“ज़िंदगी अनमोल है” — आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शाहपुरा में जागरूकता कार्यक्रम
शासकीय आईटीआई में युवाओं को तनाव प्रबंधन, संकट के संकेत पहचानने और समय पर सहायता लेने की दी गई जानकारी
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहपुरा द्वारा शासकीय आईटीआई, शाहपुरा में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के अंतर्गत AFHC गतिविधि के रूप में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में परामर्शदाता एवं मास्टर ट्रेनर अब्दुल जाकिर खान ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश “ज़िंदगी अनमोल है” रहा। युवाओं को बताया गया कि मानसिक तनाव, भावनात्मक परेशानी या जीवन की कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे समय में परिवार, मित्र, स्वास्थ्यकर्मी अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से समय पर सहायता लेना आवश्यक है।
कार्यक्रम में मानसिक संकट के संभावित संकेतों की पहचान और समय पर हस्तक्षेप के तरीकों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक तनाव, निराशा, सामाजिक दूरी अथवा स्वयं को नुकसान पहुंचाने से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संकट की स्थिति में व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने और उसे उचित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।
गेटकीपर ‘मित्रम्’ की भूमिका समझाई
कार्यक्रम में Gatekeeper (मित्रम्) Module के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया गया कि समुदाय में ऐसे लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो मानसिक संकट से गुजर रहे व्यक्ति की पहचान कर उसे समय पर सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकें। उन्हें बिना भेदभाव के व्यक्ति की बात सुनने, भावनात्मक सहयोग देने और आवश्यकता पड़ने पर उचित स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई।
तनाव प्रबंधन और रेफरल सेवाओं पर जोर
प्रतिभागियों को तनाव पहचानने और उसके सकारात्मक प्रबंधन के उपाय बताए गए। नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि, सकारात्मक सोच और परिवार एवं मित्रों से संवाद को उपयोगी बताया गया। आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने तथा AFHC एवं अन्य उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए Tele-MANAS हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी दी गई। साथ ही MANHIT App के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, समस्याओं की प्रारंभिक पहचान और आवश्यकता के अनुसार आगे की सहायता एवं रेफरल के महत्व के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और मानसिक परेशानी में सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। उपस्थित लोगों से स्वयं तथा अपने आसपास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने और जरूरत पड़ने पर समय पर मदद लेने की अपील की गई।
मुख्य संदेश
“ज़िंदगी अनमोल है — बात करें, सुनें, साथ दें और समय पर मदद लें।”
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