छठ घाटों की तैयारी का DM-SSP ने लिया जायजा, अखाड़ाघाट पर छठ पूजा प्रतिबंधित; सुरक्षा के लिए होगी डबल बैरिकेडिंग
मुजफ्फरपुर। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार की शाम जिलाधिकारी कुमार गौरव, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने महापौर, पूजा आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर सुझाव भी प्राप्त किए।
निरीक्षण के दौरान सीढ़ी घाट, अखाड़ाघाट, लकड़ीढाई घाट सहित बूढ़ी गंडक नदी के किनारे स्थित विभिन्न घाटों और साहू पोखर, तीन पोखरिया जैसे पोखर घाटों की स्थिति का जायजा लिया गया। नगर निगम की ओर से घाटों की सफाई, सीढ़ियों के रंग-रोगन और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम तेजी से कराया जा रहा है।
अखाड़ाघाट पर छठ पूजा करने पर प्रतिबंध
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुल निर्माण कार्य के कारण अखाड़ाघाट खतरनाक स्थिति में है। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां छठ पूजा करने पर प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं और छठव्रतियों से आसपास के सुरक्षित एवं उपयुक्त घाटों पर पूजा करने की अपील की गई है।
घाटों पर होगी डबल बैरिकेडिंग, CCTV से होगी निगरानी
डीएम ने कहा कि छठ महापर्व को दुर्घटनारहित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर डबल बैरिकेडिंग की जाएगी। जरूरत के अनुसार वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, सीसीटीवी कैमरे और ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जाएंगे। घाटों पर शौचालय, यूरिनल, पेयजल, चेंजिंग रूम, शेड और पार्किंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे। सिविल डिफेंस के कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आपदा प्रबंधन कोषांग के माध्यम से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी मुस्तैद रखा जाएगा।
एम्बुलेंस और मेडिकल टीम रहेगी तैनात
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, चिकित्सक और पारा मेडिकल कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया गया है। विद्युत विभाग को घाटों और संपर्क पथों के आसपास लटकते बिजली तारों को व्यवस्थित करने तथा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था के लिए सफाई निरीक्षकों के नेतृत्व में घाटवार टीम गठित की जाएगी।
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन और सुचारू यातायात व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वे नियमित रूप से एसएसपी के साथ घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व
इस वर्ष छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान 13 से 16 नवंबर तक आयोजित होगा। 13 नवंबर को नहाय-खाय, 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को प्रातः अर्घ्य दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि छठ बिहार की लोक आस्था का महापर्व है। इस अवसर पर दूसरे राज्यों और शहरों में रहने वाले लोग भी बड़ी संख्या में अपने घर लौटते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं और छठव्रतियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी विभागों को टीम भावना से काम करते हुए पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया गया है।