सम्भल में पराली जलाने के दुष्परिणामों के प्रति किसानों को जागरूक करेगा प्रचार वाहन, DM ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना वीडियो को शेयर करने की अपील
यूपी के जनपद सम्भल में फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति किसानों को जागरूक करने तथा जनपद में फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया। बुधवार को जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल एवं मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उप निदेशक कृषि अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जागरूकता अभियान के अंतर्गत प्रचार वाहन जनपद के सभी विकास खण्डों एवं ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी देगा तथा उन्हें पराली न जलाने के लिए प्रेरित करेगा। प्रचार वाहन के साथ संबंधित विकास खण्डों के कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे, जो किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने कहा कि धान की कटाई के बाद खेतों में पराली अथवा अन्य फसल अवशेष जलाना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों तथा सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, खेतों में फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है तथा मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों एवं मित्र कीटों को भी नुकसान पहुंचता है।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों में पराली एवं अन्य फसल अवशेष न जलाएं तथा पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन के उचित उपाय अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की जागरूकता एवं सहभागिता से ही फसल अवशेष जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।