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तस्वारिया बासा में कलश यात्रा के साथ रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ शाहपुरा (भीलवाड़ा): सुभाष व्यास। ...

Bhilwara, Bhilwara | May 12, 2026

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संस्कार, संस्कृति और सिंधी अस्मिता का संगम: सिंधु सभा बाल संस्कार शिविर का भव्य समापन

भीलवाड़ा / शाहपुरा : महेंद्र नागोरी                                         भारतीय सिंधु सभा एवं पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आयोजित बाल संस्कार शिविर का भावपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। दिलखुशाल बाग स्थित झूलेलाल मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में बच्चों ने सिंधी भाषा, भजन, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल की आरती से हुई। बच्चों ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभाषा से जुड़ने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतियां देकर खूब सराहना बटोरी।
सिंधु सभा नगर अध्यक्ष चेतन चंचलानी की मौजूदगी में महिला शाखा पदाधिकारियों ने बच्चों को पारितोषिक एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं शिविर को सफल बनाने वाली प्रशिक्षक रेखा शर्मा, विमला आसवानी, पाखी लखपतानी और मनीषा आसवानी का भी विशेष सम्मान किया गया।
मीडिया प्रभारी मूलचंद पेसवानी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, सिंधी भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता विकसित करना था। समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत एवं सिंधु सभा के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे संस्कार शिविर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

संस्कार, संस्कृति और सिंधी अस्मिता का संगम: सिंधु सभा बाल संस्कार शिविर का भव्य समापन भीलवाड़ा / शाहपुरा : महेंद्र नागोरी भारतीय सिंधु सभा एवं पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आयोजित बाल संस्कार शिविर का भावपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। दिलखुशाल बाग स्थित झूलेलाल मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में बच्चों ने सिंधी भाषा, भजन, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल की आरती से हुई। बच्चों ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभाषा से जुड़ने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतियां देकर खूब सराहना बटोरी। सिंधु सभा नगर अध्यक्ष चेतन चंचलानी की मौजूदगी में महिला शाखा पदाधिकारियों ने बच्चों को पारितोषिक एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं शिविर को सफल बनाने वाली प्रशिक्षक रेखा शर्मा, विमला आसवानी, पाखी लखपतानी और मनीषा आसवानी का भी विशेष सम्मान किया गया। मीडिया प्रभारी मूलचंद पेसवानी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, सिंधी भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता विकसित करना था। समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत एवं सिंधु सभा के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे संस्कार शिविर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 18, 2026

श्री कामधेनु बालाजी मंदिर में चोरी की घटना, श्रद्धालुओं में रोष
भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल, 18 जून                                             सुखाड़िया नगर, कोटा बाईपास रोड स्थित श्री कामधेनु बालाजी मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिए जाने का मामला सामने आया है।
श्री कामधेनु बालाजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित काबरा ने बताया कि मंदिर के पुजारी जगन्नाथ शर्मा प्रतिदिन की भांति सुबह मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर परिसर में बने एक कमरे का ताला कटर से काटा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि अज्ञात चोर कमरे में रखी साउंड मशीन, पीतल एवं तांबे के कीमती सामान सहित लगभग ₹4,000 से ₹5,000 की नकद राशि चोरी कर ले गए।
घटना की सूचना मिलते ही ट्रस्ट पदाधिकारी मंदिर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संबंधित थाने में अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है।
मंदिर परिसर में हुई इस चोरी की घटना से श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में रोष एवं चिंता का वातावरण व्याप्त है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की मांग की है।

श्री कामधेनु बालाजी मंदिर में चोरी की घटना, श्रद्धालुओं में रोष भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल, 18 जून सुखाड़िया नगर, कोटा बाईपास रोड स्थित श्री कामधेनु बालाजी मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिए जाने का मामला सामने आया है। श्री कामधेनु बालाजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित काबरा ने बताया कि मंदिर के पुजारी जगन्नाथ शर्मा प्रतिदिन की भांति सुबह मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर परिसर में बने एक कमरे का ताला कटर से काटा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि अज्ञात चोर कमरे में रखी साउंड मशीन, पीतल एवं तांबे के कीमती सामान सहित लगभग ₹4,000 से ₹5,000 की नकद राशि चोरी कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही ट्रस्ट पदाधिकारी मंदिर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संबंधित थाने में अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। मंदिर परिसर में हुई इस चोरी की घटना से श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में रोष एवं चिंता का वातावरण व्याप्त है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की मांग की है।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 18, 2026

हल्दीघाटी युद्ध......!!!, एक महान योद्धा की अमर  कहानी
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल
    राजस्थान में जून का महीना भयंकर गर्मी वाला होता है। इस माह में राजस्थान से बाहर के निवासियों के लिए आना मुश्किल ही होता है। ऐसे ही 1576 में जून माह में 18 तारीख को राजस्थान ही नहीं पूरे भारत का एक ऐसा युद्ध लड़ा हुआ जो इतिहास की तारीखों में दर्ज है। वैसे तो इससे भी भीषण दिवेर जैसा युद्ध 1582 में हुआ लेकिन यह युद्ध निर्णायक युद्ध माना गया, ये युद्ध था हल्दीघाटी का युद्ध।

 मेवाड़ में हल्दी जैसी मिट्टी और अरावली की दुर्गम पहाडियों के बीच दिल्ली से आई अकबर की मुगल सेना ने महाराणा प्रताप से युद्ध किया। यह युद्ध भी सामान्य युद्ध नहीं होकर असाधारण युद्ध था। महाराणा प्रताप की सेना ने दुर्गम पहाडियों में अकबर की सेना के छक्के छुड़ा दिए। एक ओर अनजान रास्तों पर आई मुगल सेना तो दूसरी ओर प्रताप की सेना में जंगलों में जीवनयापन करने वाली भील आदिवासी जनजाति के तीर बाण वाले योद्धा ; वो भी पेडों पर बैठे बैठे गुरिल्ला व छापामार पद्धति से लड़ना। चारो ओर से गिरी अकबर की सेना को भागने के लिए भी जगह मिलना मुश्किल हो गई। 

अकबर युद्ध से पहले चार बार अलग अलग सेनापतियों के माध्यम से महाराणा प्रताप को अधीनता स्वीकार करने के लिए कहा गया। लेकिन शरीर पर 80 घाव लगने पर भी युद्ध करने वाले महाराणा सांगा के पौत्र कैसे इस अधीनता को स्वीकार कर लेते। अपने आपको एकलिंगनाथ जी के दीवान मानने वाले किस मुहँ से उनके सामने जाते ! 

यह युद्ध था स्वाभिमान और मेवाड़ के अक्षुण्ण गौरवशाली परम्परा को निरंतर बनाए रखने का, फिर प्रताप जैसे शूरवीर कैसे पीछे हट जाते। उनकी ताकत थी वनों में रहने वाली उनकी लड़ाकू टीम जो हल्दीघाटी के जर्रे जर्रे से परिचित थी। युद्ध हुआ और जबरदस्त हुआ। महाराणा प्रताप ने अकबर की सेना को धूल चटाई। 

युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए झाला बीदा जिन्होनें महाराणा को सुरक्षित निकाला और चेतक ने अपनी जान की बाजी लगा दी लेकिन अपने स्वामी की रक्षा की। अकबर ने सेना को आदेश दिया था कि प्रताप को जीवित पकड़ा जाय लेकिन उल्टे दिल्ली से आई मुगल थककर चूर चूर होकर पीछे हटती गई। पहाड़ों से बरसते तीरों ने उनके मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। युद्ध से अकबर की सेना इतनी विचलित हुई कि अगली बार युद्ध के लिए आने में बहुत समय लगा।

धन्य है प्रात: स्मरणीय महाराणा प्रताप जिन्होनें माटी की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया, आन बान शान की रक्षा की। आज भी विदेशों से आने वाले पर्यटक हल्दीघाटी की मिट्टी लेने आते है और पूजा करते है। ऐसी है हल्दीघाटी....!!!

 निवेदक- चन्द्रेश टेलर

हल्दीघाटी युद्ध......!!!, एक महान योद्धा की अमर कहानी भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल राजस्थान में जून का महीना भयंकर गर्मी वाला होता है। इस माह में राजस्थान से बाहर के निवासियों के लिए आना मुश्किल ही होता है। ऐसे ही 1576 में जून माह में 18 तारीख को राजस्थान ही नहीं पूरे भारत का एक ऐसा युद्ध लड़ा हुआ जो इतिहास की तारीखों में दर्ज है। वैसे तो इससे भी भीषण दिवेर जैसा युद्ध 1582 में हुआ लेकिन यह युद्ध निर्णायक युद्ध माना गया, ये युद्ध था हल्दीघाटी का युद्ध। मेवाड़ में हल्दी जैसी मिट्टी और अरावली की दुर्गम पहाडियों के बीच दिल्ली से आई अकबर की मुगल सेना ने महाराणा प्रताप से युद्ध किया। यह युद्ध भी सामान्य युद्ध नहीं होकर असाधारण युद्ध था। महाराणा प्रताप की सेना ने दुर्गम पहाडियों में अकबर की सेना के छक्के छुड़ा दिए। एक ओर अनजान रास्तों पर आई मुगल सेना तो दूसरी ओर प्रताप की सेना में जंगलों में जीवनयापन करने वाली भील आदिवासी जनजाति के तीर बाण वाले योद्धा ; वो भी पेडों पर बैठे बैठे गुरिल्ला व छापामार पद्धति से लड़ना। चारो ओर से गिरी अकबर की सेना को भागने के लिए भी जगह मिलना मुश्किल हो गई। अकबर युद्ध से पहले चार बार अलग अलग सेनापतियों के माध्यम से महाराणा प्रताप को अधीनता स्वीकार करने के लिए कहा गया। लेकिन शरीर पर 80 घाव लगने पर भी युद्ध करने वाले महाराणा सांगा के पौत्र कैसे इस अधीनता को स्वीकार कर लेते। अपने आपको एकलिंगनाथ जी के दीवान मानने वाले किस मुहँ से उनके सामने जाते ! यह युद्ध था स्वाभिमान और मेवाड़ के अक्षुण्ण गौरवशाली परम्परा को निरंतर बनाए रखने का, फिर प्रताप जैसे शूरवीर कैसे पीछे हट जाते। उनकी ताकत थी वनों में रहने वाली उनकी लड़ाकू टीम जो हल्दीघाटी के जर्रे जर्रे से परिचित थी। युद्ध हुआ और जबरदस्त हुआ। महाराणा प्रताप ने अकबर की सेना को धूल चटाई। युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए झाला बीदा जिन्होनें महाराणा को सुरक्षित निकाला और चेतक ने अपनी जान की बाजी लगा दी लेकिन अपने स्वामी की रक्षा की। अकबर ने सेना को आदेश दिया था कि प्रताप को जीवित पकड़ा जाय लेकिन उल्टे दिल्ली से आई मुगल थककर चूर चूर होकर पीछे हटती गई। पहाड़ों से बरसते तीरों ने उनके मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। युद्ध से अकबर की सेना इतनी विचलित हुई कि अगली बार युद्ध के लिए आने में बहुत समय लगा। धन्य है प्रात: स्मरणीय महाराणा प्रताप जिन्होनें माटी की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया, आन बान शान की रक्षा की। आज भी विदेशों से आने वाले पर्यटक हल्दीघाटी की मिट्टी लेने आते है और पूजा करते है। ऐसी है हल्दीघाटी....!!! निवेदक- चन्द्रेश टेलर

Bhilwara, Bhilwara | Jun 18, 2026

शाहपुरा में निर्मित पैनोरमा का अवलोकन कर लखावत ने महाराणा प्रताप स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की
भीलवाड़ा/शाहपुरा : सुभाष व्यास                                                     राजस्थान सरकार धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने बुधवार शाम शाहपुरा में निर्माणाधीन केसरी सिंह बारहठ पैनोरमा एवं रामस्नेही पैनोरमा का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण कर संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लखावत ने केसरी सिंह बारहठ पैनोरमा के ठेकेदार को कार्य में गति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में ए-क्लास गुणवत्ता का सूरसागर (जोधपुर) का पत्थर लगाया जाए तथा फ्लोर एवं सीलिंग का कार्य भी उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने की चेतावनी दी।
रामस्नेही पैनोरमा के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन को बारिश से पूर्व निर्धारित स्तर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रघुनंदन सोनी एवं कैलाश सिंह जाड़ावत ने पैनोरमा परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले वृक्षारोपण की जिम्मेदारी लेने की बात कही।
जयपुर प्रस्थान के दौरान लखावत ने महाराणा प्रताप स्मारक पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की तथा महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ते हुए एक सर्किट के रूप में कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रघुनंदन सोनी, कैलाश सिंह जाड़ावत, राजू सोलंकी, युवराज सोनी, पवन कुमार शर्मा, शहीद प्रताप सिंह बारहठ सेवा संस्थान के सदस्य,  श्रमिक एवं इंजीनियर राजावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

शाहपुरा में निर्मित पैनोरमा का अवलोकन कर लखावत ने महाराणा प्रताप स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की भीलवाड़ा/शाहपुरा : सुभाष व्यास राजस्थान सरकार धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने बुधवार शाम शाहपुरा में निर्माणाधीन केसरी सिंह बारहठ पैनोरमा एवं रामस्नेही पैनोरमा का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण कर संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लखावत ने केसरी सिंह बारहठ पैनोरमा के ठेकेदार को कार्य में गति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में ए-क्लास गुणवत्ता का सूरसागर (जोधपुर) का पत्थर लगाया जाए तथा फ्लोर एवं सीलिंग का कार्य भी उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने की चेतावनी दी। रामस्नेही पैनोरमा के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन को बारिश से पूर्व निर्धारित स्तर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रघुनंदन सोनी एवं कैलाश सिंह जाड़ावत ने पैनोरमा परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले वृक्षारोपण की जिम्मेदारी लेने की बात कही। जयपुर प्रस्थान के दौरान लखावत ने महाराणा प्रताप स्मारक पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की तथा महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ते हुए एक सर्किट के रूप में कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रघुनंदन सोनी, कैलाश सिंह जाड़ावत, राजू सोलंकी, युवराज सोनी, पवन कुमार शर्मा, शहीद प्रताप सिंह बारहठ सेवा संस्थान के सदस्य, श्रमिक एवं इंजीनियर राजावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 18, 2026

बनेड़ा माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष सोमानी एवं रायला अध्यक्ष कोगटा का अभिनन्दन 
जय महेश के नारे से गूंजा परिसर 
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,18 जून

रायला में  बुधवार को आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में रायला के भूतपूर्व सरपंच रतन लाल सोमानी के माहेश्वरी समाज के बनेड़ा तहसील अध्यक्ष निर्वाचित होने पर तथा राजेन्द्र प्रसाद कोगटा के रायला माहेश्वरी समाज नगर अध्यक्ष बनने पर अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब की भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा उनको उपरणा व स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया गया ! उन्हें यह सम्मान रायला के वरिष्ठ माहेश्वरी समाज जनों ने भेंट किया ! 

कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत के राष्ट्रीय महासचिव डॉ अशोक सोडाणी , आर के आर सी व्यास क्षैत्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल सोडाणी,  समाज के वरिष्ठ जन सत्यनारायण नगवाड़िया,  कृष्ण गोपाल कोगटा, सत्यनारायण सोडाणी, मुरली धर सोडाणी, अरविन्द सोमानी, बालमुकन्द सोडाणी , रमेश कोगटा , शिव दयाल सोडाणी, नवनीत सोडाणी , लक्ष्मी लाल बाहेती, सामरिया , मुकेश सोडाणी  एवं अन्य प्रबुद्ध जनों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई ! 

इस अवसर पर बनेड़ा तहसील के नव निर्वाचित अध्यक्ष रतन लाल सोमानी एवं रायला माहेश्वरी समाज नगर अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद कोगटा ने सभी माहेश्वरी जनों को महेश नवमी महोत्सव 2026 की बधाईयां देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से बनेड़ा व रायला माहेश्वरी समाज उनके कार्यकाल में क‌ई अनुकरणीय कार्य करने का प्रयास करेगा ! इस अवसर पर परिसर जय महेश के नारों से गूंज उठा !

बनेड़ा माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष सोमानी एवं रायला अध्यक्ष कोगटा का अभिनन्दन जय महेश के नारे से गूंजा परिसर भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,18 जून रायला में बुधवार को आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में रायला के भूतपूर्व सरपंच रतन लाल सोमानी के माहेश्वरी समाज के बनेड़ा तहसील अध्यक्ष निर्वाचित होने पर तथा राजेन्द्र प्रसाद कोगटा के रायला माहेश्वरी समाज नगर अध्यक्ष बनने पर अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब की भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा उनको उपरणा व स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया गया ! उन्हें यह सम्मान रायला के वरिष्ठ माहेश्वरी समाज जनों ने भेंट किया ! कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत के राष्ट्रीय महासचिव डॉ अशोक सोडाणी , आर के आर सी व्यास क्षैत्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल सोडाणी, समाज के वरिष्ठ जन सत्यनारायण नगवाड़िया, कृष्ण गोपाल कोगटा, सत्यनारायण सोडाणी, मुरली धर सोडाणी, अरविन्द सोमानी, बालमुकन्द सोडाणी , रमेश कोगटा , शिव दयाल सोडाणी, नवनीत सोडाणी , लक्ष्मी लाल बाहेती, सामरिया , मुकेश सोडाणी एवं अन्य प्रबुद्ध जनों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई ! इस अवसर पर बनेड़ा तहसील के नव निर्वाचित अध्यक्ष रतन लाल सोमानी एवं रायला माहेश्वरी समाज नगर अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद कोगटा ने सभी माहेश्वरी जनों को महेश नवमी महोत्सव 2026 की बधाईयां देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से बनेड़ा व रायला माहेश्वरी समाज उनके कार्यकाल में क‌ई अनुकरणीय कार्य करने का प्रयास करेगा ! इस अवसर पर परिसर जय महेश के नारों से गूंज उठा !

Bhilwara, Bhilwara | Jun 18, 2026