गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बढ़ेगी विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति
जहानाबाद : अब्दुलबारी नगर भवन में मंगलवार को जिला पदाधिकारी छिरिड वाई भूटिया की अध्यक्षता में ‘बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर’ विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी 100 उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना था।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति तभी बढ़ेगी, जब वे रुचि और उत्साह के साथ स्कूल आएंगे। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है। उन्होंने विद्यालय प्रधानों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 11 आयामों पर अनिवार्य रूप से काम करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि प्रधानाध्यापक केवल प्रशासनिक प्रमुख नहीं, बल्कि कुशल प्रबंधक की भूमिका निभाएं। उनके प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी।
कार्यशाला में दैनिक छात्र-शिक्षक उपस्थिति की निगरानी, कक्षा प्रबंधन, विद्यालय संसाधनों का बेहतर उपयोग, खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियां, शिक्षक-अभिभावक बैठक, शैक्षणिक अनुश्रवण, विषयवार शिक्षकों का समुचित उपयोग, छात्र नेतृत्व विकास सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। छात्रों के नियमित मूल्यांकन के लिए साप्ताहिक परीक्षा कराने का भी निर्देश दिया गया।
प्रधानाध्यापकों को प्रत्येक विद्यालय में चार सदन गठित कर उनके बीच प्रतियोगिताएं कराने की जानकारी दी गई। हेड बॉय और हेड गर्ल की व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया। कक्षा में शिक्षकों की कमी की स्थिति में ‘सब्जेक्ट बास्केट’ के माध्यम से उपलब्ध शिक्षकों से अन्य विषयों की कक्षाएं संचालित कराने की बात कही गई।
तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए फिलो ऐप के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए इसका उपयोग कराने तथा शिकायत की स्थिति में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
जिला पदाधिकारी ने सीएसआर के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वेटर, जूते और मोजे उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही। भवन या पर्याप्त कक्ष नहीं रखने वाले विद्यालयों का आकलन कर उन्हें दो पालियों में संचालित करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी 11 आयामों पर शत-प्रतिशत काम होना चाहिए। स्वयं विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की जांच करेंगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
उन्होंने बताया कि आगे सभी प्रखंडों में मध्य एवं प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यशाला के अंत में प्रधानाध्यापकों के बीच क्विज प्रतियोगिता कराकर उनके ज्ञान और समझ का आकलन किया गया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना रमेश कुमार पाल, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी गोविंद कुमार, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, 100 उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा शिक्षा विभाग के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।