*पितृपक्ष मेला 2026 में स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां, श्रद्धालुओं को 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था*
गया, 10 सितंबर 2026, आगामी पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान देश-विदेश से गया आने वाले तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर, त्वरित एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। पितृपक्ष मेला इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल मेडिकल टीम, एंबुलेंस, समर्पित बेड, आपातकालीन चिकित्सा सेवा, खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।
*75 स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था*
मेला क्षेत्र एवं श्रद्धालुओं के ठहराव वाले विभिन्न चिन्हित स्थलों पर कुल 75 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जाएंगे। इन शिविरों में चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन स्वास्थ्य शिविरों में कुल 355 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिविर में चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक दवाएं एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रहेगी।
शिविरों को अलग-अलग समयावधि के अनुसार संचालित किया जाएगा। 05 स्वास्थ्य शिविर 24×7, 21 शिविर 16 घंटे तथा 32 शिविर 8 घंटे संचालित होंगे। इसके अतिरिक्त 04 मोबाइल रिस्पांस टीम 24×7 त्वरित सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगी तथा 08 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) भी निर्धारित समय के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
मोबाइल मेडिकल टीम के माध्यम से त्वरित स्वास्थ्य सेवा
मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 04 मोबाइल रिस्पांस टीम की व्यवस्था की गई है। ये टीमें आउटडोर क्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए 24×7 सक्रिय रहेंगी।
सभी स्वास्थ्य शिविरों में डॉक्टरों द्वारा मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क दवाएं एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में तैनात चिकित्सा दल के लिए ड्रेस कोड एवं पहचान पत्र की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालु आसानी से अधिकृत स्वास्थ्य कर्मियों की पहचान कर सकें।
/मेला अवधि के दौरान गंभीर अथवा भर्ती योग्य मरीजों के उपचार के लिए जिला स्तर के विभिन्न सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कुल 190 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें जयप्रकाश नारायण अस्पताल में 10, प्रभावती अस्पताल में 10, ANMMCH गया में 40, AIMS निजी अस्पताल में 05 तथा शुभकामना अस्पताल में 05 बेड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 24 CHC/PHC में 5-5 बेड के हिसाब से 120 बेड समर्पित रखे गए हैं।
मेला क्षेत्र में किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए 22 एंबुलेंस 24×7 उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा 02 मॉर्चरी वैन की व्यवस्था भी की गई है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तथा सभी CHC/PHC स्तर पर 24×7 आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
*विशेषज्ञ एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती*
/स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मेला अवधि में 125 डॉक्टर, 178 पारा मेडिकल कर्मी एवं 52 चतुर्थवर्गीय कर्मियों की सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त 08 ALSA तथा 12 BLSA एंबुलेंस की व्यवस्था तथा 02 मॉर्चरी वैन की व्यवस्था भी की गई है।
*ICU एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा*
आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जयप्रकाश नारायण अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, AIIMS निजी अस्पताल एवं शुभकामना निजी अस्पताल में 24×7 ICU सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तथा सभी CHC/PHC में 24×7 इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहेंगी।
*स्वास्थ्य शिविरों में आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता*
स्वास्थ्य शिविरों को आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। शिविरों में दर्द निवारक, बुखार, एलर्जी, संक्रमण, उल्टी, गैस्ट्रिक, हृदय संबंधी आपात स्थिति, ORS सहित विभिन्न आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा ड्रेसिंग ड्रम एवं कटिंग सेट, स्टेथोस्कोप, BP उपकरण, डिजिटल थर्मामीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, IV स्टैंड एवं अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहेंगे।
*खाद्य सुरक्षा पर विशेष निगरानी*
पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए 05 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम गठित की गई है। ये टीमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं ठेला आदि पर खाद्य पदार्थों की जांच करेंगी तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित मानकों के अनुपालन की निगरानी करेंगी।
*स्वच्छता एवं मच्छर नियंत्रण की विशेष व्यवस्था*
मेला क्षेत्र में स्वच्छता एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए नगर निगम के समन्वय से ब्लीचिंग पाउडर एवं चूना का छिड़काव कराया जाएगा। मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी आवासीय क्षेत्रों में केमिकल/DDT का छिड़काव किया जाएगा। पितृपक्ष मेला क्षेत्र की दुकानों की नियमित सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रत्येक CHC/PHC स्तर पर रिस्पांस टीम उपलब्ध रहेगी।
*24×7 हेल्थ कंट्रोल रूम*
मेला अवधि के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी एवं त्वरित समन्वय के लिए JPN अस्पताल में 24×7 हेल्थ कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जिला अस्पताल स्तर पर भी 24×7 कंट्रोल रूम की व्यवस्था रहेगी।
स्वास्थ्य जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार
श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बैनर एवं IEC सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गया आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को आवश्यकता पड़ने पर त्वरित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्तरों पर समन्वित एवं 24×7 स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार की गई है।