपायर अर्पित विश्नोई उपस्थित रहे। सहयोगी में शांतिलाल गोदारा, कन्हैया लाल विश्नोई सीताराम जाट, नीरेंद्र सेवारिक आदि उपस्थित रहे। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। सभी खिलाड़ियों ने अनुशासन, खेल भावना एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारना तथा उन्हें जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। आयोजन को सफल बनाने में खेल अधिकारियों, प्रशिक्षकों, ऑफिशियल्स एवं संबंधित खेल संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उक्त जानकारी जिला क्रीड़ा अधिकारी रामनिवास जाट ने दी।
चित्रकला प्रतियोगिता से दिया देशभक्ति और भाईचारे का संदेश  

अनोखा तीर, हरदा।  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्व मानवाधिकार परिषद एवं मदरसा दारूल उलूम नूरी के संयुक्त तत्वावधान में खेड़ीपुरा स्थित मदरसा दारूल उलूम नूरी में राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने चित्रकला के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान तथा आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम की थीम हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा—आइए साथ मिलकर अपने राष्ट्र की आन, बान और शान का जश्न मनाएं रखी गई। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बच्चों एवं युवाओं ने देशभक्ति से जुड़ी विभिन्न विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए। चित्रकला प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में अजाक्स की पूर्व जिलाध्यक्ष सीमा निराला एवं आर्ट एवं हस्तकला डेवलपमेंट समिति की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि बंसल ने बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों का मूल्यांकन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान का चयन किया। विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना मिनाजुल कादरी ने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सभी से स्वतंत्रता दिवस का पर्व उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया। सैय्यद नजाकत अली बाबा ने देश के प्रति वफादारी का संदेश देते हुए कहा कि हमारी सबसे बड़ी पहचान भारतीय होना है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। वहीं विश्व मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय संगठन सचिव मुईन अख्तर खान ने कहा कि हमें अपने देश से प्रेम करना चाहिए और उसकी एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम में हाजी यामीन पटेल, हाजी सलीम नूरी, मौलाना मिनाजुल कादरी, सैय्यद नजाकत अली बाबा एवं डॉ. रविन्द्र कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा। अंत में मुईन अख्तर खान ने सभी अतिथियों, आयोजकों, बच्चों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने खाद वितरण में लापरवाही को लेकर प्रशासन को दी चेतावनी  

अनोखा तीर, हरदा।  डीएमओ गोदाम में खाद न मिलने से परेशान किसान सुबह 6 बजे से बारिश में लाइन में लगे हैं। जिला प्रशासन 2 महीने से टोकन का बहाना लेकर वितरण रोके बैठा है और खाद की उपलब्धता देखी जाए तो किसानों को पर्याप्त खाद नहीं दे पा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साईं ने कहा कि जब जिला प्रशासन के पास पर्याप्त मात्रा में खाद है तो किसानों को दे क्यों नहीं रहे। जिला प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ किसानों को परेशान करना है। बाजार में हर जगह खाद उपलब्ध है तो पिछले एक माह से खाद का वितरण बंद क्यों कर रखा है। ऐसे में किसानों को खाद की कमी से हो रहे नुकसान का हर्जाना कौन भरेगा। जिला प्रशासन और सरकार दोनों किसानों का शोषण करने में लगी है, जिसे जिला कांग्रेस कमेटी कभी होने नहीं देगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने डीएमओ गोदाम में नायब तहसीलदार एवं कृषि अधिकारी को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जिला प्रशासन ने यहां और अधिक काउंटर नहीं बढ़ाए और वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया एवं किसानों को खाद की कमी आई तो जिला कांग्रेस कमेटी किसानों के साथ कृषि कार्यालय का घेराव करेगी। इसकी समस्त जवाबदेही जिला प्रशासन और कृषि विभाग की होगी।
कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं

अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने मंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित 'जनसुनवाई कार्यक्रम में आए नागरिकों की समस्याएं सुनी और उपस्थित अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए निर्देश दिए।  इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार, एसडीएम खिरकिया रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा अशोक डहेरिया, एसडीएम टिमरनी शैलेन्द्र बड़ोनिया, डिप्टी कलेक्टर श्वेता बम्होरे सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे। जनसुनवाई में हरदा निवासी राकेश शर्मा तथा ग्राम बारजा निवासी आशा व क्षमा सांगुले ने बिजली का बिल अधिक आने के संबंध में शिकायत की। इस पर महाप्रबंधक विद्युत वितरण कंपनी को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिए गए।  ग्राम फुलड़ी निवासी सुशीला बाई ने अपने खेत में नाली का पानी भराने के संबंध में शिकायत की। इस पर तहसीलदार रहटगांव को आवेदिका की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिए गए।  हरदा निवासी रघुवीर प्रजापति ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तृतीय किश्त का भुगतान कराने के संबंध में आवेदन दिया। इस पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदक की समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिए।  हरदा निवासी विकास सिरसोदे ने अपने पुत्र की समग्र आईडी में सुधार के संबंध में आवेदन दिया। इस पर संबंधित अधिकारी को समग्र आईडी में सुधार कराने के निर्देश दिए गए।
लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी! 🎁
​19 तारीख को रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में नियमित किस्त के ₹1,500 + ₹250 शगुन राशि मिलाकर कुल ₹1,750 सीधे खातों में भेजे जा रहे हैं। 💰✨
​अगर आपका पैसा पहले आता था और अब बंद हो गया है या किस्त अटक गई है, तो घबराएं नहीं!
​वेबसाइट से ऐसे चेक करें अपना स्टेटस:
1️⃣ आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।
2️⃣ 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करें।
3️⃣ अपनी समग्र आईडी / आवेदन क्र. दर्ज करें और OTP भरें।
4️⃣ स्क्रीन पर पैसा रुकने का कारण देखें और उसे तुरंत ठीक कराएं!
​⚠️ ज़रूरी बात: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो और DBT सक्रिय हो!
​वीडियो को अपनी सभी बहनों के साथ शेयर करें ताकि किसी का भी पैसा न अटके! ❤️
.

​  GovernmentScheme MPEmployment RakshaBandhanGift WomenEmpowerment MPNews DBTUpdate SamagraID InstagramReels ViralReels TrendingHindi
<nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cmyojna nis:value=cmyojna nis:enabled=true nis:link/>
सीएम डॉ. मोहन ने लिए अहम फैसले, एमपी के विकास के लिए 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत

- कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार

- अविरल मां नर्मदा मिशन (नमन मिशन) के गठन को मिली स्वीकृति

- मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के संचालन के लिए 1,14,365 करोड़ स्वीकृत

- मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये को मंजूरी

अनोखा तीर, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में कैबिनेट ने प्रदेश को जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति दी है। मध्य प्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है,  जिसे ध्यान में रखते हुए इस मिशन को एकीकृत, वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है।

'नमन मिशन' को मप्र सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा, जो पूर्व में गठित मंत्रिमंडल समिति, अन्तर्विभागीय कार्यकारिणी समिति और राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की प्राथमिकताओं व अनुश्रवण तंत्र को समाहित कर सुदृढ़ कार्ययोजना पर कार्य करेगा।नमन मिशन का प्रशासनिक ढांचा त्रि-स्तरीय रखा गया है। सर्वोच्च साधारण सभा की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे और इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष तथा 19 सहभागी विभागों के मंत्रीगण सदस्य होंगे। इसके अलावा साधारण सभा में नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन क्षेत्र के अधिकतम 10 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी नामांकित किए जाएंगे। वहीं, मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव उपाध्यक्ष और संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) कार्यकारिणी के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। इस कार्यकारिणी समिति में आईआईएसईआर, आईआईटी, आईआरएमए, एनआईएच, आईआईएफएम, आईसीएआर और एनईईआरआई जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को भी जोड़ा गया है।

मिशन का होगा मजबूत वित्तीय ढांचा

मिशन के सुचारू संचालन और परियोजनाओं के निष्पादन के लिए एक मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार किया गया है। नर्मदा संरक्षण व विकास कार्यों के लिए 'निर्मल एवं अविरल नर्मदा मिशन निधि' के तहत राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, वन विभाग की कैम्पा (CAMPA) निधि से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का उपयोग किया जाएगा तथा आपवादिक परिस्थितियों में प्रचलित योजनाओं से भिन्न कार्यों के लिए 5 वर्षों में राज्य बजट से 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मिशन में सीएसआर (CSR) फंड, केंद्रीय सहायता और पीपीपी (PPP) मॉडल के माध्यम से भी जन-सहयोग जुटाया जाएगा।

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेगी वैज्ञानिक मूल्यांकन

तकनीकी दक्षता के लिए गठित की जा रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) एक टेक-इंजन और नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगी। यह इकाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस (GIS), रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों का उपयोग कर नदी स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी। कैबिनेट ने मिशनशक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत केन्द्र प्रवर्तित योजना "प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना" की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तरता एवं क्रियान्वयन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करना एवं द्वितीय प्रसव में बालिका जन्म को प्रोत्साहन प्रदान करना है। योजना अन्तर्गत प्रथम प्रसव वाली पात्र गर्भवती महिला को गर्भावस्था का शीघ्र पंजीकरण एवं अंतिम मासिक चक्र (एल.एम.पी) के 6 माह के अंदर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर प्रथम किश्त तीन हजार रुपये और बच्चे के जन्म के पंजीकरण एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर द्वितीय किश्त दो हजार रुपये, इस प्रकार कुल 5 हजार रुपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म पर प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के पश्चात् 6 हजार रुपये का लाभ एक किश्त में प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना पर फोकस

कैबिनेट ने "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना" के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वालंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023, लागू की गई है। योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी महिलाओं को प्रत्येक माह 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि को उनके डीबीटी सक्रिय खाते में प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित की जा रही हैं।

मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना का रखा ध्यान

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार,  बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर, स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार और उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई है। योजना में अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाओं को लाभांवित किया जा चुका है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, कक्षा 9वीं में प्रवेश पर 4 हजार रुपये, कक्षा 11वीं में प्रवेश पर रुपये 6 हजार रुपये और कक्षा 12वीं में प्रवेश पर 6 हजार रुपये ई-पेंमेंट के माध्यम से प्रदाय किया जाता है। महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर प्रथम वर्ष में प्रोत्साहन राशि 12,500 रुपये एवं अंतिम वर्ष में 12,500 रुपये दो समान किश्तों में प्रदाय किया जाता है। साथ ही 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है।

कृषि, शिक्षा एवं अनुसंधान गतिविधियों के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक संचालन की निरंतरता के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। इससे विश्वविद्यालय के सेवानिवृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पेंशन का नियमित भुगतान किया जाता है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को ब्लाक ग्रांट योजना के लिए 469 करोड़ 93 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।विश्वविद्यालय प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र है। ब्लॉक ग्रांट योजना के माध्यम से अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, अनुसंधान गतिविधियों, संस्थागत व्ययों तथा अन्य अनुमत्य वित्तीय दायित्वों का नियमित निर्वहन किया जाता है। योजना की निरंतरता विश्वविद्यालय की संस्थागत क्षमता, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं कृषि विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक हैं। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना के माध्यम से प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण सुविधाओं, अनुसंधान अधोसंरचना तथा अन्य आवश्यक परिसंपत्तियों का विकास एवं उन्नयन किया जाता है। योजना की निरंतरता से विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालयों की संस्थागत क्षमता सुदृढ़ होगी और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृ‌ढ़ीकरण के लिए इतनी राशि स्वीकृत

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृ‌ढ़ीकरणके लिए कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये की स्वीकृतिदी है।स्वीकृति अनुसार उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के लिए 4,742 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गये है। उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के अंतर्गत प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के अधीन कार्यरत ए.एन.एम.-एल.एच.व्ही. का वेतन आहरित किया जाता है। यह योजना मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के लिए ही संचालित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन एवं सुदृ‌ढ़ीकरण योजना के लिए 518 करोड़ 93 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन एवं सुदृ‌ढ़ीकरण योजना के अंतर्गत प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों के उपचार के लिए लगने वाले अत्याधुनिक उपकरणों का प्रबंध किया जाता हैं। अस्पताल एवं औषधालय के लिए भवन निर्माण योजना के लिए 3,219 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजनांर्गत प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला चिकित्सालय एवं सिविल अस्पताल के भवनों का उन्नयन तथा भवन निर्माण कार्य किया जाता है। आशा कार्यकर्ता को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदाय करने संबंधी योजना के लिए 3,354 करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कड़ी हैं, जो घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, टीवी, मलेरिया, कुपोषण तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी, सेवा और समर्थन प्रदान करती हैं। इसके साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में 5200 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 65,800 कुल 71,000 आशा कार्यकर्ता तथा 5200 आशा पर्यवेक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 35 नवीन पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की पदीय सरंचना में पूर्व में स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नवीन पदों एवं पूर्व से स्वीकृत 07 पदों की निरंतरता आगामी 5 वर्षों अर्थात 18 सितम्बर 2031 तक रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार समस्त नियुक्तियों के लिए समेकित वेतनमान का निर्धारण करने, विभिन्न पदों की प्रतिपूर्ति के लिए न्यूनतम अर्हता/योग्यता विहित करने के लिए प्रबंध संचालक अधिकृत होंगे। पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्हता तथा प्रक्रिया संचालक मंडल द्वारा विहित की जा सकेगी तथा कार्य के स्वरूप के मद्देनजर किसी पद का पदनाम परिवर्तन संचालक मंडल कर सकेगा। इसके फलस्वरूप कुल 4 करोड़ 12 लाख रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आना संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम द्वारा अपने स्त्रोतों से की जाएगी।

वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने से संबंधित विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग अंतर्गत योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पिछले 20 वर्षों में प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि की गई है। निर्णय अनुसार अनुसंधान योजना तथा विकासीय गतिविधियों' से संबंधित योजना के लिए 201 करोड़ 28 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना के अंतर्गत अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ कर विज्ञान-आधारित एवं साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के माध्यम से सुदूर संवेदन एवं GIS, अनुसंधान एवं विकास, जैव प्रौ‌द्योगिकी, पेटेंट सूचना, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, ग्रामीण प्रौ‌द्योगिकी तथा एटलस परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, नवाचार, कौशल विकास, बौ‌द्धिक संपदा संरक्षण एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। 'निर्देशन एवं प्रशासन' संबंधी योजना के लिए 119 करोड़ 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत परिषद् के सामान्य प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, अधोसंरचना संचालन तथा योजनाओं के समन्वय एवं अनुश्रवण से संबंधित कार्य संपादित किए जायेगे। योजना के माध्यम से वेतन-भत्ते, कार्यालयीन व्यय, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, बैठकों, कार्यशालाओं तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित कर विज्ञान एवं तकनीकी योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक आधार उपलब्ध कराया जाएगा।

मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत

इसी तरह 'विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार के लिए सहायता' संबंधी योजना के लिए 172 करोड़ 52 लाख रुपये और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी के लोकव्यापीकरण के उद्देश्य से विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम, मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएं, विज्ञान शिक्षा एवं नवाचार कार्यशालाएं तथा विज्ञान मंथन यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, योजना की गतिविधियों की नियमित निगरानी, मूल्यांकन एवं दस्तावेजीकरण के माध्यम से इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा। इस के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय गणित दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, राष्ट्रीय तकनीकी दिवस, संभाग स्तरीय विज्ञान मेले (संभागीय वैज्ञानिक सम्मेलन) और साइंस ऑन व्हील तथा क्रिएटिविटी लर्निंग सेंटर द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
जात-पात पूछे न कोई..,' सीएम डॉ. मोहन ने बताई गुरु रविदास महाराज की महिमा, आप भी करें अनुसरण

- संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज का 650वां जयंती वर्ष

- भोपाल के रवींद्र में हुआ  'समरसता संकल्प अभियान'-कलश वंदन यात्रा' कार्यक्रम

-सागर में 100 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर-स्मारक

अनोखा तीर, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। भोपाल के रवींद्र भवन में 18 अगस्त को आयोजित इस राज्य स्तरीय 'समरसता संकल्प अभियान' एवं 'कलश वंदन यात्रा' कार्यक्रम का उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने ने संभागीय प्रतिनिधियों को कलशों का वितरण भी किया। कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्र्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य भी मौजूद थे। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर हमारी सरकार जातिवाद और छुआछूत के चंगुल से समाज को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से सर्व समाज को एकजुटता के सूत्र में पिरोने का लक्ष्य रखा है। हमें जातिवाद और अनेक चुनौतियों से भरे वातावरण में स्वयं के मन में पवित्र भाव जागृत करने और समरसता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश में समय बदला है अब प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि और पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदास महाराज के नाम पर रखा गया है। 

संत के स्थल को बनाएंगे तीर्थ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक बनकर तैयार हो रहा है। बहुत जल्द प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष में उज्जैन में उनकी वस्तुओं और शिष्य के समाधि स्थल को संरक्षित करते हुए भव्य गुरुद्वारा निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में जहां रविदास जी के चरण पड़े, उन तीर्थ स्थलों को सर्व-सुविधा युक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज श्योपुर चंबल क्षेत्र को रेलवे की नई सौगात मिलने जा रही है। प्रदेशवासियों को आवागमन में लाभ मिलेगा। राज्य सरकार समरसता संकल्प अभियान की कार्य योजना में हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तत्पर है। हम सभी संत रविदास महाराज के बताए मार्ग का स्मरण और अनुसरण करेंगे। जीवन में उसे धारण भी करेंगे। 

बिखरने से बच गया समाज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काशी की पवित्र भूमि पर जन्मे संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज ने भारत को एक करने का कार्य किया। तत्कालीन समय में विधर्मी आक्रांता भारतीय परंपराओं को नष्ट करना चाहते थे। तब छोटे बालक के रूप में रविदास महाराज ने बनारस के घाटों पर संत रामानंद आचार्य महाराज के प्रवचन और कथाएं सुनकर भक्तिभाव से समाज को एक करने का संकल्प लिया था। हमारे साधु-संतों ने सामाजिक समरसता की पताका अपने हाथों में थामी और रविदास महाराज ने संदेश दिया, जातपात पूछे न कोई-हरि को भजे सो हरि का होई। संत रविदास ने कर्म करते हुए सदैव अपने मन में भक्ति भाव को बनाए रखा। उस दौर के सबसे बड़े संत प्रेमानंद महाराज ने संत रविदास महाराज को दीक्षा दिलवाई थी। संत रविदास के भजन आज भी भक्ति भाव से लोगों के दिलों में अहम स्थान रखते हैं।

हम पेश करें समरसता की मिसाल

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संत रविदास ने कटुता को छोड़कर समाज को समरसता को अपनाने का मंत्र दिया। हमें इस समरसता संकल्प अभियान को जन-जन तक लेकर जाना है। सागर में संत रविदास का भव्य मंदिर और स्मारक बनाया जा रहा है। हमें समाज के हर वर्ग को जोड़कर समरसता की मिसाल पेश करनी है और भारत को विकसित भारत बनाना है। पूर्व मंत्री एवं राष्ट्र्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, धर्मांतरण के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है। उन्होंने काशी की मिट्टी से निकलकर झाली रानी और मीराबाई को अपना बनाया। जब जालंधर में सूखा पड़ा था तो संत रविदास जी ने लोगों के कल्याण के लिए जल संकट को दूर किया। आज संत रविदास जी की वाणी और उनके संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। हमने समरसता संकल्प अभियान को 5 महीने तक चलाने का निर्णय लिया है। 

20 अगस्त को एमपी में शुरू होगी कलश वंदन यात्रा

पूर्व मंत्री आर्य ने बताया कि काशी से कलश यात्रा की शुरुआत हुई और देशभर में 51 स्थानों पर कलश पूजन किया गया है। काशी से निकले 129 कलश में से 98 उत्तरप्रदेश और शेष सभी राज्यों में पहुंचे हैं। इस कलश में संत रविदास जी की जन्मस्थली की मिट्टी है। कलश वंदन यात्रा जिला स्तर तक निकाली जाएंगी। आगामी 20 अगस्त को मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में कलश वंदन यात्रा शुरू होगी। इस कार्यक्रम में सभी संतों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद गांव और कस्बों में कलशों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। अंतिम चरण में छात्रावास संपर्क अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन दर्शन से परिचित कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जालांधर से मुख्य समरसता संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। यह प्रयास देश की समाजिक मजबूती को सशक्त करेगा। देश में 29 जुलाई से 30 अगस्त तक संत संपर्क अभियान भी चल रहा है। अब तक 29 हजार से अधिक संतों का सम्मान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने संत रविदास और वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखा है। मध्यप्रदेश में संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है।
🎀 रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खबर!

मध्यप्रदेश में इस बार भी रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को ₹250 का अतिरिक्त शगुन मिलने की तैयारी है। यह राशि ₹1500 की मासिक किस्त से अलग होगी।

📍 19 अगस्त को मैहर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम से करीब 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने की संभावना है।

⚠️ हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हुई है।

आपको क्या लगता है, ₹250 का शगुन बढ़ना चाहिए? 👇
कमेंट में अपनी राय बताएं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=लाड़लीबहना nis:value=लाड़लीबहना nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=रक्षाबंधन nis:value=रक्षाबंधन nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=मोहनयादव nis:value=मोहनयादव nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hardanews nis:value=HardaNews nis:enabled=true nis:link/>
टिमरनी मंडी भाव...
18 अगस्त 2026
🏥 हरदा में बेहतर स्वास्थ्य और सर्जिकल सुविधा अब एक ही छत के नीचे

शहरवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अच्छी खबर है। मां रेवा हॉस्पिटल, छिपानेर रोड, हरदा में अनुभवी चिकित्सकों द्वारा आधुनिक सुविधाओं के साथ उपचार एवं सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

👨‍⚕️ डॉ. सुधीर जैसानी
M.B.B.S. (AFMC), M.S. – जनरल सर्जन
डॉ. सुधीर जैसानी द्वारा विभिन्न प्रकार की सर्जरी एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

🔹 प्रमुख सुविधाएं:
• अपेंडिक्स की सर्जरी
• हर्निया की सर्जरी
• सभी प्रकार की मेजर एवं माइनर सर्जरी
• सर्वसुविधायुक्त ऑपरेशन थिएटर
• थायराइड संबंधी उपचार
• ब्लड प्रेशर संबंधी उपचार
• 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा

🕚 परामर्श का समय: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक
🚨 इमरजेंसी: 24 घंटे उपलब्ध

मां रेवा हॉस्पिटल का उद्देश्य हरदा जिले के नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

📍 पता: भाग्यश्री पेट्रोल पंप के पास, छिपानेर रोड, हरदा (म.प्
5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर बेहतर खिलाड़ी बनाया जाएगा। युवाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही, आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ से अधिक युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।

-  राकेश सिंह, कैबिनेट मंत्री
🔱 हरदा में आस्था और कला का अद्भुत संगम! 🙏

सावन के तीसरे सोमवार पर नर्मदा तट की मिट्टी से नन्हे कलाकारों ने 1100 शिवलिंग, 12 ज्योतिर्लिंग और 5100 रुद्री तैयार कीं। साथ ही नागचंद्रेश्वर भगवान की प्रतिकृति भी बनाई गई।

नन्हे हाथों की ये मेहनत वाकई देखने लायक है। ❤️
हर हर महादेव! 🚩

<nis:link nis:type=tag nis:id=हरदा nis:value=हरदा nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सावन nis:value=सावन nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=हरहरमहादेव nis:value=हरहरमहादेव nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=नर्मदा nis:value=नर्मदा nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=महादेव nis:value=महादेव nis:enabled=true nis:link/>
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के संचालन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। कृषि वर्ष अंतर्गत मध्यप्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में डिंडोरी जिला देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिले और वहां की पूरी टीम को बधाई दी गई है। साथ ही, डिंडोरी जिले के सफल मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि वे भी योजना के सफल क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

- राकेश सिंह, कैबिनेट मंत्री
हरदा में 'सॉइल सेनानी दिवस की घोषणा
-मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के जनअभियान को मिला नया संकल्प
-'सॉइल सेनानी एक जन अभियान पुस्तक का विमोचन

अनोखा तीर, हरदा। मृदा संरक्षण, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में हरदा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा एवं सत्यशिव फार्म, पानतलाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मां सरस्वती एवं भारत माता के पूजन के बाद कलेक्टर सिद्धार्थ जैन द्वारा 'सॉइल सेनानी दिवस की घोषणा की गई। कार्यक्रम में मृदा संरक्षण, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया। आयोजन में किसानों के साथ युवाओं और विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मृदा को स्वस्थ रखने और कृषि को प्राकृतिक एवं टिकाऊ बनाने की आवश्यकता पर वक्ताओं ने विचार रखे।
'सॉइल सेनानी एक जन अभियान पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में मृदा वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ तथा रमन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र, हरदा के क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक 'सॉइल सेनानी एक जन अभियान का विमोचन किया गया। पुस्तक के माध्यम से मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। पुस्तक विमोचन के बाद स्वॉईल सैनानी एकेडमी ऑफ रिजनरेटिव एग्रीकल्चर की घोषणा भी की गई। इसका उद्देश्य पुनर्योजी कृषि, मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती से जुड़े ज्ञान एवं नवाचार को किसानों तथा युवाओं तक पहुंचाना है।
आठ सॉइल सेनानियों का सम्मान
कार्यक्रम में पिछले दो वर्षों से 'सॉइल सेनानी के रूप में मृदा संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में कार्य कर रहे बेबी कायरा, पूजा टांक, उमेश शर्मा, मालव शाह, सत्यम, मनीष, दिलीप एवं गणेश को सम्मानित किया गया। सभी को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई।
रासायनिक खेती से प्रभावित हुई मृदा की गुणवत्ता  : कलेक्टर
अपने उद्बोधन में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि पिछले वर्षों में कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण मृदा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। अब आवश्यकता है कि कृषि और विकास की दिशा तय करते समय गौ माता, धरती माता और पर्यावरण को भी ध्यान में रखा जाए। उन्होंने प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए उपस्थित लोगों को सॉइल सेनानी की शपथ दिलाई तथा मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए बिना टिकाऊ कृषि और बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती।
हर परिवार को चाहिए 'फैमिली फार्मर भरत टांक
कार्यक्रम में भरत टांक ने 'फैमिली फार्मर की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रत्येक परिवार के लिए फैमिली डॉक्टर या फैमिली सलाहकार की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार वर्तमान समय में 'फैमिली फार्मर की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फैमिली फार्मर की अवधारणा के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
हर गांव में तैयार हों जागरूक सॉइल सेनानी : राजीव बाहेती
मिशन हैप्पी हरदा के संस्थापक राजीव बाहेती ने कहा कि हरदा जिले के प्रत्येक गांव में जागरूक 'सॉइल सेनानी तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ये सॉइल सेनानी मृदा की उर्वरता और जैविक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मृदा संरक्षण को केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक जनअभियान बनाने की आवश्यकता बताई।
'स्वस्थ मृदा ही स्वस्थ फसल और समृद्ध समाज का आधार
कार्यक्रम में उमेश शर्मा ने कहा कि, स्वस्थ मृदा ही स्वस्थ फसल, स्वस्थ किसान और समृद्ध समाज का आधार है। उन्होंने कहा कि मृदा संरक्षण केवल किसान की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'सॉइल सेनानी दिवस की घोषणा के बाद हरदा जिले में युवाओं, विद्यार्थियों और किसानों को जोड़कर प्राकृतिक खेती एवं मृदा पुनर्जीवन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना होगा। कार्यक्रम में मृदा संरक्षण, प्राकृतिक खेती, पुनर्योजी कृषि, पर्यावरण जागरूकता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। 'सॉइल सेनानी दिवस की घोषणा को हरदा में मृदा संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को जनअभियान का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महर्षि ज्ञानपीठ में श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी का भव्य आयोजन
नाग देवता की पूजा-अर्चना के साथ दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

अनोखा तीर, हरदा। महर्षि ज्ञानपीठ में श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी का पर्व धार्मिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन-अभिषेक किया तथा नाग देवता की पूजा-अर्चना कर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण सुबह से ही आध्यात्मिक और भक्तिमय नजर आया। कार्यक्रम के अंतर्गत दीप्ति सोलंकी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक आकर्षक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। विद्यार्थियों ने मिट्टी से शिवलिंग तैयार कर उसे विधि-विधान से पूजन के लिए स्थापित किया। इसके बाद प्रार्थना सभा के दौरान सामूहिक रूप से भगवान शिव का पूजन एवं अभिषेक किया गया। विद्यार्थियों ने भगवान शिव को जल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धा के साथ शिव आराधना की।
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा-अर्चना
श्रावण सोमवार के साथ नाग पंचमी का पर्व भी विशेष श्रद्धा के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर भारतीय संस्कृति में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान की भावना को समझा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि भारतीय परंपराओं में विभिन्न पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण और समस्त जीव-जगत के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया जाता है।
सामूहिक आरती से गूंजा विद्यालय परिसर
पूजन एवं अभिषेक के पश्चात विद्यालय परिसर में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। जैसे ही विद्यार्थियों और शिक्षकों ने श्रद्धा के साथ आरती में सहभागिता की, पूरा विद्यालय परिसर भगवान शिव के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक आरती में भाग लिया और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रसाद का वितरण किया गया।
विद्यार्थियों को बताया पर्वों का धार्मिक एवं महत्व
इस अवसर पर विद्यालय की हिंदी शिक्षिका निधि यादव ने विद्यार्थियों को श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी के धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजन कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं। उन्होंने नाग पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नागों सहित विभिन्न जीव-जंतुओं और प्रकृति के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। नाग पंचमी के माध्यम से समाज में जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार का संदेश भी दिया जाता है।
संस्कार और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
विद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराना है। साथ ही विद्यार्थियों में श्रद्धा, अनुशासन, सहयोग, प्रकृति के प्रति सम्मान तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की भावना विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
विद्यार्थियों में रहा विशेष उत्साह
पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। पार्थिव शिवलिंग निर्माण से लेकर पूजन, अभिषेक, नाग देवता की पूजा, सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण तक विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। धार्मिक आयोजन के कारण विद्यालय परिसर में दिनभर आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। महर्षि ज्ञानपीठ में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझने का अवसर भी बना। श्रद्धा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े इस आयोजन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उत्साह का संचार किया तथा कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
संस्कार विद्यापीठ में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छात्र परिषद का गठन  
 
अनोखा तीर, हरदा। संस्कार विद्यापीठ में छात्र परिषद का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। छात्र परिषद के विभिन्न पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने ऑनलाइन वोटिंग के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। निर्वाचन परिणामों के अनुसार सीनियर हेड बॉय के पद पर भूपेंद्र सिंह राजपूत एवं सीनियर हेड गर्ल के पद पर गोपी शर्मा चयनित हुए। इसी प्रकार जूनियर हेड बॉय के पद पर यशराज तोमर तथा जूनियर हेड गर्ल के पद पर अश्री पटेल का चयन हुआ।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी  
छात्र परिषद गठन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यवसायी घनश्याम दास सोमानी उपस्थित रहे। इसके अलावा सुनील गुर्जर, हेमंत टाले, शाला प्रबंधन के नटवर पटेल, नवनीत पटेल, लोकेश पटेल, मार्गदर्शक सुभाष शुक्ला, प्राचार्या राजेश्वरी गीते एवं उप-प्राचार्य दिलीप पाटीदार मौजूद रहे। अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा नवनिर्वाचित छात्र-छात्राओं को सेशे पहनाकर एवं बैज प्रदान कर उनके पद की औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला।
कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की दिलाई शपथ  
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्या राजेश्वरी गीते ने छात्र परिषद के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, नेतृत्व एवं विद्यालय के प्रति समर्पण की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पद की जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने तथा विद्यालय की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि छात्र परिषद का गठन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। चुनाव के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव भी मिला।  विद्यालय परिवार ने सभी नवनिर्वाचित छात्र परिषद पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं जिम्मेदार कार्यकाल की कामना की।
बचपन प्ले और AHPS में स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति, संस्कार और उपलब्धि का संगम

नन्हे बच्चों की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने मोहा मन, अथर्व बिल्लौरे ने 90 प्रतिशत अंक हासिल कर टिमरनी ब्लॉक में किया प्रथम स्थान प्राप्त

अनोखा तीर, टिमरनी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बचपन प्ले स्कूल एवं एकेडमिक हाईट्स पब्लिक स्कूल (AHPS), टिमरनी में देशभक्ति, उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला। एक ओर जहां बचपन प्ले स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया, वहीं AHPS के छात्र अथर्व आशीष बिल्लौरे ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।

तिरंगे के रंगों में रंगा नन्हों का उत्साह

बचपन प्ले स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों ने तिरंगे के रंगों से आकर्षक आर्ट एवं क्राफ्ट तैयार किए। नन्हे विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, कविताएं और राष्ट्रभक्ति से जुड़े नारे प्रस्तुत किए। कई बच्चे स्वतंत्रता सेनानियों एवं देश के वीर सपूतों की वेशभूषा में नजर आए, जिसने उपस्थितजनों का मन मोह लिया।

विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व, राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा एवं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के योगदान के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने उत्साह के साथ “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के नारे लगाए, जिससे विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

90 प्रतिशत अंक के साथ अथर्व ने किया टिमरनी ब्लॉक में प्रथम स्थान हासिल

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित नगर परिषद टिमरनी के समारोह में एकेडमिक हाईट्स पब्लिक स्कूल के छात्र अथर्व आशीष बिल्लौरे को उनकी शानदार शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। अथर्व ने CBSE कक्षा 12वीं वाणिज्य संकाय में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टिमरनी ब्लॉक में प्रथम स्थान हासिल किया।

अथर्व को उनकी उपलब्धि के लिए जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रजनी राजेश कलम, विधायक अभिजीत शाह एवं नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज द्वारा मैडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अपनी सफलता पर अथर्व ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, विद्यालय के संचालक सचिन बलवटे, प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

देशप्रेम और संस्कारों के साथ शिक्षा पर जोर

विद्यालय के संचालक सचिन बलवटे ने कहा कि बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में देशप्रेम, अनुशासन, एकता और जिम्मेदारी जैसे संस्कार विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने से वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

उन्होंने अथर्व की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उसकी सफलता विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा है।

इस प्रकार स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नन्हे बच्चों की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों, संस्कारों और अथर्व की शानदार शैक्षणिक उपलब्धि के कारण विद्यालय के लिए यादगार बन गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम के संस्कार और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता साथ-साथ चलें तो विद्यार्थी देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकते हैं।