जिलाधिकारी ने छठ महापर्व, 2026 की तैयारियों की समीक्षा की, सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिया महत्वपूर्ण निदेश
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सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ तथा सीओ, बीडीओ एवं थानाध्यक्ष नियमित तौर पर घाटों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे: ज़िलाधिकारी
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घाटों की भौगोलिक स्थिति तथा जल-स्तर में परिवर्तन की प्रवृत्ति के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें; स्थानीय निवासियों से भी सुझाव लें: जिलाधिकारी ने सभी एसडीओ, सीओ, बीडीओ एवं अन्य को निर्देशित किया
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दुर्घटना-रहित एवं प्रशासनिक सुविधा-युक्त छठ महापर्व के आयोजन हेतु सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्परः डीएम
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पर्व-त्योहार के अवसर पर बाहर से आने वाले लोगों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश
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सभी स्टेकहोल्डर के बीच टीम भावना एवं अन्तर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर डीएम ने दिया बल
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिया निदेशः उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें
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जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने आज समाहरणालय स्थित सभागार में छठ महापर्व, 2026 की तैयारियों की प्रखंडवार, नगर निकायवार एवं विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सफल आयोजन हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को महत्वपूर्ण निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः दुर्घटना-रहित (इंसिडेंट-फ्री) एवं हर तरह से प्रशासनिक सुविधा-युक्त छठ महापर्व के आयोजन हेतु सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर रहे। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप घाटों की त्रुटिहीन तैयारी करें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, भवन निर्माण, पथ निर्माण, पुल निर्माण, अग्निशमन सहित सभी संबंधित विभागों के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता एवं कुशलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया है।
विदित हो कि इस वर्ष छठ महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा। 13 नवंबर को नहाय-खाय से पर्व का अनुष्ठान होगा। 14 नवंबर को खरना; 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य एवं 16 नवंबर को प्रातः अर्घ्य का आयोजन होगा। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थानाध्यक्षों एवं अन्य को निदेशित करते हुए ज़िलाधिकारी ने कहा है कि छठ का त्योहार लोक आस्था का महापर्व है। बाहर रहने वाले बिहार के निवासी भी बड़ी संख्या में अपने घर आते हैं। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुविधा के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सक्रिय एवं प्रतिबद्ध रहे। छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को हर प्रशासनिक सुविधा सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन का दायित्व है। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुरक्षा तथा सुविधा के लिए सभी पदाधिकारी प्रभावी कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ मुस्तैद रहेंगे। छठ महापर्व के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहेंगे।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में छठ घाटों की तैयारी मुख्यतः नगर निकायों की ज़िम्मेदारी है। सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत भी छठ घाटों की सीढ़ियों का रंग-रोगन सहित घाटों को स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक बनाने तथा छठव्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर एवं व्यवस्थित सुविधाएँ सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में प्रखंड विकास पदाधिकारी तैयारियों का पर्यवेक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि छठ के अवसर पर गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, लखनदेई एवं अन्य नदियों तथा पोखर, नहर, बड़े तालाबों आदि के पास काफी संख्या में श्रद्धालु एवं छठव्रती इकट्ठा होते हैं। इस अवसर पर छठ पूजा स्थलों पर विशेष प्रशासनिक सतर्कता बरती जाए।
ज़िलाधिकारी द्वारा छठ महापर्व के अवसर पर सम्यक तैयारी हेतु घाटों का निरीक्षण, खतरनाक घाटों की पहचान एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। ज़िलाधिकारी ने छठ घाटों की तैयारी, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, घाटों पर आवश्यकता के अनुसार नियंत्रण कक्ष एवं वाच टावर की स्थापना, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन, शौचालय, चापाकल एवं यूरिनल की व्यवस्था, विधि-व्यवस्था संधारण सहित विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक निदेश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस साल नदियों के जलस्तर में काफ़ी वृद्धि हुई थी। नया उच्चतम जल-स्तर (एचएफएल) दर्ज किया गया था। इसको देखते हुए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को नियमित तौर पर घाटों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को भी घाटों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों की भौगोलिक स्थिति तथा जल-स्तर में परिवर्तन की प्रवृत्ति के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। स्थानीय निवासियों से भी सुझाव लें। घाटों की भौगोलिक स्थितियों एवं जल-स्तर की बदलती स्थिति के अनुसार *खतरनाक तथा अनुपयुक्त घाटों की सूची* नागरिक प्रक्षेत्र (पब्लिक डोमेन) में जारी करें।
ज़िलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंताओं, नगर निकायों के अधिकारियों तथा एनएचएआई के परियोजना निदेशकों को निदेश दिया कि सभी सड़कों को मोटरेबुल, सुचारु एवं सुगम रखना सुनिश्चित करें। यदि कहीं मरम्मती की आवश्यकता हो तो समय से इसे पूरा करें।
ज़िलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि रेलवे लाईन के इलाके में आनेवाले पोखर/तालाबों के स्थानों पर सुरक्षा के मद्देनजर समुचित व्यवस्था की जाय। रेलवे स्टेशन के नजदीक के छठ घाटों एवं रेलवे लाईन के निकट के स्थलों के साथ अन्य चिन्हित किए गये स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल, स्थानीय चौकीदार की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाय। छठ के अवसर पर यात्रियों की भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों में सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक मैनेजमेंट एवं ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट को सुदृढ़ करने हेतु सभी रेलवे स्टेशन से अतिरिक्त परिवहन सुविधा एवं पार्किंग की व्यवस्था की जाय।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि छठ महापर्व के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक तैयारियों का अनुश्रवण करने हेतु त्रि-सदस्यीय छठ पर्व कोषांग क्रियाशील रहेगा। उप विकास आयुक्त इस कोषांग के वरीय नोडल पदाधिकारी तथा अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था इसके नोडल पदाधिकारी रहेंगे। यह कोषांग छठ पर्व के अवसर पर छठव्रतियों की सुविधा हेतु घाटों/पहंुच पथों पर किए जाने वाले आवश्यक तैयारियों से सम्बद्ध विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए अपेक्षित कार्यों को ससमय सम्पन्न कराएगा।
ज़िलाधिकारी ने कहा है कि *वे स्वयं वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ घाटों एवं क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे तथा तैयारियों का अनुश्रवण* करेंगे।
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*ज़िलाधिकारी ने कहा कि छठ महापर्व का सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित करने के के लिए विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों सहित सभी स्टेकहोल्डर को टीम भावना एवं आपस में समन्वय स्थापित कर काम करना होगा।
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ज़िलाधिकारी ने कहा कि *छठ महापर्व के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता* है। इसके लिए दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सिविल डिफेंस के कर्मी भी समुचित ड्रेस में मुस्तैद रहेंगे।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि घाटों पर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध रहेगी। जरूरत के अनुसार शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, चेंजिंग रूम, शेड, वाहन पार्किंग की सुविधा इत्यादि रहेगी। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से घाटों की बैरिकेडिंग की जाएगी। घाटों पर जाने के लिए सम्पर्क पथ की अच्छी स्थिति सुनिश्चित की जाएगी। वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया जाएगा।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि घाटों पर सफाई की उतम सुविधा रहेगी। सफाई निरीक्षक के नेतृत्व में घाटवार टीम की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उत्कृष्ट प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पार्किंग स्थल पर बैरिकेडिंग/ड्रॉप गेट की व्यवस्था रहेगी। विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को घाटों के आस-पास एवं सम्पर्क पथ में अवस्थित विद्युत तारों को व्यवस्थित करने का निदेश दिया गया है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि महापर्व के दौरान सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर निगरानी रखी जाएगी तथा अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर साईनेज लगा रहेगा। विद्युत विभाग द्वारा घाटों पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, पारा मेडिकल स्टाफ तथा चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आपदा प्रबंधन कोषांग द्वारा *एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ* की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। पुलिस उपाधीक्षक, यातायात द्वारा समाचार पत्रों में यातायात प्रबंधन से संबंधित सूचना प्रकाशित की जाएगी।
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